Ratlam News: इप्का लेबोरेट्री के श्रमिक संगठनों ने 35 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: इप्का लेबोरेट्री लिमिटेड के चार प्रमुख श्रमिक संगठनों ने संयुक्त रूप से 35 सूत्रीय मांग पत्र कंपनी के प्रबंधक और श्रम अधिकारी को सौंपा। इसमें श्रमिकों के वेतन, भत्तों और अन्य सुविधाओं में वृद्धि की मांग की गई है।   मांग पत्र में मुख्य रूप से मूल वेतन में ₹20,000 की वृद्धि, महंगाई भत्ता ₹5 प्रति प्वाइंट, त्योहारों पर काम करने वाले श्रमिकों को तीन गुना वेतन, उत्पादन बोनस ₹6,000 प्रति वर्ष, शिक्षा भत्ता ₹10,000 की वृद्धि, ₹20,000 आपात सहायता, अनाज खरीदने के लिए ₹20,000 एडवांस और मेडिकल, शिक्षा एवं मकान के लिए ₹2 लाख का लोन शामिल है।   इस अवसर पर चारों श्रमिक संगठनों – इप्का फार्मा एवं केमिकल्स श्रमिक कर्मचारी कामगार संघ (शिवसेना), केमिकल वर्कर्स यूनियन (एटक), इप्का फार्मा एवं केमिकल्स श्रमिक संघ (बीएमएस) और ड्रग्स एंड केमिकल्स श्रमिक कर्मचारी संघ (इंटक) के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।   कार्यक्रम में शिवसेना कामगार सेना के प्रदेश अध्यक्ष जनक नागल, बीएमएस संघ के संरक्षक श्याम मनोहर यादव, दिलीप मेहता, इंटक संघ के संरक्षक भंवर सिंह चौहान, और एटक संघ के संरक्षक अश्विनी शर्मा समेत कई प्रमुख पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। शिवसेना यूनियन के अध्यक्ष ओमप्रकाश धीमान, महासचिव लखन मालवीय और अन्य पदाधिकारी भी इस मौके पर उपस्थित रहे।   श्रमिक संगठनों ने प्रबंधन से जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।  

Ratlam News: न्यू ईयर पर रतलाम पुलिस की नाकेबंदी; एसपी ने खुद शुरू की ग्राउंड पुलिसिंग, शराबियों व हुड़दंगियों पर पैनी नजर

रतलाम – पब्लिक वार्ता, जयदीप गुर्जर। Ratlam News: नए साल (New Year 2025) के जश्न के दौरान शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए रतलाम पुलिस ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। एसपी अमित कुमार के निर्देश पर शहर में साइबर पेट्रोलिंग शुरू की गई है। एसपी खुद शाम को ग्राउंड में नजर आए। एसपी अमित कुमार के अनुसार हुड़दंग या अपराध की नीयत से सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में “हम शहर में करेंगे अपराध” जैसी पोस्ट डालने वाले दो बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इसके अलावा नए साल पर शराब पार्टी के बाद उत्पात करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए शहर के तमाम एंट्री और एग्जिट पर सघन चेकिंग जारी रहेगी। शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कठोर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।  एसपी अमित कुमार ने बताया की रतलाम पुलिस के इन सख्त कदमों का उद्देश्य है कि शहर में शांति बनी रहे और आम नागरिक नए साल का जश्न बिना किसी डर के मना सकें। एसपी अमित कुमार ने पुलिस के सभी अधिकारियों को साफ कहा है कि सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अपराधियों को चिंहित कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए।  होटल और ढाबों पर नजर एसपी ने सख्त हिदायत देते हुए शहर के होटल और ढाबों पर शराब परोसने पर प्रतिबंध लगाया गया है। नए साल में होटलों या ढाबों पर शराब परोसने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। गुरुवार रात एसपी अमित कुमार ने पुलिस बल के साथ सड़कों पर चेकिंग अभियान चलाया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि संदिग्धों पर पैनी नजर रखी जाए। शराब पीने वालों का मेडिकल करवाकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।  सादी वर्दी में पुलिस टीम  शहर के हर थाना क्षेत्र में सादी वर्दी में पुलिस टीम तैनात रहेगी। शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक खुद एसपी अमित कुमार भी सड़कों पर नजर रखेंगे। शहर की सीमाओं पर सख्त नाकेबंदी की जाएगी और बिना वजह देर रात घूमने वालों को जेल वाहन से थाने भेजा जाएगा।  गुंडों की परेड और कानूनी चेतावनी एसपी के निर्देश के बाद सभी थानों में गुंडों की परेड करवाई गई। स्टेशन रोड और माणक चौक थानों के 20 बदमाशों को कान पकड़कर अपराध न करने की कसम दिलाई गई। औद्योगिक क्षेत्र और डीडी नगर थानों में भी बदमाशों की परेड कर उन्हें सख्त हिदायत दी गई कि अपराध करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हथियार लेकर घूमने वालों पर शिकंजा रतलाम पुलिस ने चाकूबाजी और हथियारबाजी पर लगाम कसने के लिए लगातार चेकिंग अभियान चलाया। पिछले तीन दिनों में 7 बदमाशों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किए गए हैं।

