MP News: एमपी में ‘सीएम यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम’: युवाओं को हर महीने मिलेंगे 10 हजार रुपये

मध्य प्रदेश सरकार ने ‘सीएम यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम’ शुरू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत 4165 युवाओं को हर महीने 10 हजार रुपये मानदेय मिलेगा और उन्हें प्रशासनिक काम का अनुभव भी मिलेगा। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने युवाओं को प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ने और उन्हें व्यावहारिक अनुभव देने के उद्देश्य से एक नई योजना शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 10 मार्च को हुई कैबिनेट बैठक में ‘सीएम यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम’ लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस योजना के तहत चयनित युवाओं को हर महीने 10 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य युवाओं को शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली से जोड़ना और सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की सही जानकारी प्राप्त करना है। 4165 युवाओं को मिलेगा मौका राज्य सरकार ने इस कार्यक्रम के तहत 4,165 युवाओं को इंटर्न के रूप में जोड़ने का लक्ष्य तय किया है।प्रत्येक विकासखंड (ब्लॉक) से लगभग 15 युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित युवाओं को ब्लॉक स्तर पर काम करने का अवसर मिलेगा और उन्हें हर महीने 10 हजार रुपये मानदेय प्रदान किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं को रोजगार का अनुभव मिलेगा और सरकारी योजनाओं की निगरानी भी मजबूत होगी। अटल सुशासन संस्थान करेगा संचालन इस कार्यक्रम का संचालन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के माध्यम से किया जाएगा। यह संस्थान युवाओं को प्रशिक्षण देगा और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जोड़ेगा। इंटर्न को करना होगा यह काम ‘सीएम यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम’ के तहत चयनित युवाओं को ब्लॉक स्तर पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाएंगी। इनमें शामिल हैं: युवाओं को मिलेगा प्रशासन का अनुभव सरकार का मानना है कि इस योजना से युवाओं को शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिलेगा। वहीं सरकार को भी जमीनी स्तर से वास्तविक फीडबैक मिलेगा, जिससे योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। एमपी कैबिनेट के अन्य अहम फैसले कैबिनेट बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए:

PM Kisan: 13 मार्च को आएगी PM किसान की 22वीं किस्त, करोड़ों किसानों के खाते में ट्रांसफर होंगे 2000 रुपये

पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त 13 मार्च को जारी होगी। पात्र किसानों के बैंक खातों में 2000 रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे। जानिए किसे मिलेगा लाभ और कैसे चेक करें अपना स्टेटस। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के तहत देशभर के करोड़ों किसानों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। केंद्र सरकार ने योजना की 22वीं किस्त जारी करने की तारीख का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। सरकार के अनुसार 13 मार्च को पात्र किसानों के बैंक खातों में 2000 रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इस घोषणा के बाद लंबे समय से किस्त का इंतजार कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिली है। 2019 में शुरू हुई थी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को की गई थी। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। यानी हर चार महीने में 2000 रुपये सीधे किसानों के खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं। अब तक सरकार किसानों को 21 किस्तें जारी कर चुकी है, जबकि अब 22वीं किस्त जारी होने जा रही है। किसानों को होली से पहले मिली खुशखबरी पिछले कुछ समय से किसानों के बीच यह चर्चा चल रही थी कि फरवरी के अंत तक किस्त जारी हो सकती है। इसके बाद कई रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि होली से पहले किसानों को किस्त मिल सकती है। अब सरकार ने आधिकारिक रूप से घोषणा करते हुए बताया है कि 13 मार्च को किसानों के खातों में 2000 रुपये की किस्त ट्रांसफर की जाएगी। इन कारणों से अटक सकती है किस्त कुछ किसानों को इस बार किस्त मिलने में परेशानी भी हो सकती है। अगर किसान ने जरूरी प्रक्रियाएं पूरी नहीं की हैं तो उनकी किस्त रुक सकती है। मुख्य कारण इस प्रकार हैं— इन वजहों से कई किसानों की किस्त अटक सकती है। ऐसे चेक करें अपने खाते की स्थिति किसान आसानी से ऑनलाइन यह जांच सकते हैं कि उनके खाते में किस्त आएगी या नहीं। इसके लिए उन्हें पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद ये स्टेप्स फॉलो करें— रुकी हुई किस्त भी मिल सकती है अगर किसी किसान की किस्त पहले किसी कारण से रुक गई थी और उसने अब सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं, तो भविष्य में उसे किस्त का लाभ मिल सकता है। कुछ मामलों में पहले की रुकी हुई किस्त भी बाद में जारी की जा सकती है, हालांकि यह पूरी तरह जांच और पात्रता पर निर्भर करता है।

