विहिप स्थापना दिवस : केंद्रीय मंत्री अजय पारीक का दो दिवसीय रतलाम दौरा, बाजना प्रखंड में हुआ आयोजन

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल द्वारा अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे करने के उपलक्ष्य में 24 अगस्त से लेकर 2 सितंबर तक जिले में अलग – अलग प्रखंड में कार्यक्रम आयोजित हो रहे है। इसी क्रम में विहिप के केंद्रीय मंत्री व भोपाल क्षेत्र पालक अजय पारीक दो दिन रतलाम विभाग के प्रवास पर रहेंगे। 31 अगस्त को अजय पारीक जावरा व रतलाम और 1 सितंबर को झाबुआ में आयोजित होने वाले विहिप स्थापना दिवस के कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे। वे विहिप पदाधिकारियों से कार्य योजनाओं की चर्चा और समीक्षा भी करेंगे। बुधवार को जिले के बाजना प्रखंड में स्थापना दिवस का कार्यक्रम किया गया। जिसमें प्रांत सत्संग प्रमुख आशुतोष शेखावत मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। शेखावत ने विश्व हिंदू परिषद के 60 साल पूर्ण होने पर विगत 60 साल में किए गए संगठन के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए धर्मांतरण, लव जिहाद, गो हत्या व  भविष्य में आने वाली चुनौतियों को  बताया। देश के महापुरुष भगवान बिरसा मुंडा, महाराणा प्रताप आदि ने कैसे विकट परिस्थिति में देश की रक्षा की इसे भी बताया। इस दौरान बजरंगदल जिला सहसंयोजक राजाराम ओहरी, प्रखंड सहसंयोजक शिवम हाडा, जिला धर्माचार्य संपर्क प्रमुख हीरालाल सीरवी, धर्म प्रसार प्रमुख पंकज चौहान, कमलेश  वसुनिया, प्रेम सिंह राठौड़, प्रखंड संयोजक शिवम प्रजापत, प्रखंड मंत्री विशाल यादव, राहुल, गोविंद, दिनेश वसुनिया आदि ग्रामीण उपस्थित रहे। जानकारी जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जायसवाल ने दी।

जन्माष्टमी पर विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस विरुपाक्ष प्रखंड में मनाया गया

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। विरुपाक्ष प्रखंड में विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जिला मंत्री गौरव शर्मा ने बौद्धिक सत्र में भाग लिया। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद की स्थापना के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और कहा कि हिंदू समाज को एकजुट करना और हिंदू जीवन दर्शन और आध्यात्म की रक्षा करना इसका मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू हम सभी एक हैं और कोई उच्च या नीच नहीं है, हम सभी भारत मां की संतान हैं। कार्यक्रम में जिला संगठन मंत्री सुखदेव पांचाल, जिला उपाध्यक्ष व प्रखंड पालक राधेश्याम रावल, जिला सह सयोजक राजा राम ओहरी, जिला सह धर्मप्रसार प्रमुख दिलीप मैदा, प्रखंड अध्यक्ष मुकेश पाटीदार, उपाध्यक्ष भैरूलाल निनामा, प्रखंड मंत्री सुरेश डिंडोर, मंत्री दीपक चौरसिया, गौ रक्षा प्रमुख मनोहर भाटी, बाल उपासना प्रमुख कान्हा भाभर, बलराम मावी, गणेश सोनी, अंकित निनामा, कालू वसुनिया उपस्थित थे। कार्यक्रम की जानकारी जिला प्रचार प्रमुख मोंटी जायसवाल ने दी।

मानवता का “मर्डर” : मां को बनाना चाहता था अपनी हवस का शिकार, इसलिए 10 माह की मासूम बच्ची को उठा कर ले गया दरिंदा दशरथ

