MP News: MP में निजी मेडिकल कॉलेजों की EWS सीटों पर बड़ा अपडेट, हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

MP News: MP के निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण मामले में हाईकोर्ट ने केंद्र को पक्षकार बनाया है। अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS विद्यार्थियों के आरक्षण को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है। हाईकोर्ट की युगलपीठ ने पुराने मामले में केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने की अनुमति दी है। साथ ही इसी मुद्दे से जुड़ी नई याचिका पर राज्य शासन और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) को नोटिस जारी किया गया है। मामले में कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि संबंधित प्रवेश प्रक्रिया याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। केंद्र सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। अब अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 को होगी। क्या है निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण का मामला? मामला निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS वर्ग के विद्यार्थियों को आरक्षण का लाभ दिलाने से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं की ओर से मांग की गई है कि EWS अभ्यर्थियों को समायोजित करने के लिए निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाई जाए। इससे उन विद्यार्थियों को राहत मिल सकती है, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आरक्षण व्यवस्था का लाभ चाहते हैं। नई याचिका पर राज्य शासन और NMC को नोटिस कुमारी दरक्षा अंजुम सहित अन्य की ओर से दायर नई याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS अभ्यर्थियों के प्रवेश से संबंधित मांग उठाई गई है। प्रशासनिक न्यायाधीश आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की युगलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश शासन और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रवेश प्रक्रिया याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रहेगी। यानी इस मामले में आगे आने वाला न्यायिक निर्णय प्रवेश व्यवस्था पर असर डाल सकता है। पुराने मामले में अब केंद्र सरकार भी शामिल EWS आरक्षण से जुड़ा यह विवाद पहले से हाईकोर्ट में लंबित है। अथर्व चतुर्वेदी विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन नाम से दायर रिट याचिका वर्ष 2024 से अदालत में लंबित है। इस मामले में याचिकाकर्ता ने केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को भी पक्षकार बनाने की मांग की थी। कोर्ट ने मौखिक आवेदन को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार को मामले में शामिल करने की अनुमति दे दी। केंद्र की ओर से नोटिस डिप्टी सॉलिसिटर जनरल सुयश मोहन गुरु को स्वीकार करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र से दो सप्ताह में जवाब मांगा गया है। 2024 के आदेश में क्या कहा गया था? याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट के 17 दिसंबर 2024 के आदेश का भी हवाला दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उस आदेश में NMC को निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण लागू करने के लिए एक वर्ष के भीतर सीटें बढ़ाने से संबंधित निर्देश दिए गए थे। अब नए मामले में केंद्र सरकार का पक्ष भी रिकॉर्ड पर आने के बाद इस मुद्दे पर आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। विद्यार्थियों के लिए क्यों अहम है मामला? निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों की सीटों को लेकर हर साल बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होते हैं। ऐसे में EWS आरक्षण से जुड़ा कोई भी फैसला संबंधित अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि अदालत सीटें बढ़ाने से संबंधित व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने का फैसला करती है, तो भविष्य के प्रवेश सत्रों में EWS वर्ग के विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। हालांकि, अंतिम लाभ और सीटों की संख्या अदालत के फैसले तथा संबंधित नियामकीय व्यवस्था पर निर्भर करेगी। अगली सुनवाई 11 सितंबर को फिलहाल मामले में केंद्र सरकार के जवाब का इंतजार है। राज्य शासन और NMC को भी नई याचिका पर अपना पक्ष रखना होगा। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 को निर्धारित है। उस सुनवाई में सामने आने वाले जवाब और कोर्ट के निर्देश से निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है।