Ratlam News: बच्चों की गवाही ने दिलाई मां के हत्यारे को सजा; पत्नी की हत्या करने वाले पति को उम्रकैद

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: पत्नी के अवैध संबंधों की शंका में उसकी गला दबाकर हत्या करने वाले आरोपी को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया की अदालत ने सुनाया। फैसले की खास बात यह रही की कोर्ट ने नाबालिग बेटे-बेटी के बयान पर सजा दी। साथ ही 5 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन की पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने की। क्या है मामलाअतिरिक्त लोक अभियोजक संजीवसिंह चौहान ने बताया कि घटना 13 अक्टूबर 2019 की है। मृतका नाजमीन की मां शहनाज (प्रतापगढ़ राजस्थान) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी का निकाह 15 साल पहले आरोपी अनीस कुरैशी निवासी बांसवाड़ा से हुआ था। आरोपी को पत्नी नाजमीन और मकान मालिक सलीम के अवैध संबंधों का शक था। इस कारण उनका अक्सर झगड़ा होता था। अनीस ने उसे फोन मर बताया था की मृतिका नाजमीन का रतलाम के हाट रॉड निवासी मकान मालिक सलीम से अवैध संबंध है। जिस पर दोनों को समझाया था। जिसके बाद उसे कॉल पर बेटी नाजमीन की हत्या की जानकारी मिली। जिसके बाद थाना स्टेशन रोड पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। कोर्ट में बेटी व बेटे ने बताया की घटना वाली रात झगड़े के दौरान मां नाजमीन ने कहा कि वह अनीस के साथ नहीं रहना चाहती और सलीम के साथ रहेगी। इससे गुस्साए अनीस ने नाजमीन का गला दबाकर हत्या कर दी। 18 गवाह हुए पेशमृतका की बेटी और बेटे ने कोर्ट में बयान दिए कि उनके पिता ने गला दबाकर उनकी मां की जान ली। पड़ोसी ने भी घटना की पुष्टि की। अभियोजन पक्ष ने मामले में 18 गवाहों को पेश किया। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी अनीस कुरैशी को दोषी मानते हुए उम्रकैद और 5 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट में 18 गवाह पेश किए गए। मृतक के नाबालिग बेटे और बेटी के बयान अहम माने गए। इन्होंने गला दबाकर हत्या करना बताया था। कोर्ट ने अनीस (40) पिता मोहम्मद शरीफ कुरैशी निवासी कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा वर्तमान निवासी धबाईजी का वास रतलाम को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा दी।

Ratlam News: बाजना में बवाल; सड़क दुर्घटना में दो युवकों की मौत का मामला, पुलिस पर पथराव, कई घायल, भांजगड़ा के खिलाफ आज बंद