रोती – बिलखती मासूम का मुंह दबाकर कुंए में फेंका शव…. सजा – ए – मौत की उठी आवाज! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिला मुख्यालय के कालूखेड़ा थाना अंतर्गत गांव लसुड़िया नाथी से 17 अगस्त की रात एक 10 माह की मासूम के अपहरण की खबर ने सनसनी फैला दी थी। जिसके बाद पूरा पुलिस फोर्स अलग – अलग एंगल से बालिका को ढूंढने में जुट गया। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बगैर किसी सुराग के आरोपी तक पहुंचने की थी। आरोपी पुलिस के सामने ही था। मगर पुलिस के पास पर्याप्त सुराग नहीं होने से वह केवल रडार पर था। रतलाम पुलिस की अथक मेहनत और खोजी कुत्ते की एक निशानदेही ने आरोपी दशरथ के कारनामें को उजागर कर दिया। पुलिस पहुंचती उसके चंद घंटे पहले वह फरार हो चुका होता है। रतलाम पुलिस ने तत्तपरता से आरोपी को अन्य राज्यों में ढूंढने के प्रयास कर दिए। एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया। जिसके बाद राजस्थान पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया, जिसे अब सलाखों के पीछे धकेल दिया। पुलिस सहित समाज को मलाल इसी बात का है की नन्हीं मासूम जीवित नहीं रही। दरिंदे दशरथ ने 10 माह की बच्ची जो ठीक से शायद अपनी मां की पहचान ही जानती थी, उसे दुनियां देखने से पहले ही मौत की नींद सुला दिया। इस पूरे मामले ने आज मानवता की हत्या की है। ऐसी नीच और ओच्छी मानसिकता आखिर समाज में कहां से व्याप्त हो रही है? यह विचार करने का एक गंभीर विषय है। पूरा समाज आज क्रोधित है और आरोपी दशरथ के खिलाफ जल्द से जल्द “सजा – ए – मौत” चाहता है! गौरतलब है की प्रेमा पति मुकेश उर्फ राकेश खारोल निवासी ग्राम उपरवाड़ा करीब एक साल से कालूखेड़ा थाना अंतर्गत गांव लसुड़िया नाथी में अपने मायके में थी। डिलेवरी के पहले वह अपने मायके आई थी। डिलेवरी के बाद से वह मायके में ही थी। पति मिलने आता जाता था। 17 अगस्त की रात प्रेमा घर में अपनी बच्ची तनु के साथ सो रही थी। रात 11 से 12 बजे के बीच मां प्रेमा की नींद खुली तो बच्ची पास में नहीं थी। घर का अंदर से दरवाजा बंद था। खिड़की खुली हुई थी। रात में ही बच्ची के पिता को सूचना दी। गांव में भी बच्ची के गायब होने पर हड़कंप मच गया। रात में पुलिस को सूचना दी। बच्ची को तलाश किया, लेकिन नहीं मिली। जिसके बाद रतलाम एसएसपी राहुल लोढा ने मौके पर पहुंचकर गंभीरता से इस मामले की छानबीन के लिए टीम को लगाया। जिसके बाद परत दर परत मामला खुलता गया और पुलिस ने लसुडिया नाथी निवासी आरोपी दशरथ पिता रामलाल कटारिया (23) को गिरफ्तार किया। दशरथ का बच्ची के पड़ोस में ही घर है, जिसकी पत्नी अपने मायके गई थी। इसका दो साल का एक बेटा भी है। पूरे मामले के खुलासे में एएसपी राकेश खाखा, सीएसपी जावरा दुर्गेश आर्मो, एसडीओपी शक्तिसिंह व कालूखेड़ा टीआई नीलम चौंगड़ की विशेष भूमिका रही। बच्ची को उठाया, ताकी मां के साथ…एसएसपी राहुल लोढा के अनुसार सख्ती से पूछताछ के दौरान आरोपी दशरथ ने बताया की बच्ची की मां यानी प्रेमा पर उसकी बुरी नजर थी। आरोपी दशरथ की पत्नी राखी के लिए 16 अगस्त को गई थी। 17 की रात वह पड़ोसी महिला के घर में खिड़की से गलत नियत से घुसने की फिराक में था। खिड़की के पास उसने बाहर से मां के पास सो रही बच्ची को उठा लिया। उसकी मंशा थी की बच्ची को उठाकर ले जाने से मां उसे ढूंढते हुए बाहर निकलेगी और वह उसका फायदा उठाकर महिला के साथ गलत कार्य कर सके। लेकिन बच्ची को उठाते ही वह रोने लगी तो उसने उसका मुंह हाथ से दबा दिया। इसी बीच बच्ची के मामा मौसी उठ गए और मां भी जाग गई। सभी बच्ची को ढूंढने लगे। आरोपी को जब लगा की मुंह दबाने से बच्ची मर गई है, तो उसने जुर्म छुपाने के लिए घर के पीछे कुछ दूरी पर स्थित कुंए में फेंक दिया। स्निफर डॉग से हाथ लगा सुरागएसएसपी ने बताया घटनास्थल की जांच के लिए साइबर और रेडियो टीम के हाथ भी कुछ नहीं लग रहा था। 200 से अधिक सीसीटीवी छाने, जावरा के प्रत्येक थाने और चौकी के प्रभारी को काम पर लगा दिया गया। गांव के एक – एक घर की तलाशी लेने के साथ सभी से पूछताछ जारी रखी गई। मानव तस्करी के एंगल से जांच को शुरू किया और बांछड़ा डेरो पर कड़ी निगरानी रखी गई। इतना सबकुछ करने के बाद भी नाकाफी सा लग रहा था। आरोपी जिस रास्ते से गया वहां तीन कैमरा थे मगर 2 रास्ते के कैमरा सही थे और उसी रास्ते का कैमरा खराब था जहां से आरोपी गुजरा। मामले में डॉग स्क्वाड को बुलाकर स्निफर डॉग (खोजी कुत्ता) की मदद ली गई। बच्ची के मकान से डॉग 3 किलोमीटर दूर चिकलाना में एक मकान तक पहुंचा। दूसरी बार फिर डॉग को फॉलो किया तो वापस वहीं जाकर डॉग रुक गया। जहां डॉग रुक रहा था वहां शराब मिलती है। पूछताछ में दशरथ कटारिया का नाम सामने आया। इस आधार पर दो बार उससे पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। यहां तक कि आरोपी बच्ची की तलाश में गांव के लोगों के साथ भी में रहा। जब दशरथ पर शक गहराया और सुराग हाथ लगा तब तक वह फरार हो गया। जिसे ढूंढने के लिए अलग – अलग टीमें बनाई। अपने ससुराल जाकर छुपा था आरोपीआरोपी दशरथ पुलिस से बचने के लिए राजस्थान के प्रतापगढ़ में हथूनिया गांव के एक सूने मकान में छुपकर रहने लगा था। रतलाम पुलिस को जांच में जब इसके ऊपर शंका हुई तो पुलिस ने कालूखेड़ा, मंदसौर, नीमच, प्रतापगढ़ के कई संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी, लेकिन आरोपी कहीं नहीं मिला। रतलाम पुलिस ने राजस्थान पुलिस को भी जानकारी दी। इस बीच रविवार दोपहर को हथुनिया थाने के कांस्टेबल सुरेश मीणा को सूचना मिली कि आरोपी एक सुने झोपड़ीनुमा मकान में छिपा है। कांस्टेबल मौके पर पहुंचा, तो दशरथ ने भागने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उसे घेर लिया। कांस्टेबल मीणा की मदद से उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद रतलाम पुलिस को … Read more