GST Registration Online: घर बैठे खुद बनवाएं GST नंबर, जानिए आवेदन का आसान तरीका

GST Registration Online की पूरी प्रक्रिया जानें। घर बैठे GST नंबर के लिए आवेदन, जरूरी दस्तावेज, TRN, Aadhaar Verification और ARN ट्रैक करने का तरीका समझें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। GST Registration Online: अगर आप नया कारोबार शुरू करने जा रहे हैं या आपका बिजनेस GST के दायरे में आता है, तो GST Registration की जरूरत पड़ सकती है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको जरूरी नहीं कि किसी एजेंट या साइबर कैफे की मदद ही लेनी पड़े। GST पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध है और आवेदन खुद किया जा सकता है। GST Registration के लिए सरकारी पोर्टल पर आवेदन करने का कोई अलग सरकारी रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं है। हालांकि, किसी टैक्स प्रोफेशनल या अन्य व्यक्ति से सहायता लेने पर उसकी सर्विस फीस अलग से हो सकती है। सबसे जरूरी बात यह है कि आवेदन करने से पहले अपने PAN, कारोबार के पते और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जानकारी तैयार रखें। GSTN के आधिकारिक निर्देशों के मुताबिक आवेदन Part A और Part B में पूरा किया जाता है। GST Registration के लिए किन लोगों को जरूरत पड़ सकती है? हर कारोबार के लिए एक जैसी GST Registration requirement नहीं होती। यह कारोबार के प्रकार, टर्नओवर, राज्य और सप्लाई की प्रकृति समेत कई परिस्थितियों पर निर्भर करती है। सामान्य तौर पर जिन कारोबारियों पर GST के तहत रजिस्ट्रेशन की देनदारी बनती है, उन्हें निर्धारित समय में आवेदन करना होता है। कुछ कारोबारी स्वेच्छा से भी GST Registration ले सकते हैं। जरूरी सावधानी: केवल यह मान लेना सही नहीं है कि हर नए बिजनेस को शुरुआत से ही GST नंबर लेना अनिवार्य है। अपने कारोबार की स्थिति के अनुसार लागू नियम जरूर जांचें। GST Registration के लिए कौन-कौन से दस्तावेज रखें? दस्तावेजों की जरूरत कारोबार की संरचना और आवेदन की स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। सामान्य तौर पर निम्न जानकारी/दस्तावेज तैयार रखना उपयोगी है: बैंक अकाउंट की जानकारी को लेकर एक महत्वपूर्ण बात है। GST पोर्टल के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार शुरुआती Registration Application में बैंक अकाउंट की जानकारी अनिवार्य नहीं है; इसे बाद में संशोधन के जरिए जोड़ा जा सकता है। इसलिए बैंक पासबुक या कैंसिल चेक को हर आवेदन में अनिवार्य दस्तावेज बताना सही नहीं होगा। GST Registration Online: सबसे पहले TRN बनाएं GST Registration की प्रक्रिया का पहला चरण Temporary Reference Number यानी TRN बनाना है। Step 1: GST पोर्टल खोलें सबसे पहले GST के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं। GST का आधिकारिक पोर्टल इसके बाद: Services → Registration → New Registration पर क्लिक करें। GSTN के आधिकारिक यूजर गाइड के मुताबिक New Registration में Taxpayer विकल्प चुनना होता है। इसके बाद राज्य और जिले की जानकारी, PAN में दर्ज कानूनी नाम, PAN, ईमेल और मोबाइल नंबर दर्ज किए जाते हैं। Step 2: मोबाइल और ईमेल OTP वेरिफाई करें फॉर्म में मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करने के बाद दोनों पर OTP प्राप्त होगा। OTP डालकर वेरिफिकेशन पूरा करें। सफल वेरिफिकेशन के बाद सिस्टम Temporary Reference Number यानी TRN जारी करता है। यह जानकारी मोबाइल और ईमेल पर भी भेजी जाती है। अब TRN से आवेदन पूरा करें TRN मिलने के बाद दोबारा GST पोर्टल के New Registration सेक्शन में जाकर Temporary Reference Number (TRN) विकल्प चुनें। TRN, ईमेल और कैप्चा दर्ज करने के बाद OTP वेरिफिकेशन पूरा करें। इसके बाद My Saved Application में जाकर अपने ड्राफ्ट आवेदन को Edit करें। ध्यान रखें कि GSTN के अनुसार TRN से जुड़ा ड्राफ्ट आवेदन सीमित समय के लिए उपलब्ध रहता है। आवेदन को निर्धारित अवधि के भीतर पूरा करके जमा करना जरूरी है। आवेदन में ये जानकारी भरनी होगी GST Registration Form में कारोबार से संबंधित कई जानकारियां मांगी जाती हैं। इनमें प्रमुख रूप से: Goods and Services वाले सेक्शन में कारोबार के अनुसार संबंधित HSN/SAC की जानकारी भी देनी पड़ सकती है। Aadhaar Authentication कैसे होगा? आवेदन जमा करने की प्रक्रिया में Aadhaar Authentication का विकल्प आता है। GSTN के मौजूदा निर्देशों के अनुसार नए GST Registration में पात्र करदाताओं के लिए Aadhaar Authentication की प्रक्रिया लागू है। Authentication के लिए संबंधित व्यक्ति को GST पोर्टल से प्राप्त लिंक के जरिए Aadhaar विवरण और OTP के माध्यम से सत्यापन करना पड़ सकता है। कुछ मामलों में जोखिम आधारित प्रक्रिया के अनुसार OTP Authentication के बजाय Biometric Authentication के लिए नामित GST Suvidha Kendra जाना पड़ सकता है। अगर Aadhaar Authentication का विकल्प नहीं चुना जाता है, तो फोटो कैप्चर और दस्तावेज सत्यापन के लिए निर्धारित GST Suvidha Kendra जाना पड़ सकता है। Aadhaar Verification के लिए कितना समय मिलता है? GSTN के अनुसार Aadhaar Authentication लिंक सामान्य तौर पर 15 दिनों तक उपलब्ध रहता है। इसलिए लिंक मिलने के बाद समय पर प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। आवेदन जमा करने के बाद ARN मिलेगा सभी जानकारी भरने, जरूरी दस्तावेज अपलोड करने और आवेदन को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से सत्यापित करने के बाद फॉर्म सबमिट किया जाता है। सफल सबमिशन के बाद Application Reference Number यानी ARN मिलता है। इसी ARN की मदद से आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है। GST पोर्टल में Services → Registration → Track Application Status विकल्प के जरिए स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है। GST नंबर कितने समय में मिल सकता है? GST Registration को लेकर अक्सर 7-10 दिन में नंबर मिलने की बात कही जाती है, लेकिन इसे हर आवेदन के लिए तय समय नहीं माना जाना चाहिए। GSTN के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में, यदि अधिकारी निर्धारित अवधि में कोई कार्रवाई नहीं करते तो कुछ आवेदन 7 working days में deemed approval के प्रावधान के अंतर्गत आ सकते हैं। Aadhaar Authentication विफल होने या Aadhaar Authentication से संबंधित अलग स्थिति में प्रक्रिया लंबी हो सकती है और 30 calendar days तक का प्रावधान लागू हो सकता है। इसलिए आवेदन की मंजूरी दस्तावेजों, सत्यापन और आवेदन की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। GSTIN मिलने के बाद क्या करें? आवेदन मंजूर होने के बाद आपको 15 अंकों का GSTIN मिलता है। इसके बाद GST पोर्टल पर लॉगिन करके संबंधित Registration Certificate डाउनलोड किया जा सकता है। GST नंबर मिलने के बाद कारोबार के लिए लागू GST Return Filing, Tax Invoice, Input Tax Credit और अन्य अनुपालन नियमों को … Read more

