Ratlam News: रतलाम में 8 लेन एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, ट्रक से टकराई अर्टिगा; 4 की मौत

Ratlam News: रतलाम के शिवगढ़ के पास 8 लेन एक्सप्रेसवे पर अर्टिगा कार खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में 4 लोगों की मौत और 5 घायल हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के शिवगढ़ के पास दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। यहां एक अर्टिगा कार सड़क पर खड़े ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार घसीटते हुए कुछ दूरी तक गई और फिर पलट गई। हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए। कार में कुल 9 लोग सवार थे। दुर्घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। पांच लोग घायल हुए हैं। घायलों में दो बच्चे भी बताए गए हैं। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और एनएचआई की टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। शिवगढ़ के पास खड़े ट्रक से टकराई कार जानकारी के अनुसार, हादसा शुक्रवार देर रात शिवगढ़ क्षेत्र के पास दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेसवे पर हुआ। अर्टिगा कार सड़क पर खड़े ट्रक से टकरा गई। टक्कर के बाद कार काफी दूर तक घिसटती चली गई और पलट गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में सवार कई लोग अंदर ही फंस गए। कुछ लोग किसी तरह कार से बाहर निकल पाए। हादसे की सूचना मिलने के बाद आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चार लोगों की मौके पर मौत दुर्घटना में चार लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है— पांच लोग गंभीर रूप से घायल हादसे में पांच लोग घायल हुए हैं। इनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। घायलों की पहचान उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस तरह हुई है— सभी घायलों को उपचार के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। एनएचआई एंबुलेंस और पुलिस टीम मौके पर पहुंची हादसे की सूचना मिलते ही एनएचआई की एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची। एंबुलेंस स्टाफ में संजय चरपोटा, पायलट प्रताप समेत अन्य कर्मचारी शामिल थे। शिवगढ़ थाना पुलिस की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस और राहत दल ने कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई की। हादसे की जांच में जुटी पुलिस शिवगढ़ थाना पुलिस ने घटना के संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसा किस वजह से हुआ और सड़क पर ट्रक किस स्थिति में खड़ा था, इसकी विस्तृत जानकारी जांच के बाद सामने आएगी। फिलहाल प्राथमिक जानकारी के अनुसार कार की खड़े ट्रक से जोरदार टक्कर के बाद यह दुर्घटना हुई।

Ratlam News: रतलाम में चलती बस में सर्राफा व्यापारी से लूट, 5 बदमाश सोने से भरा बैग लेकर जंगल में भागे