विहिप स्थापना दिवस : जन्माष्टमी पर 60 वर्ष पूरे करेगा विश्व हिंदू परिषद, रतलाम के 9 प्रखण्डों पर होंगे कार्यक्रम

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की स्थापना के 60 साल पूरे होने पर संगठन स्थापना दिवस मना रहा है। इसके अंतर्गत 26 अगस्त से लेकर 1 सितंबर तक जिले के कुल 9 प्रखण्डों में विभिन्न आयोजन होंगे। शनिवार को प्रेस वार्ता के दौरान जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जायसवाल ने बताया स्थापना को लेकर पूरे भारत में आयोजन किए जा रहे हैं। जिले में भी प्रखंड स्तर पर गतिविधियों का आयोजन करते हुए स्थापना दिवस मनाया जाएगा। विश्व हिंदू परिषद (विहिप ) की स्थापना श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन ही मुंबई में 1964 ईस्वी में हुई थी। इसके प्रेरणा श्रोत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधव राव सदाशिव राव गोलवलकर उर्फ श्री गुरुजी थे। आज विहिप का काम भारत के सभी प्रांतों के साथ साथ विश्व के 50 से अधिक देशों में है।आपको बता दे विहिप की स्थापना का उद्देश्य “हिंदू समाज को संगठित करना, मजबूत करना और हिंदू धर्म की सेवा और सुरक्षा करना” है। इसकी स्थापना हिंदू मंदिरों के निर्माण और जीर्णोद्धार तथा गोहत्या और धर्मांतरण के मामलों से निपटने के लिए की गई थी। अयोध्या बाबरी विध्वंस और राम मंदिर निर्माण में विहिप मुख्य भूमिका में रहा है। जिलाध्यक्ष दीपक व्यास व जिला मंत्री गौरव शर्मा के अनुसार विहिप की स्थापना 29 अगस्त 1964 को मुंबई में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन हुई थी। संगठन द्वारा समय समय पर समाज के लिए विभिन्न आयामों के द्वारा सेवा और जागरूकता के कार्य किए है। विहिप के गौ रक्षा विभाग द्वारा 60 स्थानों पर देशी गाय की नस्लों के संवर्धन के कार्य किए जा रहे है। भारत में 1200 गौशाला संचालित की जा रही है। 40 स्थान पर घरेलू उपचार व औषधि वितरण कार्य किया जा रहा है। धर्म प्रचार विभाग ने 62 लाख भाई-बहनों का धर्म परिवर्तन रोकने, 8 लाख 50 हजार लोगों की घर वापसी, 400 विद्यालय में 32000 विद्यार्थी पढ़ाई की व्यवस्था, 4 हजार से अधिक सेवा प्रकल्प, शिक्षा के 1417, चिकित्सा में 1653 प्रकल्प चलाए जा रहे हैं। प्रेसवार्ता में जिला संयोजक मुकेश व्यास, जिला कोषाध्यक्ष शंकर सिंह सोलंकी, जिला सहसंयोजक राजाराम ओहरी, सहसंयोजक आशु टांक, सह प्रसार प्रमुख विक्की सेन, धर्माचार्य प्रमुख हीरालाल सीरवी आदि मौजूद रहे।