MP News: मालवा की वादियों में फिर दौड़ेगी हेरिटेज ट्रेन, 22 अगस्त से सफर शुरू; किराया और पूरा टाइम टेबल जानें

MP News: पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन 22 अगस्त से फिर शुरू होगी। शुक्रवार, शनिवार और रविवार को चलने वाली ट्रेन का किराया और समय जानें। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश में रेल यात्रियों और पर्यटन प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन का संचालन 22 अगस्त से एक बार फिर शुरू होने जा रहा है। यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने इस ट्रेन को दोबारा चलाने का फैसला लिया है। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन—शुक्रवार, शनिवार और रविवार—संचालित होगी। सफर के दौरान यात्रियों को मालवा की पहाड़ियों, घाटियों और प्राकृतिक नजारों को करीब से देखने का मौका मिलेगा। पातालपानी से कालाकुंड तक ऐसा रहेगा सफर ट्रेन संख्या 52965 पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन सुबह 11:05 बजे पातालपानी से रवाना होगी और दोपहर 1:05 बजे कालाकुंड पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 52966 कालाकुंड-पातालपानी दोपहर 3:34 बजे कालाकुंड से रवाना होकर शाम 4:30 बजे पातालपानी पहुंचेगी। इस दौरान करीब दो घंटे का सफर यात्रियों के लिए खास अनुभव वाला रहेगा। पहाड़ी रास्तों और प्राकृतिक दृश्यों के कारण यह रूट लंबे समय से पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा है। ट्रेन में होंगे 6 कोच पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन में कुल 6 डिब्बे शामिल होंगे। इनमें दो एसी चेयरकार कोच और चार नॉन-एसी चेयरकार कोच रहेंगे। कोच व्यवस्था: सिर्फ 20 रुपये में नॉन-एसी सफर इस हेरिटेज ट्रेन की खास बात इसका नॉन-एसी किराया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक तरफ के सफर के लिए नॉन-एसी चेयरकार का किराया 20 रुपये प्रति यात्री निर्धारित किया गया है। वहीं, एसी चेयरकार का एक तरफ का किराया 265 रुपये है। यदि यात्री आने-जाने दोनों दिशाओं में यात्रा करना चाहते हैं, तो दोनों तरफ के लिए अलग-अलग टिकट लेना होगा। महत्वपूर्ण जानकारी टिकट की बुकिंग कहां से होगी? यात्रियों के लिए ट्रेन की अग्रिम बुकिंग सुविधा शुरू कर दी गई है। टिकट पीआरएस काउंटरों के साथ-साथ आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भी बुक किए जा सकते हैं। वीकेंड पर इस ट्रेन में पर्यटकों की अच्छी संख्या पहुंचने की उम्मीद है। इसलिए यात्रा की योजना बनाने वाले यात्रियों के लिए पहले से टिकट बुक करना सुविधाजनक रहेगा। मालवा की प्राकृतिक खूबसूरती देखने का मौका पातालपानी और कालाकुंड के बीच का रेल मार्ग अपने प्राकृतिक नजारों के लिए जाना जाता है। पहाड़ी क्षेत्र से गुजरती ट्रेन यात्रियों को मालवा के हरियाली भरे इलाकों, घाटियों और आसपास के मनोरम दृश्यों का आनंद लेने का अवसर देती है। हेरिटेज ट्रेन का दोबारा संचालन शुरू होने से स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खासकर सप्ताहांत में परिवार और पर्यटक इस सफर को अपने घूमने के कार्यक्रम में शामिल कर सकते हैं।

