रतलाम में जेएसजी संगिनी उमंग का हरित अभियान: 151 पौधों का वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम द्वारा “उमंग के रंग – पर्यावरण सुरक्षा के संग” अभियान के तहत वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह अभियान जेएसजी एमपी रीजन द्वारा संचालित वृक्षारोपण प्रोजेक्ट के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें समूह की सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान वर्षा ऋतु के अवसर पर पहले लगभग 100 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन सदस्याओं के उत्साह और सहभागिता को देखते हुए यह संख्या बढ़ाकर 151 पौधों तक पहुंच गई। सभी पौधे बीबड़ौद कॉर्नर स्थित फार्म हाउस परिसर में लगाए गए। इस पर्यावरण अभियान का नेतृत्व ग्रुप अध्यक्ष रेणू लूनिया ने किया। कार्यक्रम में समूह की संस्थापक अध्यक्ष रमिला सकलेचा सहित कई वरिष्ठ सदस्याओं एवं बड़ी संख्या में सखियों की स्नेहिल उपस्थिति रही। सभी ने स्वयं पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सदस्यों ने कहा कि “आइए, एक पौधा लगाएं – प्रकृति को मुस्कुराएं” केवल एक संदेश नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य सुनिश्चित करने का संकल्प है। वृक्षारोपण जैसे छोटे-छोटे प्रयास पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में ग्रुप सचिव निर्मला पटवा एवं अनिता कोठारी ने सभी सहभागी सदस्याओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं पर्यावरणीय अभियानों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

Ratlam News: रतलाम में दूषित पानी का कहर: कुएं का पानी पीने से 80 से ज्यादा ग्रामीण बीमार, 21 अस्पताल में भर्ती