Share Market: 1300 अंक टूटा सेंसेक्स: शेयर बाजार में कोहराम, निवेशकों के 5 लाख करोड़ डूबे

भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1300 अंक टूटा और निफ्टी 23,900 के नीचे बंद हुआ। निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपये डूबे, जानिए गिरावट की बड़ी वजह। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Share Market: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1,342.27 अंक यानी 1.72% गिरकर 76,863.71 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 394.75 अंक यानी 1.63% टूटकर 23,866.85 के स्तर पर बंद हुआ। इस तेज गिरावट के कारण निवेशकों को बड़ा झटका लगा और बाजार पूंजीकरण में करीब 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी दर्ज की गई। टॉप 30 शेयरों में अधिकांश में गिरावट बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 2 शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि बाकी 28 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बाजार की इस गिरावट में कई बड़े शेयरों ने अहम भूमिका निभाई। इनमें प्रमुख रूप से बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की कमाई हुई साफ मंगलवार को शेयर बाजार में तेजी के कारण निवेशकों को करीब 6 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ था, लेकिन बुधवार की गिरावट ने यह कमाई लगभग पूरी तरह मिटा दी। बीएसई का कुल मार्केट कैप मंगलवार को करीब 447 लाख करोड़ रुपये था, जो गिरकर 441.90 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। इन सेक्टरों में ज्यादा गिरावट बाजार में आई इस गिरावट का असर कई सेक्टरों पर देखने को मिला। इन सभी क्षेत्रों के शेयरों में दबाव देखने को मिला। एफआईआई की बिकवाली बनी बड़ी वजह शेयर बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी रही। 10 मार्च को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 4,673 करोड़ रुपये की नेट सेलिंग की। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 6,333 करोड़ रुपये की खरीदारी की, लेकिन यह बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही। प्रॉफिट बुकिंग का भी असर पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में तेजी के बाद कई निवेशकों ने मुनाफावसूली यानी प्रॉफिट बुकिंग की। इससे भी बाजार पर दबाव बढ़ा और इंडेक्स नीचे आ गए। मिडिल ईस्ट संकट से बढ़ी चिंता वैश्विक स्तर पर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमलों की खबरों ने बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ। इंडिया VIX में उछाल बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडेक्स इंडिया VIX भी 11 मार्च को 8% से ज्यादा बढ़कर 20.5 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि आने वाले समय में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। बाजार में आगे क्या रहेगा रुख विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक हालात, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों का रुख आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेगा। फिलहाल निवेशकों को सावधानी के साथ निवेश करने और किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले वित्तीय सलाहकार की सलाह लेने की सलाह दी जा रही है।

चंपा विहार में विश्व हिंदू परिषद का कुटुंब प्रबोधन संवाद कार्यक्रम संपन्न, परिवार में संवाद और संस्कारों पर दिया जोर

