मेरे घर राम आए है : अयोध्या से आए निमंत्रण के पिले चावल और चित्र पहुंचेगे 5 लाख से अधिक गांवों में, 22 जनवरी को होंगे रामलला विराजमान

उज्जैन में हुई आरएसएस व विहिप की बैठक, रतलाम आये कलश का हुआ पूजन पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में 22 जनवरी को विराजित होने वाले रामलला को लेकर 28 जिलों में जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रम को लेकर शनिवार को उज्जैन में बैठक हुई। इसमें रतलाम के स्वयंसेवकों ने भाग लिया। यहां पर जिले के कार्यकर्ताओं को पूजित अक्षत कलश का वितरण किया गया। कार्यक्रम में विश्व हिन्दू परिषद् प्रान्त संगठन मंत्री नंददास दंड़ोतिया ने कहा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या से पूजित अक्षत (पीले चावल) देशभर में भेजे गए हैं। एक-एक कलश में 2 किलो पूजित अक्षत तो दूसरी में चित्र और पत्रक है। जिन्हें मालवा प्रांत के प्रमुख कार्यकर्ता जिले में प्रत्येक हिंदू परिवार को निमंत्रण के लिए देंगे। प्रत्येक जिला केंद्रो पर श्री राम जन्मभूमि क्षेत्र ट्रस्ट के बैनर तले बैठक होगी। जिले के प्रमुख कार्यकर्ताओं व सभी हिंदू संगठनों को 20 दिसंबर से पूर्व यह बैठक करनी है। यह सामग्री वितरण के लिए शहर व गांव-गांव जाएगी। यह अभियान 1 जनवरी से शुरू होगा जो कि 15 जनवरी यानी मकर संक्रांति तक चलेगा। 5 लाख से अधिक गांव में अक्षत भेजकर उन्हें इस पुनीत कार्य के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इस अवसर पर महंत श्री विनीतगिरी, संत श्री 1008 महामंडलेश्वर शांतिस्वरूपानन्द गिरी का भी मार्गदर्शन उपस्थित कार्यकर्ताओं को प्राप्त हुआ। बैठक में संघ के प्रांत सहकार्यवाह रघुवीरसिंह सिसोदिया, प्रांत मंत्री विनोद शर्मा सहित प्रांत के कार्यकर्ता मौजूद थे। रतलाम जिले से विहीप बजरंगदल के जिला उपाध्यक्ष पवन बंजारा व जिला मंत्री गौरव शर्मा उज्जैन बैठक में पहुंचे। जहां से वे कलश लेकर रतलाम के लिए रवाना हुए। रतलाम पहुंचने के बाद उसे बड़बड़ हनुमान मंदिर, कालिका माता मंदिर और लक्ष्मी नारायण मंदिर पर रखकर पूजन किया गया। इस दौरान संगठन मंत्री सुखदेव पांचाल, विभाग संयोजक राघव त्रिवेदी, विभाग मंत्री दीपक व्यास, अक्षय गोमे, मुकेश व्यास, आशु टाक मनोज पंवार, अनिल रौतेला, मोंटी जायसवाल, दीपक प्रजापत, सुनील राठौड़, आशु बन्ना सहित प्रखण्ड पदाधिकारी उपस्थित थे।

मतगणना का दिन : रविवार को कॉलेज रोड के इस रास्ते पर रहेगा डायवर्जन, नागरिकों को करना पड़ेगा इस रास्ते का उपयोग