रतलाम के पिपलोदा तहसील के आजमपुर डोडिया गांव में कथित रूप से दूषित कुएं का पानी पीने से 80 से अधिक ग्रामीण बीमार हो गए। 21 मरीज अस्पताल में भर्ती, जांच जारी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के पिपलोदा तहसील अंतर्गत ग्राम आजमपुर डोडिया में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब बड़ी संख्या में ग्रामीण अचानक उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत लेकर बीमार पड़ने लगे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गांव के कुएं का कथित रूप से दूषित पानी पीने के बाद यह स्थिति सामने आई है। करीब 800 आबादी वाले इस गांव में 80 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से 21 मरीजों की हालत को देखते हुए पिपलोदा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शेष लोगों का इलाज गांव में लगाए गए अस्थायी चिकित्सा शिविर में किया गया। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग की टीमें लगातार गांव में डटी हुई हैं। जांच पूरी होने तक प्रशासन ने संबंधित कुएं को सील कर दिया है और ग्रामीणों के लिए टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। फिलहाल बीमारी के वास्तविक कारणों की पुष्टि पानी की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। तीन दिनों से सामने आ रहे थे बीमारी के लक्षण ग्रामीणों के मुताबिक पिछले तीन दिनों से कई लोगों को लगातार पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत हो रही थी। जैसे ही सूचना स्वास्थ्य विभाग तक पहुंची, बीएमओ डॉ. पवन पाटीदार के निर्देश पर 108 एंबुलेंस गांव भेजी गई। इसके बाद मेडिकल टीम ने गांव पहुंचकर स्वास्थ्य शिविर लगाया, जहां करीब 80 ग्रामीणों की जांच की गई। मरीजों को दवाइयां देने के साथ स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर सर्वे भी किया, ताकि किसी अन्य प्रभावित व्यक्ति की पहचान समय रहते हो सके। 21 मरीज अस्पताल में भर्ती स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गंभीर स्थिति वाले 21 मरीजों को पिपलोदा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें शामिल हैं— डॉक्टरों की निगरानी में सभी मरीजों का उपचार जारी है। दूषित कुएं के पानी की आशंका, जांच शुरू प्राथमिक जांच में ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि गांव के मीठे पानी वाले कुएं का पानी दूषित होने के कारण लोग बीमार पड़े हैं। घटना के बाद पीएचई विभाग ने कुएं के पानी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेज दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की एपिडेमियोलॉजिस्ट टीम भी गांव पहुंची और प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच की। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी। एहतियात के तौर पर कुआं सील, टैंकरों से पेयजल आपूर्ति स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित कुएं को तत्काल सील कर दिया है। फिलहाल गांव में— पीएचई विभाग का कहना है कि क्लोरीनेशन और जांच रिपोर्ट संतोषजनक आने के बाद ही कुएं के पानी के उपयोग की अनुमति दी जाएगी। ग्रामीण नल-जल योजना का पानी नहीं पीते ग्रामीणों का कहना है कि गांव में दो सरकारी कुएं हैं। इनमें से एक का पानी मीठा होने के कारण अधिकांश लोग उसी का उपयोग पीने के लिए करते हैं। उनका यह भी कहना है कि नल-जल योजना के तहत मिलने वाले पानी का स्वाद उन्हें पसंद नहीं आता और उसकी आपूर्ति भी नियमित नहीं रहती। इसी वजह से अधिकांश परिवार कुएं के पानी पर निर्भर हैं। एक माह पहले पानी की जांच हुई थी ग्राम सचिव प्रकाशचंद शर्मा के अनुसार करीब एक माह पहले पीएचई विभाग ने कुएं के पानी की जांच की थी और उसे पीने योग्य बताया था। उन्होंने बताया कि कुएं की समय-समय पर सफाई भी कराई जाती है। हालांकि गर्मी के कारण इस समय कुएं में पानी की मात्रा काफी कम हो गई है। दो दिन पहले निकाली गई थी कुएं की गाद सरपंच समरथ ने बताया कि दो दिन पहले मोटर लगाकर कुएं का पानी खाली कराया गया था और गाद भी निकाली गई थी। उनके अनुसार कुएं की पूरी सफाई के लिए कई बार पूरा पानी निकालना जरूरी होता है, लेकिन इस प्रक्रिया का कुछ ग्रामीण विरोध भी करते हैं। तहसीलदार ने अस्पताल पहुंचकर लिया हालचाल घटना की सूचना मिलने के बाद पिपलोदा तहसीलदार प्रीति साठे सिविल अस्पताल पहुंचीं और भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से फिलहाल केवल सुरक्षित और उबला हुआ पानी पीने तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।

Ratlam News: शादी का सपना बना ठगी का जाल: मैरिज ब्यूरो ने युवक से ऐंठे 3.42 लाख, एक माह बाद दुल्हन नकदी और जेवर लेकर फरार

रतलाम के बड़ी सरवन निवासी युवक से मैरिज ब्यूरो के नाम पर 3.42 लाख रुपये की ठगी हुई। शादी के एक माह बाद दुल्हन नकदी और चांदी के जेवर लेकर फरार हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शादी के नाम पर होने वाली ठगी के मामलों में एक और चौंकाने वाला मामला रतलाम जिले से सामने आया है। बड़ी सरवन निवासी एक युवक को कथित मैरिज ब्यूरो संचालकों ने शादी कराने का भरोसा दिलाया और उससे लाखों रुपये वसूल लिए। विवाह संपन्न होने के करीब एक माह बाद दुल्हन घर से नकदी और चांदी के जेवर लेकर फरार हो गई। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच के बाद मामला थाना सरवन को सौंप दिया गया है, जहां आरोपितों की तलाश की जा रही है। मामले ने एक बार फिर शादी के नाम पर सक्रिय ठगी करने वाले गिरोहों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। कैसे हुई मैरिज ब्यूरो के नाम पर ठगी? पुलिस के अनुसार बड़ी सरवन निवासी प्रितेश रेगा मजदूरी करता है। उसकी शादी नहीं हो रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान जावरा क्षेत्र के नादवेल निवासी नंदू उर्फ नंदलाल से हुई। नंदू ने खुद को मैरिज ब्यूरो से जुड़ा बताते हुए दावा किया कि वह ऐसे युवकों की शादी करवाता है जिनका रिश्ता नहीं हो पाता। बाद में नंदू ने पश्चिम बंगाल निवासी विकास बोरी से भी उसकी पहचान कराई। दोनों ने मोबाइल और व्हाट्सएप के माध्यम से कई युवतियों के फोटो भेजे। उत्तर प्रदेश जाकर दिखाई गई युवती जब प्रितेश को भरोसा नहीं हुआ तो उसे युवती देखने के लिए उत्तर प्रदेश बुलाया गया। वह अपने जीजा के साथ पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पहुंचा, जहां विकास बोरी मिला और उसे चंदौली ले गया। वहां कई युवतियों से मुलाकात कराई गई, जिनमें से प्रितेश ने सुमन नाम की युवती को पसंद किया। इसके बाद शादी की बात आगे बढ़ाई गई। शादी के बदले मांगे गए तीन लाख रुपये शिकायत के अनुसार विकास बोरी ने शादी कराने के लिए तीन लाख रुपये की मांग की। प्रितेश ने धोखाधड़ी की आशंका जताई तो आरोपितों ने भरोसा दिलाया कि युवती हमेशा उसके साथ रहेगी और कभी छोड़कर नहीं जाएगी। उनकी बातों पर विश्वास कर प्रितेश ने विवाह के लिए सहमति दे दी। 4 मई 2025 को हुई शादी इसके बाद विकास बोरी युवती को लेकर रतलाम पहुंचा, जहां नंदू भी मिला। सभी लोग बड़ी सरवन पहुंचे और 4 मई 2025 को परिवार की मौजूदगी में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह संपन्न कराया गया। ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए लाखों रुपये शिकायत के अनुसार आरोपितों के बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई गई। लेन-देन का विवरण भुगतान का माध्यम राशि पहली मोबाइल दुकान से ऑनलाइन ट्रांसफर ₹90,000 दूसरी मोबाइल दुकान से ऑनलाइन ट्रांसफर ₹1,85,000 बैंक खाते से ट्रांसफर ₹37,000 कुल नुकसान ₹3,42,500 एक माह बाद दुल्हन हुई फरार प्रितेश के अनुसार शादी के बाद सुमन लगभग एक माह तक उसके साथ रही। 6 जून 2025 की रात करीब दो बजे उसने कथित रूप से किसी व्यक्ति को बोलेरो वाहन से बुलाया और घर में रखे करीब 30 हजार रुपये नकद तथा चांदी की पायजेब लेकर फरार हो गई। सुबह जानकारी मिलने पर प्रितेश ने नंदू और विकास से संपर्क किया। दोनों ने युवती को वापस भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में लगातार टालमटोल करते रहे। आधार कार्ड भी कथित रूप से फर्जी निकला शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में उसे जानकारी मिली कि नंदू उर्फ नंदलाल पहले भी शादी के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करता रहा है। जब सुमन के आधार कार्ड की जांच कराई गई तो वह भी कथित रूप से फर्जी पाया गया। युवती का वास्तविक पता-ठिकाना भी नहीं मिल सका। पुलिस ने दर्ज किया मामला प्रारंभिक जांच के बाद थाना स्टेशन रोड पुलिस ने अपराध दर्ज किया। घटना का क्षेत्राधिकार सरवन थाना होने के कारण मूल प्रकरण आगे की कार्रवाई के लिए वहां भेज दिया गया है। पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

Ratlam News: शराब के नशे में भाइयों का विवाद बना जानलेवा, छोटे भाई की इलाज के दौरान मौत