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। चंपा विहार में विश्व हिंदू परिषद द्वारा कुटुंब प्रबोधन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने सर्व समाज के साथ संवाद करते हुए परिवार, संस्कार और धर्म जागरूकता के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हर परिवार को सप्ताह में कम से कम एक दिन ऐसा तय करना चाहिए, जब पूरा परिवार एक साथ बैठकर संवाद करे और साथ में भोजन करे। इससे परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम और समझ बढ़ती है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बेटों और बेटियों को हिंदू धर्म की परंपराओं, संस्कृति और मूल्यों के बारे में अवश्य समझाएं, ताकि नई पीढ़ी अपने धर्म को सही तरीके से जान सके। आलोक कुमार ने कहा कि परिवार में किसी सदस्य के जन्मदिन के अवसर पर धार्मिक यात्रा, गौ सेवा या समाज सेवा जैसे कार्य किए जाने चाहिए। इससे बच्चों में सेवा और संस्कार की भावना विकसित होती है। उन्होंने समाज को जागरूक रहने और बेटियों को धार्मिक व सांस्कृतिक शिक्षा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। संवाद के दौरान आगामी कार्यक्रमों रामोत्सव, हनुमान उत्सव और स्थापना दिवस को जिला, प्रखंड, खंड, मोहल्ला समिति और ग्राम समिति स्तर तक आयोजित करने की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर मंच पर विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री जितेंद्र पवार, मालवा प्रांत मंत्री विनोद शर्मा, प्रांत सह मंत्री महेश आंजना, विभाग मंत्री सौरभ चतुर्वेदी, विभाग सह मंत्री पवन बंजारा, रतलाम जिला अध्यक्ष राधेश्याम रावल, जिला मंत्री गौरव शर्मा, जिला संयोजक मुकेश व्यास सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा जावरा जिला अध्यक्ष मधुसूदन, जावरा जिला मंत्री तूफान सिंह सहित रतलाम, जावरा और झाबुआ जिलों के पदाधिकारी, प्रखंड व खंड स्तर के कार्यकर्ता, व्यापारी बंधु और समाजसेवी भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की जानकारी विश्व हिंदू परिषद रतलाम जिला सह प्रचार-प्रसार प्रमुख रिक्की सेन द्वारा दी गई।

Ratlam News: नामली में अवैध गैस सिलेंडर भंडारण पर कार्रवाई, 31 सिलेंडर जब्त

रतलाम जिले के नामली में प्रशासन ने अवैध गैस सिलेंडर भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 31 सिलेंडर जब्त किए। महू रोड स्थित घर पर छापे में 22 भरे और 9 खाली सिलेंडर मिले। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News:  रतलाम जिले के नामली में अवैध गैस सिलेंडर भंडारण के मामले में प्रशासन ने बुधवार शाम बड़ी कार्रवाई करते हुए 31 एलपीजी गैस सिलेंडर जब्त किए। यह कार्रवाई महू रोड स्थित शहजाद मंसूरी के घर पर की गई, जहां लंबे समय से अवैध रूप से सिलेंडरों का भंडारण किए जाने की शिकायत मिल रही थी। वीडियो देखे जानकारी के अनुसार गोपनीय सूचना मिलने के बाद ग्रामीण तहसीलदार आशीष उपाध्याय के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने शाम करीब 7:30 बजे मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान घर के पिछले हिस्से में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर रखे पाए गए। कार्रवाई के दौरान पटवारी टीकमसिंह चौहान, सहायक आपूर्ति अधिकारी मुकेश चौहान, थाना प्रभारी गायत्री सोनी सहित पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। विभिन्न कंपनियों के सिलेंडर बरामद छापेमारी के दौरान मौके से कुल 31 सिलेंडर बरामद किए गए। इनमें भारत गैस के 21, एचपी गैस के 4, इंडेन के 5 और रिलायंस कंपनी का 1 सिलेंडर शामिल है। प्रशासन ने सभी सिलेंडरों को जब्त कर स्थानीय गैस एजेंसी के गोदाम में जमा करवा दिया है। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई स्थानीय रहवासियों के अनुसार शहजाद मंसूरी लंबे समय से गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण कर रहा था। बताया जा रहा है कि उसके घर के सामने ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटर संचालित होता है, जबकि घर के पिछले हिस्से में गैस सिलेंडर रखे जाते थे। कोरोना काल के दौरान भी यहां इसी तरह की कार्रवाई हो चुकी है। महंगे दामों पर बेचे जा रहे थे सिलेंडर नामली के गैस डीलर राजेश भंसाली ने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर लगभग 990 रुपये में उपलब्ध कराया जाता है, जबकि यहां अवैध रूप से 1200 से 1300 रुपये तक में सिलेंडर बेचे जा रहे थे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। रिपोर्ट मिलने के बाद दर्ज होगा प्रकरण थाना प्रभारी गायत्री सोनी ने बताया कि संबंधित विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद आरोपित के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण तहसीलदार आशीष उपाध्याय ने बताया कि कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। सूचना मिली थी कि यहां अवैध रूप से गैस रिफिलिंग और भंडारण किया जा रहा है। जांच में मौके से 22 भरे हुए और 9 खाली सिलेंडर बरामद हुए हैं।

