MP News: धार में 10वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान नाबालिग छात्रा ने वॉशरूम में दिया बच्चे को जन्म, POCSO में केस दर्ज

धार- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: धार जिले में 10वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ समाज के सामने भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा देने आई एक नाबालिग छात्रा ने परीक्षा केंद्र के वॉशरूम में बच्चे को जन्म दे दिया। जानकारी के अनुसार छात्रा मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं बोर्ड परीक्षा देने एक निजी स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र पर पहुंची थी। उसने लगभग डेढ़ से दो घंटे तक गणित का पेपर हल किया। इसी दौरान उसे अचानक पेट में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद उसने वॉशरूम जाने की अनुमति मांगी। कुछ देर बाद वॉशरूम से नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी, जिससे केंद्र में हड़कंप मच गया। वहां मौजूद महिला स्टाफ मौके पर पहुंचा तो देखा कि छात्रा ने बच्चे को जन्म दे दिया है। तुरंत 108 एंबुलेंस को बुलाया गया और जच्चा-बच्चा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां दोनों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बच्चा करीब 34 सप्ताह का है, यानी यह प्री-मैच्योर डिलीवरी थी। इस मामले में पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। धार ASP पारुल बेलापुरकर के अनुसार छात्रा नाबालिग है, इसलिए मामले को गंभीरता से लिया गया है। पुलिस ने POCSO Act के तहत जीरो पर FIR दर्ज की है। जांच में सामने आया है कि छात्रा की सगाई हो चुकी थी, लेकिन उसने पुलिस को बताया कि बच्चा उसके मंगेतर का नहीं बल्कि उसके प्रेमी का है, जिससे उसकी मुलाकात 2024 में एक गरबा कार्यक्रम के दौरान हुई थी। परिजनों का कहना है कि उन्हें बेटी की प्रेग्नेंसी की कोई जानकारी नहीं थी। मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए इसे इंदौर जिले के बेटमा थाने को स्थानांतरित किया जा रहा है। यह घटना न केवल अभिभावकों की जागरूकता और संवाद पर सवाल खड़े करती है, बल्कि स्कूल और समाज में किशोरियों की काउंसलिंग, स्वास्थ्य शिक्षा और निगरानी की जरूरत को भी उजागर करती है।

Ratlam News: रतलाम में बर्थडे पार्टी पर बवाल: तलवारें चलीं, 7 घायल

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर में गुरुवार देर रात जन्मदिन की पार्टी को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। स्टेशन रोड थाना क्षेत्र के रत्नेश्वर रोड पर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट, तलवारबाजी और पत्थरबाजी हुई, जिसमें दोनों पक्षों के 7 लोग घायल हो गए। घायलों में एक 8 साल की बच्ची भी शामिल है। घटना का वीडियो देखिए क्या है पूरा मामला? जानकारी के मुताबिक एक पक्ष ने घर के बाहर जन्मदिन मनाते हुए तेज शोर किया, जिस पर पड़ोसियों ने आपत्ति जताई। इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर तलवार, लट्ठ और पत्थरों से हमला किया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घटना का वीडियो भी सामने आया है। दोनों पक्षों की शिकायत पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस केस दर्ज किए हैं। पहले से चल रहा था विवाद पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद भी चल रहा था। कुछ दिन पहले भी इनके बीच झगड़ा हुआ था और नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे हैं। आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं केस पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी शंकरसिंह के खिलाफ पहले से 13 केस दर्ज हैं और उस पर बाउंड ओवर की कार्रवाई भी की जा चुकी है। वहीं सागरसिंह के खिलाफ भी 10 मामले दर्ज हैं और प्रकरण एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन है। पुलिस ने क्या किया? घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर घायलों को अस्पताल भिजवाया। एक पक्ष का इलाज जिला अस्पताल में और दूसरे पक्ष का मेडिकल कॉलेज में जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

Ratlam News: रतलाम में नकली घी का बड़ा खेल! 1610 लीटर जब्त, महाकाल ट्रेडर्स के नाम से हो रही थी सप्लाई