रतलाम-उज्जैन मार्ग पर बस में सर्राफा व्यापारी से सोने के आभूषणों से भरा बैग लूटने की घटना सामने आई है। पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले में गुरुवार रात चलती बस में सर्राफा व्यापारी से लूट की बड़ी वारदात सामने आई है। बड़नगर से रतलाम लौट रहे व्यापारी का सोने के आभूषणों से भरा बैग पांच संदिग्ध युवक छीनकर ले गए। घटना रतलाम-उज्जैन मार्ग पर रेनमऊ फंटा के पास की बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बैग में करीब 3 से 4 किलो सोने के आभूषण और लगभग 3 लाख रुपये नकद थे। लूटे गए माल की अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। वारदात के बाद आरोपी बस से उतरकर पास के जंगल की ओर भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जिलेभर में नाकाबंदी कर संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस अब वारदात के पीछे रेकी की आशंका समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। बड़नगर से रतलाम लौट रहे थे व्यापारी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रतलाम की जैन कॉलोनी निवासी अर्पित चौरड़िया बड़नगर से बस के जरिए रतलाम लौट रहे थे। उनकी चांदनी चौक स्थित गणेश मार्केट में एलसी ज्वेलर्स नाम से दुकान है। व्यापारी नियमित रूप से सोने के आभूषण लेकर आसपास के जिलों और तहसीलों में व्यापार के सिलसिले में जाते हैं। घटना के दिन भी वे आभूषण बेचकर बड़नगर से रतलाम लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि करीब 3 लाख रुपये के आभूषण बेचने के बाद शेष सोने के आभूषण बैग में रखे हुए थे। पांच युवकों ने बस में सवार होकर बनाया निशाना मिली जानकारी के मुताबिक बड़नगर से पांच संदिग्ध युवक बस में सवार हुए थे। इनमें से एक युवक चालक के पास बैठ गया, जबकि उसके अन्य साथी बस के पीछे की तरफ बैठ गए। रात करीब 9 से 9:15 बजे रतलाम-उज्जैन मार्ग पर रेनमऊ फंटा के पास चालक के पास बैठे युवक ने बस रुकवाई। बस रुकते ही उसके साथियों ने व्यापारी का सोने के आभूषणों से भरा बैग छीन लिया। इसके बाद सभी आरोपी बस से उतरकर पास के जंगल की ओर भाग गए। करोड़ों के आभूषण होने से पुलिस में हड़कंप बैग में बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण होने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू किया। घटना के बाद संभावित रास्तों पर नाकाबंदी की गई। पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद ले रही है। रेकी के बाद वारदात की आशंका वारदात को जिस तरीके से अंजाम दिया गया, उससे पुलिस को आशंका है कि व्यापारी की गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही हो सकती है। हालांकि, पुलिस अभी इस बिंदु समेत सभी संभावनाओं पर जांच कर रही है। पांच युवकों का एक साथ बस में सवार होना, अलग-अलग जगह बैठना और सुनियोजित तरीके से बस रुकवाकर बैग छीनना जांच का अहम हिस्सा है। एसपी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे घटना की जानकारी मिलते ही एसपी अमित कुमार, एएसपी विवेक कुमार, एसडीओपी किशोर पाटनवाला और थाना प्रभारी अय्यूब खानसहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने संभावित भागने वाले रास्तों पर नाकाबंदी कर संदिग्धों की तलाश शुरू की। साथ ही घटना से जुड़े अन्य सुराग जुटाए जा रहे हैं। एसडीओपी किशोर पाटनवाला के अनुसार व्यापारी से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली जा रही है और मामले की जांच जारी है। समाचार लिखे जाने तक प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई चल रही थी। पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्य जांच में पुलिस बस के अंदर और रास्ते में लगे संभावित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ ही संदिग्ध मोबाइल नंबरों की लोकेशन और अन्य तकनीकी जानकारी भी जुटाई जा रही है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ना और लूटे गए आभूषण व नकदी बरामद करना है। मामले में आगे की जांच के बाद ही वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों की तस्वीर साफ हो सकेगी।

Ratlam News: रतलाम में मेगा मार्ट की तिजोरी से 5.35 लाख गायब, CCTV रिकॉर्डिंग डिलीट; असिस्टेंट मैनेजर पर केस