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले के शिवगढ़ में सड़क दुर्घटना में दो युवकों की मौत के बाद बाजना क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है। बीती रात प्रदर्शनकारियों ने भारी मुआवजे की मांग को लेकर पुलिस बल पर पथराव कर दिया, जिसमें एसडीओपी समेत नौ पुलिसकर्मी के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घटना के विरोध में आज बाजना के व्यापारियों ने बाजार बंद कर मौन जुलूस निकालने का ऐलान किया है। घटना के बाद बाजना में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। कैसे हुआ हादसा?शुक्रवार रात करीब साढ़े 9 बजे बाजना निवासी कमल (22) और दीपक (20) मोटरसाइकिल से जा रहे थे, जब छावनी झोड़िया गांव के पास उनकी बाइक रतलाम से आ रही एक बस से टकरा गई। दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव उनके परिजनों को सौंपे गए। मुआवजे की मांग और बवालशनिवार को परिजन शवों को लेकर बस मालिक के घर के सामने प्रदर्शन करने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने मृतकों के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। बस मालिक ने 13 लाख रुपये देने की पेशकश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसे खारिज कर दिया। देर रात प्रदर्शन हिंसक हो गया, और भीड़ ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिसकर्मी घायल, कई गिरफ्तारसूत्रों के अनुसार पथराव में बाजना एसडीओपी नीलम बघेल समेत नौ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि प्रदर्शनकारियों पर हत्या के प्रयास की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। अब तक कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। स्थिति नियंत्रण में है। व्यापारियों का बंद और विरोधइस घटना के विरोध में बाजना के व्यापारियों ने आज बाजार बंद रखा। उनका कहना है कि आदिवासी समुदाय अक्सर ऐसी घटनाओं में मुआवजे के नाम पर भारी रकम की मांग करता है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है। मुख्यमंत्री की घोषणाप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान कोष से प्रत्येक परिवार को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।

Ratlam News: शहर की शराब दुकान में गुंडागर्दी; नकाबपोश बदमाशों ने सेल्समैन पर हमला कर लूटी शराब और रुपए, आरोपियों की हुई पहचान

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: शहर के स्टेशन रोड थाना अंतर्गत स्थित शराब दुकान में रविवार की शाम करीब 7:20 बजे चार से पांच नकाबपोश बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया। डीआरएम कार्यालय के सामने स्थित इस वाइन शॉप में बदमाशों ने सेल्समैन पप्पू दुबे और शंकर जायसवाल के साथ मारपीट कर गल्ले से नकदी लूट ली। साथ ही शराब की बोतलें भी उठाकर ले गए। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी अमित कुमार, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, और थाना प्रभारी स्वराज डाबी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पीड़ित सेल्समैन पप्पू दुबे व शंकर ने स्टेशन रोड थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार अपराधियों की पहचान हो चुकी है। आरोपी नाबालिग बताए जा रहे है। इनमें एक मुख्य आरोपी रोहित राठौड़ है, जो बालिग बताया जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करेगी। फेंके पत्थर और उठाई बोतलेंघटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। जिसमें बदमाश पहले दुकान के बाहर खड़े दिखाई दिए। अंदर मौजूद सेल्समैन ने जब उन्हें कुछ कहा, तो वे पत्थर, लोहे की रॉड, लाठी और शराब की बोतल लेकर गेट खोलकर अंदर घुस आए। उन्होंने दुकान के कर्मचारियों पर हमला करना शुरू कर दिया। इस दौरान कर्मचारी अपनी जान बचाकर अंदर की ओर भागे। एक बदमाश गल्ले से नकदी लूटकर फरार हो गया। घटना के समय दुकान पर शराब खरीदने आए ग्राहक भी बदमाशों की हरकतों से दहशत में आ गए। बदमाशों के हमले से दुकान व आसपास क्षेत्र का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।

MP News: नए डीजीपी कैलाश मकवाना ने पुलिस अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, जनसुरक्षा पर विशेष जोर