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर में नकली घी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। शुक्रवार दोपहर रतलाम के नयागांव टैंकर रोड स्थित ग्लोबस सिटी कॉलोनी के एक मकान पर प्रशासन और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने दबिश देकर 1610 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया। यह घी बाजार में “देशी घी” के नाम पर कम कीमत में बेचा जा रहा था, जिससे इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो देखिए महाकाल ट्रेडर्स के नाम से हो रही थी सप्लाई जांच में सामने आया कि जब्त किया गया घी महाकाल ट्रेडर्स के नाम से शहर की अलग-अलग किराना दुकानों पर सप्लाई किया जा रहा था। मौके पर यूपी फ्रेश क्वालिटी और मदर बेस्ट काव घी ब्रांड के पैकेट बड़ी मात्रा में मिले। पूछताछ में कारोबारी विक्रांत त्यागी ने बताया कि वह घी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरपुर से मंगवाता था और लगभग 310 रुपये प्रति लीटर में खरीदकर मामूली मार्जिन पर बेचता था। अधिकारियों के मुताबिक, इतनी कम कीमत पर “देशी घी” बेचना संदिग्ध है, जिससे मिलावट या नकली होने की आशंका जताई जा रही है। गोदाम में मिला मिश्रित स्टॉक जिस मकान में यह घी रखा गया था, वहां मसाले, डिटर्जेंट और अन्य पर्चून सामग्री भी मिली। इससे यह मकान अवैध गोदाम के रूप में उपयोग किए जाने की आशंका है। 9 सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजे कार्रवाई के दौरान अलग-अलग वजन के पैकेट और बड़े डिब्बों से कुल 9 सैंपल लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण शाला भोपाल भेजे गए हैं। पूरी खेप को एक कमरे में सुरक्षित रखकर सील कर दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। एमआरपी और पैकेजिंग पर भी शक जब्त डिब्बों पर 480 रुपये और 760 रुपये तक की एमआरपी अंकित मिली, जबकि बाजार में इससे कम दर पर बिक्री हो रही थी। अधिकारियों ने पैकेजिंग में दूसरे ब्रांड की नकल होने की आशंका भी जताई है। अधिकारियों का बयान जिला खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी शैलेष गुप्ता ने बताया कि सस्ता घी बेचने की शिकायत मिली थी, जो जांच में सही पाई गई। संदेह के आधार पर सैंपल लिए गए हैं और रिपोर्ट आने तक पूरा स्टॉक जब्ती में रखा गया है।

Ratlam News: रतलाम केदारेश्वर घाट पर तेल ट्रक में भीषण आग, 1500 डिब्बे जलकर खाक

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: सैलाना-सरवन मार्ग स्थित कल्याण केदारेश्वर घाट पर देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। अहमदाबाद से रतलाम आ रहा खाने के तेल से भरा ट्रक अचानक आग की चपेट में आ गया। शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे ट्रक में रखे करीब 1,500 तेल के डिब्बे जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए। घटना का वीडियो देखिए शॉर्ट सर्किट बना आग का कारण मिली जानकारी के अनुसार ट्रक चालक रशीद पिता कल्लुखा (निवासी टैंकर रोड, रतलाम) अहमदाबाद से खाने का तेल लेकर रतलाम स्थित कृष्णा ट्रेडिंग के लिए रवाना हुआ था। देर रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच केदारेश्वर घाट पर अचानक ट्रक में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग भड़क उठी और कुछ ही मिनटों में डीजल टैंक तक पहुंच गई। इसके बाद आग ने पूरे ट्रक को अपनी चपेट में ले लिया। फायर ब्रिगेड ने पाया काबू घटना की सूचना मिलते ही सैलाना और रतलाम से फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने करीब एक से दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से सरवन मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था, ताकि अन्य वाहन किसी दुर्घटना का शिकार न हों। जनप्रतिनिधि और पुलिस मौके पर घटना की जानकारी मिलते ही नगर परिषद अध्यक्ष चैतन्य शुक्ला सहित परिषद के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में सहयोग किया। पुलिस बल ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और आग बुझने के बाद मार्ग को फिर से सुचारू कर दिया। बड़ा नुकसान, जनहानि टली इस भीषण आग में ट्रक सहित करीब 1,500 तेल के डिब्बे जलकर खाक हो गए, जिससे लाखों रुपये का नुकसान बताया जा रहा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।