Ratlam News: रतलाम के सैलाना बस स्टैंड स्थित विशाल मेगा मार्ट की तिजोरी से 5.35 लाख रुपए गायब मिले। CCTV रिकॉर्डिंग डिलीट होने पर असिस्टेंट मैनेजर पर केस दर्ज। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के सैलाना बस स्टैंड स्थित विशाल मेगा मार्ट में तिजोरी से 5 लाख 35 हजार रुपए गायब होने का मामला सामने आया है। कैश रूम से रकम गायब मिलने के बाद स्टोर प्रबंधन ने पुलिस को शिकायत दी। मामले में मार्ट के असिस्टेंट मैनेजर संतोष कुमार पाठक पर अमानत में खयानत का केस दर्ज किया गया है। घटना के दौरान कैश रूम की चाबी असिस्टेंट मैनेजर के पास होने की बात सामने आई है। इसके अलावा CCTV कैमरों की रात करीब 2:30 बजे से 3 बजे तक की रिकॉर्डिंग डिलीट मिली। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। तिजोरी खोलने पर गायब मिले 5.35 लाख रुपए स्टोर मैनेजर कमलेश पखाले ने स्टेशन रोड थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार 9 अगस्त की रात उनकी और असिस्टेंट मैनेजर संतोष कुमार पाठक की ड्यूटी रात करीब 2 बजे तक थी। उस रात मार्ट में एक ट्रक से सामान आया था। असिस्टेंट मैनेजर संतोष कुमार पाठक और BOH इंचार्ज करण सिसोदिया सामान उतरवाने का काम देख रहे थे। इसी दौरान स्टोर मैनेजर ने कैश रूम की चाबी संतोष कुमार को दी। इसके बाद वह रात करीब 1:30 बजे घर चले गए। अगली सुबह डिपार्टमेंटल मैनेजर पंकज शेर कैश काउंटर पर पहुंचे। उन्होंने तिजोरी खोली तो उसमें रखे 5 लाख 35 हजार रुपए नहीं मिले। इसकी जानकारी स्टोर मैनेजर को दी गई, जिसके बाद प्रबंधन के अन्य कर्मचारी भी मार्ट पहुंचे। CCTV की रिकॉर्डिंग में मिली अहम बात रकम गायब होने के बाद स्टोर प्रबंधन ने मार्ट में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी। जांच के दौरान रात करीब 2:30 बजे से 3 बजे तक की रिकॉर्डिंग डिलीट मिली। CCTV फुटेज का यह हिस्सा घटना की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस अब उपलब्ध रिकॉर्डिंग और अन्य परिस्थितियों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। असिस्टेंट मैनेजर के दोनों मोबाइल बंद पुलिस के अनुसार संतोष कुमार पाठक करीब चार से पांच महीने पहले रतलाम आया था। इससे पहले वह कोलकाता और दिल्ली में भी इसी शॉपिंग मॉल में काम कर चुका है। रकम गायब मिलने के बाद स्टोर मैनेजर ने संतोष के दोनों मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दोनों नंबर बंद मिले। इसके बाद उसके घर जाकर भी तलाश की गई, लेकिन वह वहां नहीं मिला। पुलिस ने दर्ज किया अमानत में खयानत का केस स्टेशन रोड थाने के सब इंस्पेक्टर मुकेश सस्तिया के अनुसार संतोष कुमार पाठक के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। फिलहाल रकम किस तरह गायब हुई और CCTV रिकॉर्डिंग किस परिस्थिति में डिलीट हुई, इन बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

Ratlam News: रतलाम बाल सुधार गृह से 7 बाल अपचारी फरार, होमगार्ड से मारपीट; 6 पकड़े गए

Ratlam News: रतलाम के बिरियाखेड़ी बाल सुधार गृह से 7 बाल अपचारी होमगार्ड से मारपीट कर फरार हुए। पुलिस ने 6 को नामली के पास पकड़ा, एक की तलाश जारी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: बिरियाखेड़ी स्थित शासकीय बाल सुधार गृह में शनिवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब सात बाल अपचारी सुरक्षा में तैनात होमगार्ड सैनिक से मारपीट कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही रतलाम पुलिस ने जिलेभर में नाकाबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने रातभर तलाश अभियान चलाया। सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध तस्वीरों के आधार पर सुराग जुटाते हुए पुलिस ने रविवार सुबह रतलाम से करीब 15 किलोमीटर दूर नामली के पास छह बाल अपचारियों को अभिरक्षा में ले लिया। एक बाल अपचारी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। घटना का वीडियो देखे घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो और एसडीएम तरुण जैन ने बाल सुधार गृह पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। होमगार्ड से मारपीट के बाद खोला गेट का ताला प्रारंभिक जानकारी के अनुसार होमगार्ड सैनिक चंद्रकांत शर्मा चैनल गेट के पास चादर ओढ़कर सो रहे थे। इसी दौरान सातों बाल अपचारियों ने कथित तौर पर उन्हें घेर लिया। बताया गया कि एक बाल अपचारी ने डंडे से हमला किया। इसके बाद सभी ने मिलकर होमगार्ड सैनिक के साथ मारपीट की। हमले के बाद बाल अपचारियों ने बिस्तर के नीचे रखी मुख्य शटर की चाबी निकाली और चैनल गेट का ताला खोल दिया। गेट खुलने के बाद सभी मुख्य द्वार से बाहर निकलकर फरार हो गए। रात करीब 3 बजे पुलिस को मिली सूचना थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी निरीक्षक गायत्री सोनी के अनुसार पुलिस को घटना की सूचना रात करीब 3 बजे मिली। इसके बाद तत्काल पुलिस टीमों का गठन किया गया और जिले के सभी थानों को अलर्ट किया गया। पुलिस ने संभावित रास्तों पर तलाश शुरू करने के साथ सीसीटीवी फुटेज और तस्वीरों की मदद ली। इसी अभियान के दौरान छह बाल अपचारियों को नामली के पास पकड़ लिया गया। फरार एक बाल अपचारी की तलाश अभी जारी है। 15 से 17 साल की उम्र के हैं बाल अपचारी पुलिस के अनुसार फरार हुए सभी बाल अपचारी 15 से 17 वर्ष की आयु के हैं। इनके विरुद्ध हत्या, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म, मादक पदार्थों की तस्करी और रंगदारी जैसे गंभीर मामलों में प्रकरण दर्ज हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक: घायल होमगार्ड का मेडिकल कराया जा रहा मारपीट की घटना में होमगार्ड सैनिक चंद्रकांत शर्मा घायल हुए हैं। उनका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। घटना के संबंध में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार बाल अपचारी को सुरक्षित अभिरक्षा में लेने के लिए टीमें लगातार तलाश कर रही हैं। बाल सुधार गृह की सुरक्षा होगी और मजबूत घटना के बाद बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया। भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि फरार बाल अपचारी की तलाश प्राथमिकता से की जा रही है और उसे सुरक्षित अभिरक्षा में लेने के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