MP News: दमोह में ‘ड्रैकुला किलर’ का खौफ: 16 वर्षीय किशोर की हथौड़े से हत्या, फिर खून पीने की कोशिश

मध्य प्रदेश के दमोह जिले के समन्ना गांव में सनसनीखेज वारदात। 16 वर्षीय किशोर की हथौड़े और रॉड से हत्या के बाद आरोपी ने खून पीने और मांस नोचने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। दमोह- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां समन्ना गांव में एक सनकी व्यक्ति ने 16 वर्षीय किशोर की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी ने पहले किशोर के सिर पर हथौड़े और लोहे की रॉड से हमला किया और उसकी मौत के बाद उसके साथ वीभत्स हरकतें करते हुए खून पीने और मांस नोचने की कोशिश की। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। घटना का वीडियो देखे भाई दूज का टीका लगवाने जा रहा था किशोर जानकारी के मुताबिक मृतक की पहचान भरत विश्वकर्मा (16) निवासी अर्थखेड़ा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि भरत भाई दूज के मौके पर अपनी बहन के घर समन्ना गांव टीका लगवाने जा रहा था। वह बाइक से बहन के घर के पास ही पहुंचा था कि तभी अचानक आरोपी ने उस पर हमला कर दिया। हथौड़े और रॉड से किया ताबड़तोड़ हमला प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 46 वर्षीय आरोपी ने अचानक भरत के सिर पर भारी हथौड़े से वार कर दिया। जोरदार चोट लगते ही भरत सड़क पर गिर पड़ा। इसके बाद आरोपी ने लोहे की रॉड से उस पर लगातार वार किए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। कैमरे में कैद हुई खौफनाक हरकत हत्या के बाद आरोपी ने मृत शरीर के साथ वीभत्स हरकतें शुरू कर दीं। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में आरोपी युवक का मांस नोचते और खून पीने की कोशिश करते हुए दिखाई दे रहा है। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए। पुलिस पर भी हमला करने की कोशिश सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी बेहद आक्रामक हो गया और पुलिस पर भी हमला करने की कोशिश करने लगा। काफी मशक्कत और ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने आरोपी को काबू कर गिरफ्तार कर लिया। मानसिक रूप से विक्षिप्त होने की आशंका पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी और मृतक के बीच किसी प्रकार की पुरानी रंजिश नहीं थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी मानसिक रूप से विक्षिप्त हो सकता है और सनक में आकर उसने इस वारदात को अंजाम दिया। इलाके में दहशत का माहौल घटना के बाद घायल किशोर को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस निर्मम हत्या के बाद समन्ना गांव और आसपास के क्षेत्रों में मातम और दहशत का माहौल है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