PM Kisan Samman Nidhi: PM किसान 22वीं किस्त: Farmer ID जरूरी या नहीं? जानिए पूरी जानकारी

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan Samman Nidhi: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को जल्द ही 22वीं किस्त का इंतजार खत्म होने वाला है। इस बीच किसानों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या इस किस्त के लिए Farmer ID बनवाना जरूरी है या नहीं। ताजा जानकारी के मुताबिक, पहले से योजना में रजिस्टर्ड किसानों के लिए Farmer ID अनिवार्य नहीं है। यानी अगर आप पहले से इस योजना का लाभ ले रहे हैं और आपका e-KYC अपडेट है, तो आपकी 22वीं किस्त सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। हालांकि, नई रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों के लिए Farmer ID अनिवार्य कर दी गई है, खासकर उन 14 राज्यों में जहां हाल ही में फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू की गई है। इन राज्यों में Farmer ID जरूरी नई रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों को निम्न राज्यों में Farmer ID बनवाना अनिवार्य है: आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश। e-KYC अपडेट अनिवार्य, नहीं तो अटक सकती है किस्त सरकार ने साफ किया है कि सभी लाभार्थियों के लिए e-KYC अपडेट अनिवार्य है। अगर e-KYC पूरा नहीं है, तो 22वीं किस्त मिलने में देरी हो सकती है या भुगतान रुक सकता है। e-KYC अपडेट करने के 3 आसान तरीके 1. ऑनलाइन (Self e-KYC) 2. CSC सेंटर के जरिए 3. बैंक शाखा के जरिए

Flight Ticket Refund: फ्लाइट यात्रियों के लिए बड़ी राहत: अब 48 घंटे में फ्री कैंसिलेशन

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Flight Ticket Refund: हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। देश की नागरिक उड्डयन नियामक संस्था DGCA ने फ्लाइट टिकट रिफंड और संशोधन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अब यात्री टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर बिना किसी पेनाल्टी के उसे कैंसिल या मॉडिफाई कर सकेंगे। इन बदलावों का मकसद यात्रियों की शिकायतों को कम करना और एयरलाइन सेवाओं को अधिक “पैसेंजर फ्रेंडली” बनाना है।  48 घंटे का “लुक-इन ऑप्शन” क्या है? नए नियमों के अनुसार: हालांकि यह सुविधा कुछ शर्तों के साथ लागू होगी: नाम में गलती सुधारना अब फ्री यात्रियों के लिए एक और राहत: रिफंड कितने दिन में मिलेगा? DGCA के नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक: मेडिकल इमरजेंसी में भी राहत नए नियमों में मेडिकल इमरजेंसी को भी शामिल किया गया है: क्यों बदले गए नियम? हाल के समय में एयरलाइंस के खिलाफ रिफंड में देरी की शिकायतें तेजी से बढ़ी थीं। इससे पहले IndiGo से जुड़े रिफंड विवादों के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाए थे। भारत बना दुनिया का तेजी से बढ़ता एविएशन मार्केट साल 2025 में भारतीय एयरलाइनों ने 16.69 करोड़ यात्रियों को यात्रा करवाई, जिससे भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते विमानन बाजारों में शामिल हो गया है। यात्रियों के लिए क्या मतलब? नए नियमों से यात्रियों को ये फायदे मिलेंगे:

MP News: होली पर 20 हजार बसों के पहिए थमेंगे, यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किलें