Ratlam News: रतलाम में ठेला संचालक से मारपीट और जान से मारने की धमकी, तीन लोगों पर FIR दर्ज

Ratlam News: रतलाम के स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में पानी-पताशा विक्रेता से गाली-गलौज, दुकान में तोड़फोड़ और चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी देने के मामले में तीन आरोपियों पर केस दर्ज हुआ। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर के स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद का मामला पुलिस तक पहुंच गया है। घोड़ा चौपाटी स्थित देना बैंक के बाहर पानी-पताशा का ठेला लगाने वाले युवक की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफआईआर के अनुसार घटना 2 अगस्त 2026 की रात करीब 9:30 बजे की बताई गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पहले गाली-गलौज की गई, फिर दुकान में तोड़फोड़ की गई और चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वीडियो देखे पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक शिकायत 6 अगस्त 2026 को स्टेशन रोड थाने में दर्ज कराई गई। मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक (ASI) मुरली मकवाना को सौंपी गई है। क्या है पूरा मामला? एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता मधुरम व्यास घोड़ा चौपाटी स्थित देना बैंक के बाहर पानी-पताशा की दुकान लगाते हैं। उनके अनुसार पास में गन्ने के रस की दुकान लगाने वाले रवि शर्मा से पुरानी रंजिश चल रही थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 2 अगस्त की रात रवि शर्मा वहां पहुंचा और कथित रूप से अश्लील गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर गोलु माली और अजय कोम भी मौके पर आ गए। तीनों पर मिलकर गाली-गलौज करने और दुकान की कुर्सियां उठाकर तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया गया है। मां के पहुंचने पर भी विवाद बढ़ा शिकायतकर्ता के मुताबिक विवाद बढ़ने पर उन्होंने अपनी मां विष्णुकांता व्यास को फोन कर बुलाया। आरोप है कि मां के मौके पर पहुंचने के बाद भी तीनों आरोपियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि रवि शर्मा ने कथित रूप से चाकू लेकर शिकायतकर्ता और उनकी मां को डराया तथा ठेला हटाने की बात कहते हुए जान से मारने की धमकी दी। किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला? स्टेशन रोड थाना पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की निम्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अब मामले की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। पुलिस ने क्या कार्रवाई की? एफआईआर के अनुसार स्टेशन रोड थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद अपराध क्रमांक 588/2026 दर्ज किया। जांच की जिम्मेदारी कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक मुरली मकवाना को दी गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Ratlam News: रतलाम में दिनदहाड़े खौफनाक वारदात: पत्नी की गला रेतकर हत्या, पति मौके से गिरफ्तार

