Ratlam News: रतलाम में 27 जून को निकलेगी भव्य जगन्नाथ रथयात्रा, सुंदरकांड, सहस्त्रधारा अभिषेक और महाप्रसादी होंगे मुख्य आकर्षण

रतलाम – पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर में भगवान श्रीजगन्नाथ की भव्य रथयात्रा का आयोजन 26 जून से शुरू होगा। थावरिया बाजार स्थित मंदिर से निकलने वाली यह रथयात्रा धार्मिक आस्था और परंपरा का प्रतीक मानी जाती है। आयोजन जगन्नाथ रथयात्रा समिति के तत्वावधान में दो दिवसीय जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव के रूप में संपन्न होगा। आयोजन की रूपरेखा तय करने हेतु समिति की बैठक संस्थापक मुन्नालाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। समिति अध्यक्ष मंगल लोढ़ा व सचिव गोपाल शर्मा ने बताया कि बीते तीन दशकों से भगवान श्रीजगन्नाथ की रथयात्रा समिति द्वारा भव्यता से निकाली जा रही है। महोत्सव की प्रमुख तिथियां एवं कार्यक्रम:  26 जून (बुधवार):शाम 7:30 बजे थावरिया बाजार मंदिर में महिला मंडल द्वारा सुंदरकांड पाठ किया जाएगा। 27 जून (गुरुवार):सुबह 9:00 बजे सहस्त्रधारा अभिषेक व भगवान का भव्य श्रृंगार किया जाएगा।दोपहर 2:30 बजे रथयात्रा प्रारंभ होगी। रथयात्रा मार्ग:थावरिया बाजार मंदिर से प्रारंभ होकर यात्रा सूरज पोर, महलवाड़ा, पैलेस रोड, डालू मोदी बाजार, नाहरपुरा, रानीजी का मंदिर, गणेश देवरी, बजाजखाना, तोपखाना, चांदनी चौक, चौमुखी पुल, घास बाजार, कलईगर रोड, सेठजी का बाजार, कसारी दरवाजा, बिचला वास, मेहताजी का वास होते हुए पुनः मंदिर पहुंचेगी। अंत में महाआरती और महाप्रसादी वितरण के साथ आयोजन का समापन किया जाएगा। समिति संरक्षक विश्वमोहन लोढ़ा, अपूर्व जोशी, अशोक लोढ़ा, जितेंद्र जायसवाल, रामचंद्र डोई, रमेश सोलंकी, नारायण सोलंकी, रवींद्रसिंह सोनगरा, कमल सकलेचा, प्रकाश मारोठिया सहित कई सदस्य तैयारियों में जुटे हैं।

Ratlam News: “एक पौधा मां के नाम”: संगिनी उमंग रतलाम ने मनाया पर्यावरण प्रेम का पर्व 

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News:पर्यावरण सप्ताह के अंतर्गत JSG संगिनी उमंग रतलाम द्वारा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए एक सराहनीय पहल की गई। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में ग्रुप की महिलाओं ने “एक पौधा मां के नाम” के संकल्प के साथ पौधारोपण कर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। यह कार्यक्रम ग्रुप की सक्रिय सदस्य उषा भाभी भंडारी के फार्महाउस पर आयोजित हुआ, जहां सखियों ने “हरा भरा रतलाम बनाए, पेड़ लगाए जीवन बचाए” का नारा देते हुए कुल 35 पौधे रोपे। इस अभियान में भाग लेने वाली प्रमुख सदस्याएं थीं –रेनू लूनिया, बिंदु कटारिया, संगीता कांठेड़, ऊषा भंडारी, मीना कटारिया, साधना पोरवाल, संगीता पगारिया, आभा नागोरी, ममता भंडारी, शशि राठौर, सरोज जैन चत्तर, अरुणा नाहर, कल्पना जैन, विजया लुनिया, किरण मेहता, चंदा जैन, मीना गादिया, संगीता पोरवाल, सुनीता सियाल, सरोज कोठारी, मधु चोपड़ा, सुनीला पोरवाल, सुनीता कटारिया, सुनीता गादिया सहित अन्य सदस्याएं। कार्यक्रम में सभी सदस्यों ने एक स्वर में पर्यावरण को संरक्षित करने का संकल्प लिया और पौधों को नियमित रूप से संरक्षित करने की जिम्मेदारी भी ली। यह पहल न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और जागरूक नागरिकता का भी संदेश देती है।