SBI New Rules: SBI में अब 4 निकासी के बाद लगेगा चार्ज, 1 अक्टूबर से बदलेगा नियम

SBI New Rules: SBI के BSBD खाताधारकों के लिए 1 अक्टूबर 2026 से नया कैश निकासी चार्ज लागू होगा। 4 मुफ्त निकासी के बाद हर अतिरिक्त निकासी पर ₹15+GST लगेगा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। SBI New Rules: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने Basic Savings Bank Deposit यानी BSBD खाते से जुड़ी कैश निकासी सेवाओं के शुल्क में बदलाव किया है। बैंक की वेबसाइट पर जारी संशोधित सर्विस चार्ज जानकारी के मुताबिक नया शुल्क ढांचा 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। नए नियम के तहत BSBD खाताधारकों को महीने में पहली चार कैश निकासी मुफ्त मिलती रहेगी। इसके बाद होने वाली प्रत्येक अतिरिक्त निकासी पर ₹15 और लागू GST का शुल्क लिया जाएगा। SBI ने अपनी वेबसाइट पर इसे BSBD खाते के Branch Channel से संबंधित संशोधित शुल्क के रूप में सूचीबद्ध किया है। यानी इस बदलाव को समझते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि मामला सभी SBI खातों पर लागू होने वाले सामान्य ATM चार्ज का नहीं है। यह खास तौर पर BSBD Account से संबंधित है। SBI New Rules 1 अक्टूबर से क्या बदलेगा? SBI के अनुसार BSBD खाताधारकों के लिए चार कैश निकासी की मुफ्त सीमा बरकरार रहेगी। बदलाव इसके बाद लगने वाले शुल्क से जुड़ा है। पहली चार कैश निकासी पर ग्राहकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके बाद पांचवीं निकासी से चार्ज लागू होगा। पांचवीं, छठी या उसके बाद की हर अतिरिक्त कैश निकासी पर ₹15 और लागू GST देना होगा। यानी एक महीने में चार मुफ्त निकासी पूरी होने के बाद जितनी बार अतिरिक्त कैश निकासी की जाएगी, हर बार यह शुल्क लगेगा। किन ग्राहकों पर पड़ेगा असर? यह बदलाव Basic Savings Bank Deposit (BSBD) Account रखने वाले ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है। SBI ने अपने सर्विस चार्ज पेज पर BSBD Account (Branch Channel) के लिए 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी शुल्क को अलग से सूचीबद्ध किया है। BSBD खाता सामान्य तौर पर उन ग्राहकों के लिए बनाया गया है जिन्हें बुनियादी बैंकिंग सुविधाएं चाहिए और नियमित बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। इस खाते की प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें सामान्य सेविंग्स अकाउंट की तरह न्यूनतम बैलेंस रखने की बाध्यता नहीं होती। 5वीं बार पैसे निकालने पर कितना चार्ज? सबसे अहम सवाल यही है कि चार मुफ्त निकासी पूरी होने के बाद ग्राहक को कितना भुगतान करना होगा। 5वीं और उसके बाद की प्रत्येक अतिरिक्त कैश निकासी पर ₹15 + लागू GST लिया जाएगा। यानी केवल पांचवीं निकासी ही नहीं, बल्कि मुफ्त सीमा के बाद होने वाली हर अतिरिक्त निकासी पर यह शुल्क लागू होगा। मसलन, यदि किसी ग्राहक ने एक महीने में छह बार शुल्क के दायरे वाली कैश निकासी की, तो मुफ्त चार निकासी के बाद पांचवीं और छठी निकासी पर शुल्क लगेगा। BSBD Account क्या होता है? Basic Savings Bank Deposit Account को आम तौर पर ऐसे ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है, जिन्हें बुनियादी बैंकिंग सुविधाएं कम शुल्क और न्यूनतम शर्तों के साथ चाहिए। SBI की वेबसाइट पर BSBD खाते को अलग बैंकिंग उत्पाद के तौर पर सूचीबद्ध किया गया है। इस तरह के खाते में सामान्य सेविंग्स अकाउंट की तुलना में कुछ सुविधाएं सीमित हो सकती हैं। इसलिए ग्राहकों के लिए यह जानना जरूरी है कि उनका SBI खाता BSBD है या सामान्य Savings Account। एक जरूरी बात: हर SBI ग्राहक पर लागू नहीं है नियम सोशल मीडिया या मैसेज के जरिए यह जानकारी फैल सकती है कि SBI के सभी ग्राहकों के लिए महीने में केवल चार ATM ट्रांजेक्शन मुफ्त होंगे। यह निष्कर्ष सही नहीं होगा। SBI की आधिकारिक वेबसाइट पर 1 अक्टूबर 2026 वाला नया शुल्क “Basic Savings Deposit Account – Branch Channel” के नाम से दिया गया है। वहीं सामान्य ATM/ADWM ट्रांजेक्शन शुल्क की अलग सूची भी मौजूद है। इसलिए अगर आपके पास SBI का सामान्य Savings Account है, तो इस खबर को अपने खाते पर सीधे लागू मानने से पहले संबंधित शुल्क सूची जरूर देखें। पुराने नियम से क्या अंतर है? SBI के पहले से उपलब्ध सेवा शुल्क दस्तावेजों में BSBD खातों के लिए चार मुफ्त निकासी के बाद ₹15 + GST प्रति अतिरिक्त ट्रांजेक्शनका प्रावधान दर्ज रहा है। पुराने दस्तावेज में डिजिटल ट्रांजेक्शन को इस गणना से बाहर रखने की बात भी दर्ज थी। इसलिए इस खबर को केवल “चार मुफ्त निकासी पहली बार लागू होने” के तौर पर देखना सही नहीं है। 1 अक्टूबर 2026 का प्रमुख अपडेट BSBD खाते के संशोधित शुल्क ढांचे और उसके Branch Channel के लिए लागू होने से जुड़ा है। SBI की मौजूदा वेबसाइट भी इसे इसी रूप में सूचीबद्ध कर रही है। महत्वपूर्ण: ATM, AEPS, ब्रांच और अन्य माध्यमों की गिनती को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर दिखाई दे रहा है। इसलिए ग्राहकों को अपने खाते के प्रकार और SBI की लागू शुल्क सूची के आधार पर ही शुल्क समझना चाहिए। बिना पुष्टि के इसे सभी SBI ATM ट्रांजेक्शन पर लागू नया नियम मानना उचित नहीं है। ग्राहकों को क्या ध्यान रखना चाहिए? BSBD खाताधारकों को महीने में होने वाली कैश निकासी पर नजर रखनी चाहिए। अगर मुफ्त सीमा पार होती है, तो अतिरिक्त निकासी पर शुल्क लग सकता है। ध्यान रखने योग्य बातें:

Ratlam News: रतलाम में किन्नरों को जबरन कार में बैठाने का आरोप, मारपीट के बाद FIR