पब्लिक वार्ता – रतलाम,कुलदीप माहेश्वरी। दिनांक 03.12.2023 को विधानसभा चुनाव के परिणाम हेतु शहर के मध्य स्थित शासकीय आर्ट्स एण्ड साईंस कॉलेज में प्रातः 07.00 बजे से मतगणना का कार्य प्रारंभ होगा। मतगणना ड्यूटी में लगे पुलिस/शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा मतगणना मे लगे प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों का आगमन प्रातः 05.00 बजे से शुरु हो जाएगा। इसके अतिरिक्त विधानसभा चुनाव में भाग ले रहे प्रत्याशियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों का आगमन भी होगा । मतगणना ड्यूटी के दौरान पुलिस/प्रशासनिक अधिकारियों/कर्मचारियों तथा मतगणना मे लगे प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों के प्रवेश एवं पार्किंग के संबंध में यातायात पुलिस रतलाम द्वारा निम्नानुसार पार्किंग प्लॉन एवं डायवर्शन प्लॉन तैयार किया है जो कि दिनांक 03.12.2023 को प्रात 05.00 बजे से लागू कर दिया जायेगा रुट डायवर्सन प्लान01. आरोग्यम हॉस्पिटल तिराहे से नगर निगम तिराहा अमरेश्वर महादेव मंदिर गेट नम्बर 03 तक समस्त प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। उक्त क्षेत्र नो व्हीकल जोन रहेगा ।02. छत्री पुल से नगर निगम व आर्ट्स एण्ड साइंस काँलेज की ओर जाने वाले सामान्य वाहन दिनांक 03.12.2023 के प्रातः 05.00 बजे से डायवर्ट किये जाएंगे, जो दो बत्ती चौराहा से न्यू रोड गुरुद्वारा की ओर से लोकेन्द्र टाँकीज होते हुए शहर के अन्दर जा सकेंगे।03. रतलाम विकास प्राधिकरण हाथी खाना की ओर से वाहन नगर निगम तिराहा एवं आर्ट्स एवं साइंस काँलेज की ओर नही जा सकेंगे। गुलाब चक्कर,पुराना कलेक्टोरेट होते हुए आ जा सकेंगे।04. नाहरपुरा तिराहा से नगर निगम की ओर आने वाले समस्त चार पहिया, तीन पहिया  एवं दो पहिया अण्डागली होते हुए शहर सराय की ओर से आ जा सकेंगे।05. लोकेन्द्र टाकीज से आरोग्यम, आर्ट एंड साँईंस कालेज की ओर आने वाले समस्त प्रकार के वाहन शहर सराय होते हुए आ जा सकेंगे। प्रवेश एवं पार्किंग व्यवस्था01. विधानसभा चुनाव प्रेक्षक महोदय एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के वाहन आर्ट्स एण्ड साईंस कॉलेज के सामने गेट नम्बर-02 से प्रवेश कर गेट के पास ही अपने वाहन पार्क करेंगे। 02. मतगणना ड्यूटी में लगे पुलिस/शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा मतगणना मे आने वाले प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों का प्रवेश नगर निगम तिराहा अमरेश्वर महादेव मंदिर के सामने आर्ट्स एण्ड साईंस कॉलेज के सामने गेट नम्बर-03 से होगा ।03. मतगणना में आने वाले प्रत्याशियों/उनके प्रतिनिधियों एवं मीडिया (प्रेस) के वाहनों की नगर निगम के अन्दर पार्किंग व्यवस्था की गई है।04. मतगणना ड्यूटी में लगे पुलिस/शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वाहन गेट नम्बर 02 से प्रवेश के उपरान्त आर्ट्स एण्ड साईंस कॉलेज की पार्किंग में वाहन पार्क किये जावेंगे।05.रतलाम शहर,रतलाम ग्रामीण, जावरा, आलोट एवं सैलाना विधानसभा क्षेत्र की मतगणना सुनने के लिये आने वाले आम नागरिको के दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों के लिए नगर निगम के अन्दर पार्किंग व्यवस्था की गई है।08. विधानसभा क्षेत्र की मतगणना सुनने के लिये आने वाले आम नागरिको के दो पहिया वाहन रतलाम की छत्रीपुल के पास प्रिंस प्लाजा पर वाहन पार्किंग व्यवस्था रहेगी।                 मतगणना ड्यूटी में लगे शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों एवं उनके प्रतिनिधियों व आम नागरिको से अपील है कि उपरोक्तानुसार मतगणना दिनांक 03.12.2023 को यातायात पुलिस रतलाम द्वारा की गई  पार्किंग व्यवस्था तथा यातायात डायवर्शन व्यवस्था मे आवश्यक सहयोग करे।

स्वास्थ शिविर : जेल में बंद कैदियों का हुआ हेल्थ चेकअप, जान लेने वालों को दी “जान बचाने” की ट्रेनिंग