गैरजिम्मेदाराना रवैया : पाकिस्तानी झंडा लहराने का विरोध करने पर एबीवीपी नेताओं पर एफआईआर

स्कूल की जांच और कार्रवाई निल बटे सन्नाटा!, एबीवीपी करेगा उग्र आंदोलन पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। नगर के रामबाग कॉलोनी स्थित टाइम किड्स प्री स्कूल में भारत माता बनी नन्हीं बालिका के हाथों में पाकिस्तान का झंडा लहराने का विरोध करने वाले छात्र नेताओं पर एफआईआर दर्ज हो गई। विद्यार्थी परिषद को कलेक्टर कार्यालय के सामने जावरा फाटक-सालाखेड़ी रोड पर दो घंटे तक जाम लगाना छात्र नेताओं पर भारी पड़ गया है। स्टेशन रोड पुलिस ने जिला प्रशासन के प्रतिवेदन पर जिला संयोजक सत्यम दवे सहित नौ छात्र नेताओं पर केस दर्ज किया है। छात्र नेताओं ने निजी स्कूल में पाकिस्तान का झंडा लहाराने का विरोध किया था। यह विरोध अधिकारियों को संभवत नागवार गुजरा, इसलिए लोकतांत्रिक तरीके से किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद मुकदमा कायम कर लिया है। वहीं स्कूल पर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई या जांच अब तक सामने नहीं आई है। इस मामले में कलेक्टर राजेश बाथम से हमने संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। एबीवीपी जिला संगठन मंत्री विनोद सिरोही ने बताया अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राष्ट्रवादी संगठन है। जिला प्रशासन ने इसलिए केस दर्ज किया क्योंकि छात्र-छात्राएं भारत माता और तिरंगे के सम्मान में सड़कों पर उतरे थे। और पाकिस्तानी झंडे का विरोध कर रहे थे यह अत्यंत निंदनीय है। जबकी स्कूल पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई। एबीवीपी जिलेभर में उग्र आंदोलन करेगी। प्रशासन को रिकॉर्डिंग और पर्याप्त साक्ष्य मुहैया कराने के बाद भी प्रशासन अब तक कार्रवाई करने में नाकाम है। इससे यह साफ है की प्रशासन सांठ – गांठ या किसी के दबाव में काम कर रहा है। जानकारी के अनुसार स्टेशन रोड पुलिस ने अपर कलेक्टर आरएस मंडलोई की और से शहर तहसीलदार के मिले पत्र को आधार बनाकर यह केस पंजीबद्ध किया है। आवेदन प्रस्तुत करने वाले तरुण कुमार रघुवंशी की रिपोर्ट पर अभाविप जिला संयोजक सत्यम दवे सहित 9 के खिलाफ यह केस पंजीबद्ध किया है। इसमें कहा गया कि नए कलेक्टर आफिस के सामने आमरोड पर भीड एकत्रित कर रोड को अवरुद्ध कर दिया था, जिससे आने जाने वाले आम लोगो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिला प्रशासन ने मामले में अब तक क्या कार्रवाई की? यह सार्वजनिक नहीं हुई है। वहीं सूत्रों की माने तो सत्ताधारी नेताओं के हस्तक्षेप हो जाने के बाद इसे दबाने की कोशिश की जा रही है। इसी का परिणाम है की प्रशासन ने बेख़ौफ विद्यार्थियों के हित में कार्य करने वाले राष्ट्र के सबसे बड़े विद्यार्थी संगठन पर एफआईआर तक दर्ज कर दी। यह है पूरा मामलास्वतंत्रता दिवस के दौरान शहर के रामबाग क्षेत्र में चलने वाले टाइम किड्स प्री स्कूल में बच्चों के कार्यक्रम में पाकिस्तान का झंडा लहराया गया। इसका वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद छात्र नेताओं ने स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अधिकारियों को पसंद नहीं आया। जिस स्कूल में पाकिस्तान का झंडा लहराया, उसके लिए जांच का निर्णय लिया। 2 दिन के अल्टीमेटम के बाद जांच का तो अता पता नहीं  लेकिन छात्र नेताओं पर पुलिस ने एडीएम के आवेदन पर तुरंत एक्शन लेते हुए मुकदमा कायम कर लिया। हालांकि मामले के तुल पकड़ने के बाद स्कूल के दीपक पंत ने अपना पक्ष रखते हुए सफाई दी थी की आधा वीडियो वायरल किया, पूरे वीडियो में विभाजन की त्रासदी का मंचन किया गया। लेकिन जब पब्लिक वार्ता ने उनसे सवाल किया था तब उन्होंने इसे पाकिस्तान का झंडा मानने से इंकार किया और समाजिक सदभाव का प्रतिक बताया था। लेकिन अब खुद दीपक पंत इसे पाकिस्तान का झंडा मानने के साथ सफाई देते हुए खेद जताया रहे है। यह भी देखिए EXCLUSIVE🔥 :स्वतंत्रता दिवस पर स्कूल का जागा पाकिस्तान प्रेम! रतलाम के टाइम किड्स प्री स्कूल में नन्हीं बच्ची के हाथों लहरवाया पाकिस्तानी झंडा – PUBLIC वार्ता स्कूल संचालक दीपक पंत को झंडे में नजर आता है सामाजिक सदभाव! देखिए वीडियो👇🏻