सायबर क्राइम, नशे के कारोबार और यातायात सुरक्षा पर चलाएं व्यापक जागरूकता अभियान भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने मंगलवार, 3 दिसंबर को पुलिस मुख्यालय भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आमजन में पुलिस की सकारात्मक छवि बनाने पर विशेष जोर दिया।  प्रोफेशनल पुलिसिंग पर बलडीजीपी मकवाना ने कहा कि पुलिसिंग में अकाउंटेबिलिटी, रिस्पॉन्सिवनेस और अनुशासन अनिवार्य हैं। कानून सर्वोपरि रखते हुए सभी कार्य निष्पक्षता और ईमानदारी से किए जाएं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि भ्रष्टाचार और नशाखोरी से दूर रहते हुए समाज में विश्वास कायम करना प्राथमिकता होनी चाहिए।  सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को तेज करने का निर्देशडीजीपी ने कहा कि उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 के लिए अभी से पूरी तत्परता से तैयारियां शुरू करनी होंगी। उज्जैन और उसके आसपास के जिलों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध योजना बनाकर शासन को प्रस्तुत करें।  साइबर क्राइम और नशे पर विशेष फोकसडीजीपी ने साइबर क्राइम और अवैध नशे के कारोबार पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए स्कूल-कॉलेजों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाएं।  इसके लिए सोशल मीडिया, शॉर्ट वीडियो, पंपलेट और संगोष्ठियों का उपयोग करें। साथ ही, सूचना तंत्र को मजबूत करते हुए नशे के कारोबार का पूरा नेटवर्क ध्वस्त करें।  यातायात सुरक्षा के लिए अभियान चलाने का आदेशडीजीपी ने सड़कों पर सुगम और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने हेलमेट पहनने के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए।  थानों में संवेदनशीलता और सख्ती का संतुलनडीजीपी ने कहा कि थानों में तैनात पुलिसकर्मी आमजन से संवेदनशील व्यवहार करें, लेकिन अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने अधिकारियों से बेसिक पुलिसिंग को मजबूत करने और अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से सरप्राइज विजिट करने का निर्देश दिया।  जनसुनवाई को अनिवार्य करेंउन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई अनिवार्य रूप से आयोजित होनी चाहिए। सभी शिकायतों पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही, सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतें।  अच्छे प्रदर्शन पर मिले पुरस्कार, खराब प्रदर्शन पर कार्रवाईडीजीपी ने कहा कि अच्छे पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाए और लापरवाह कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो। इससे पुलिस बल में अनुशासन और प्रोफेशनलिज्म को बढ़ावा मिलेगा।

MP News: पुलिस ने निभाया परिवार का फर्ज, धूमधाम से की महिला कांस्टेबल की गोद भराई, जानिए पूरा मामला