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: होली के त्योहार पर सफर की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। मध्य प्रदेश में 2 मार्च 2026 (होलिका दहन) से प्रदेशभर में बसों की बेमुद्दत हड़ताल शुरू होने जा रही है। इस हड़ताल में करीब 20 हजार बसों के पहिए थम जाएंगे, जिससे लाखों यात्रियों का सफर प्रभावित होने की आशंका है। 55 जिलों में बंद रहेंगी बसें मध्य प्रदेश बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के अनुसार, प्रदेश के 55 जिलों में यह हड़ताल की जाएगी। इसमें ऑपरेटर्स का कहना है कि सरकार की नई परिवहन नीति के विरोध में यह कदम उठाया जा रहा है। क्यों हो रही है हड़ताल? बस संचालकों का आरोप है कि नई नीति के तहत सरकार पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल में बस संचालन के टेंडर सिर्फ 7 कंपनियोंको देने की तैयारी में है। इससे निजी बस ऑपरेटर्स के व्यवसाय पर असर पड़ेगा। उनका यह भी कहना है कि: रोजाना 1.5 लाख यात्रियों पर असर इस हड़ताल से हर दिन करीब डेढ़ लाख से अधिक यात्रियों के प्रभावित होने का अनुमान है। खासकर होली के समय जब लोग अपने घर लौटते हैं, उस दौरान परेशानी और बढ़ सकती है। किराया 5 से 7 गुना बढ़ने की आशंका बसों के बंद रहने से यात्रियों के पास सीमित विकल्प बचेंगे, जैसे— उदाहरण के तौर पर: यानी यात्रियों को 5 से 7 गुना ज्यादा किराया चुकाना पड़ सकता है।  होली यात्रा से पहले जरूरी सलाह

1 अप्रैल से SGB नियम बदले, सोने के निवेशकों को बड़ा झटका अब SGB मैच्योरिटी पर लगेगा LTCG टैक्स

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। सोने में निवेश करने वालों के लिए 1 अप्रैल 2026 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने इस बार के बजट में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के टैक्स नियमों में अहम संशोधन किया है। अब सेकेंड्री मार्केट से खरीदे गए SGB पर मैच्योरिटी के बाद मिलने वाला लाभ टैक्स फ्री नहीं रहेगा। अब तक SGB में निवेश करने वालों को मैच्योरिटी पर कैपिटल गेन टैक्स से छूट मिलती थी, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद यह छूट केवल चुनिंदा निवेशकों तक सीमित कर दी गई है। किसे मिलेगा टैक्स छूट का फायदा? सीए नितिन कौशिक के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से टैक्स फ्री लाभ केवल उन्हीं निवेशकों को मिलेगा जिन्होंने: ऐसे निवेशकों को 2.5% सालाना ब्याज के साथ मैच्योरिटी पर कैपिटल गेन पूरी तरह टैक्स फ्री मिलेगा। सेकेंड्री मार्केट निवेशकों के लिए झटका जो निवेशक SGB को स्टॉक एक्सचेंज या किसी अन्य व्यक्ति से खरीदते हैं, उन्हें अब: यानी अब सेकेंड्री मार्केट से SGB खरीदना पहले जितना फायदेमंद नहीं रहेगा। उदाहरण से समझें नया नियम मान लीजिए आपने एक्सचेंज से ₹7,000 में एक SGB खरीदा और मैच्योरिटी पर इसकी कीमत ₹11,000 हो गई। पहले यही लाभ पूरी तरह टैक्स फ्री होता था। गिफ्ट या ट्रांसफर करने पर भी खत्म होगा फायदा सीए के अनुसार, अगर SGB एक बार भी स्टॉक एक्सचेंज के जरिए या गिफ्ट के रूप में ट्रांसफर होता है, तो उस पर मिलने वाली टैक्स छूट समाप्त हो जाएगी। निवेश रणनीति पर क्या पड़ेगा असर? यह बदलाव उन निवेशकों की रणनीति को बड़ा झटका देगा जो: अब यह रणनीति प्रभावी नहीं रहेगी क्योंकि मैच्योरिटी पर टैक्स देना होगा। निवेशकों के लिए सलाह

