YouTube Monetization Rules 2027: कमाई के लिए बढ़ी वॉच टाइम और Shorts की शर्त

YouTube Monetization Rules 2027: YouTube ने 2027 से नए क्रिएटर्स के लिए YPP की शर्तें कड़ी करने का ऐलान किया है। वॉच आवर्स और Shorts व्यूज का नया नियम जानें।  नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। YouTube Monetization Rules 2027: YouTube से कमाई शुरू करने की तैयारी कर रहे नए क्रिएटर्स के लिए आने वाला साल चुनौतीपूर्ण हो सकता है। प्लेटफॉर्म ने YouTube Partner Program (YPP) में विज्ञापन और YouTube Premium रेवेन्यू शेयरिंग से जुड़ी पात्रता शर्तों को बढ़ाने की घोषणा की है। नई व्यवस्था के मुताबिक 1 फरवरी 2027 से YPP में नए आवेदन करने वाले क्रिएटर्स को विज्ञापन और YouTube Premium की कमाई के लिए पहले के मुकाबले ज्यादा वॉच टाइम या Shorts व्यूज पूरे करने होंगे। वॉच आवर्स की सीमा 4,000 से बढ़ाकर 8,000 घंटे और Shorts की सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ योग्य व्यूज की जाएगी। हालांकि, 1,000 सब्सक्राइबर की मौजूदा शर्त में बदलाव नहीं किया गया है। पहले से YPP में शामिल क्रिएटर्स पर नए आवेदन की यह बढ़ी हुई एंट्री शर्त लागू नहीं होगी। 2027 से YPP में क्या बदलेगा? YouTube की नई व्यवस्था मुख्य रूप से उन क्रिएटर्स पर लागू होगी जो 1 फरवरी 2027 के बाद YPP के लिए नए सिरे से आवेदन करेंगे। YouTube Monetization की नई पात्रता YouTube के नए नियमों के तहत 1 फरवरी 2027 से नए क्रिएटर्स को विज्ञापन और YouTube Premium से कमाई के लिए पहले से ज्यादा लक्ष्य पूरा करना होगा। लॉन्ग-फॉर्म वीडियो के लिए वॉच टाइम की सीमा 4,000 घंटे से बढ़कर 8,000 घंटे हो जाएगी। Shorts के जरिए पात्रता हासिल करने वालों को 90 दिनों में 1 करोड़ की जगह 2 करोड़ योग्य व्यूज जुटाने होंगे। सब्सक्राइबर की न्यूनतम सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह शर्त पहले की तरह 1,000 सब्सक्राइबर ही रहेगी। लॉन्ग-फॉर्म वीडियो के वॉच आवर्स की गणना पिछले 365 दिनों के आधार पर होगी, जबकि Shorts Views के लिए 90 दिनों की अवधि तय रहेगी। Shorts Creators के लिए भी बदला नियम YouTube ने Shorts से होने वाली विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू शेयरिंग को लेकर भी नया प्रावधान किया है। नई व्यवस्था में Shorts से कमाई जारी रखने के लिए चैनल को हर रोलिंग 90 दिनों में कम से कम 1 करोड़ योग्य Shorts Views हासिल करने होंगे। अगर किसी चैनल के Shorts Views इस सीमा से नीचे चले जाते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं होगा कि पूरा चैनल YPP से बाहर हो जाएगा। ऐसे क्रिएटर्स लंबे वीडियो से होने वाली कमाई जारी रख सकेंगे, लेकिन