Ratlam News: रतलाम में 12 जून को नाटक की रचना प्रक्रिया पर होगा विशेष विमर्श, NSD प्रशिक्षित अविजित सोलंकी करेंगे मार्गदर्शन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क| Ratlam News: रतलाम शहर में थिएटर प्रेमियों और रंगकर्मियों के लिए एक खास आयोजन होने जा रहा है। नाटक की रचना प्रक्रिया और रंगमंच के विभिन्न पहलुओं पर आधारित यह विमर्श 12 जून 2025 (गुरुवार) को आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन सुबह 10:30 बजे जी.डी. अंकलेसरिया रोटरी हॉल, रतलाम में किया जाएगा, जिसमें टैगोर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के निदेशक अविजित सोलंकी बतौर मुख्य वक्ता शामिल होंगे। कार्यक्रम का आयोजन संस्था युगबोध, जन नाट्यमंच और जनवादी लेखक संघ द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। आयोजक एडवोकेट कैलाश व्यास ने बताया कि यह बैठकी रंगमंच को गहराई से समझने का एक दुर्लभ अवसर होगी। रतलाम में चल रही है थिएटर मेकिंग वर्कशॉप उल्लेखनीय है कि अविजित सोलंकी, जो कि नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से प्रशिक्षित हैं, इन दिनों रतलाम में तीन दिवसीय थिएटर मेकिंग वर्कशॉप में प्रशिक्षण दे रहे हैं। यह कार्यशाला टैगोर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, भोपाल के सह-निदेशक विक्रांत भट्ट के संयोजन में आयोजित की जा रही है।वर्कशॉप का आयोजन रोटरी हॉल में रोजाना शाम 4 से रात 8 बजे तक किया जा रहा है। युवाओं को मंचीय कला की मिलेगी व्यावहारिक समझ यह वर्कशॉप विशेष रूप से 16 से 30 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए डिज़ाइन की गई है, जिसका उद्देश्य प्रतिभागियों को अभिनय, समूह में कार्य करना और परफॉर्मेंस डिवाइज़िंग की बुनियादी तकनीकों से परिचित कराना है।यह प्रशिक्षण युवा रंगकर्मियों को सामूहिक कहानी गढ़ने और परफॉर्मेंस निर्माण की व्यावहारिक समझ प्रदान करेगा।

Ratlam News: प्रख्यात साहित्यकार प्रोफेसर अजहर हाशमी का निधन, 76 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस – साहित्य जगत में शोक की लहर

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: हिंदी साहित्य जगत ने आज अपना एक अनमोल रत्न खो दिया। प्रख्यात साहित्यकार, चिंतक, विचारक एवं कवि प्रोफेसर अजहर हाशमी का मंगलवार शाम को रतलाम में निधन हो गया। वे 76 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका इलाज रतलाम के आरोग्यम अस्पताल में चल रहा था, जहां उन्होंने शाम 6:08 बजे अंतिम सांस ली। प्रोफेसर हाशमी के निधन की खबर मिलते ही साहित्य जगत और रतलाम शहर में शोक की लहर दौड़ गई। उनकी साहित्यिक सेवाओं और रचनात्मक योगदान को याद करते हुए कई साहित्यकारों और शिक्षाविदों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। उनकी पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए रतलाम के इंदिरा नगर स्थित निवास पर रखा जाएगा। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार उनके जन्मस्थान राजस्थान के झालावाड़ जिले के पिड़ावा कस्बे में बुधवार, 11 जून को संपन्न होगा। प्रो. हाशमी ने अपनी लेखनी से न सिर्फ कविता और विचारधारा को नई दिशा दी, बल्कि युवा पीढ़ी को भी साहित्य की ओर प्रेरित किया। वे कई प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मानों से सम्मानित हो चुके थे और उनकी रचनाएं आज भी पाठकों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं। प्रोफेसर अजहर हाशमी का जाना न केवल रतलाम बल्कि सम्पूर्ण हिंदी साहित्य की अपूरणीय क्षति है।