Ratlam News: रतलाम के माणक चौक थाना क्षेत्र के सोनार बावड़ी में पति ने पत्नी की गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पति को मौके से हिरासत में लिया, मामले की जांच जारी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर में रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। माणक चौक थाना क्षेत्र के सोनार बावड़ी इलाके में एक पति ने अपनी पत्नी की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। घटना दिनदहाड़े होने से क्षेत्र में दहशत और सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान 32 वर्षीय रुकैया के रूप में हुई है, जबकि पुलिस ने आरोपी पति 35 वर्षीय असगर अली को घटनास्थल से ही हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस हत्या के पीछे की वजह जानने में जुटी है। परिवार के सामने हुई इस दर्दनाक घटना ने स्थानीय लोगों को भी स्तब्ध कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल टीम और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंच गए। भाई ने सुनी चीख, कमरे का नजारा देख रह गया सन्न जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब 11 बजे रुकैया की चीख सुनकर उसका बड़ा भाई मुस्तफा पड़ोसियों के साथ घर के अंदर पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कमरे में रुकैया बिस्तर पर लहूलुहान अवस्था में पड़ी थी। आरोप है कि उस समय असगर अली उसकी छाती पर बैठकर धारदार हथियार से लगातार गले पर वार कर रहा था। मौजूद लोगों ने आरोपी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह उनकी ओर भी आक्रामक हो गया। इसके बाद लोगों ने तत्काल बाहर निकलकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके से आरोपी को लिया हिरासत में सूचना मिलते ही माणक चौक थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपी पति को हिरासत में ले लिया। इसके बाद एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में हत्या के कारणों की जांच जारी है। दो छोटे बच्चों के सिर से उठा मां का साया इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रुकैया अपने पीछे दो वर्षीय पुत्र और सात वर्षीय पुत्री को छोड़ गई हैं। मासूम बच्चों की मौजूदगी में हुई इस वारदात ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया। स्थानीय लोग और बोहरा समाज के सदस्य बड़ी संख्या में घटनास्थल पर एकत्रित हो गए। थाना प्रभारी ने क्या कहा? माणक चौक थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटा लिए हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ और जांच के बाद ही हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

Ratlam News: 12 साल पुराने यास्मीन शेरानी गोलीकांड में अदालत का फैसला, दो दोषियों को 10-10 साल की सजा

Ratlam News: रतलाम के चर्चित यास्मीन शेरानी गोलीकांड मामले में अदालत ने दो आरोपियों को 10-10 साल और एक आरोपी को आर्म्स एक्ट में 3 साल की सजा सुनाई, जबकि दो आरोपी बरी हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के बहुचर्चित यास्मीन शेरानी गोलीकांड में करीब 12 साल बाद अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई, जबकि दो अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। सप्तम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने गोली चलाने वाले आरोपी और उसके सहयोगी को हत्या के प्रयास के अपराध में 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं एक अन्य आरोपी को आर्म्स एक्ट के तहत तीन साल की सजा दी गई। यह मामला वर्ष 2014 में रतलाम शहर में हुए उन घटनाक्रमों में शामिल रहा, जिनके बाद पूरे शहर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। 27 सितंबर 2014 को नगर निगम परिसर में हुआ था हमला अपर लोक अभियोजक सौरभ सक्सेना के अनुसार, 27 सितंबर 2014 को दोपहर करीब 12:30 से 1 बजे के बीच तत्कालीन नगर निगम नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेत्री यास्मीन शेरानी नगर निगम परिसर से अपनी कार में बैठ रही थीं। इसी दौरान चेहरे पर कपड़ा बांधे एक युवक ने उन पर गोली चला दी। गोली उनकी गर्दन में लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ीं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया। डीएनए जांच ने खोला अहम राज वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बाइक पर सवार अपने साथी के साथ फरार हो गया। भागते समय उसने बाईजी का वास क्षेत्र में अपना हेलमेट फेंक दिया था। पुलिस ने जांच के दौरान हेलमेट बरामद किया और उसमें मिले बालों का डीएनए परीक्षण कराया। जांच रिपोर्ट में डीएनए आरोपी चंदन शर्मा से मेल खा गया। अभियोजन पक्ष के लिए यह वैज्ञानिक साक्ष्य बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ और अदालत ने इसे मामले के अहम सबूतों में शामिल माना। किन आरोपियों को कितनी सजा मिली? पुलिस ने इस मामले में कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया था। अदालत का फैसला गोलीकांड के कुछ घंटे बाद हुई थी दूसरी सनसनीखेज वारदात यास्मीन शेरानी पर हमले के कुछ घंटे बाद ही रतलाम रोडवेज बस स्टैंड स्थित होटल संचालक कपिल राठौड़ की हत्या कर दी गई थी। एक ही दिन में हुई इन दो बड़ी घटनाओं के बाद शहर में सांप्रदायिक तनाव फैल गया था। हालात को देखते हुए प्रशासन ने पूरे शहर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू किया था। उस समय यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना था। अभियोजन पक्ष की भूमिका अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक सौरभ सक्सेना ने अदालत में साक्ष्य और गवाहों के आधार पर पक्ष रखा। वैज्ञानिक जांच, डीएनए रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी माना।