Ratlam News: खाली डंपर जब्ती पर रिंगनोद थाने में धरना, 17 मार्च को कलेक्टर कार्यालय घेराव की घोषणा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क।Ratlam News:  जिले के जावरा क्षेत्र में खनिज विभाग की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अवैध उत्खनन के आरोप में दो डंपर जब्त किए जाने के विरोध में करणी सेना परिवार के प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर ने रिंगनोद थाने में समर्थकों के साथ धरना शुरू कर दिया। सोमवार रात से शुरू हुआ यह धरना मंगलवार को भी जारी रहा। क्या बोले जीवन सिंह शेरपुर बताया जा रहा है कि जीवनसिंह शेरपुर अपने समर्थकों के साथ थाने में ही गद्दा-बिस्तर मंगवाकर रातभर डटे रहे और मंगलवार सुबह फिर से धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि खनिज विभाग ने खाली डंपरों को अवैध मुर्रम परिवहन बताकर गलत कार्रवाई की है। रोड निर्माण के दौरान डंपर जब्त जानकारी के अनुसार जावरा ब्लॉक के झालवा-कलालिया मार्ग पर सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। इसी दौरान सोमवार को खनिज विभाग की टीम दो पटवारियों के साथ मौके पर पहुंची और दो डंपरों को जब्त कर लिया। विभाग का कहना है कि इन डंपरों से अवैध रूप से मुर्रम का परिवहन किया जा रहा था। कार्रवाई के बाद दोनों डंपरों को रिंगनोद थाने में खड़ा करवा दिया गया। बताया जा रहा है कि जब्त किए गए डंपर ठेकेदार आयुष शर्मा के हैं, जो सड़क निर्माण का कार्य कर रहे हैं और उन्हें जीवनसिंह शेरपुर का समर्थक बताया जा रहा है। ठेकेदार की सूचना पर पहुंचे शेरपुर डंपर जब्त होने की सूचना मिलने पर जीवनसिंह शेरपुर सोमवार रात अपने समर्थकों के साथ रिंगनोद थाने पहुंच गए। उन्होंने खनिज विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। सूचना मिलने पर खनिज निरीक्षक शंकर कनेश थाने पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच चर्चा हुई। खाली डंपर होने का दावा जीवनसिंह शेरपुर और ठेकेदार का कहना है कि जिन डंपरों को पकड़ा गया, वे मुर्रम नहीं बल्कि गिट्टी के परिवहन में लगे हुए थे और कार्रवाई के समय पूरी तरह खाली थे। उनका आरोप है कि पंचनामा बनाते समय डंपरों को मुर्रम से भरा हुआ दर्शाया गया, जबकि मौके पर वे खाली थे। ठेकेदार का यह भी कहना है कि गिट्टी परिवहन की रॉयल्टी मौके पर दिखाई गई थी और पहले किए गए मुर्रम कार्य की अनुमति व रॉयल्टी भी मौजूद है। बहस के दौरान बढ़ा विवाद खनिज अधिकारी ने मामले की जांच कराने की बात कही, जिस पर जीवनसिंह शेरपुर नाराज हो गए। उनका कहना था कि जब डंपर मौके पर खाली हैं तो जांच की जरूरत ही क्या है। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई। गद्दा-बिस्तर मंगवाकर थाने में बिताई रात डंपर नहीं छोड़े जाने और कार्रवाई को गलत बताते हुए जीवनसिंह शेरपुर ने समर्थकों के साथ थाने में ही धरना शुरू कर दिया। उन्होंने गद्दा-बिस्तर मंगवाकर थाना परिसर में ही रात बिताई। खनिज विभाग के अधिकारी वहां से चले गए, जबकि शेरपुर और उनके समर्थक थाने में ही डटे रहे। मंगलवार को फिर शुरू हुआ धरना मंगलवार सुबह जीवनसिंह शेरपुर अपने समर्थकों के साथ फिर से धरने पर बैठ गए और खनिज विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान जावरा एसडीओपी संदीप मालवीय भी थाने पहुंचे और स्थिति को समझाने की कोशिश की। अधिकारियों को थाने बुलाने की मांग जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की ओर से जीवनसिंह शेरपुर और उनके समर्थकों को रतलाम कार्यालय बुलाया गया है। हालांकि समर्थकों का कहना है कि यदि कार्रवाई सही है तो अधिकारियों को खुद थाने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। दोपहर तक खनिज विभाग का कोई अधिकारी थाने नहीं पहुंचा था, जबकि जब्त किए गए दोनों डंपर थाने में खाली खड़े बताए जा रहे हैं। परिवहनकर्ताओं को परेशान करने का आरोप जीवनसिंह शेरपुर ने आरोप लगाया कि परिवहनकर्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उनका कहना है कि कागजी कार्रवाई में खाली डंपरों को भरा हुआ दिखाकर फर्जी प्रकरण दर्ज करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि वैध अनुमति और रॉयल्टी होने के बावजूद संबंधित लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है और ऐसी कार्रवाई को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 17 मार्च को कलेक्टर कार्यालय घेराव की घोषणा धरने के दौरान जीवनसिंह शेरपुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि खनिज विभाग की कार्रवाई वापस नहीं ली गई और डंपर नहीं छोड़े गए तो 17 मार्च को रतलाम कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने समर्थकों से बड़ी संख्या में पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की अपील भी की।