Ratlam News: रतलाम को मिलेगी नई पहचान: अमृत सागर तालाब पर बनेगा संभाग का पहला आर्टिफिशियल वेटलैंड, 2.71 करोड़ की लागत

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम वासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मध्य प्रदेश के रतलाम संभाग में पहला आर्टिफिशियल वेटलैंड (कृत्रिम आर्द्रभूमि) बनने जा रहा है, जो अमृत सागर तालाब पर स्थापित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर कुल 2.71 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे और इसके पूरा होने की संभावित समयसीमा दिसंबर 2026 तय की गई है। यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय झील संरक्षण योजना के अंतर्गत एको (पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन – EPCO) की देखरेख में तैयार किया जा रहा है। पहले यह योजना खतरे में पड़ गई थी क्योंकि EPCO के पोर्टल से यह प्रोजेक्ट हट गया था, जिसके चलते फंड रुक गया था। लेकिन नगर निगम कमिश्नर के हस्तक्षेप और EPCO अधिकारियों से समन्वय के बाद इसे दोबारा पोर्टल पर लाइव किया गया, जिससे अब फंडिंग का रास्ता साफ हो गया है। क्यों है ये वेटलैंड प्रोजेक्ट जरूरी? अमृत सागर तालाब में आसपास के नालों का गंदा पानी मिलने से पानी बदबूदार हो गया है और जलकुंभी की अधिकता से तालाब की सुंदरता और पारिस्थितिकी प्रभावित हो रही है। इससे आसपास की 12 से ज्यादा कॉलोनियों के रहवासी प्रभावित हो रहे थे। अब वेटलैंड बनने के बाद यह समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। वेटलैंड तकनीक कैसे काम करेगी? अब तक कितना काम हो चुका है? इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 22.84 करोड़ रुपए है, जिसमें पहले चरण में 12.43 करोड़ के कार्य पूरे हो चुके हैं। इनमें शामिल हैं: किसकी पहल से मिला जीवन? करीब 5 साल पहले यह योजना लगभग ठप हो गई थी, लेकिन कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप की पहल पर इसे फिर से केंद्र सरकार की मंजूरी मिली और पहली किस्त में 6.85 करोड़ रुपए जारी किए गए थे।

Ratlam News: गुलाब चक्कर हुआ रोशन: रतलाम की ऐतिहासिक धरोहर को मिला नया जीवन, कलेक्टर राजेश बाथम ने किया भव्य शुभारंभ