Ratlam News: चार माह के जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में अदालत का बड़ा फैसला, मां को दोहरा आजीवन कारावास

Ratlam News: रतलाम में चार माह के जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में अदालत ने मां को दोहरा आजीवन कारावास और पति को साक्ष्य छिपाने के अपराध में तीन साल की सजा सुनाई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के बहुचर्चित जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। चार माह के मासूम जुड़वा बच्चों हसन और फातिमा की पानी के ड्रम में डुबोकर हत्या करने की दोषी मां पम्मी उर्फ मुस्कान को न्यायालय ने दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने इस जघन्य अपराध को गंभीर मानते हुए जुर्माना भी लगाया। इसी मामले में आरोपी के पति आमिर कुरैशी को साक्ष्य छिपाने का दोषी मानते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई। यह फैसला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सुनाया गया। करीब डेढ़ वर्ष पुराने इस मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। सुनवाई के दौरान कई गवाह मुकर गए, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। क्या था पूरा मामला? अभियोजन के अनुसार, पम्मी उर्फ मुस्कान अपने पति आमिर कुरैशी और चार माह के जुड़वा बच्चों हसन व फातिमा के साथ वेदव्यास कॉलोनी नंबर-4 में किराये के मकान में रहती थी। 20 नवंबर 2024 को दोपहर के समय घर से शोर सुनकर पड़ोसी छत पर पहुंचे। वहां दोनों मासूम बच्चे पानी से भरे प्लास्टिक के ड्रम में पड़े मिले। बाहर निकालने तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने पर माणकचौक थाना पुलिस ने जांच शुरू की। बिना पोस्टमार्टम के कर दिया था अंतिम संस्कार जांच में सामने आया कि बच्चों के शवों को पुलिस को सूचना दिए बिना नूरानी कब्रिस्तान में दफना दिया गया था। बाद में पुलिस ने तहसीलदार की मौजूदगी में कब्र खुदवाकर दोनों शव बाहर निकलवाए और पोस्टमार्टम कराया। मेडिकल रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि दोनों बच्चों की मौत पानी में डूबने से हुई थी। पूछताछ में सामने आई चौंकाने वाली कहानी पुलिस जांच के दौरान आरोपी मां ने बताया कि घटना वाले दिन पति और सास रिश्तेदारी में गए थे। उसने पति से घर पर रुकने की बात कही थी क्योंकि वह अकेले दोनों बच्चों को संभालने में असमर्थ महसूस कर रही थी। अभियोजन के अनुसार, पति के जाने के बाद गुस्से में उसने पहले बेटे हसन को पानी के ड्रम में डुबोया और फिर बेटी फातिमा को भी उसी ड्रम में डाल दिया। घटना के बाद उसने पति को फोन कर इसकी जानकारी दी। 16 गवाह मुकर गए, फिर भी अदालत ने सुनाया दोषसिद्धि का फैसला मामले की सुनवाई अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष ने कुल 24 गवाह पेश किए, जिनमें से 16 गवाह पक्षद्रोही हो गए। इसके बावजूद पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल के साक्ष्य और अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाणों को पर्याप्त मानते हुए अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने क्या सजा सुनाई? अपर लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान के अनुसार न्यायालय ने— अभियोजन पक्ष का पक्ष अपर लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने बताया कि पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया। कई गवाहों के मुकरने के बावजूद उपलब्ध प्रमाणों को न्यायालय ने विश्वसनीय माना।