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: भागदौड़ भरी लाइफ स्टाइल के बीच पुलिसकर्मी परिवार के लिए अपना समय ना के बराबर दे पाते है। चाहे वह कोई प्रमुख त्यौहार हो या घर – समाज के पारिवारिक कार्यक्रम। बहुत कम ही ऐसा होता है जब एक पुलिस जवान ठीक ढंग से उनका लुत्फ ले पाया हो। इसी पुलिसिया भागदौड़ के बीच एक महिला पुलिसकर्मी की भावनाओं का ध्यान कैसे पूरे स्टाफ ने रखा इसका एक जीवंत उदाहरण देखने में आया है, जो अब चारो और चर्चा का विषय बन गया है। हर कोई पुलिस की इस पहल का समर्थन कर रहा है। आपको बता दे शहर में एकमात्र थाना डीडी नगर है जो आईएसओ सर्टिफाइड है, तत्कालिक एसपी राहुल लोढा के प्रयासो से थाने को सर्वश्रेष्ठ होने का सर्टिफिकेट भी मिल चुका है। दरअसल मध्यप्रदेश के रतलाम शहर में डीडी नगर थाना क्षेत्र में पदस्थ महिला कांस्टेबल शानू जमरा मां बनने जा रही है। लेकिन उनके पिता के नहीं होने से उन्हें इसकी कमी खुब खलने लगी। क्योंकि एक महिला के मां बनने से पूर्व गोद भराई का कार्यक्रम होता है। जिसमें पिता की अहम भूमिका होती है। थाने के स्टाफ को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गोद भराई का आयोजन करने की ठानी। आपको बता दे धार जिले की रहने वाली शानू जमरा पिछले छह महीने से डीडी नगर थाने में पदस्थ हैं। शानू के पिता का निधन हो चुका है। कार्यक्रम में मेहंदी से लेकर अन्य पारंपरिक रस्में पूरे रीति-रिवाजों के साथ निभाई गईं। इस आयोजन ने साबित कर दिया कि पुलिस विभाग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक बड़ा परिवार भी है। टीआई ने निभाई पिता की भूमिकागोद भराई के कार्यक्रम में थाना प्रभारी रविंद्र दंडोतिया ने पिता की भूमिका निभाई। थाने को सजाया गयाथाने के पूरे स्टाफ ने परिवार जैसा माहौल बनाया। नाच गाना हुआ, मिठाई बांटी गई और खाना भी रखा गया। शानू ने भावुक होकर बताया, “थाने के सभी स्टाफ ने मुझे बहन की तरह अपनाया और मेरे साथ परिवार जैसा व्यवहार किया। यह मेरे लिए बहुत खास और यादगार क्षण है।”  रतलाम एसपी अमित कुमार ने इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह पुलिस विभाग के भीतर पारिवारिक और सहयोगी माहौल का प्रतीक है। उन्होंने पूरे थाना स्टाफ की इस भावनात्मक पहल की प्रशंसा की और कहा कि इस तरह की घटनाएं पुलिसकर्मियों के बीच मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देती हैं। गौरतलब है की एसपी अमित कुमार ने कुछ दिनों पहले पुलिसकर्मियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उनके जन्मदिन पर एक दिन की छुट्टी देने के निर्देश जारी किए थे। जिससे उनके मानसिक स्वास्थ को राहत मिल सके। एसपी अमित कुमार की इस पहल की भी जमकर तारीफ हुई थी।

Cyber Security Tips: शादी की पत्रिका या योजनाओं की मोबाइल एप्लिकेशन ना करे डाऊनलोड, रतलाम पुलिस ने बताया कैसे रहें सावधान!