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर की ऐतिहासिक विरासत गुलाब चक्कर अब गुलाबी रोशनी और संगीत की मधुर धुनों के साथ एक नए रूप में जगमगा रही है। शहर के मध्य स्थित इस सांस्कृतिक धरोहर का पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य पूरा होने के बाद शनिवार शाम को इसका भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर राजेश बाथम की प्रमुख उपस्थिति रही। गुलाब चक्कर को जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद द्वारा आकर्षक प्रकाश सज्जा और साउंड सिस्टम से सजाया गया है। उद्घाटन अवसर पर एसएएफ इंदौर के पुलिस बैंड ने प्रस्तुति दी, जिसके बाद प्रकाश और संगीत का मनोहारी प्रदर्शन हुआ। कलेक्टर बाथम ने जानकारी दी कि गुलाब चक्कर परिसर में 9 जून से प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे योग कक्षाएं प्रारंभ होंगी। आगामी 5 दिनों तक रतलाम की स्थानीय प्रतिभाओं द्वारा गीत-संगीत कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। दो माह में दो ओपन एयर रेस्टोरेंट भी आमजन के लिए खोले जाएंगे। प्रकाश और साउंड शो हर शाम सूर्यास्त के 10 मिनट बाद और रात 9:30 बजे नियमित रूप से होगा। यह परिसर शुरूआती कुछ महीनों तक लगभग निशुल्क उपयोग के लिए आमजन को उपलब्ध रहेगा। गुलाब चक्कर में अब कला, साहित्यिक गोष्ठियां, योग, पेंटिंग, बुक फेयर, लोकनाट्य, इंडोर गेम्स, रोलर स्केटिंग, खादी-हथकरघा प्रदर्शनियोंजैसे आयोजनों की भी अनुमति रहेगी। हालांकि सामाजिक सम्मेलन, शादी या निजी पार्टियों की इजाजत नहीं होगी।  गुलाब चक्कर का ऐतिहासिक महत्व 1879 में महाराजा रणजीत सिंह द्वारा अपनी पुत्री गुलाब कंवर के नाम पर बनवाया गया यह चक्कर रतलाम की पहचान है। चतुष्कोणीय आकार में बनी इस संरचना के चारों कोनों पर मीनार जैसे स्तंभ हैं, जिन पर गुलाब के फूलों की आकृतियां उकेरी गई हैं। यहां पूर्व में फव्वारों से गुलाबजल की बौछारें होती थीं और चिड़ियाघर भी था। इस परिसर में आज भी साढ़े चार क्विंटल वज़नी पत्थर मौजूद है, जो सन 1900 में पंजाब के पहलवान गुलाम मोहम्मद द्वारा उठाया गया था। जनभागीदारी और सहयोग से साकार हुआ सपना गुलाब चक्कर का जीर्णोद्धार जिला पुरातत्व परिषद, मध्य प्रदेश शासन की जनभागीदारी योजना, IPCA कंपनी के CSR फंड और जन सहयोग से संभव हुआ है।  शुभारंभ कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति इस अवसर पर कलेक्टर राजेश बाथम, डीआईजी मनोज सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्रृंगार श्रीवास्तव, एसडीएम अनिल भाना, समाजसेवी गोविंद काकानी, जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय, संध्या बेलसरे सहित कई अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

Ratlam News: रतलाम की प्राचीन धरोहर गुलाब चक्कर नए रूप में चमकेगा: 8 जून से संगीत और रोशनी के संग आमजन के लिए खुलेगा परिसर

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान गुलाब चक्कर अब एक नए और आकर्षक रूप में आम नागरिकों के लिए खुलने जा रहा है। जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद द्वारा किए गए सौंदर्यीकरण के बाद यह स्थल अब प्रकाश सज्जा और मधुर संगीत की जुगलबंदी के साथ जीवंत हो उठेगा।08 जून 2025, शाम 7:30 बजे, गुलाब चक्कर का औपचारिक लोकार्पण होगा, जिसमें एस.ए.एफ इंदौर के सुप्रसिद्ध पुलिस बैंड की प्रस्तुति दी जाएगी। कलेक्टर सुशील बाथम ने जानकारी दी कि ऐतिहासिक महत्व के इस स्थल को नई ऊर्जा और पहचान देने के उद्देश्य से यहां विशेष लाइट एंड साउंड शो की शुरुआत की जा रही है। इस अवसर पर नागरिकों को संगीत, रोशनी और विरासत के सुंदर संगम का अनुभव मिलेगा।  एक सप्ताह तक हर शाम संगीत से गुलजार रहेगा गुलाब चक्कर लोकार्पण के बाद अगले 7 दिनों तक प्रतिदिन संध्या समय, रतलाम के विभिन्न सिंगिंग क्लबों, ऑर्केस्ट्रा और ग्रुप्स द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। गुलाब चक्कर अब केवल ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि शहरवासियों के लिए सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। इतिहास की गूंज, रोशनी की भाषा और संगीत की मिठास गुलाब चक्कर वो स्थान है जहाँ कभी रतलाम के महाराजा हर्बर्ट पैलेस में टेनिस खेलते समय सरकारी बैंड की धुनें गूंजा करती थीं। उसी विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है, जिसमें आधुनिक प्रकाश तकनीक और साउंड सिस्टम का समावेश किया गया है। कलेक्टर बाथम ने नागरिकों से अपील की है कि वे परिवार सहित इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल हों और रतलाम की सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ाव का अनुभव करें। स्थान: गुलाब चक्कर, रतलामसमय: 8 जून से प्रतिदिन शाम 7:30 बजेविशेष आकर्षण: पुलिस बैंड प्रस्तुति, संगीतमय प्रकाश शो, स्थानीय कलाकारों के लाइव परफॉर्मेंस