Ratlam News: रतलाम PM आवास में नोटिस कार्रवाई के दौरान बवाल, महिला से मारपीट के आरोप; निगम टीम पर पथराव

Ratlam News: रतलाम के डोसीगांव PM आवास में नोटिस कार्रवाई के दौरान हिंसा, महिला से मारपीट और पथराव का मामला सामने आया। निगम ने 208 हितग्राहियों को अंतिम चेतावनी दी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर के डोसीगांव स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के ईडब्ल्यूएस आवास परिसर में शुक्रवार को नगर निगम की कार्रवाई अचानक हिंसक झड़प में बदल गई। बकाया राशि के अंतिम नोटिस चस्पा करने पहुंची निगम टीम और स्थानीय रहवासियों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई और पथराव की नौबत आ गई। घटना का पूरा वीडियो देखे घटना के दौरान एक महिला के साथ निगम कर्मचारियों द्वारा मारपीट किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और निगम कर्मचारियों पर पत्थर, गमले तथा लाठी-डंडों से हमला किया गया। इस दौरान घटनास्थल की कवरेज कर रहे एक स्थानीय पत्रकार भी घायल हो गए। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं, नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बकाया राशि जमा नहीं करने वाले हितग्राहियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध वसूली के आरोपों से बढ़ा विवाद स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि नगर निगम के उपयंत्री राजेश पाटीदार ने पहले उनसे अवैध रूप से राशि ली थी और भरोसा दिलाया था कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। जब शुक्रवार को निगम की टीम अंतिम नोटिस लेकर पहुंची तो इसी मुद्दे को लेकर लोगों ने विरोध जताया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। नोटिस देने पहुंची थी नगर निगम की टीम जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी राजेंद्र सिंह, इंजीनियरों और करीब 25 से 30 कर्मचारियों की टीम डोसीगांव स्थित ईडब्ल्यूएस फ्लैटों में पहुंची थी। उद्देश्य बकायादार हितग्राहियों को अंतिम नोटिस देना और बकाया राशि जमा कराने के लिए समझाइश देना था। इसी दौरान कुछ लोगों से कहासुनी हुई और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। पथराव के बाद कर्मचारियों को भागकर बचानी पड़ी जान प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद भीड़ ने निगम कर्मचारियों पर पथराव शुरू कर दिया। गमले फेंके गए और लाठी-डंडों से भी हमला किया गया। हालात इतने बिगड़ गए कि कई कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए मौके से भागना पड़ा। घटना के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें अफरा-तफरी का माहौल दिखाई देता है। पत्रकार भी हुए घायल, बाद में पहुंची पुलिस हंगामे के दौरान कवरेज कर रहे एक स्थानीय पत्रकार भी हमले में घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलने के बाद नगर निगम आयुक्त अनिल भाना, एसडीएम तरुण जैन, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, औद्योगिक थाना प्रभारी गायत्री सोनी सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। तब तक अधिकांश उपद्रवी वहां से जा चुके थे। पुलिस सुरक्षा में दोबारा हुई कार्रवाई स्थिति सामान्य होने के बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम की टीम ने दोबारा कार्रवाई शुरू की। बकायादार हितग्राहियों के फ्लैटों पर अंतिम नोटिस चस्पा किए गए और कुछ मामलों में बिजली कनेक्शन भी काटे गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार आगे की कार्रवाई जारी रहेगी। 208 हितग्राहियों को अंतिम चेतावनी नगर निगम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डोसीगांव के 208 हितग्राहियों को तीन दिन के भीतर करीब 1.80 लाख रुपये की बकाया राशि जमा करने का अंतिम नोटिस दिया है। यदि तय समय तक भुगतान नहीं किया गया तो 4 अगस्त 2026 से फ्लैट खाली कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। साथ ही संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है। निगम आयुक्त ने क्या कहा नगर निगम आयुक्त अनिल भाना ने कहा कि वर्ष 2019 में इन फ्लैटों की लागत करीब सात लाख रुपये थी, लेकिन पात्र हितग्राहियों को शासन की सहायता से लगभग दो लाख रुपये में आवास उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि निगम की टीम फ्लैट खाली कराने नहीं, बल्कि लोगों को बकाया राशि जमा कर रजिस्ट्री कराने के लिए समझाने पहुंची थी। कर्मचारियों पर हमला दुर्भाग्यपूर्ण है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कर रही वीडियो के आधार पर जांच सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के अनुसार, वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी

MP News: फिल्म देखने के चक्कर में गंवाए ₹2.90 लाख, एक ऐप डाउनलोड करते ही 20 मिनट में खाली हुआ बैंक खाता

MP News: फिल्म देखने के लिए मोबाइल ऐप डाउनलोड करना एक कपड़ा व्यापारी को भारी पड़ गया। 20 मिनट में पीएनबी खाते से ₹2.90 लाख निकल गए। पुलिस और साइबर सेल जांच में जुटी। राजगढ़- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के राजगढ़ शहर से सामने आया साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला, जहां फिल्म देखने के लिए मोबाइल पर एक ऐप डाउनलोड करना कपड़ा व्यापारी को भारी पड़ गया। ऐप इंस्टॉल होने के 20 मिनट के भीतर उसके पीएनबी खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए ₹2.90 लाख निकाल लिए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है। घटना ब्यावरा के वार्ड क्रमांक-4 की है। पीड़ित ने जब दोबारा मोबाइल चालू किया तो खाते से लगातार पैसे कटने के मैसेज आने लगे। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कई अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए खाते से रकम निकाली। अब साइबर सेल संबंधित यूपीआई आईडी, बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। कैसे हुई पूरी साइबर ठगी? सिटी थाना प्रभारी शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, वार्ड क्रमांक-4 निवासी कपड़ा व्यापारी सुनील लालवानी अपने मोबाइल पर ‘New Hindi Movie’ और ‘Bollywood South Movie’ नाम के ऐप देख रहे थे। इन्हीं में से एक ऐप डाउनलोड करने के तुरंत बाद उनका मोबाइल अचानक बंद हो गया। कुछ देर बाद जब मोबाइल दोबारा चालू हुआ तो पीएनबी खाते से लगातार पैसे कटने के एसएमएस आने लगे। तब तक उनके खाते से करीब ₹2.90 लाख निकाले जा चुके थे। 20 मिनट में पांच से ज्यादा ट्रांजेक्शन पुलिस जांच में पता चला है कि साइबर ठगों ने अलग-अलग यूपीआई आईडी और बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की। जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने करीब ₹50 हजार, ₹47 हजार, ₹40 हजार और ₹35 हजार समेत पांच से अधिक ट्रांजेक्शन किए और कुल ₹2.90 लाख निकाल लिए। पूरी वारदात लगभग 20 मिनट के भीतर अंजाम दी गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट, ट्रांजेक्शन आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटाकर मामला दर्ज कर लिया है। साइबर सेल कर रही जांच फिलहाल साइबर सेल संबंधित यूपीआई आईडी, बैंक खातों और आईपी एड्रेस की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों को दी यह सलाह थाना प्रभारी शिवराज सिंह चौहान ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या मोबाइल ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जरूर जांचें। उन्होंने कहा कि केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें और किसी भी अनजान ऐप को बैंकिंग संबंधी जानकारी या अनावश्यक परमिशन न दें। यदि साइबर ठगी का शिकार हों तो तुरंत पुलिस और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। साइबर ठगी से बचने के लिए अपनाएं ये सावधानियां

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