Ratlam News: रतलाम में किन्नरों के दो समूहों के विवाद में जबरन कार में बैठाने और मारपीट के आरोप लगे हैं। पूनम जान समेत अन्य पर जीआरपी ने केस दर्ज किया है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में किन्नरों के दो समूहों के बीच चल रहे विवाद ने अब पुलिस थाने तक पहुंच बना ली है। शिकायत के मुताबिक, तीन किन्नरों को कथित तौर पर चाकू और डंडे दिखाकर जबरन कार में बैठाया गया और बाद में सुनसान स्थान पर ले जाकर उनके साथ मारपीट की गई। मामले में पूनम जान समेत अन्य लोगों के खिलाफ जीआरपी ने केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता किन्नर दीपा गुरु, जिनकी पहचान दिशा जागीरदार के रूप में बताई गई है, ने पुलिस को दिए आवेदन में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विवाद गुरु बदलने, रतलाम छोड़ने और शहर में बस्ती मांगने के क्षेत्र को लेकर है। घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आने की बात कही गई है। घटना का CCTV देखे जीआरपी के अनुसार, शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। क्या है पूरा मामला? शिकायत के अनुसार, मंगलवार रात करीब 12:30 बजे दीपा गुरु रतलाम रेलवे स्टेशन से फ्रीगंज रोड स्थित ऑन व्हील रेस्टोरेंट के पीछे से जा रही थीं। इसी दौरान उन्हें किन्नर सनम मिलीं और दोनों साथ हो गईं। आरोप है कि इसी दौरान काले रंग की एक स्कॉर्पियो वहां आकर रुकी। शिकायत में कहा गया है कि वाहन में किन्नर पूनम जान, उनका पति नायक और अन्य साथी मौजूद थे। दीपा गुरु का आरोप है कि चाकू और डंडे दिखाकर उन्हें और सनम को जबरन वाहन में बैठाया गया। दोनों के मोबाइल फोन भी ले लिए गए। सैलाना बस स्टैंड से दो अन्य किन्नरों को भी बैठाने का आरोप शिकायत के मुताबिक, स्कॉर्पियो सैलाना बस स्टैंड पहुंची, जहां करीना और नित्या नाम की दो अन्य किन्नर मिलीं। आरोप है कि उन्हें भी धमकाकर कार में बैठाया गया और मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए गए। इसके बाद सभी को भगतन की बावड़ी क्षेत्र स्थित पूनम जान के घर ले जाया गया। वहां से दिव्या को भी साथ लिया गया और फिर सभी को डी-मार्ट रोड के पास एक सुनसान स्थान पर ले जाने का आरोप लगाया गया। बेसबॉल बैट और डंडों से मारपीट का आरोप दीपा गुरु ने शिकायत में आरोप लगाया कि सुनसान स्थान पर उनके साथ लात-घूंसों के अलावा बेसबॉल बैट और डंडों से मारपीट की गई। शिकायत में दो साथियों को चाकू से घायल किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। आरोप है कि घटना के बाद सभी को कथित तौर पर राजी-खुशी छोड़ने के वीडियो बनाए गए, ताकि मामले को अलग रूप दिया जा सके। इसके बाद उन्हें मछली मार्केट के पास छोड़ने की बात शिकायत में कही गई है। गुरु बदलने और रतलाम छोड़ने का दबाव? शिकायतकर्ता के मुताबिक, पूरे विवाद की एक वजह गुरु बदलने और रतलाम में बस्ती मांगने के क्षेत्र को लेकर दबाव बनाना है। शिकायत में जान से मारने की धमकी देने और एक किन्नर का पर्स छीनने का आरोप भी लगाया गया है। पर्स में करीब 10 से 15 हजार रुपये होने की बात शिकायत में कही गई है। इन सभी आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और फिलहाल इन्हें शिकायतकर्ता के आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है। किन्नर काजल और पूनम जान के समूह के बीच विवाद मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, विवाद किन्नर गुरु काजल और पूनम जान के समूह के बीच बताया जा रहा है। रतलाम शहर में दोनों समूहों के अलग-अलग क्षेत्र होने की बात भी सामने आई है। घटना रेलवे क्षेत्र से जुड़ी होने के कारण जीआरपी ने मामले में कार्रवाई की है। शिकायत मिलने के बाद इंदौर से जीआरपी डीएसपी ज्योति शर्मा रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुंचीं और घायल किन्नरों से घटनाक्रम की जानकारी ली। जीआरपी ने दर्ज किया मामला इंदौर जीआरपी डीएसपी ज्योति शर्मा के अनुसार, किन्नर की शिकायत पर पूनम जान समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

Ratlam News: रतलाम में नई ई-स्कूटी बनी आग का कारण? मां-बेटी झुलसीं, घर का सामान खाक