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जेल में बंद कैदियों को बेहतर स्वास्थ मिले इसके लिए रतलाम सर्किल जेल में हेल्थ चेकअप का आयोजन किया गया। जिसमें जिला चिकित्सालय की डॉक्टरों की टीम ने कैदियों का चेकअप कर उन्हें जरूरी सलाह भी दी। जेल में बंद कैदियों के अलावा जेल स्टाफ का भी स्वास्थ डॉक्टरों की टीम ने जांचा। वहीं शिविर में हेल्थ चेकअप के अलावा हत्या, चोरी, मारपीट जैसे  कई मामलों में सजा काट रहे या विचारधीन कैदियों ने जान बचाने की ट्रेनिंग भी ली। स्वास्थ्य परीक्षण शिविर के दौरान कैदियों को सीपीआर ट्रेनिंग (CPR TRAINING) भी दी गई। आपको बता दे सीपीआर का मतलब है कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन। यह भी एक तरह की प्राथमिक चिकित्सा यानी फर्स्ट एड है। जब किसी पीड़ित को सांस लेने में दिक्कत हो या फिर वो सांस न ले पा रहा हो और बेहोश जो जाए तो सीपीआर से उसकी जान बचाई जा सकती है। जेल अधीक्षक लक्ष्मणसिंह भदौरिया ने बताया की चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा बंदियों एवं जेल स्टाफ को विभिन्न बीमारियों से संबंधित प्राथमिक उपचार के तरीके एवं सीपीआर की ट्रेनिंग प्रदाय की गई। चिकित्सकों द्वारा 82 बंदियों की जांच एवं उपचार दिया गया। इस दौरान जेलर ब्रजेश मकवाने जेलर, डॉ निर्मल जैन, डॉ कृपालसिंह राठौर, डॉ. कैलाश चारेल, डॉ अदिति भावसार, डॉ ममता शर्मा, डॉ गोपाल यादव, डॉ एस एस गुप्ता व जेल स्टाफ मौजूद रहा।

शादी में टोकना पड़ा महंगा : चाकू लहराकर नाचने से मना किया तो कर दी हत्या, घर के जमाई को ढाबे पर मारे चाकू

ऐसे विवादों से सतर्क व सावधान रहने की जरुरत पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। अगर आप शादी में जा रहे है और नाचने गाने के बीच किसी को टोकने का मन बनाया हो तो आपको सावधान होने की जरूरत है। ऐसा ही मामला जिले के सैलाना थाने के गांव दिवेल से सामने आया है। यह गांव धामनोद चौकी के अंतर्गत आता है। जहां कुछ युवकों ने मिलकर नाचने के दौरान हुए विवाद में एक युवक की चाकू घौंपकर हत्या कर दी। पूरी वारदात देर रात की है, जिसे आरोपियों ने धामनोद के कालिका रेस्टोरेंट नाम के ढाबे पर अंजाम दिया। गांव दिवेल के एक परिवार में शादी समारोह आयोजित हो रहा था। रात में बारात आई जिसका प्रोसेशन (सेल) निकल रहा था। इसी दौरान उसी बारात में शामिल एक युवक चाकू लेकर नाच रहा था। जिस घर बारात आई उसके ही जमाई ने चाकू लेकर नाचने से युवक को मना करते हुए भगा दिया। नाचने के दौरान बरातियों से विवाद हुआ और यह विवाद इतना बड़ा कि बाराती ने जिस घर बारात आई थी उसके जमाई की ही चाकू घौंपकर हत्या कर दी। एक अन्य मनोज भी इसमें सिर पर पत्थर लगने से घायल हुआ जिसका मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। धामनोद के ढाबे पर हुई हत्यासैलाना थाना प्रभारी अय्यूब खान ने बताया दिवेल में हुए हत्याकांड के आरोपी थाना बिलपांक अंतर्गत शिवपुर निवासी सूरज पिता गेंदालाल दायमा, जितेंद्र पिता रामचंद्र व भोला पिता रामजी है। यह युवक शादी में चाकू लेकर नाच रहा था तो जिस घर बारात वहां के जमाई मृतक नरेंद्र पिता जगदीश राठौड़़ (23) निवासी राजपुरा थाना भाटपचलाना जिला उज्जैन ने यह देखा तो उसे मना किया। नहीं माना तो वहां से भगा दिया। बरात वापस लौट रही थी तो आरोपी और उसके साथियों ने लोगों पर पत्थर फैंके और भाग गए। इसके बाद उनसे पूछा कि कहां चले गए तो वे ढाबे पर पहुंच चुके थे। नरेंद्र और अन्य ढाबे पर पहुंचे तो यहां फिर विवाद हुआ और आरोपी सूरज ने नरेंद्र को चाकू घोंप दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

निर्विघ्न मतदान संपन्न : जिले में प्रत्यशियों की चुनावी परीक्षा खत्म, अब 3 दिसंबर तक रिजल्ट का इंतजार