Shorts से रेवेन्यू शेयरिंग तब तक रुक सकती है, जब तक चैनल दोबारा जरूरी व्यूज हासिल नहीं कर लेता। छोटे क्रिएटर्स के लिए YPP का निचला स्तर जारी हर क्रिएटर के लिए नियम पूरी तरह सख्त नहीं किए गए हैं। YouTube ने YPP के शुरुआती स्तर को फिलहाल बरकरार रखा है। जिन क्रिएटर्स के पास: वे फैन फंडिंग और शॉपिंग जैसे कुछ कमाई वाले फीचर्स के लिए पात्र हो सकते हैं। यह स्तर विज्ञापन और YouTube Premium रेवेन्यू शेयरिंग वाली पूर्ण YPP पात्रता से अलग है। YouTube पर बढ़ रहा है वीडियो और Shorts का इस्तेमाल YouTube के मुताबिक प्लेटफॉर्म पर वीडियो देखने का समय लगातार बढ़ रहा है। कंपनी ने बताया है कि Shorts को रोजाना करीब 200 अरब व्यूज मिल रहे हैं, जबकि टीवी स्क्रीन पर हर दिन एक अरब घंटे से अधिक YouTube कंटेंट देखा जाता है। बढ़ती दर्शक संख्या और क्रिएटर्स की संख्या के बीच प्लेटफॉर्म अपने पार्टनर प्रोग्राम में बदलाव कर रहा है। नए क्रिएटर्स के लिए क्या मायने रखता है? जो लोग 2027 में नया YouTube चैनल शुरू करने या मौजूदा चैनल को मोनेटाइज करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए अब सिर्फ सब्सक्राइबर बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा। लंबे वीडियो बनाने वाले क्रिएटर्स को लगातार वॉच टाइम बढ़ाने पर ध्यान देना होगा। Shorts पर निर्भर चैनलों के लिए नियमित और बड़े पैमाने पर योग्य व्यूज हासिल करना ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाएगा। यानी आने वाले समय में कंटेंट की गुणवत्ता, दर्शकों की रिटेंशन और लगातार व्यूज कमाई की राह में अहम भूमिका निभाएंगे। YouTube छोटे क्रिएटर्स के लिए नए कमाई विकल्प भी ला रहा है कंपनी ने केवल पात्रता शर्तों में बदलाव की बात नहीं की है। छोटे क्रिएटर्स की कमाई बढ़ाने के लिए YouTube Shopping बोनस, ब्रांड डील इंसेंटिव और ट्रेंडिंग कंटेंट से जुड़े अन्य कमाई विकल्पों पर भी काम कर रहा है। YouTube Premium Lite को भी उन देशों में उपलब्ध कराने की योजना बताई गई है जहां Premium सेवा मौजूद है। भारत में Premium Lite नवंबर 2025 से उपलब्ध है। कंपनी का कहना है कि Premium सब्सक्रिप्शन से क्रिएटर्स की कमाई में भी योगदान बढ़ सकता है। क्या मौजूदा YouTubers की कमाई तुरंत प्रभावित होगी? नए नियमों का सबसे बड़ा असर 1 फरवरी 2027 के बाद YPP में नए आवेदन करने वाले क्रिएटर्स पर पड़ेगा। जो क्रिएटर्स पहले से YPP का हिस्सा हैं, उनके लिए नई बढ़ी हुई प्रवेश सीमा लागू नहीं होगी। हालांकि Shorts से रेवेन्यू शेयरिंग के लिए 90 दिनों में 1 करोड़ योग्य व्यूज वाली शर्त अलग से महत्वपूर्ण होगी। इसलिए मौजूदा Shorts क्रिएटर्स को भी अपने चैनल के योग्य व्यूज पर नजर रखनी होगी।