Ratlam News: रतलाम की विंध्यावासिनी कॉलोनी में नई ई-स्कूटी में अचानक विस्फोट से घर में आग लग गई। मां-बेटी करीब 60% झुलसीं, पुलिस जांच में जुटी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में बुधवार तड़के एक घर के अंदर खड़ी नई ई-स्कूटी में अचानक धमाका होने से हड़कंप मच गया। विंध्यावासिनी कॉलोनी में करीब सुबह 4 बजे हुए इस हादसे के बाद आग तेजी से पूरे घर में फैल गई। कमरे में सो रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और उनकी 16 वर्षीय बेटी आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गईं। वीडियो देखे आग इतनी तेज थी कि घर में रखा अधिकांश सामान जलकर खाक हो गया। कूलर और पंखे तक गर्मी के कारण पिघल गए। पड़ोसियों ने किसी तरह मां और दोनों बेटियों को घर से बाहर निकाला। गैस सिलेंडर को भी समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। 10 दिन पहले ही खरीदी थी ई-स्कूटी परिवार के सदस्य वीरेंद्र सिंह के मुताबिक, करीब 10 दिन पहले ही माणक चौक स्थित एक शोरूम से करीब 85 हजार रुपये में नई ई-स्कूटी खरीदी गई थी। हादसे की सबसे अहम बात यह है कि रात में स्कूटी चार्जिंग पर नहीं लगी थी। परिवार के मुताबिक सोने से पहले चार्जिंग प्लग भी निकाल दिया गया था। इसके बावजूद तड़के अचानक स्कूटी में आग लगी और फिर धमाका हुआ। आग की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ई-स्कूटी पूरी तरह जल गई और उसका केवल लोहे का ढांचा बचा। सोते समय खुली आंखें तो चारों तरफ थी आग परिवार की बेटी विजय लक्ष्मी के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 4 बजे उनकी नींद खुली तो कमरे में स्कूटी जलती दिखाई दी। आग तेजी से फैल रही थी। उन्होंने सबसे पहले घर में रखी गैस टंकी का बटन बंद किया। इसके बाद ऊपर जाकर गेट खोलने की कोशिश की। इसी दौरान उनकी छोटी बहन डरकर पीछे वाले कमरे में चली गई। विजय लक्ष्मी के अनुसार, मां छोटी बेटी को बाहर निकालने के लिए पीछे गईं। इसी दौरान आग और तेज हो गई। मां और छोटी बहन को जलते हुए बाहर आते देखकर उन्होंने दोनों का हाथ पकड़ा और किसी तरह छत तक पहुंचाया। छत के रास्ते पड़ोसी की छत पर पहुंचने के बाद तीनों नीचे उतरे और घर से बाहर निकल सके। विजय लक्ष्मी के पैर में मामूली चोट आई, जबकि उनकी मां और छोटी बहन बुरी तरह झुलस गईं। पड़ोसियों ने बचाई जान, सिलेंडर भी बाहर निकाला आग लगने के बाद परिवार की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। उन्होंने काफी मशक्कत के बाद मां और दोनों बेटियों को घर से बाहर निकाला। घर में रखा गैस सिलेंडर भी पड़ोसियों ने समय रहते बाहर निकाल लिया। यदि आग सिलेंडर तक पहुंच जाती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। सूचना मिलने पर नगर निगम की दमकल टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक घर का काफी सामान जल चुका था। डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंचने का आरोप घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। पड़ोसियों का आरोप है कि कई बार फोन करने के बावजूद करीब डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद घायल मां-बेटी को निजी वाहन से रतलाम जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को गंभीर स्थिति में मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। परिवार के अनुसार, दोनों करीब 60 फीसदी तक झुलसी हैं। चार्जिंग पर नहीं थी स्कूटी, फिर कैसे लगी आग? हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब ई-स्कूटी चार्जिंग पर नहीं लगी थी, तो उसमें आग और धमाका किस वजह से हुआ? परिवार के मुताबिक रात में स्कूटी का चार्जिंग प्लग निकाल दिया गया था। पुलिस अब इसी बिंदु समेत आग लगने के अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही है। पवासा पुलिस मामले की जांच में जुटी है। फिलहाल आग लगने की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

Ratlam News: रतलाम में नाबालिग के घर पहुंचे युवक के गले पर गंभीर चोट, 20 टांके; पिता ने आरोप से किया इनकार

Ratlam News: रतलाम में नाबालिग से मिलने पहुंचे 20 वर्षीय युवक के गले पर कांच से हमला होने का मामला सामने आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक युवक के गंभीर रूप से घायल होने का मामला सामने आया। बताया गया कि 20 वर्षीय युवक एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से मिलने उसके घर पहुंचा था। इसी दौरान लड़की के माता-पिता के घर लौटने पर विवाद हो गया और युवक के गले पर कांच से चोट लग गई। घायल युवक के गले में करीब 7×2 सेंटीमीटर का घाव बताया गया है। मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान उसके गले पर करीब 20 टांके लगाए गए। चिकित्सकीय जांच में दो छोटी नसों के कटने की बात भी सामने आई है। फिलहाल युवक की हालत स्थिर बताई गई है। घटना को लेकर दोनों पक्षों के बयान सामने आए हैं। नाबालिग ने पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में अपने पिता पर कांच की बोतल से हमला करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, लड़की के पिता ने युवक पर हमला करने से साफ इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि घायल युवक के बयान और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। नाबालिग से मिलने घर पहुंचा था युवक जानकारी के अनुसार, बिरियाखेड़ी निवासी 20 वर्षीय समीर पुत्र शमी कुरैशी मंगलवार को 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से मिलने उसके घर पहुंचा था। उस समय लड़की के माता-पिता घर पर नहीं थे। कुछ देर बाद माता-पिता के अचानक घर लौटने पर उन्हें घर में युवक दिखाई दिया। इसके बाद युवक और लड़की के पिता के बीच विवाद होने की बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग और युवक करीब तीन साल से एक-दूसरे को जानते हैं। प्राथमिक पूछताछ में नाबालिग ने युवक को अपना प्रेमी बताया है। गले में कांच लगने से गंभीर चोट विवाद के दौरान युवक के गले में कांच लगने से गंभीर चोट आई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गले के बीचों-बीच करीब 7×2 सेंटीमीटर का घाव हुआ। घटना की सूचना मिलने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और डायल-112 को जानकारी दी। पुलिस ने घायल युवक को डायल-112 वाहन की मदद से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां उसका उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकीय उपचार के दौरान युवक के गले में करीब 20 टांके लगाए गए। जांच में दो छोटी नसों के कटने की जानकारी भी सामने आई है। नाबालिग ने पिता पर लगाया हमला करने का आरोप घटना के बाद नाबालिग भी मेडिकल कॉलेज पहुंची। पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में उसने अपने पिता पर कांच की बोतल से युवक के गले पर वार करने का आरोप लगाया। हालांकि, पुलिस ने अभी मामले में अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। घायल युवक के बयान फिलहाल दर्ज नहीं हो सके हैं। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। लड़की के पिता ने आरोपों को बताया गलत लड़की के पिता ने युवक पर हमला करने के आरोप से इनकार किया है। उनके अनुसार, पड़ोसियों ने फोन कर बताया था कि घर में कोई युवक घुस गया है। सूचना मिलने के बाद वह घर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। पिता का दावा है कि दरवाजा खुलवाने के लिए उन्होंने आवाज लगाई। उनके अनुसार, इसी दौरान युवक ने उनकी बेटी को धमकाते हुए कहा कि वह मर जाएगा और उसे उसका साथ देना होगा। इसके बाद युवक ने कथित तौर पर खुद कांच का गिलास अपने गले पर मार लिया। पिता के इस दावे की पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि युवक के गले में चोट किन परिस्थितियों में लगी। पुलिस कर रही मामले की जांच एसआई ध्यानसिंह सोलंकी के अनुसार, मामले की जांच जारी है। नाबालिग के बयान लिए जा रहे हैं। घायल युवक के बयान दर्ज होने और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Ratlam News: रतलाम में BAMS छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव; युवक हिरासत में

Ratlam News: रतलाम में 20 वर्षीय BAMS छात्रा ने सहपाठी पर बंधक बनाकर दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाने और धर्म परिवर्तन का दबाव डालने का आरोप लगाया है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में 20 वर्षीय BAMS छात्रा की शिकायत के बाद गंभीर मामला सामने आया है। छात्रा ने अपने साथ पढ़ने वाले युवक पर उसे घर में बंधक बनाने, उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाने और अश्लील वीडियो रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया है। छात्रा का आरोप है कि वीडियो के जरिए उसे डराया गया और धर्म परिवर्तन कर आरोपी से शादी करने के लिए दबाव बनाया गया। शिकायत के मुताबिक, विरोध करने पर वीडियो वायरल करने और जान से खत्म करने की धमकी भी दी गई। मामले की शिकायत छात्रा ने अपने माता-पिता के साथ स्टेशन रोड थाने पहुंचकर की। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस ने आरोपी युवक को बड़वानी जिले के वरला से हिरासत में लिया है। महत्वपूर्ण: इस खबर में धर्म परिवर्तन और अन्य आरोप पीड़िता की शिकायत के आधार पर बताए जा रहे हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। 1 अगस्त को मकान में ले जाने का आरोप छात्रा के अनुसार, वह रतलाम के एक निजी कॉलेज में BAMS की पढ़ाई कर रही है। 1 अगस्त की शाम करीब 5:30 बजे उसके साथ पढ़ने वाला जुबेर मंसूरी उसे रतलाम के शास्त्री नगर स्थित एक मकान में ले गया। शिकायत के अनुसार, वहां कमरे का दरवाजा बंद कर छात्रा को बाहर जाने से रोका गया। छात्रा ने आरोप लगाया कि इसी दौरान उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए गए और उसका अश्लील वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया। धर्म परिवर्तन और शादी के लिए दबाव का आरोप छात्रा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि युवक ने उस पर अपना धर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म अपनाने और उससे शादी करने का दबाव बनाया। शिकायत के मुताबिक, ऐसा नहीं करने पर वीडियो सार्वजनिक करने और जान से मारने की धमकी दी गई। डर के कारण छात्रा ने शुरुआत में घटना की जानकारी अपने परिवार को नहीं दी। Snapchat पर वीडियो वायरल करने का आरोप पीड़िता के अनुसार, बाद में आरोपी ने कथित अश्लील वीडियो Snapchat पर प्रसारित कर दिए। इसके बाद छात्रा ने अपने माता-पिता को पूरी घटना की जानकारी दी और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को छात्रा ने कथित वायरल वीडियो से संबंधित एक पेनड्राइव भी सौंपी है। पुलिस अब मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। बड़वानी के वरला से युवक हिरासत में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी युवक की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से वह फरार था। तलाश के दौरान उसे बड़वानी जिले के वरला से हिरासत में लिया गया। अब पुलिस मामले में शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच के दौरान घटनास्थल, डिजिटल सामग्री और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा सकती है। पुलिस जांच में इन बिंदुओं पर रहेगा फोकस

Ratlam News: रतलाम में 5.5 करोड़ की सराफा लूट का खुलासा, 48 घंटे में 6 आरोपी गिरफ्तार