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Cyber Security Tips : सायबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए रतलाम पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा के मार्गदर्शन में सायबर क्राइम सेल रतलाम द्वारा आम जनता को सायबर ठगी के नए-नए तरीकों के प्रति जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। वर्तमान में सायबर अपराधियों द्वारा अपनाई जा रही एक नई चाल लोगों के बीच चिंता का विषय बन गई है। सायबर अपराधी मोबाइल एप्लिकेशन (.apk) और एक्से फाइल (.exe) के जरिए धोखाधड़ी कर रहे हैं। यहां इस तरह के धोखाधड़ी से बचने के उपायों पर विस्तार से जानिए; कैसे होती है APK फाइल के जरिए धोखाधड़ी?   – सायबर अपराधी .apk फाइल का इस्तेमाल कर लोगों के फोन तक पहुंचने की कोशिश करते हैं।   – ये फाइलें अक्सर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापनों के माध्यम से, अनजानी वेबसाइटों से या व्हाट्सएप पर किसी लिंक के जरिए भेजी जाती हैं।   – कई बार ये फाइलें शादी के निमंत्रण, पीएम किसान योजना या पीएम आवास योजना जैसी सरकारी योजनाओं के नाम पर होती हैं, जिससे लोग इन्हें आसानी से डाउनलोड कर लेते हैं। हैकर्स का तरीका क्या है?   – हैकर्स व्हाट्सएप के माध्यम से apk फाइलें भेजते हैं, जो किसी सरकारी योजना, निमंत्रण कार्ड या अन्य आकर्षक सामग्री का रूप धारण कर भेजी जाती हैं।   – कई बार ये फाइलें परिचित व्यक्तियों के नंबर से आती हैं, जिनका व्हाट्सएप हैक हो चुका होता है। इस कारण लोग इन फाइलों पर अधिक विश्वास कर लेते हैं।   – जैसे ही आप इस apk फाइल को डाउनलोड और इंस्टॉल करते हैं, यह आपके फोन पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लेती है। APK फाइल के खतरों से कैसे बचें?   – व्हाट्सएप सिक्योरिटी: अपने व्हाट्सएप अकाउंट की सुरक्षा के लिए टू-स्टेप वेरिफिकेशन सेटिंग्स को इनेबल रखें। इससे आपका अकाउंट सुरक्षित रहेगा।   – विश्वास से बचें: किसी परिचित व्यक्ति के व्हाट्सएप नंबर से भी अगर इस तरह की फाइल आती है, तो इसे बिना जांचे-परखे न खोलें। सुनिश्चित करें कि फाइल की वैधता को पहचान लें।   – विश्वसनीय स्रोत से ही डाउनलोड करें: किसी भी एप्लिकेशन को केवल गूगल प्ले स्टोर या आधिकारिक वेबसाइट से ही डाउनलोड करें। APK फाइल खोलने के बाद क्या होता है?   – जब आप apk फाइल को खोलते हैं, तो यह आपके फोन में ऑटो-इंस्टॉल हो जाती है और आपके डिवाइस का कंट्रोल सायबर अपराधी के हाथों में चला जाता है।   – अपराधी आपके फोन के मैसेज को पढ़ सकते हैं, जिनमें OTP, PIN जैसी सेंसिटिव फाइनेंशियल इनफॉर्मेशन हो सकती है।   – वे आपके फोन से अनाधिकृत ऑनलाइन ट्रांजेक्शन या फंड ट्रांसफर कर सकते हैं, जिससे आपका आर्थिक नुकसान हो सकता है। अगर गलती से APK फाइल इंस्टॉल हो जाए तो क्या करें?   – तुरंत अपने फोन का इंटरनेट कनेक्शन ऑफ करें ताकि अपराधी और डेटा का एक्सेस न ले सकें।   – जितना जल्दी हो सके अपने बैंक में संपर्क कर अपने खाते को फ्रीज करवा दें ताकि किसी भी अनाधिकृत ट्रांजेक्शन से बचा जा सके।   – फोन में एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें या गूगल प्ले स्टोर से “कवच-2” जैसे सुरक्षा ऐप का उपयोग करें, जो हानिकारक या छिपी हुई apk फाइलों की पहचान कर उन्हें डिलीट कर सकता है। व्हाट्सएप पर आने वाली फाइलों को सुरक्षित तरीके से जांचें   – अगर किसी सरकारी योजना या शादी के निमंत्रण के नाम पर कोई फाइल आए तो उसे खुलने से पहले ध्यान से जांचें।   – व्हाट्सएप सेटिंग्स में टू-स्टेप वेरिफिकेशन को सक्षम करें ताकि आपका अकाउंट सुरक्षित रहे और हैकर्स आपके अकाउंट का दुरुपयोग न कर सकें। धोखाधड़ी होने पर तुरंत क्या करें?   – किसी भी प्रकार की सायबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाने पर तुरंत सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।   – अपने नजदीकी पुलिस थाने या सायबर सेल पर जाकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराएं ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। सायबर सुरक्षा सलाह में बताई गई इन सावधानियों को अपनाकर आप अपने डेटा और आर्थिक जानकारी को सुरक्षित रख सकते हैं। तकनीक के युग में सुरक्षित रहना हमारी अपनी जिम्मेदारी है, इसलिए किसी भी अनजान फाइल को डाउनलोड और इंस्टॉल करने से पहले सावधान रहें।

Supreme court: बुलडोज़र एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: “मनमाना रवैया बर्दाश्त नहीं