Ratlam News: 14 मार्च को नेशनल लोक अदालत: संपत्तिकर-जलकर के बकायादारों को सरचार्ज में बड़ी छूट

रतलाम में 14 मार्च 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन होगा। संपत्तिकर और जलकर के बकायादारों को सरचार्ज में 100% तक की छूट मिलेगी। जानिए कहां और कैसे जमा करें बकाया राशि। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और राज्य शासन के निर्देशानुसार 14 मार्च शनिवार को नेशनल लोक अदालतका आयोजन किया जाएगा। इस दौरान नगर निगम रतलाम द्वारा संपत्तिकर और जलकर के बकायादारों को अधिभार (सरचार्ज) में विशेष छूट का लाभ दिया जाएगा। नगर निगम ने बकाया कर जमा कराने के लिए दो स्थानों पर व्यवस्था की है। पहला काउंटर नगर निगम कार्यालय में फायर स्टेशन भवन के पासऔर दूसरा जिला न्यायालय परिसर में लगाए जाने वाले शिविर में रहेगा। दोनों स्थानों पर कार्यालयीन समय में बकाया राशि जमा की जा सकेगी। संपत्तिकर पर मिलेगी यह छूट नेशनल लोक अदालत में संपत्तिकर के प्रकरणों में निम्नानुसार सरचार्ज में छूट दी जाएगी— जलकर पर मिलेगी यह राहत जलकर के बकायादारों को भी अधिभार में छूट दी जाएगी— नगर निगम के अनुसार यह छूट वन टाइम सेटलमेंट (एक बार) के तहत दी जाएगी और यह केवल वित्तीय वर्ष 2024-25 तक की बकाया राशिपर ही लागू होगी। साथ ही यह सुविधा केवल 14 मार्च 2026 को आयोजित नेशनल लोक अदालत के दिन ही मान्य रहेगी। नगर निगम ने सभी संपत्तिकर और जलकर बकायादारों से अपील की है कि वे 14 मार्च को आयोजित एक दिवसीय लोक अदालत में उपस्थित होकर बकाया राशि जमा करें और अधिभार में दी जा रही छूट का लाभ उठाएं।

गधा पालन पर सरकार दे रही लाखों की सब्सिडी, जानिए क्या है योजना और कैसे उठाएं फायदा