शहर में सबसे कम रहा मतदान प्रतिशत, कई अच्छी तस्वीरों के अलावा त्रुटियां भी आई सामने पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में अपनी – अपनी किस्मत आजमाने उतरे प्रत्याशियों की चुनावी परीक्षा समाप्त हुई। अब सभी को 3 दिसंबर के दिन जारी होने वाले रिजल्ट का इंतजार है। रतलाम जिले में मतदान का अनुमानित आंकड़ा जारी हो चुका है। इसी के साथ प्रदेशभर में चुनावी बिगुल का शोर भी थम गया। रतलाम जिले में शाम 7 बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार करीब 83.62 प्रतिशत मतदान हुआ। रतलाम जिले की सैलाना विधानसभा में सबसे अधिक 89.50 प्रतिशत, रतलाम ग्रामीण 86.25 प्रतिशत, जावरा 85.48 प्रतिशत, आलोट 83.33 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। वहीं शहर की विधानसभा सीट पर 73.55 प्रतिशत मतदान हुआ, जो कि 5 विधानसभाओं में सबसे कम रहा। कई स्थानों पर समय समाप्त होने के बाद लंबी कतारें लगी रही। जहां नियमानुसार कतार में खडे लोगों को टोकन वितरित कर मतदान करवाया गया। रतलाम जिले में निर्विघ्न रूप से मतदान संपन्न हुए। कहीं से भी कोई अप्रिय स्थिति बनने जैसी बात सामने नहीं आई। मतदान के दौरान सुबह 7 बजे से लेकर शाम की 6 बजे तक कई तस्वीरे सामने आई। कई स्थानों पर ईवीएम मशीन ने काम करना बंद कर दिया। जिसके बाद तुरंत उसे बदलकर मतदान जारी रखा गया। मतदान कर रहे कई लोगों के नाम दूसरे मतदान केंद्रों पर ट्रांसफर हो जाने से उन्हें काफी परेशानी हुई वहीं कई को यह जानकारी भी नहीं लग पाई की उनका नाम दूसरे केंद्र पर है। इसके अलावा कई लोगों के नाम डिलीट करने की भी समस्या सामने आई। मतदान के समय पुलिस प्रशासन खासा मुस्तेद दिखाई दिया। बुजुर्गों को बेलेट पेपर की विशेष सुविधा देने के बाद भी उन्होंने इंकार किया और मतदान वाले दिन उत्साह से भाग लिया। कई दिव्यांग लोग भी केंद्र पर मतदान करते नजर आए। ग्रामीण व ट्राइबल क्षेत्रों में लोगों की लंबी लाइन नजर आई। लोगों ने बढ़चढ़कर लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लिया। प्रथम बार मतदान कर रहे युवाओं को प्रशासन की और से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। खबर लिखे जाने तक लीड कॉलेज में मत पेटियां जमा करने का दौर जारी रहा।

SPECIAL REPORT
मध्यप्रदेश चुनाव 2023 : मोदी के 25 मिनट – 25 बड़ी बातें

रतलाम की सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निशाने पर रही कांग्रेस, गिनाई डबल इंजन सरकार की योजनाएं..“मध्यमवर्गीय परिवार” भी आया याद! – जैन, सनातन, आदिवासी व दलित सभी को साधने की कोशिश..भाजपा के कार्यकर्ताओं को दी नसीहत और दे गए एक काम!देखिए पूरा VIDEO पब्लिक वार्ता – नई दिल्ली/मध्यप्रदेश/रतलामस्पेशल रिपोर्ट, जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश में चुनावी रंग अब चढ़ता दिख रहा है। मालवा के बिगड़ते समीकरण को साधने भाजपा के फायरब्रांड नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोर्चा संभाला। मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने खुद “एमपी के मन में मोदी और मोदी के मन में एमपी” का नारा दिया। रतलाम के बंजली में प्रधानमंत्री मोदी की विशाल सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब 25 मिनट मंच से बोले। इन 25 मिनट में मोदी ने 25 बड़ी बातें कही जो आपको जानना जरूरी है। मोदी ने आते ही सबसे पहले रतलामी सेंव को याद किया। सेंव की तारीफ का चुनावी शगूफा बनाते हुए मोदी ने कहा कि आने वाली 3 दिसंबर को जब जीत का जश्न मनेगा तब लड्डू के साथ सेंव भी खूब खाई जाएगी। लाडली बहना व लाडली लक्ष्मी योजना का जिक्र करते मोदी ने कहा की पूरे देश में इसकी प्रशंसा। सभा में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान सहित शहर प्रत्याशी चेतन्य काश्यप, ग्रामीण प्रत्याशी मथुरालाल डामर, सैलाना की संगीता चारेल, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा, महामंत्री प्रदीप उपाध्याय आदि मौजूद रहे। मंच का संचालन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किसान मोर्चा बंशीलाल गुर्जर ने किया। शुरुआत में कुछ मिनट मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित किया। सभा में प्रधानमंत्री को विधायक चेतन्य काश्यप ने थेवा आर्ट से रतलाम के कारीगर राजेश सोनी द्वारा बने प्रतीक चिन्ह को भेंट किया। भाषण की शुरुआत भारत माता की जय से हुई जो खत्म भी भारत माता की जय पर हुआ। अपने भाषण के शुरू में मोदी ने बांगरोद स्थित खाटूश्यामजी मंदिर व आलोट के श्री नागेश्वर तीर्थ धाम का जयकारा लगाया। इसे सीधे – सीधे असर शहर में चल रहे जैन – सनातन फेक्टर से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके अलावा दलित व आदिवासी समाज को साधने के लिए भी मोदी ने बिरसा मुंडा, रानी दुर्गावती, टंट्या मामा आदि का जिक्र किया। मोदी ने कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा की इस बार जीत केवल सीट तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शत प्रतिशत बूथ पर कमल खिलना चाहिए। मोदी ने कार्यकर्ताओं को हर घर जा कर मोदीजी ने प्रणाम कहा है यह काम भी सौंपा। मोदी की 25 बड़ी बातें –