Ratlam News: रतलाम के दो जांबाज अफसरों को मिला केएफ रुस्तमजी पुरस्कार: नक्सलियों के सप्लायर पर कार्रवाई और फरार गुंडे को मुठभेड़ में दबोचने का इनाम

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले के लिए गर्व की बात है कि सीएसपी जावरा दुर्गेश आर्मो और एसआई अनुराग यादव को वर्ष 2021-22 के ‘केएफ रुस्तमजी पुरस्कार’ से नवाजा जा रहा है। यह पुरस्कार पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा उन अफसरों को दिया जाता है जिन्होंने अपनी बहादुरी, समझदारी और सेवा के दौरान असाधारण कार्य किए हों। दुर्गेश आर्मो की नक्सली नेटवर्क पर सर्जिकल स्ट्राइक सीएसपी दुर्गेश आर्मो वर्ष 2021-22 में नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले के लांजी क्षेत्र में पदस्थ थे। इस दौरान उन्होंने नक्सलियों को हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क को बेनकाब किया और प्रभावी कार्रवाई की। उनके इस कार्य से नक्सली गतिविधियों को बड़ा झटका लगा। एसआई अनुराग यादव की मुठभेड़ जैसी गिरफ्तारी माणक चौक थाना प्रभारी एसआई अनुराग यादव ने जनवरी 2022 में रतलाम में हुए गोलीकांड के मुख्य आरोपी कुख्यात गुंडे अकबर घोसी को राजस्थान से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान जब आरोपी रास्ते में पुलिसकर्मी को धक्का मारकर राइफल छीन भागने लगा, तो एसआई यादव ने पीछा करते हुए उसके पैर में गोली मारकर उसे दोबारा गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई न केवल साहसिक थी, बल्कि रतलाम पुलिस की तत्परता और कुशलता का भी प्रमाण बनी। कौन थे केएफ रुस्तमजी? खुसरो फ़रामुर्ज़ रुस्तमजी (K.F. Rustamji) भारतीय पुलिस सेवा के पहले बैच के अफसरों में से एक थे। 1952 में वे प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी रहे। उन्होंने चंबल के दुर्दांत डकैतों को हराया और 1971 के भारत-पाक युद्ध में बीएसएफ के महानिदेशक रहते हुए अहम भूमिका निभाई। उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। क्या है केएफ रुस्तमजी पुरस्कार? यह पुरस्कार 22 अगस्त 2013 से प्रारंभ किया गया था और इसे हर साल तीन श्रेणियों में पुलिसकर्मियों को प्रदान किया जाता है: इसका उद्देश्य नक्सल विरोधी अभियानों, सांप्रदायिक तनाव, गंभीर कानून-व्यवस्था स्थितियों में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को सम्मानित करना है। रतलाम के इन दोनों अफसरों को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिलना जिले के लिए गौरव की बात है और पुलिस बल के लिए प्रेरणा।