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Supreme court: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बुलडोज़र एक्शन को लेकर एक सख्त टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के आरोपी या दोषी होने मात्र से उसका घर गिराया नहीं जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह की कार्रवाई किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है, और अधिकारियों को मनमाने तरीके से काम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कोर्ट ने जोर देते हुए कहा, “अफसर जज नहीं बन सकते और यह फैसला नहीं कर सकते कि कौन दोषी है। ताकत का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।” इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी अधिकारी को यह अधिकार नहीं है कि वह कानून से ऊपर होकर किसी के खिलाफ कार्रवाई करे। यह टिप्पणी हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में बुलडोज़र का उपयोग कर संदिग्धों और आरोपियों के घरों पर की जा रही कार्यवाही के संदर्भ में आई है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि इस तरह की कार्रवाइयों में संतुलन बनाए रखना जरूरी है और सिर्फ अदालत के निर्देशानुसार ही उचित कदम उठाए जा सकते हैं। जानिए मुख्य बिंदुसिर्फ इसलिए घर नहीं गिराया जा सकता क्योंकि कोई व्यक्ति आरोपी है. राज्य आरोपी या दोषी के खिलाफ मनमानी कार्रवाई नहीं कर सकता.बुलडोजर एक्शन सामूहिक दंड देने के जैसा है, जिसकी संविधान में अनुमति नहीं है.निष्पक्ष सुनवाई के बिना किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता.कानून के शासन, कानूनी व्यवस्था में निष्पक्षता पर विचार करना होगा.कानून का शासन मनमाने विवेक की अनुमति नहीं देता है. चुनिंदा डिमोलेशन से सत्ता के दुरुपयोग का सवाल उठता है.आरोपी और यहां तक कि दोषियों को भी आपराधिक कानून में सुरक्षा दी गई है. कानून के शासन को खत्म नहीं होने दिया जा सकता है.संवैधानिक लोकतंत्र में नागरिक अधिकारों और आजादी की सुरक्षा जरूरी है.अगर कार्यपालिका मनमाने तरीके से किसी नागरिक के घर को इस आधार पर ध्वस्त करती है कि उस पर किसी अपराध का आरोप है तो यह संविधान कानून का उल्लंघन है.अधिकारियों को इस तरह के मनमाने तरीके से काम करने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.अधिकारियों को सत्ता का दुरुपयोग करने पर बख्शा नहीं जा सकता.स्थानीय कानूनों का उल्लंघन करने वाले घर को गिराने पर विचार करते वक्त यह देखना चाहिए कि नगरपालिका कानून में क्या अनुमति है. अनधिकृत निर्माण समझौता योग्य हो सकता है या घर का केवल कुछ हिस्सा ही गिराया जा सकता है.अधिकारियों को यह दिखाना होगा कि संरचना अवैध है और अपराध को कम करने या केवल एक हिस्से को ध्वस्त करने की कोई संभावना नहीं हैनोटिस में बुलडोजर चलाने का कारण, सुनवाई की तारीख बताना जरूरी होगी. डिजिटल पोर्टल 3 महीने में बनाया जाना चाहिए, जिसमें नोटिस की जानकारी और संरचना के पास सार्वजनिक स्थान पर नोटिस प्रदर्शित करने की तारीख बताई गई है.व्यक्तिगत सुनवाई की तारीख जरूर दी जानी चाहिए.आदेश में यह जरूर नोट किया जाना चाहिए कि बुलडोजर एक्शन की जरूरत क्यों है.केवल तभी इमारत गिराई जा सकती है, जब अनधिकृत संरचना सार्वजनिक सड़क/रेलवे ट्रैक/जल निकाय पर हो. इसके साथ ही प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही इमारत गिराई जा सकती हैकेवल वे संरचनाएं ध्वस्त की जाएंगी, जो अनाधिकृत पाई जाएंगी और जिनका निपटान नहीं किया जा सकता.अगर अवैध तरीके से इमारत गिराई गई है, तो अधिकारियों पर अवमानना की कार्रवाई की जाएगी और उन्हें हर्जाना देना होगा.अनाधिकृत संरचनाओं को गिराते वक्त विस्तृत स्पॉट रिपोर्ट तैयार की जाएगी. पुलिस और अधिकारियों की मौजूदगी में तोड़फोड़ की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी. यह रिपोर्ट पोर्टल पर पब्लिश की जाएगी. अगर घर गिराने का आदेश पारित किया जाता है, तो इस आदेश के खिलाफ अपील करने के लिए वक्त दिया जाना चाहिए.बिना अपील के रात भर ध्वस्तीकरण के बाद महिलाओं और बच्चों को सड़कों पर देखना सुखद दृश्य नहीं हैघर के मालिक को रजिस्टर्ड डाक द्वारा नोटिस भेजा जाएगा और संरचना के बाहर चिपकाया जाएगा.नोटिस से 15 दिनों का वक्त नोटिस तामील होने के बाद है.तामील होने के बाद कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट द्वारा सूचना भेजी जाएगी.कलेक्टर और डीएम नगरपालिका भवनों के ध्वस्तीकरण आदि के प्रभारी नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे.प्राधिकरण व्यक्तिगत सुनवाई सुनेगा, रिकॉर्ड किया जाएगा और उसके बाद अंतिम आदेश पारित किया जाएगा.आदेश के 15 दिनों के अंदर मालिक को अनधिकृत संरचना को ध्वस्त करने या हटाने का मौका दिया जाएगा. सभी निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए और इन निर्देशों का पालन न करने पर अवमानना और अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी और अधिकारियों को मुआवजे के साथ ध्वस्त संपत्ति को अपनी लागत पर वापस करने के लिए उत्तरदायी ठहराया जाएगा.सभी मुख्य सचिवों को निर्देश दिए जाने चाहिए.

MP News: आपको नहीं मिल रहा है वाहन दुर्घटना का क्लेम, तो कोर्ट का यह फैसला आपके लिए है

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: रतलाम में न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में वाहन दुर्घटना के पीड़ितों और उनके परिजनों को राहत देते हुए कहा है कि दुर्घटना के छह महीने बाद भी क्लेम किया जा सकता है। न्यायालय के इस फैसले से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है जो समय सीमा के कारण क्लेम नहीं कर पा रहे थे। अब वे छह महीने बाद भी मुआवजे के लिए आवेदन कर सकेंगे। न्यायालय के प्रथम सदस्य, एमएसीसी (मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण) आदित्य रावत ने एक विशेष मामले पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। मामला प्रेमशंकर शर्मा की 22 जनवरी 2022 को हुई एक सड़क दुर्घटना से जुड़ा था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। इस दुर्घटना के बाद, उनकी पत्नी आशा शर्मा ने 26 अप्रैल 2023 को बीमा क्लेम दायर किया। इस क्लेम पर बीमा कंपनी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के संशोधन के अनुसार क्लेम की अवधि दुर्घटना के 6 महीने के भीतर होनी चाहिए। लेकिन आशा शर्मा ने दुर्घटना के एक साल से अधिक समय बाद क्लेम दायर किया था। बीमा कंपनी की आपत्ति के बावजूद न्यायाधीश आदित्य रावत ने बीमा कंपनी की याचिका को खारिज कर दिया और क्लेम को सुनवाई योग्य माना। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि मोटर यान अधिनियम (मोटर व्हीकल एक्ट) एक कल्याणकारी कानून है, जिसका उद्देश्य दुर्घटना से पीड़ित परिवारों की मदद करना है। न्यायालय ने यह भी कहा कि सिर्फ देर से क्लेम दाखिल करने के आधार पर पीड़ित पक्ष को सुनवाई का अवसर दिए बिना मुआवजे के आवेदन को रद्द करना उचित नहीं है। न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले में आवेदिका एक गृहिणी हैं और उन्हें इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं थी, इसलिए विलंब को नजरअंदाज करना न्यायोचित है। इस मामले में आवेदिका की ओर से एडवोकेट देवेंद्र सिरधाना गुर्जर ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि न्यायालय का यह निर्णय उन सभी परिवारों के लिए राहत लेकर आया है जो दुर्घटना की समय सीमा के कारण क्लेम नहीं कर पा रहे थे। वर्ष 2019 के मोटर व्हीकल एक्ट संशोधन में क्लेम दाखिल करने की अवधि छह महीने निर्धारित की गई थी, जिससे कई लोग जानकारी के अभाव में इस सीमा का पालन नहीं कर पाते थे। इस फैसले के बाद, दुर्घटना में घायल या मृतकों के परिजन छह महीने बाद भी मुआवजे का दावा कर सकते हैं, जो उनके लिए एक बड़ी राहत है।