जावरा का जीवन! : निर्दलीय हुंकार भरने के बाद जीवनसिंह शेरपुर का हल्ला बोल, भाजपा – कांग्रेस की घोषणाओं पर कही दो टूक

अगर वो बोले राष्ट्र हित में वोट करना, तो आप समझना मुझे वोट करना – जीवनसिंह शेरपुर पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जावरा विधानसभा से निर्दलीय मैदान में उतरे जीवनसिंह शेरपुर अब हल्ला बोल मोड पर दिखाई दे रहे है। जीवनसिंह नामांकन भरने के बाद से ही क्षेत्र में जनसपंर्क पर जुट चुके है। इसी के साथ उनका जनसंपर्क अभियान तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को जावरा में सरदार पटेल जयंती पर माल्यार्पण के बाद शेरपुर ने जनसंपर्क की शुरुआत की। इस दौरान शेरपुर अपने समर्थकों के साथ जावरा गोठड़ा, मुंडला, कामलिया, चौकी, सेदपुर, लालुखेड़ी, आलमपुर ठिकरिया आदि गांवों में पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं व लोगों ने जगह – जगह उनका स्वागत किया गया। मंगलवार को जीवनसिंह ने जनसंपर्क के दौरान भाजपा व कांग्रेस दोनों पार्टियों को आड़े हाथों लिया। इसी के साथ आरोप – प्रत्यारोप की राजनीति जावरा विधानसभा में शुरू हो चुकी है। शेरपुर ने वर्तमान विधायक डॉ. राजेंद्र पांडे पर  तंज कसते हुए कहा की हमारा विधायक किसानों की फसले खराब होती है तो उसकी आवाज तक सदन में नहीं उठाता है। किसानों को पूरा मुआवजा तक नहीं मिल रहा है। निर्दलीय प्रत्याशी जीवनसिंह शेरपुर ने अपने भाषण में कहा की चाहे वो विधायक बने या ना बने, मगर जनता की समस्या आज से मेरी समस्या है और रहेगी। आपकी हर समस्यायों को प्राथमिक से दूर करूंगा।क्षेत्र का गरीब मेरे लिए पहले होगा। भाजपा वाले बोल रहे हैं हम महिलाओं को हजार रुपए देंगे तो कांग्रेस वाले बोल रहे हैं हम महिलाओं को पंद्रह सौ देंगे लेकिन हमारे बच्चों के भविष्य के बारे में कोई बात नहीं कर रहा की हम आपके बच्चे को रोजगार देंगे, अच्छी शिक्षा देंगे या अच्छी स्वास्थ्य व्यवस्था देंगे। यह लोग जितना दे रहे उस से दो गुना ले रहे है। कांग्रेस ने बाहरी उम्मीदवार को टिकट दिया। क्या पूरे विधानसभा में एक भी लायक उम्मीदवार नहीं था कि कांग्रेस को बाहर से उम्मीदवार चुनना पड़ा। कांग्रेस पुरी तरह खत्म हो गई है। 