कार्रवाई कब तक? : 2 घंटे तक विद्यार्थी परिषद का उग्र प्रदर्शन, मामला टाइम किड्स स्कूल में पाकिस्तानी झंडे का

कलेक्टर के नहीं आने पर जाम किया सिटी फोरलेन, 2 दिन में कार्रवाई की चेतावनी पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के टाइम किड्स प्री स्कूल में स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित सांस्कृति कार्यक्रम में पाकिस्तानी झंडा लहराने के मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने जमकर प्रदर्शन किया। बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सैकड़ों कार्यकर्ता कलेक्टोरेट ज्ञापन देने पहुंचे। ज्ञापन के दौरान कार्यकर्ता कलेक्टर राजेश बाथम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। कलेक्टर के नहीं आने पर परिषद के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और चक्काजाम करने की चेतावनी दी। जिसके काफी देर बाद कलेक्टर बाथम ज्ञापन लेने कार्यालय से बाहर आए। कलेक्टर के आते ही नाराज कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी जिससे कलेक्टर राजेश बाथम नाराज होकर वापस चले गए। कलेक्टर के जाने से आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने कलेक्टोरेट के बाहर सिटी फोरलेन को पूरी तरह से जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक चले विरोध के बाद अपर कलेक्टर आरएस मंडलोई और एडिशनल एसपी राकेश खाखा ज्ञापन लेने सड़क पर पहुंचे। एबीवीपी ने स्कूल की मान्यता निरस्त करने और संचालक के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी है कि दो दिन के भीतर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो जिलेभर में रतलाम कलेक्टर के विरुद्ध प्रदर्शन किया जाएगा। गौरतलब है की रतलाम के रामबाग कॉलोनी स्थित टाइम किड्स प्री-स्कूल में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान नन्हीं बच्ची के हाथों में पाकिस्तानी झंडा लहराते हुए स्कूल ने वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया। पब्लिक वार्ता ने मुखरता से इस मुद्दे को उठाते हुए स्कूल संचालक दीपक पंत से जब बात की तो उन्होंने इसे सामाजिक सद्भाव का प्रतीक बताकर सही ठहराते हुए वीडियो नहीं हटाया। हालांकि मामले के तूल पकड़ने के बाद अब दीपक पंत द्वारा मीडिया में जारी बयान में यह बताया जा रहा है की यह नाट्य प्रस्तुति थी जिसमें ब्रिटिश झंडा भी था। बरहाल सवाल यही है की जिन बच्चों को सामान्य प्रस्तुतियां ठीक से नहीं आती हो उन्हें इतने गंभीर विषय पर प्रस्तुति करवा कर स्कूल प्रशासन क्या दर्शाना चाह रहा था? वहीं इस प्रकार की प्रस्तुति में पाकिस्तान के भारत विभाजन का क्या औचित्य है? फिलहाल यह पूरा मामला जांच का विषय है। देखना यह है की क्या प्रशासन केवल खानापूर्ति करेग या गंभीरता से जांच! क्योंकि वीडियो सामने आने के 5 दिन बाद तक भी जिम्मेदारों ने स्कूल संचालक को नोटिस तक नहीं दिया। इससे साफ जाहिर होता है की किस प्रकार से एक उद्योगपति अपने रसूख का उपयोग कर ऐसे देशविरोधी कारनामें को अंजाम दे सकता है। और जिम्मेदार केवल तिरंगा यात्राएं निकालकर और स्वागत सत्कार करवाते हुए अपनी एक तरफा देशभक्ति जाहिर करते रहेंगे। अगर आज स्कूल संचालक दीपक पंत का समाजिक सदभाव का प्रतीक पाकिस्तानी झंडा है तो कल से हर गली में ऐसे देशविरोधी पनपे नजर आएंगे जो बच्चों के हाथों पाकिस्तानी झंडे देंगे और बाद में उसे सदभाव बताकर खुद को निर्दोष साबित कर देंगे। जिला शिक्षा अधिकारी को थमाया नोटिस, टीम पहुंची स्कूलस्कूल प्रबंधन ने वीडियो को इंस्टाग्राम पेज पर 15 अगस्त 2024 को शेयर किया था। पब्लिक वार्ता के माध्यम से वीडियो सामने आने के बाद 17 अगस्त 2024 को चाइल्ड लाइन को गोपनीय रूप से शिकायत भी प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर चाइल्ड लाइन ने प्रतिवेदन बनाकर बाल कल्याण समिति को भेजा। बाल कल्याण समिति ने 20 अगस्त 2024 को रतलाम जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी कर जांच के निर्देश दिए थे। समिति सदस्य शंभू मांगरोदा और ममता चौहान के हस्ताक्षर से जारी नोटिस की प्रतिलिपि प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग भोपाल और रतलाम कलेक्टर को भी भेजी गई।  वहीं एबीवीपी के प्रदर्शन के बाद प्रशासन एक्टिव हुआ और एक टीम को स्कूल भेजकर अपनी जांच शुरू की।

ABVP का घेराव : टाइम किड्स स्कूल संचालक के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई, मामला स्वतंत्रता दिवस पर पाकिस्तानी झंडा फहरवाने का

स्कूल संचालक ने बताया था सामाजिक सदभाव! , कल विद्यार्थी परिषद का कलेक्ट्रेट घेराव पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को शहर के रामबाग कॉलोनी स्थित टाइम किड्स प्री स्कूल में भारत माता बनी नन्हीं बच्ची के हाथों पाकिस्तानी झंडा फहरवाने का मामला सामने आया था। इसका वीडियो स्कूल ने अपने सोशल मीडिया के एकाउंट पर डाला था। पब्लिक वार्ता ने मुखरता से इस मामले को जनता के सामने रखा। बकौल स्कूल संचालक दीपक पंत ने इसे सामाजिक सदभाव का प्रतीक बताया। लेकिन तीन दिन बाद तक जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इतने गंभीर मामले में प्रशासन के रवैय्ये को लेकर तीखी आपत्ति ली है। वहीं बुधवार सुबह 11 बजे परिषद के सैंकड़ों कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे। वहीं स्कूल प्रशासन ने इस पूरे मामले में सफाई देते हुए वीडियो को हटा लिया गया और खेद जताकर मामले में इतिश्री कर ली। विद्यार्थी परिषद जिला संयोजक सत्यम दवे ने बताया की मामला घोर निंदनीय है। खबर प्रसारित होने और वीडियो सामने आने के बाद भी जिला प्रशासन और पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया। यह प्रशासन की कार्य प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। विद्यार्थी परिषद इसका कड़ा विरोध करती है। कलेक्ट्रेट का घेराव करने के अलावा अगर प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर स्कूल संचालक दीपक पंत पर एफआईआर और कड़ी कार्रवाई स्कूल के खिलाफ नहीं की तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा। जिसकी सारी जवाबदारी प्रशासन की रहेगी। एडवोकेट मंथन मुसले के अनुसार इस पूरे कृत्य में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 152 और 196 (अ और ब) के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। वीडियो देखने के बाद माना जा सकता है की यह जानबूझकर किया गया कृत्य है। स्कूल व संचालक के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच भी की जानी चाहिए। बाल आयोग को भी इसमें संज्ञान लेकर स्कूल पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

ये कैसा कानून! : वक्फ एक्ट 1995 को खत्म करने की मांग, मुजावर समाज को परेशानी से मुक्ति दिलाने की अपील

देश में तीसरा सबसे बड़ा भूमि मालिक है वक्फ, जानिए क्या है वक्फ बोर्ड और उसका कानून! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। वक्फ एक्ट 1995 को समाप्त करने के लिए एक बड़ा आंदोलन छिड़ चुका है। रतलाम में इसके लिए प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय मुजावर सेना के संस्थापक अध्यक्ष शेर मोहम्मद शाह ने प्रेस वार्ता में वक्फ एक्ट 1995 को पूरी तरह से खत्म करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह एक्ट मुजावर समाज के लोगों को प्रताड़ित और परेशान कर रहा है, जो दरगाह, खानखाहा, कब्रस्तान और पीर स्थानों पर सेवाएं देते हैं। शाह ने कहा कि मुल्क की आजादी के पहले संघर्ष में प्रमुख भूमिका निभाने वाले शहीद मजनू शाह मलंग के नेतृत्व में सन्यासी आन्दोलन चला था, और अब वक्फ बोर्ड द्वारा मुजावर समाज को गुलाम समझा जा रहा है। तीन मुख्य मांगें रखीं1. राजा-महाराजा और नवाबों द्वारा दरगाहों के लिए दी गई जमीनों को वक्फ बोर्ड के अधीन नहीं किया जाना चाहिए।2. वक्फ बोर्ड के जुल्मो सितम से आज़ादी दिलाने के लिये वक्फ एक्ट खत्म होना चाहिए।3. मुस्लिम कानून 1913 को ध्यान में रखते हुए वक्फ अधिनियम 1954 की जांच होनी चाहिए और वक्फ संपत्ति के स्वत्व के दस्तावेजों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वक्फ एक्ट को खत्म करने से मुजावर समाज को परेशानी से मुक्ति मिलेगी और संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन भी नहीं होगा। गौरतलब है की वक्फ बोर्ड और इसकी संपत्ति लगातार विवादों में घिरी हुई है। भाजपा विधायक हरनाथ सिंह यादव ने पिछले साल एक निजी विधेयक पेश करके वक्फ एक्ट 1995 को समाप्त करने की मांग की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह एक्ट लोकतंत्र के विरुद्ध है और देश हित में इसे समाप्त किया जाना चाहिए। हालांकि इस बिल पर फैसला नहीं हो सका, लेकिन वक्फ बोर्ड विवादों में आ गया है। वक्फ बोर्ड के पास कानूनी तौर पर असीमित शक्तियां हैं, जिनका कथित तौर पर वह मनमाना उपयोग करता आ रहा है। आइए जानते हैं कि वक्फ बोर्ड क्या है और यह कैसे काम करता है। क्या है वक्फ का मतलब?वक्फ अरबी भाषा के वकुफा शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है ठहरना. वक्फ का मतलब है ट्रस्ट-जायदाद को जन-कल्याण के लिए समर्पित करना. इस्लाम में ये एक तरह का धर्मार्थ बंदोबस्त है. वक्फ उस जायदाद को कहते हैं, जो इस्लाम को मानने वाले दान करते हैं. ये चल-अचल दोनों तरह की हो सकती है. ये दौलत वक्फ बोर्ड के तहत आती है. कौन कर सकता है डोनेशन?कोई भी वयस्क मुस्लिम व्यक्ति अपने नाम की प्रॉपर्टी वक्फ के नाम कर सकता है. वैसे वक्फ एक स्वैच्छिक कार्रवाई है, जिसके लिए कोई जबर्दस्ती नहीं. इस्लाम में दान-धर्म के लिए एक और टर्म प्रचलित है, जकात। ये हैसियतमंद मुसलमानों के लिए अनिवार्य है। आमदनी से पूरे साल में जो बचत होती है, उसका 2.5 फीसदी हिस्सा किसी  जरूरतमंद को दिया जाता है, जिसे जकात कहते हैं। वक्फ बोर्ड कैसे बनता और काम करता है?वक्फ के पास काफी संपत्ति है, जिसका रखरखाव ठीक से हो सके और धर्मार्थ ही काम आए, इसके लिए स्थानीय से लेकर बड़े स्तर पर कई बॉडीज हैं, जिन्हें वक्फ बोर्ड कहते हैं. तकरीबन हर स्टेट में सुन्नी और शिया वक्फ हैं. इनका काम उस संपत्ति की देखभाल, और उसकी आय का सही इस्तेमाल है. इस संपत्ति से गरीब और जरूरतमंदों की मदद करना, मस्जिद या अन्य धार्मिक संस्थान को बनाए रखना, शिक्षा की व्यवस्था करना और अन्य धर्म के कार्यों के लिए पैसे देने संबंधी चीजें शामिल हैं. सेंटर ने वक्फ बोर्डों के साथ तालमेल के लिए सेंटर वक्फ काउंसिल बनाया हुआ है. वक्फ एसेट्स मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया के मुताबिक देश में कुल 30 वक्फ बोर्ड्स हैं. इनके हेडक्वार्टर ज्यादातर राजधानियों में हैं, क्या है वक्फ कानून?साल 1954 में नेहरू सरकार के समय वक्फ अधिनियम पारित किया गया, जिसके बाद इसका सेंट्रलाइजेशन हुआ. वक्फ एक्ट 1954 इस संपत्ति के रखरखाव का काम करता. इसके बाद से कई बार इसमें संशोधन होता गया. कौन-कौन शामिल बोर्ड में?बोर्ड में सर्वे कमिश्नर होता है, जो संपत्तियों का लेखा-जोखा रखता है. इसके अलावा इसमें मुस्लिम विधायक, मुस्लिम सांसद, मुस्लिम आइएएस अधिकारी, मुस्लिम टाउन प्लानर, मुस्लिम अधिवक्ता और मुस्लिम बुद्धिजीवी जैसे लोग शामिल होते हैं. वक्फ ट्रिब्यूनल में प्रशासनिक अधिकारी होते हैं. ट्रिब्यूनल में कौन शामिल होंगे, इसका फैसला राज्य सरकार करती है. अक्सर राज्य सरकारों की कोशिश यही होती है कि वक्त बोर्ड का गठन ज्यादा से ज्यादा मुस्लिमों से हो. विवाद क्यों होता रहा?आरोप है कि सरकार ने बोर्ड को असीमित ताकत दे दी। वक्फ संपत्तियों को विशेष दर्जा दिया गया है, जो किसी ट्रस्ट आदि से ऊपर है। वक्फ बोर्ड को अधिकार दिया गया है कि वह किसी भी संपत्ति के बारे में यह जांच कर सकता है कि वह वक्फ की संपत्ति है या नहीं। अगर बोर्ड किसी संपत्ति को अपना कहते हुए दावा कर दे तो इसके उलट साबित करना काफी मुश्किल हो सकता है। वक्फ एक्ट का सेक्शन 85 कहता है कि इसके फैसले को हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती नहीं दी जा सकती। भाजपा के नेता हरनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में वहां के स्टेट वक्फ बोर्ड ने तिरुचिरापल्ल जिले के एक पूरे गांव पर ही मालिकाना हक जता दिया था। महाराष्ट्र के सोलापुर में भी कुछ ऐसा केस आ चुका। उत्तर प्रदेश में भी वक्फ बोर्ड ने बड़े पैमाने पर संपत्तियों पर दावा जताया था, जिसके बाद योगी सरकार ने आदेश जारी कि वक्फ की सारी संपत्ति की जांच होगी।ये बात साल 2022 की है. लेकिन सर्वे के नतीजे सामने नहीं आ सके कितनी संपत्ति बोर्ड के पास?वक्फ मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया के मुताबिक देश में करीब 8 लाख 55 हजार से ज्यादा संपत्तियां ऐसी हैं जो वक्फ की हैं।सेना और रेलवे के बाद देश में संपत्ति के मामले में वक्फ तीसरा सबसे बड़ा भूमि मालिक है. उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा वक्फ संपत्ति है।यूपी में सुन्नी बोर्ड के पास कुल 2 लाख 10 हजार 239 संपत्तियां हैं, जबकि शिया बोर्ड के पास 15 हजार 386 संपत्तियां हैं।हर साल हजारों व्यक्तियों द्वारा बोर्ड को वक्फ के रूप में संपत्ति की जाती है, जिससे इसकी … Read more