New Rules: 1 मार्च से WhatsApp पर SIM-बाइंडिंग नियम लागू, बिना SIM नहीं चलेगा ऐप

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। New Rules: देश में 1 मार्च 2026 से मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल के तरीके में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार के नए नियम के तहत अब WhatsApp, Telegram और Signal जैसे OTT मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को SIM-बाइंडिंग सिस्टम लागू करना अनिवार्य होगा। यानी अब ये ऐप्स केवल उसी मोबाइल फोन में काम करेंगे जिसमें वही असली SIM मौजूद होगा, जिससे अकाउंट रजिस्टर किया गया है। क्या है SIM-बाइंडिंग नियम? सरकार के दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी मैसेजिंग ऐप्स को यूज़र के मोबाइल नंबर और SIM के बीच सीधा लिंक स्थापित करना होगा। इससे फर्जी नंबरों, नकली अकाउंट और साइबर फ्रॉड पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। WhatsApp Web और Telegram Web यूजर्स के लिए नया नियम नए नियम के तहत Web वर्ज़न इस्तेमाल करने वालों को भी बदलाव झेलना पड़ेगा: कंपनियों को करना होगा पालन Meta Platforms (WhatsApp की पेरेंट कंपनी) पहले से इस फीचर पर काम कर रही है। कुछ बीटा वर्ज़न में SIM वेरिफिकेशन की टेस्टिंग भी शुरू हो चुकी है। इसी तरह Telegram और Signal को भी अपने सिस्टम में SIM-चेकिंग फीचर जोड़ना होगा। यूज़र्स को क्यों हो रही परेशानी? नए नियम से कई यूज़र्स की रोजमर्रा की आदतें बदल सकती हैं: सुरक्षा बनाम प्राइवेसी पर बहस सरकार का कहना है कि यह कदम डिजिटल फ्रॉड, फेक अकाउंट और साइबर अपराध को रोकने के लिए जरूरी है। इससे अपराधियों की पहचान करना आसान होगा और राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी। हालांकि कुछ प्राइवेसी एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे यूज़र की निजी जानकारी और डिजिटल स्वतंत्रता पर असर पड़ सकता है। यूज़र्स क्या करें? 1 मार्च से पहले ये जरूरी तैयारी कर लें: अंतिम बात 1 मार्च 2026 से यह नियम लागू होने के बाद यदि कंपनियाँ इसका पालन नहीं करती हैं तो उन पर जुर्माना या तकनीकी कार्रवाई भी हो सकती है। सरकार इसे डिजिटल सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, लेकिन इसका असर सीधे करोड़ों यूज़र्स की रोजमर्रा की डिजिटल जिंदगी पर पड़ेगा।

Ratlam News: रतलाम में बारात पर हमला: दूल्हे को घोड़ी से गिराया, तलवार से मां घायल

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: थाना दीनदयाल नगर क्षेत्र के ग्राम मथुरी में एक शादी समारोह के दौरान डीजे को लेकर हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। बारात के दौरान गांव के कुछ युवकों ने दूल्हे को घोड़ी से धक्का देकर गिरा दिया और बारातियों पर हमला कर दिया। इस हमले में दूल्हे की मां समेत कई लोग घायल हो गए। घटना का वीडियो देखिए डीजे को लेकर शुरू हुआ विवाद पुलिस के अनुसार फरियादी राधाबाई पत्नी स्वर्गीय गिरधारीलाल पारगी ने बताया कि बुधवार को उनकी पुत्री रानू की बारात धराड़ के पास स्थित भैरूपाड़ा से आई थी। दोपहर करीब 1:30 बजे वर निकासी के दौरान गांव के आशिष मोरी, दीपक पारगी, जितेंद्र पारगी और ध्रुव वहां पहुंचे और डीजे नहीं लगाने को लेकर विवाद करने लगे। उन्होंने बारातियों से गाली-गलौज करते हुए झगड़ा शुरू कर दिया। दूल्हे की मां पर तलवार से वार विवाद के दौरान आरोपितों ने बारातियों से मारपीट शुरू कर दी। इसी बीच राहुल मईड़ा, संजय मईड़ा और अंकित मईड़ा भी वहां आ गए और हंगामा करने लगे। जब दूल्हे की मां संतोषबाई बीच-बचाव करने पहुंचीं तो अंकित ने तलवार से वार कर दिया, जिससे उनके चेहरे और आंख के पास गंभीर चोट आई। कई बाराती घायल, थाने पहुंची बारात हमले में दूल्हे के भाई अमृत, सिताराम और अन्य बाराती भी घायल हुए। घटना के बाद दूल्हे कन्हैयालाल सहित बाराती सीधे थाने पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। घटना के दौरान ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। पुलिस ने दो आरोपितों को लिया हिरासत में सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया कि मामले में आशिष मोरी, दीपक पारगी, जितेंद्र पारगी, ध्रुव, राहुल मईड़ा, संजय मईड़ा और अंकित मईड़ा के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने राहुल और अंकित को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।