Ratlam News: बकरीद से पहले गोवंश तस्करी और वध के विरोध में विहिप सक्रिय, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: बकरीद पर्व से पहले गोवंश की तस्करी और संभावित वध की आशंका को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के गो रक्षा विभाग ने शुक्रवार को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया, जिसमें जिला प्रशासन और पुलिस को सख्त निर्देश जारी करने की मांग की गई। ज्ञापन में विहिप ने कहा कि गोवंश भारतीय संस्कृति, स्वास्थ्य परंपरा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन कुछ स्थानों पर बकरीद जैसे पर्वों पर गोवंश की अवैध तस्करी और वध की घटनाएं बढ़ जाती हैं। परिषद ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो गोरक्षक सड़कों पर उतरकर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रमुख पदाधिकारी:इस अवसर पर विहिप के जिला अध्यक्ष राधेश्याम रावल, जिला मंत्री गौरव शर्मा, जिला संयोजक मुकेश व्यास, सह संयोजक मुन्नू कुशवाहा, गो रक्षा प्रमुख योगेश चौहान, बजरंग दल गो रक्षा प्रमुख डिंपल प्रजापत, सह प्रमुख गजनेंद्र शक्तावत, प्रचार प्रमुख मोंटी जायसवाल, सह प्रमुख रिक्की सेन और धर्म प्रसार प्रमुख बालाजी गुर्जर मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की कि जिले में गोवंश की ढुलाई और वध पर सख्त निगरानी रखी जाए। इसके साथ ही उन्होंने अपील की कि कई राज्यों में बकरीद पर गोवंश ढुलाई को लेकर दी जाने वाली ढील इस बार न दी जाए। विहिप ने स्पष्ट किया कि हिंदू समाज गोवंश की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी कीमत पर गोवध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Ratlam News: रतलाम प्रेस क्लब का सामाजिक सरोकार : बालिका शिक्षा और बाल विवाह के विरुद्ध दिखाई फिल्म ‘टेक्निकल टीचर’

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में सक्रिय रतलाम प्रेस क्लब ने एक और सराहनीय पहल करते हुए बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जनजागरण के उद्देश्य से बनी फिल्म ‘टेक्निकल टीचर’ का भव्य प्रीमियर शो आयोजित किया। यह आयोजन ईशान फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले रतलाम प्रेस क्लब के मीडिया पार्टनर रहते सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में रतलाम के एसपी अमित कुमार, एएसपी राकेश खाका, सीएसपी सत्येन्द्र घनघोरिया, डीएसपी ट्रैफिक आनंद सोनी सहित पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेशपुरी गोस्वामी और सचिव यश शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि संस्था हमेशा सामाजिक सरोकार के लिए प्रतिबद्ध रही है। फिल्म की कहानी और उद्देश्यफिल्म की कहानी एक गांव की बच्ची फुलवा और उसकी अंग्रेजी शिक्षिका के इर्द-गिर्द बुनी गई है। इसमें ग्रामीण समाज में बाल विवाह की रूढ़िवादी परंपरा, लड़कियों की पढ़ाई में बाधाएं और सरकारी स्कूलों में तकनीकी माध्यमों के उपयोग से शिक्षा व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलाव को चित्रित किया गया है। फिल्म का अंत प्रेरणादायी और सुखद है, जो समाज को बदलाव का संदेश देता है। स्थानीय प्रतिभाओं को मिला मंचफिल्म की विशेषता यह रही कि इसके सभी कलाकार, तकनीशियन और लोकेशन रतलाम जिले से ही जुड़े हैं। फिल्म की शूटिंग जिले के नामली क्षेत्र के गांव बड़ौदा में की गई है। कलाकारों में शामिल रहे: निर्माता, निर्देशक और लेखक हरीश दर्शन शर्मा ने बताया कि फिल्म का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को शिक्षित करना है। कैमरा संचालन राजीव मकाशरे ने किया, जबकि संगीत निर्देशन नागेश कथा और हरीश शर्मा ने मिलकर किया। गीतों को दलविंदर सिंह गुरुदत्ता, संगीत जैन, हेमेन्द्र काठा और दीपक चरपोटा ने स्वरबद्ध किया। पुलिस प्रशासन की सहभागितापुलिस विभाग ने भी इस सामाजिक मुहिम में कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। एसपी अमित कुमार ने फिल्म को समाज में व्याप्त रूढ़ियों को तोड़ने की दिशा में एक मजबूत प्रयास बताया और प्रेस क्लब को भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के लिए समर्थन देने का आश्वासन दिया। फिल्म को मिली सराहनाप्रीमियर शो में उपस्थित दर्शकों ने फिल्म की विषयवस्तु की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह प्रयास निश्चित ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में प्रेरणादायी सिद्ध होगा। पत्रकारों और उनके परिजनों ने फिल्म का आनंद लेने के साथ ही उसके संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया।