Ratlam News: रतलाम में अनोखा विरोध: घोड़ी पर सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचा फरियादी

रतलाम कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान एक फरियादी 15 किमी दूर से घोड़ी पर पहुंचा। गोचर भूमि पर अतिक्रमण हटाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्यप्रदेश के रतलाम में मंगलवार को कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई के दौरान एक अनोखा मामला सामने आया। शिवपुर निवासी अरुण शर्मा अपनी शिकायत लेकर करीब 15 किलोमीटर दूर से घोड़ी पर सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान वहां मौजूद लोग भी इस अनोखे तरीके को देखकर हैरान रह गए। वायरल वीडियो देखे गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग अरुण शर्मा ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए गांव की गोचर (चारागाह) भूमि और कांकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाने की मांग की। उनका कहना है कि इन जमीनों पर अवैध कब्जों के कारण पशुओं के रहने और चरने की जगह खत्म होती जा रही है। हालांकि, जनसुनवाई के दौरान उनकी मुलाकात कलेक्टर से नहीं हो सकी। उन्होंने अपना आवेदन डिप्टी कलेक्टर संजय शर्मा को सौंपा और इसके बाद वापस घोड़ी पर सवार होकर लौट गए। “जानवरों के लिए नहीं बची जगह” अपने आवेदन में अरुण शर्मा ने बताया कि जिले के अधिकांश गांवों में सरकारी चारागाह भूमि पर लोगों ने कब्जा कर लिया है। इससे जानवरों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि पशुओं के रहने तक की जगह नहीं बची है और किसान भी उन्हें बोझ समझने लगे हैं। “क्या धरती पर सिर्फ इंसानों का हक?” अरुण शर्मा ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि जानवरों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या धरती पर सिर्फ इंसानों का ही अधिकार है या फिर जानवरों को भी जीने का हक मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो इसका गंभीर असर पर्यावरण और मानव जीवन दोनों पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री से की कार्रवाई की मांग अरुण शर्मा ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि चारागाह और कांकड़ की जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो इसके परिणाम भविष्य में और भी गंभीर हो सकते हैं।

Ratlam News: रतलाम पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 100 गुम मोबाइल बरामद, ₹20 लाख की संपत्ति लौटाई

रतलाम सायबर सेल ने 100 गुम मोबाइल फोन ट्रेस कर करीब 20 लाख रुपए के मोबाइल उनके मालिकों को लौटाए। जानिए पूरी खबर और पुलिस की अपील। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: गुम हुए मोबाइल फोन से होने वाले आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए रतलाम पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में सायबर सेल ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने 100 गुम मोबाइल फोन ट्रेस कर करीब ₹20 लाख मूल्य के मोबाइल उनके वास्तविक धारकों को वापस सौंप दिए। वीडियो देखे इस अभियान का संचालन पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (IPS) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन में किया गया। सायबर सेल ने CEIR पोर्टल के माध्यम से तकनीकी जांच कर मोबाइल फोन को ट्रेस किया। कई जिलों से बरामद हुए मोबाइल बरामद मोबाइल रतलाम के साथ-साथ इंदौर, धार, मंदसौर, नीमच, उज्जैन और झाबुआ सहित विभिन्न जिलों से प्राप्त किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि कई मोबाइल रास्ते में गिरे हुए मिले थे, जिन्हें लोगों ने अनजाने में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था। पुलिस ने ऐसे लोगों को समझाइश दी कि भविष्य में किसी का मोबाइल मिलने पर उसे तुरंत नजदीकी थाने में जमा कराएं। इन कंपनियों के मोबाइल शामिल बरामद मोबाइल में प्रमुख ब्रांड जैसे सैमसंग, वीवो, रियलमी, रेडमी, ओप्पो और एप्पल के स्मार्टफोन शामिल हैं। सायबर फ्रॉड को लेकर भी किया जागरूक सायबर सेल टीम ने मोबाइल धारकों को मोबाइल सुरक्षा और सायबर फ्रॉड से बचाव के उपायों की भी जानकारी दी, ताकि भविष्य में वे किसी भी ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षित रह सकें। टीम की सराहनीय भूमिका इस अभियान में निरीक्षक अमित कोरी, उप निरीक्षक जीवन बारिया सहित सायबर सेल की पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसकी पुलिस विभाग ने सराहना की है। पुलिस की अपील रतलाम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को कोई गुम मोबाइल फोन मिलता है, तो उसे अपने पास रखने के बजाय नजदीकी पुलिस थाने में जमा कराएं। ऐसा करने वाले व्यक्तियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा और सायबर अपराधों की रोकथाम के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।