भैरव मंदिर ऐसा भी! : यहां गलती होने पर तुरंत मिलती है सजा, निःसंतान दंपत्तियों के लिए वरदान है ये मंदिर

कई किस्से कहानियों के साथ आज भी जिंदा है परंपरा, पढ़िए विशेष खबर रतलाम के इस अनूठे भैरव मंदिर की…. पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। भारत धार्मिक मान्यता प्रधान देश है। यहांहर त्यौहार अपना विशेष महत्व रखता है। देश के हर राज्य व शहर में चमत्कारिक देवस्थल मौजूद हैं जहां चमत्कारिक घटनाओं की साक्षात अनुभूति होती है। आज हम बात करेंगे मध्य प्रदेश के रतलाम शहर में स्थित ऐसे ही एक प्राचीन स्थल की। यहां के धभाई जी का वास में स्थित भैरव मंदिर अपनी अनोखी गाथाओं व किस्से कहानियों के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है की यहां भूत बाधाओं से छुटकारा मिलने के साथ – साथ निःसंतान दंपत्ति को संतान का सुख भी मिलता है। इसके अलावा यहां अगर पूजन – पाठ में गलती या खराब मन से कोई पहुंचता है तो उसे तुरंत भैरव महाराज सजा देते है। संबंधित व्यक्ति को उसी समय गलती का एहसास हो जाता है। इस मंदिर को पछाड़मल भैरव के नाम से जाना जाता है। इस नाम के पीछे मान्यता है कि जो कोई भी गलती करता है, तो उसे भैरवनाथ पछाड़ कर सजा देते है। भैरवनाथ को मां दुर्गा के बाद पूजने का विशेष महत्व है कहा जाता है कि जिस प्रकार नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना महत्वपूर्ण है, उसी प्रकार भगवान भैरवनाथ की आराधना भी महत्व रखती है। दर्शन के लिए इस मंदिर तक आप शहर के थावरिया बाजार या हरमाला रोड होते हुए आसानी पहुंच सकते है। दो प्रतिमाएं विराजमान, मदिरा व दूध का लगता भोग :पिछले कई वर्षों से मंदिर में सेवा कर रहे रविंद्रसिंह सोनगरा बताते हैं कि यहां भैरवनाथ की काला व गौरा दो प्रतिमाएं विराजमान है। इनमें से एक को मदिरा तो दूसरे को दूध का भोग लगता है। इन प्रतिमाओं की स्थापना की सही जानकारी किसी को नहीं मालूम है। बताया जाता है कि रतलाम रियासतकाल से यह मंदिर स्थापित है। यहां नौ दिन अखंड ज्योत व जवारों की स्थापना होती है। दशहरे पर विधि विधान से जवारों का विसर्जन किया जाता है। देश भर से यहां श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते है। यहां रियासतकाल के दौर से जवारों का विसर्जन किया जा रहा है जिसे स्थानीय लोग बाड़ी के नाम से भी जानते है। फिलहाल मंदिर के जीर्णोद्धार का काम शुरू होगा जो कि जनसहयोग से पूरा किया जाएगा। मनोकामना पूरी करते है पछाड़मल भैरव :इस मंदिर के बारे में कई किस्से कहानियां आज भी जिंदा है। भक्त यहां आज भी मनोकामना लेकर आते है। जिनकी मनोकामनाएं यहां से पूरी हुई है और शहर के बाहर है वे लोग नवरात्रि में विशेष रूप से यहां आते है। मान्यता है की यहां जवार विसर्जन के दौरान शामिल होने पर दुख दर्द भी विसर्जित हो जाते है। विसर्जन के बाद लोग जवार को अपने साथ लेकर घर आते है और लाल कपड़े में बांध कर भी रखते है। लोगों द्वारा दावा किया जाता है कि यहां भूत बाधाओं व शारीरिक कष्टों से भी छुटकारा मिलता है। निःसंतान दंपत्ति यहां संतान की मनोकामना लेकर जाते है तो उन्हें संतान की प्राप्ति होती है। भैरव को यहां मदिरा व दूध के अलावा लोग सिंदूर का चोला चढ़ाते है। कई लोग यहां बकरे की बलि या दाल, बाटी व चूरमे की मन्नत भी रखते है। इस क्षेत्र के लोगों की मान्यता है कि यहां मन्नत लेने से सबकुछ मिलता है। सबसे खास बात है कि यहां मन्नत के समय कुछ खास चढ़ावा नहीं चढ़ाना होता है। मदिरा, दूध या नारियल से ही भैरव बाबा खुश हो जाते है। (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। पब्लिक वार्ता इस बारे में किसी प्रकार की कोई पुष्टि नहीं करता है। इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है।)

मचा हड़कंप : मेडीकल कॉलेज की बिल्डिंग पर चढ़ी महिला, पाइप के सहारे उतरने का कर रही थी प्रयास

पब्लिक वार्ता- रतलाम,जयदीप गुर्जर। मेडिकल कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया जब एक मानसिक रूप से बीमार महिला कॉलेज की बिल्डिंग पर दिखाई दी। महिला पाइप के सहारे नीचे उतरने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान वह बिल्डिंग के तीसरे माले पर फंस गई। महिला को सबसे पहले मेडिकल कॉलेज के सुरक्षा गार्ड ने देखा और पुलिस चौकी पर सूचना दी। इसी दौरान महिला का बेटा भी मौके पर पहुंचा। मां की जान बचाने के लिए वह पाइप के सहारे ही ऊपर चढ़ गया और महिला को संभाला। सबकुछ होता देख मेडिकल कॉलेज परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी के एएसआई सुनील सिंह ने मौके पर फायर ब्रिगेड बुलवाई और सीढ़ी और रस्सी के सहारे बीमार महिला को नीचे उतारा गया। रेस्क्यू के बाद बीमार महिला को फिर से मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। जानकारी के अनुसार घटना करीब 10:30 बजे की है जब मेडिकल कॉलेज के गार्ड ने देखा कि एक महिला तीसरे माले की खिड़की के पास बैठी हुई है। मेडिकल कॉलेज स्थित पुलिस चौकी पर इसकी सूचना गार्ड ने दी। देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई। किसी को भी समझ नहीं आ रहा था कि महिला आखिर तीसरे माले की खिड़की के बाहर पहुंची कैसे। इसी दौरान महिला का बेटा महेश चरपोटा मौके पर पहुंचा। अपनी मां को खतरे में देख महेश पाइप के सहारे तीसरी मंजिल पर चढ़ गया और मां को जाकर संभाला। महिला के रेस्क्यू के लिए फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस की मदद से महिला को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। महिला के बेटे महेश ने बताया कि वह इमलीपाड़ा बाजना के रहने वाले हैं। पिताजी की मृत्यु के बाद माता पारी बाई मानसिक रूप से बीमार हो गई है। उन्हें 17 तारीख को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया था। वह नाश्ता लेने बाहर आया था तभी उसकी मां अस्पताल की छत पर पहुंच गई और पाइप के सहारे नीचे उतरने का प्रयास करने लगी। बहरहाल गनीमत रही कि समय रहते पुलिस और फायर ब्रिगेड की मदद से महेश ने अपनी मां की जान बचा ली। अन्यथा कोई जानलेवा हादसा हो सकता था।


शहर में तेंदुआ : रेलवे कॉलोनी में देखने पहुंचे युवक को किया घायल, सूचना के 3 घंटे बाद तक नहीं पहुंची वन विभाग की टीम