Ratlam News: रतलाम में सराफा व्यापारी से हुई 5.5 करोड़ की लूट का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा किया। 6 आरोपी गिरफ्तार, सोने-चांदी के जेवर बरामद। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: बिलपांक थाना क्षेत्र में बस के भीतर सराफा व्यापारी से हुई करोड़ों रुपये की लूट के मामले में रतलाम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना के महज 48 घंटे के भीतर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटे गए सोने और चांदी के आभूषणों का बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से सोने के 238 नग जेवरात, वजन 4.167 किलोग्राम, जबकि चांदी के 183 नग जेवरात, वजन 4.047 किलोग्राम बरामद हुए हैं। डिब्बों सहित बरामद आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 5.5 करोड़ रुपये बताई गई है। वीडियो देखे इस पूरे मामले में पुलिस ने 300 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले। इसके साथ ही साइबर और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया गया। पुलिस का दावा है कि CCTV, डिजिटल इनपुट और मैदानी जांच के संयुक्त प्रयास से आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। बस में व्यापारी से छीना था जेवरों से भरा बैग पुलिस के अनुसार, रतलाम निवासी अर्पित चोरड़िया सोने-चांदी के आभूषणों का कारोबार करते हैं। वे बड़नगर के व्यापारियों के साथ भी व्यापार करते हैं। 13 अगस्त 2026 को अर्पित बड़नगर में व्यापारिक काम से गए थे। विभिन्न व्यापारियों को सोने के आभूषण देने के बाद रात करीब 8:20 बजे बीके यादव बस से रतलाम के लिए रवाना हुए। रात करीब 9:15 से 9:30 बजे के बीच बस जब हनुमान चौकी और उमरथाना फंटा क्षेत्र के पास पहुंची, तभी बड़नगर से बस में सवार दो लोग व्यापारी के पास पहुंचे और उनका बैग छीनने का प्रयास किया। अर्पित ने बैग पकड़कर विरोध किया और शोर मचाया। इसके बाद तीन अन्य आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। आरोपी बैग छीनकर बस से फरार हो गए। बैग में सोने-चांदी के आभूषणों के साथ नकदी और जरूरी दस्तावेज भी रखे थे। 300 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की। घटनास्थल से लेकर बड़नगर तक आने-जाने वाले रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग जुटाई गई। जांच टीमों ने 300 से अधिक CCTV फुटेज का विश्लेषण किया। इसके अलावा बस चालक, परिचालक और क्लीनर सहित अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई। सायबर सेल ने मोबाइल और अन्य तकनीकी इनपुट का विश्लेषण कर संदिग्धों की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई। तकनीकी साक्ष्यों और मैदानी जांच के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की। हिम्मतगढ़ पहाड़ी क्षेत्र से पकड़े गए आरोपी पुलिस को 15 अगस्त को सूचना मिली कि घटना में शामिल आरोपी हिम्मतगढ़ पहाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं और लूट का सामान भी उनके पास है। सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने घेराबंदी कर छह संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम पुलिस के अनुसार मामले में रोहित नायक निवासी रामरहिम नगर, रतलाम और गौरव गुर्जर निवासी हरसोला, इंदौर फरार हैं। उनकी तलाश जारी है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में बनीं विशेष टीमें घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही CCTV फुटेज, भौतिक साक्ष्य और तकनीकी जानकारी को एक साथ जोड़कर जांच आगे बढ़ाई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम ग्रामीण विवेक कुमार लाल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम शहर के मार्गदर्शन में अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने काम किया। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में साइबर सेल, बिलपांक थाना, डीएसबी तथा अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम को किया जाएगा पुरस्कृत रतलाम पुलिस ने मामले का तेजी से खुलासा करने वाली टीम की सराहना की है। पुलिस के अनुसार, इस चुनौतीपूर्ण प्रकरण के खुलासे में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा। मामले में आगे क्या? पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही फरार बताए गए दोनों आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात की पूरी योजना किस तरह बनाई गई और इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

Ratlam News: रतलाम में 8 लेन एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, ट्रक से टकराई अर्टिगा; 4 की मौत

Ratlam News: रतलाम के शिवगढ़ के पास 8 लेन एक्सप्रेसवे पर अर्टिगा कार खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में 4 लोगों की मौत और 5 घायल हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के शिवगढ़ के पास दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। यहां एक अर्टिगा कार सड़क पर खड़े ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार घसीटते हुए कुछ दूरी तक गई और फिर पलट गई। हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए। कार में कुल 9 लोग सवार थे। दुर्घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। पांच लोग घायल हुए हैं। घायलों में दो बच्चे भी बताए गए हैं। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और एनएचआई की टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। शिवगढ़ के पास खड़े ट्रक से टकराई कार जानकारी के अनुसार, हादसा शुक्रवार देर रात शिवगढ़ क्षेत्र के पास दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेसवे पर हुआ। अर्टिगा कार सड़क पर खड़े ट्रक से टकरा गई। टक्कर के बाद कार काफी दूर तक घिसटती चली गई और पलट गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में सवार कई लोग अंदर ही फंस गए। कुछ लोग किसी तरह कार से बाहर निकल पाए। हादसे की सूचना मिलने के बाद आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चार लोगों की मौके पर मौत दुर्घटना में चार लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है— पांच लोग गंभीर रूप से घायल हादसे में पांच लोग घायल हुए हैं। इनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। घायलों की पहचान उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस तरह हुई है— सभी घायलों को उपचार के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। एनएचआई एंबुलेंस और पुलिस टीम मौके पर पहुंची हादसे की सूचना मिलते ही एनएचआई की एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची। एंबुलेंस स्टाफ में संजय चरपोटा, पायलट प्रताप समेत अन्य कर्मचारी शामिल थे। शिवगढ़ थाना पुलिस की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस और राहत दल ने कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई की। हादसे की जांच में जुटी पुलिस शिवगढ़ थाना पुलिस ने घटना के संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसा किस वजह से हुआ और सड़क पर ट्रक किस स्थिति में खड़ा था, इसकी विस्तृत जानकारी जांच के बाद सामने आएगी। फिलहाल प्राथमिक जानकारी के अनुसार कार की खड़े ट्रक से जोरदार टक्कर के बाद यह दुर्घटना हुई।

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