तिरंगा वाहन रैली आज : भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय और भाजयुमो जिलाध्यक्ष विप्लव जैन के नेतृत्व में जुटेंगे असंख्य युवा

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। भारतीय जनता पार्टी और भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विशाल तिरंगा वाहन रैली का आयोजन होगा। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को सुबह 11 बजे दो बत्ती चौराहा से रैली की शुरुआत होगी। वाहन रैली नगर के गर्ल्स कॉलेज, छत्रिपुल, नगर निगम, नाहरपुरा, घास बाजार, चांदनी चौक, तोपखाना, धानमंडी, शहीद चौक, सैलाना बस स्टैंड, राम मंदिर होते हुए अलकापुरी स्थित भारत माता उद्यान पहुंचेगी। इसका नेतृत्व भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय और भाजयुमो जिलाध्यक्ष विप्लव जैन करेंगे। रैली में भाजपा के समस्त जिला, मंडल, मोर्चा एवं प्रकोष्ठ पदाधिकारी तथा जनप्रतिनिधिगण शामिल होंगे। भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष गौरव मूणत ने बताया की देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा ने स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा अभियान शुरू किया है। मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा एवं भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पंवार के निर्देश पर देश पर प्राण न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान में भाजपा और भाजयुमो द्वारा संयुक्त रूप से सभी जिलों में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं।  रतलाम में तिरंगा वाहन रैली के दौरान सभी युवा हाथ में झंडा थामे भारत माता की जयघोष करते हुए चलेंगे। भाजपा और भाजयुमो के समस्त पदाधिकारियों ने शहरवासियों विशेषकर युवाओं से रैली में अधिक से अधिक उपस्थित होकर राष्ट्र भक्ति का परिचय देने का आह्वान किया है।

जावरा में संघर्ष एकता ग्रुप द्वारा आज होगा तिरंगा यात्रा का आयोजन, युवाओं से शामिल होने की अपील

पब्लिक वार्ता – जावरा,जयदीप गुर्जर। नगर में संघर्ष एकता ग्रुप द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा यात्रा का आयोजन होगा। यह यात्रा जावरा के शहीद भगत सिंह कॉलेज से दोपहर 12:00 बजे शुरू होगी। जो की नगर के मुख्य क्षेत्र फाटक, रतलामी गेट, पिपली बाजार, घण्टाघर, नीम चौक आदि से होकर कोर्ट परिसर क्षेत्र में समाप्त होगी। इस अवसर पर संघर्ष एकता ग्रुप के किशोर मालवीय ने बताया की यात्रा देश के वीरों के बलिदानों को याद करने और उनके सपनों को पूरा करने के लिए की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमें अपने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना होगा। तिरंगा यात्रा में स्थानीय नागरिकों और विद्यार्थियों को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर देशभक्ति गीतों और कविताओं का आयोजन भी किया जाएगा। संघर्ष एकता ग्रुप ने सभी से तिरंगा यात्रा में शामिल होने और देश के प्रति अपनी एकता और समर्थन दिखाने की अपील की है।

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