क्या कहते है एक्सपर्ट?कम होते जंगलों और शिकार ने बढ़ाया शहर में तेंदुओं का मूवमेंट, किसी की जान लेकर उड़ेगी विभाग की सुस्ती! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर में तेंदुए के घुस आने से लोगों में दहशत और अफरा तफरी मच गई। रविवार शाम 5 बजे से सोशल मीडिया पर तेंदुए की मूवमेंट के मैसेज वायरल होना शुरू हो गए। उसकी लोकेशन के बारे में जानने की कोशिश की गई तो मालूम हुआ कि तेंदुआ शहर की रेलवे कॉलोनी में डेरा डाले हुए है। जिसके बाद पुलिस के साथ ही वन विभाग की टीम को सूचना दी गई। करीब 3 घण्टे तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। लोगों की भीड़ मौके पर जमा होने लगी तो तेंदुआ गांधीनगर, मीरा कुटी की तरफ चला गया। भीड़ होने से तेंदुआ फिर से रेलवे कालोनी की रोड नंबर 13 की तरफ आ गया। इस दौरान उसे देखने आए युवक सतीश मीणा पर तेंदुए ने हमला कर दिया, जिससे कमर के पास चोट पहुंची। बाद में डीएफओ डीएस निगवाल ने पहुंचकर लोगों से जानकारी ली। इस दौरान रेलवे पुलिस व अधिकारी भी मौके पर पहुंच चुके थे। गौरतलब है कि बढ़ती घटनाओं के बाद भी वन विभाग के पास संसाधन के नाम पर सिर्फ पिंजरा ही है। ट्रेंकुलाइजेशन के लिए उज्जैन व इंदौर से टीम बुलाई गई है। डीएफओ निगवाल ने बताया की जंगली जानवर की सूचना मिली थी। प्रथम दृष्टया वीडियो और पूछताछ में तेंदुआ ही लग रहा है जो कि जंगल के रास्ते भटक गया होगा। इंदौर व उज्जैन में टीम को सूचना कर दी गई है। तेंदुआ हिंसक जानवर है, लोग भीड़ उसे देखने के लिए भीड़ नहीं जमा करे। टीम के आने तक उसकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है। दिखाई देने पर उसे रेसक्यू किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्रवासी अब डर के मारे घबराए हुए है। घटना के दौरान क्षेत्र में बिजली जाने से अंधेरा छा गया जिससे रहवासियों में और दहशत बढ़ गई। वन विभाग की सुस्ती, लगातार बढ़ रहा मूवमेंट :यहां विभाग के कई कर्मचारी ऐसे है जो हाजरी लगाने के बाद घरों में आराम फरमाते नजर आते है। तेंदुओं की रहवासी इलाकों में घुसपैठ को रोकने को लेकर विभाग के पास अब तक कोई ठोस योजना नहीं है। किसी दिन यह सुस्ती किसी नागरिक की जान लेकर ही उड़ेगी। रतलाम जिले में सैलाना, पिपलौदा क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता रहती है। 15 मार्च 2022 को रतलाम में सागोद रोड स्थित मांगलिक भवन जेएमडी में तेंदुआ घुस गया था, जो थोड़ी देर रहने के बाद वापस चला गया। हालांकि वन विभाग ने उसे जंगली बिल्ली करार देकर पल्ला झाड़ लिया था। इधर नवंबर 2019 में बड़ायला माताजी में तेंदुआ घुस आया था, जिसे पकड़कर वन विभाग की टीम ने गांधीसागर के वन क्षेत्र में छोड़ा था। इसी वर्ष मार्च से जुलाई तक सैलाना के ग्राम पंचायत पाटड़ी व बरड़ा के कई ग्रामों में रात्रि में तेंदुए ने बकरे-बकरियों व कुछ गाय-बछड़े का शिकार किया था। पांच जुलाई को तेंदुआ बोदिना में एक घर में घुसा, तब विभाग की टीम ने पिंजरा लगाकर पकड़ने के बाद देवास वनक्षेत्र में छोड़ा। यहां भी शुरुआत में वन विभाग ने तेंदुए के होने की बात से इंकार किया था। क्या कहता है एक्सपर्ट व्यू :तेज से शहरीकरण के अलावा और भी कई कारण हैं जिससे देश भर के शहरी इलाकों में तेंदुए देखे जा रहे हैं और वह मनुष्यों पर हमले भी कर रहे है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं ने तेंदुओं के प्राकृतिक आवास को कम कर दिया है जिससे वे मनुष्यों के रिहायशी इलाकों में भटक कर आने लगे है। विशेषज्ञ कहते हैं कि अब तेंदुओं को अपने अधिकार क्षेत्र वाले जंगलों में कम शिकार मिल रहे हैं, उनका अधिकार क्षेत्र सिकुड़ता जा रहा है, आंतरिक संघर्ष बढ़ गए हैं और मानव आबादी तेजी से बढ़ रही है जिससे वह ‘तनावग्रस्त’ हो गए हैं। बाघों जैसी बड़ी पैंथेरा प्रजातियों के विपरीत तेंदुए मानव बस्तियों के आसपास भी रह सकते है। इसके अलावा शिकार की प्रजातियों की कमी के कारण भी तेंदुए कुत्तों, बकरियों और कुछ मामलों में गायों जैसे छोटे स्तनधारियों की तलाश में बस्ती क्षेत्रों में चले जाते है। एक रिपोर्ट के अनुसार आदमखोर तेंदुए जानबूझ कर मारने के इरादे से हमला करते हैं और लोगों की मौत का कारण बनते है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तेंदुए आमतौर पर मनुष्यों से दूर भागते है मगर वक्त के साथ तेंदुओं के मनुष्यों के रिहाइश वाले इलाकों में आने और उन पर हमला करने की वारदात बढ़ रही है।

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