Ratlam Crime News: रतलाम के लक्ष्मणपुरा में शराब के नशे में दो भाइयों के बीच विवाद के बाद बड़े भाई ने छोटे भाई पर हमला कर दिया। इंदौर में इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में गुरुवार देर रात पारिवारिक विवाद ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत लक्ष्मणपुरा में शराब के नशे में दो भाइयों के बीच हुए झगड़े में बड़े भाई ने छोटे भाई पर कपड़े धोने की मोगरी से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक को पहले रतलाम मेडिकल कॉलेज और बाद में इंदौर रेफर किया गया, जहां शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों भाइयों के बीच शराब के नशे में विवाद हुआ था। पुलिस ने मौके से हमले में इस्तेमाल की गई मोगरी बरामद कर ली है और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है। मृतक की पहचान विमल महावार (30) के रूप में हुई है, जबकि आरोपी बड़ा भाई त्रिलोकचंद महावार बताया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। घटना कैसे हुई? जानकारी के अनुसार गुरुवार रात करीब 2 बजे लक्ष्मणपुरा स्थित घर में दोनों भाइयों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। विवाद बढ़ने पर बड़े भाई त्रिलोकचंद ने कपड़े धोने की मोगरी से विमल के सिर पर जोरदार वार कर दिया। हमले में विमल गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर से काफी खून बहने लगा। घर में मौजूद लकवाग्रस्त मां ने शोर सुनकर पड़ोसियों को बुलाया, जिसके बाद एंबुलेंस की मदद से घायल को अस्पताल पहुंचाया गया। मेडिकल कॉलेज से इंदौर किया गया रेफर रतलाम मेडिकल कॉलेज में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने घायल की गंभीर हालत देखते हुए उसे रात में ही इंदौर रेफर कर दिया। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे इंदौर में इलाज के दौरान विमल ने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने मौके से जुटाए साक्ष्य युवक की मौत की जानकारी मिलने के बाद थाना प्रभारी गायत्री सोनी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचीं। जांच के दौरान पुलिस को घर से— मां की देखभाल करता था छोटा बेटा परिवार के लोगों और पड़ोसियों के अनुसार घर में दोनों भाई अपनी लकवाग्रस्त मां जमनाबाई के साथ रहते थे। पिता का कई वर्ष पहले निधन हो चुका था। बताया गया कि मां की अधिकांश देखभाल विमल ही करता था। घटना के बाद भी सुबह तक उन्हें बेटे की मौत की जानकारी नहीं दी गई थी। पुलिस परिजनों और पड़ोसियों से भी पूछताछ कर रही है। पड़ोसियों ने क्या बताया? स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों भाइयों के बीच अक्सर शराब के नशे में विवाद होता था। पड़ोसियों के अनुसार— हालांकि इन दावों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस का क्या कहना है? थाना प्रभारी गायत्री सोनी के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब के नशे में दोनों भाइयों के बीच विवाद हुआ था, जिसमें छोटे भाई की इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने बताया कि घायल को अस्पताल ले जाने के दौरान बड़ा भाई भी साथ गया था। उसके इंदौर से लौटने के बाद विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पुलिस सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

Ratlam News: रतलाम में गंदे नाले से सब्जियां धोकर बेचने वाला निकला GST कर्मचारी! वीडियो वायरल होते ही विभाग ने थमाया नोटिस