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत केंद्र सरकार गधा, घोड़ा और ऊंट पालन को बढ़ावा देने के लिए 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। जानिए योजना की पूरी जानकारी और आवेदन प्रक्रिया। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। देश में गधों की लगातार घटती संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ी पहल की है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) के तहत अब गधा पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार आर्थिक सहायता दे रही है। इस योजना के तहत गधे, घोड़े और ऊंट पालने वालों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है, जो अधिकतम 50 लाख रुपये तक हो सकती है। सरकार का उद्देश्य इन पशुओं का संरक्षण करना और पशुपालकों को नया रोजगार उपलब्ध कराना है। गधे के साथ इन जानवरों के लिए भी मिलेगा लाभ इस योजना के तहत सिर्फ गधा ही नहीं बल्कि घोड़े और ऊंट के पालन के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी।अगर कोई पशुपालक इन पशुओं के पालन के लिए 1 करोड़ रुपये तक का प्रोजेक्ट शुरू करता है, तो सरकार उसमें 50 फीसदी यानी 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी देगी। योजना का फायदा लेने के लिए कितने गधे पालने होंगे? योजना के तहत सब्सिडी पाने के लिए पशुपालक को एक यूनिट बनानी होगी जिसमें— पालने होंगे। इसके लिए सरकार की ओर से 50 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी। यह राशि अधिकतम 50 लाख रुपये तक हो सकती है। सरकार यह सहायता दो किस्तों में देती है— घोड़े और ऊंट के लिए क्या है नियम? घोड़ा पालन के लिए एक यूनिट में— पालने होंगे। वहीं ऊंट पालन के लिए यूनिट का आकार अलग-अलग प्रोजेक्ट के हिसाब से तय किया जाता है। कैसे करें आवेदन? इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक पशुपालकों को राष्ट्रीय पशुधन मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए प्रक्रिया इस प्रकार है— क्यों जरूरी है यह योजना? पिछले कुछ वर्षों में देश में गधों की संख्या तेजी से कम हुई है। कई इलाकों में गधे पारंपरिक कामों जैसे ईंट-भट्टों और ग्रामीण परिवहन में उपयोग होते रहे हैं। ऐसे में सरकार इस योजना के जरिए गधों के संरक्षण के साथ पशुपालन आधारित रोजगार को बढ़ावा देना चाहती है।

मिडिल ईस्ट युद्ध से तेल 100 डॉलर पार, भारत में महंगाई का खतरा बढ़ा

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बीच कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल पार पहुंच गई है। भारत में महंगाई और LPG-पेट्रोल की कीमतों पर इसका असर पड़ सकता है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमले के बाद शुरू हुआ संघर्ष अब गंभीर रूप ले चुका है। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने क्षेत्र के कई देशों को निशाना बनाया, जिसके चलते तेल उत्पादन और सप्लाई पर असर पड़ने लगा है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो युद्ध शुरू होने के बाद से करीब 42% ज्यादा है। इससे भारत जैसे देशों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का लगभग 90% कच्चा तेल आयात करता है। भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है असर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर महंगाई और आम लोगों के बजट पर पड़ सकता है। रिजर्व बैंक के अनुमान के मुताबिक अगर कच्चे तेल की कीमतों में 10% की बढ़ोतरी का पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर डाला जाता है तो इससे महंगाई में 30 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हो सकती है और आर्थिक विकास दर में करीब 15 बेसिस पॉइंट्स की कमी आ सकती है। तेल महंगा होने से पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ परिवहन लागत भी बढ़ती है, जिससे खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी सामानों की कीमतें भी ऊपर जा सकती हैं। होर्मुज स्ट्रेट पर संकट से बढ़ी चिंता खाड़ी क्षेत्र एशियाई देशों के लिए ऊर्जा आपूर्ति का सबसे बड़ा केंद्र है। साल 2025 में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाला करीब 87% कच्चा तेल और 86% LNG एशियाई देशों में ही पहुंचा था। ऐसे में इस समुद्री मार्ग पर खतरा बढ़ने से सप्लाई बाधित होने का जोखिम भी बढ़ गया है। LPG की कीमतों पर भी असर मिडिल ईस्ट संकट का असर अब घरेलू गैस पर भी दिखने लगा है। हाल ही में LPG की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है, जो करीब एक साल बाद पहली वृद्धि है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा LPG उपभोक्ता है और देश में 90% से ज्यादा LPG मिडिल ईस्ट से आयात होती है। सरकार क्या कदम उठा सकती है? सरकार पहले भी तेल की कीमतों के झटके को कम करने के लिए टैक्स में कटौती जैसे कदम उठा चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो सरकार को फिर से टैक्स में राहत, रणनीतिक तेल भंडार के उपयोग और वैकल्पिक सप्लाई स्रोतों जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं। आम लोगों पर क्या असर होगा? तेल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में फिलहाल सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है, लेकिन अगर युद्ध लंबा चला तो इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई दे सकता है।

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