रतलाम में गंदे नाले से सब्जियां धोने का वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा खुलासा हुआ। सब्जी बेचने वाला व्यक्ति जीएसटी विभाग का यूडीसी कर्मचारी निकला। विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी कर जांच शुरू कर दी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में गंदे नाले से सब्जियां धोकर बेचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। जिस व्यक्ति को लोग सामान्य सब्जी विक्रेता समझ रहे थे, वह दरअसल वाणिज्यिक कर (GST) विभाग में अपर डिवीजन क्लर्क (UDC) के पद पर कार्यरत सरकारी कर्मचारी निकला। मामला सामने आने के बाद विभाग ने कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जांच शुरू कर दी है। वीडियो वायरल होने के बाद खुली पहचान जानकारी के अनुसार, आरोपी कर्मचारी सरदार झोडिया मूल रूप से नीमच जिले के नयागांव का निवासी है और लंबे समय से रतलाम के वाणिज्यिक कर विभाग (सर्कल-1) में पदस्थ है। सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक व्यक्ति डाट की पुल क्षेत्र में गंदे नाले के पानी से सब्जियां धोकर बेचता हुआ दिखाई दिया। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों ने उसकी पहचान सरदार झोडिया के रूप में की। पहचान उजागर होने के बाद वह पिछले दो दिनों से अपनी सब्जी की दुकान पर भी नहीं दिखाई दिया। ड्यूटी छोड़कर सब्जी बेचने के भी आरोप मामले में यह भी आरोप सामने आए हैं कि सरदार झोडिया कार्यालयीन समय में ड्यूटी से अनुपस्थित रहकर सब्जी बेचने का काम करता था।हालांकि विभागीय कार्यालय में उसके नाम से उपस्थिति दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। इस पूरे मामले की जांच अब विभागीय स्तर पर की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, संबंधित कर्मचारी का विवादों से पुराना नाता रहा है। कार्य में लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप में उसे पहले भी विभागीय चार्जशीट मिल चुकी है। विभाग ने जारी किया कारण बताओ नोटिस मामले के तूल पकड़ने के बाद वाणिज्यिक कर (GST) विभाग ने कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, नोटिस के जवाब के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। बताया जा रहा है कि कर्मचारी पिछले दो दिनों से आकस्मिक अवकाश पर है। हालांकि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी फिलहाल मामले पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने से बच रहे हैं। जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला जिस स्थान पर आरोपी सब्जियां बेचता था, वह रेलवे कॉलोनी और डाट की पुल क्षेत्र के पास स्थित है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग सब्जियां खरीदते हैं। ऐसे में गंदे नाले के पानी से सब्जियां धोकर बेचना जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

Ratlam News: रतलाम स्टेशन रोड थाने में देर रात हंगामा: रात्रि गश्त की मांग पर भाजपा पार्षद ने TI पर लगाए अभद्रता के आरोप

रतलाम स्टेशन रोड थाना में रात्रि गश्त की मांग को लेकर देर रात हंगामा हुआ। भाजपा पार्षद आयुषी सांखला ने TI जितेंद्र सिंह जादौन पर अभद्रता का आरोप लगाया। एएसपी राकेश पंद्रो ने जांच और गश्त बढ़ाने का आश्वासन दिया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के स्टेशन रोड थाना परिसर में मंगलवार देर रात उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब वार्ड क्रमांक 25 की भाजपा पार्षद आयुषी जलज सांखला ने थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह जादौन पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। मामले की जानकारी मिलते ही महापौर प्रहलाद पटेल, भाजपा पदाधिकारी, एमआईसी सदस्य और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता थाने पहुंच गए और थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। वीडियो देखे मामला बढ़ने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) राकेश पंद्रो मौके पर पहुंचे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर क्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने तथा पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद देर रात प्रदर्शन समाप्त हुआ। रात्रि गश्त की मांग को लेकर थाने पहुंचीं थीं पार्षद पार्षद आयुषी सांखला के अनुसार, उनके वार्ड के शुभ विहार, राम रेसिडेंसी गेट और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से देर रात करीब 1:30 बजे से 3 बजे के बीच असामाजिक तत्व हथियार लेकर घूम रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से लगातार सीएसपी और स्टेशन रोड थाना प्रभारी से फोन पर रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की जा रही थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण मंगलवार देर रात वे भाजपा मंडल अध्यक्ष नीलेश गांधी, राजेश कटारिया और क्षेत्र के रहवासियों के साथ स्टेशन रोड थाने पहुंचीं। TI पर अभद्र व्यवहार का आरोप, बढ़ा विवाद पार्षद का आरोप है कि शिकायत सुनने के बजाय थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह जादौन ने उनके और भाजपा मंडल अध्यक्ष के साथ अभद्र व्यवहार किया। उनके अनुसार, थाना प्रभारी ने कहा, “क्या आपके कहने से पुलिस पॉइंट लगाऊंगा?” इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई। घटना की सूचना मिलते ही महापौर प्रहलाद पटेल, भाजपा के दोनों मंडल अध्यक्ष, एमआईसी सदस्य और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता स्टेशन रोड थाने पहुंच गए। सभी ने थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें लाइन हाजिर करने की मांग करते हुए विरोध दर्ज कराया। ASP राकेश पंद्रो ने दिया जांच और गश्त बढ़ाने का आश्वासन मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) राकेश पंद्रो देर रात स्टेशन रोड थाने पहुंचे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों और पुलिस अधिकारियों से चर्चा की। एएसपी ने कहा कि आमजन की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित क्षेत्र में रात्रिकालीन पुलिस गश्त बढ़ाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का भरोसा दिया। पार्षद बोलीं- जनता की सुरक्षा के लिए गई थी, विरोध जारी रहेगा भाजपा पार्षद आयुषी सांखला ने कहा कि वे किसी विवाद के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता की सुरक्षा सुनिश्चित कराने और पुलिस का सहयोग लेने थाने पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार होता है, तो आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं की शिकायतों को किस तरह सुना जाता होगा, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि थाना प्रभारी के खिलाफ उचित कार्रवाई होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।

रतलाम चाकूबाजी केस: इंदौर से दबोचा गया मुख्य आरोपी बाबर पठान, वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद

रतलाम के स्टेशन रोड थाना क्षेत्र की शनि गली में युवक पर हुए चाकू हमले के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी बाबर पठान को इंदौर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद किया गया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में शराब दुकान के बाहर युवक पर हुए चाकू हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रतलाम चाकूबाजी केस में मुख्य आरोपी बाबर पिता फिरदोस खान पठान (35) निवासी हाथाखानी को इंदौर से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है। न्यायालय में पेशी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। वीडियो देखे घटनास्थल पर ले जाकर करवाई तस्दीक गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी बाबर पठान को घटनास्थल पर लेकर पहुंची, जहां उससे पूरी वारदात की तस्दीक करवाई गई। पुलिस ने आरोपी से घटनाक्रम की जानकारी ली और उसी की निशानदेही पर हमले में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद किया। इस दौरान आरोपी पुलिस हिरासत में लंगड़ाते हुए एक पुलिसकर्मी के सहारे चलता दिखाई दिया। घटनास्थल पर पुलिस ने मौके की बारीकी से जांच कर साक्ष्य भी जुटाए। 10 जुलाई की रात शराब दुकान के बाहर हुआ था विवाद जानकारी के अनुसार, 10 जुलाई की रात स्टेशन Road थाना क्षेत्र की शनि गली (हरमाला रोड) स्थित शराब दुकान के बाहर किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने अंकित नामक युवक पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। रहवासियों ने की थी सख्त कार्रवाई की मांग चाकूबाजी की घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था। स्थानीय रहवासियों और घायल युवक के परिजनों ने स्टेशन रोड थाने पहुंचकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, संबंधित शराब दुकान को बंद कराने और क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा था। बढ़ते जनदबाव को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया और आरोपी की तलाश शुरू की। आखिरकार पुलिस ने इंदौर से मुख्य आरोपी बाबर पठान को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पुलिस ने बरामद किया वारदात का हथियार पुलिस जांच के दौरान आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस अब मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी या नहीं।

Ratlam News: रतलाम फायरिंग केस: सराफा व्यापारी के घर गोलीकांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 1 करोड़ की वसूली के लिए 40 लाख की सुपारी का खुलासा

रतलाम फायरिंग केस में बड़ा खुलासा। सराफा व्यापारी के घर फायरिंग करवाने के मास्टरमाइंड वीनू शर्मा और उसके साथी अजय यादव गिरफ्तार। पुलिस जांच में 1 करोड़ की वसूली और 40 लाख की सुपारी का मामला सामने आया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के चर्चित रतलाम फायरिंग केस में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 21 दिन पहले शहर के सैफी नगर स्थित सराफा व्यापारी के घर पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता विनोद उर्फ वीनू शर्मा और उसके साथी अजय यादव को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस जांच में सामने आया है कि एक करोड़ रुपये की कथित वसूली के लिए 40 लाख रुपये की सुपारी देकर इस वारदात को अंजाम देने की साजिश रची गई थी। वीडियो देखे क्या है पूरा मामला? 19 जून को रतलाम के डीडी नगर थाना क्षेत्र के सैफी नगर में सराफा व्यापारी कमल जैन के घर दो बाइक पर सवार चार बदमाश पहुंचे और घर पर फायरिंग कर फरार हो गए। गोली खिड़की को चीरते हुए घर के अंदर जा पहुंची। घटना के समय व्यापारी की पत्नी घर के अंदर मौजूद थीं। गनीमत रही कि वे बाल-बाल बच गईं, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद व्यापारी ने बजरंग दल के पूर्व विभाग संयोजक विनोद उर्फ वीनू शर्मा पर धमकाने और फायरिंग कराने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच शुरू की। 1 करोड़ की वसूली के लिए 40 लाख की सुपारी पुलिस पूछताछ में वीनू शर्मा ने कथित रूप से स्वीकार किया कि सरवन निवासी सराफा व्यापारी आदित्य सोमानी ने कमल जैन के बेटे दिव्यांश जैन से एक करोड़ रुपये की वसूली कराने के लिए 40 लाख रुपये में सुपारी दी थी। योजना के तहत पहले परिवार को धमकाया गया और बाद में दहशत फैलाने के उद्देश्य से घर पर फायरिंग करवाई गई। पुलिस के अनुसार पूरी रकम की वसूली होने के बाद ही सुपारी की राशि का भुगतान किया जाना तय हुआ था। साजिश ऐसे रची गई जांच में सामने आया कि वीनू शर्मा ने अपने साथियों के साथ मिलकर पूरी साजिश तैयार की। फायरिंग करने वाले आरोपियों की व्यवस्था की गई और वारदात से पहले व्यापारी परिवार को दो बार धमकाया गया। बाजार में भी दिव्यांश जैन को बुलाकर दबाव बनाने की कोशिश की गई थी। गिरफ्तारी के समय पुलिस ने वीनू शर्मा के कब्जे से एक देसी पिस्टल और कारतूस भी बरामद किए हैं। पुलिस का बयान डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि दोनों आरोपियों को रतलाम जिले में सागोद और मोरवनी के बीच बन रहे पुल के पास से गिरफ्तार किया गया। फरारी के दौरान दोनों गुजरात, राजस्थान, होशंगाबाद, देवास और इंदौर सहित कई स्थानों पर छिपते रहे। पुलिस अब उन लोगों की भी पहचान कर रही है जिन्होंने आरोपियों को शरण या मदद दी। ऐसे लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पहले भी अपराधों में शामिल रहा है वीनू शर्मा पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वीनू शर्मा पहले भी अवैध हथियार रखने के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और उसे तीन वर्ष की सजा हुई थी। वह फिलहाल जमानत पर बाहर था। वहीं फायरिंग करने वाला आरोपी वसीम उर्फ पांडू पहले भी एक चर्चित हत्या के मामले में आरोपी रह चुका है। अब तक इतने आरोपी गिरफ्तार, दो अभी भी फरार इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस अब तक फायरिंग करने वाले, साजिश रचने वाले, हथियार उपलब्ध कराने वाले, बाइक उपलब्ध कराने वाले और धमकी देने वाले सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। हालांकि वसीम पठान और अदनान शेरानी अभी भी फरार हैं। दोनों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित है और उनकी तलाश लगातार जारी है।

Ratlam News: रतलाम पुलिस का कमाल! CEIR पोर्टल से खोज निकाले 15 गुम मोबाइल, मालिकों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

रतलाम पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से 15 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटाए। जानिए CEIR पोर्टल कैसे करता है चोरी या गुम मोबाइल की तलाश। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए रतलाम की औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने एक बार फिर सराहनीय कार्य किया है। CEIR पोर्टल की मदद से पुलिस ने आम नागरिकों के 15 गुम मोबाइल फोन खोजकर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी लौट आई और उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली की जमकर सराहना की। वीडियो देखे CEIR पोर्टल की मदद से मिली बड़ी सफलता रतलाम पुलिस द्वारा गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना औद्योगिक क्षेत्र की प्रभारी निरीक्षक गायत्री सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के Central Equipment Identity Register (CEIR) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस ने IMEI नंबर और अन्य तकनीकी जानकारी का विश्लेषण करते हुए विभिन्न स्थानों से 15 गुम मोबाइल फोन बरामद किए। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने और मोबाइल के वास्तविक स्वामित्व का सत्यापन करने के बाद सभी मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंप दिए गए। मोबाइल वापस मिलते ही लोगों ने जताई खुशी आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन केवल बातचीत का माध्यम नहीं बल्कि बैंकिंग, सरकारी दस्तावेज, डिजिटल भुगतान, फोटो, संपर्क और निजी जानकारियों का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। ऐसे में मोबाइल वापस मिलने पर नागरिकों ने रतलाम पुलिस और औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए उनकी सक्रियता की सराहना की। इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक गायत्री सोनी, उपनिरीक्षक ध्यानसिंह सोलंकी, आरक्षक विजय पंवार, किशन वर्मा, मनीष परिहारऔर पवन मेहता की विशेष भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने भी टीम के प्रयासों की सराहना की। क्या है CEIR पोर्टल? CEIR पोर्टल क्या करता है? CEIR (Central Equipment Identity Register) भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन गुम या चोरी हो जाता है, तो वह CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर अपने मोबाइल के IMEI नंबर को ब्लॉक करा सकता है। इसके बाद यदि उस मोबाइल में कोई अन्य सिम कार्ड उपयोग किया जाता है तो तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस उसकी लोकेशन और उपयोग की जानकारी प्राप्त कर मोबाइल की तलाश कर सकती है। मोबाइल गुम होने पर क्या करें? रतलाम पुलिस की अपील रतलाम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में देरी न करें और तत्काल पुलिस को सूचना देने के साथ CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म की सहायता से पुलिस लगातार गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

Ratlam News: रतलाम में नाले से मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, इप्का गेस्ट हाउस के पीछे झाड़ियों में मिला शव; CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

रतलाम में इप्का गेस्ट हाउस के पीछे नाले से एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और CCTV फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब इप्का गेस्ट हाउस के पीछे स्थित नाले से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ। करीब 55 वर्षीय व्यक्ति का शव झाड़ियों के बीच नाले के पानी में औंधे मुंह पड़ा मिला। सूचना मिलते ही स्टेशन रोड थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। रतलाम में नाले से मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, मौके पर पहुंची पुलिस जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे स्थानीय लोगों ने सिटी फोरलेन स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय से कुछ दूरी पर इप्का गेस्ट हाउस के पीछे नाले में शव पड़ा देखा। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची स्टेशन रोड थाना पुलिस ने शव को नाले से बाहर निकलवाया। पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। जिस स्थान पर शव मिला है, उसके पीछे इंदौर रेलवे लाइन भी गुजरती है, इसलिए पुलिस आसपास के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। CCTV फुटेज और पहचान में जुटी पुलिस पुलिस के मुताबिक मृतक ने काले रंग की पैंट और टी-शर्ट पहन रखी थी। दोपहर तक उसकी पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ कर रही है और इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मृतक वहां कैसे पहुंचा। पहचान के लिए आसपास के थानों और गुमशुदगी के मामलों का भी मिलान किया जा रहा है। थाना प्रभारी ने क्या कहा? स्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्र जादौन ने बताया कि मृतक की पहचान कराने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में शव पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। हर एंगल से जांच कर रही पुलिस एफएसएल टीम ने भी मौके से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस प्राकृतिक मौत, दुर्घटना और अन्य संभावित कारणों सहित हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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