रतलाम में 100 आपदा मित्रों के पहले बैच का प्रशिक्षण पूरा, अब 400 और युवाओं को दिया जाएगा प्रशिक्षण

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मध्यप्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के तहत कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया के मार्गदर्शन में एसडीईआरएफ (SDERF) एवं होमगार्ड विभाग द्वारा आयोजित 7 दिवसीय आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। होमगार्ड लाइन, जिला रतलाम में आयोजित समापन कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को आपदा के दौरान बचाव कार्य और राहत संबंधी जरूरी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अपर कलेक्टर श्री बृजेन्द्र रावत, विशिष्ट अतिथि प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर श्रीकृष्णपाल सिंह बघेल और डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड/एसडीआरएफ श्रीमती रोशनी बिलवाल मौजूद रहीं। अधिकारियों ने प्रशिक्षणार्थियों से प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए विषयों को लेकर फीडबैक लिया और उनसे चर्चा की। दूसरों की मदद करें, लेकिन अपनी सुरक्षा का भी ध्यान रखें मुख्य अतिथि अपर कलेक्टर श्री बृजेन्द्र रावत ने आपदा मित्रों को संबोधित करते हुए कहा कि “नेकी कर दरिया में डाल के सिद्धांत पर कार्य करें। दूसरों की सहायता अवश्य करें, लेकिन स्वयं की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।” उन्होंने आपदा के समय संयम के साथ कार्य करने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के लिए प्रशिक्षणार्थियों को प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर श्रीकृष्णपाल सिंह बघेल ने भी प्रशिक्षणार्थियों से आपदा और उससे बचाव के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने भविष्य में आपदा के दौरान बेहतर तरीके से कार्य करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। प्रशिक्षणार्थियों को दिए गए प्रशस्ति-पत्र 7 दिवसीय प्रशिक्षण पूरा होने के बाद मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड जिला रतलाम श्रीमती रोशनी बिलवाल ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन सैनिक 1204 तुषार भट्ट ने किया। रतलाम में 500 आपदा मित्रों को मिलेगा प्रशिक्षण जिले में कुल 500 आपदा मित्रों को प्रशिक्षण दिया जाना है। वर्तमान में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम 100 आपदा मित्रों के पहले बैच का था। आने वाले समय में इसी तरह के चार और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें शेष आपदा मित्रों को आपदा प्रबंधन और बचाव कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ के जवानों द्वारा आपदा से निपटने की बारीकियां, बचाव कार्य और आपात परिस्थितियों में सुरक्षित तरीके से सहायता पहुंचाने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में होमगार्ड कंपनी कमांडर श्री बद्री मण्डलोई, प्लाटून कमांडर श्रीमती ज्योति बघेल सहित होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ के जवान उपस्थित रहे।

Ratlam News: रतलाम में चलती बस में सर्राफा व्यापारी से लूट, 5 बदमाश सोने से भरा बैग लेकर जंगल में भागे

रतलाम-उज्जैन मार्ग पर बस में सर्राफा व्यापारी से सोने के आभूषणों से भरा बैग लूटने की घटना सामने आई है। पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले में गुरुवार रात चलती बस में सर्राफा व्यापारी से लूट की बड़ी वारदात सामने आई है। बड़नगर से रतलाम लौट रहे व्यापारी का सोने के आभूषणों से भरा बैग पांच संदिग्ध युवक छीनकर ले गए। घटना रतलाम-उज्जैन मार्ग पर रेनमऊ फंटा के पास की बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बैग में करीब 3 से 4 किलो सोने के आभूषण और लगभग 3 लाख रुपये नकद थे। लूटे गए माल की अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। वारदात के बाद आरोपी बस से उतरकर पास के जंगल की ओर भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जिलेभर में नाकाबंदी कर संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस अब वारदात के पीछे रेकी की आशंका समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। बड़नगर से रतलाम लौट रहे थे व्यापारी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रतलाम की जैन कॉलोनी निवासी अर्पित चौरड़िया बड़नगर से बस के जरिए रतलाम लौट रहे थे। उनकी चांदनी चौक स्थित गणेश मार्केट में एलसी ज्वेलर्स नाम से दुकान है। व्यापारी नियमित रूप से सोने के आभूषण लेकर आसपास के जिलों और तहसीलों में व्यापार के सिलसिले में जाते हैं। घटना के दिन भी वे आभूषण बेचकर बड़नगर से रतलाम लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि करीब 3 लाख रुपये के आभूषण बेचने के बाद शेष सोने के आभूषण बैग में रखे हुए थे। पांच युवकों ने बस में सवार होकर बनाया निशाना मिली जानकारी के मुताबिक बड़नगर से पांच संदिग्ध युवक बस में सवार हुए थे। इनमें से एक युवक चालक के पास बैठ गया, जबकि उसके अन्य साथी बस के पीछे की तरफ बैठ गए। रात करीब 9 से 9:15 बजे रतलाम-उज्जैन मार्ग पर रेनमऊ फंटा के पास चालक के पास बैठे युवक ने बस रुकवाई। बस रुकते ही उसके साथियों ने व्यापारी का सोने के आभूषणों से भरा बैग छीन लिया। इसके बाद सभी आरोपी बस से उतरकर पास के जंगल की ओर भाग गए। करोड़ों के आभूषण होने से पुलिस में हड़कंप बैग में बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण होने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू किया। घटना के बाद संभावित रास्तों पर नाकाबंदी की गई। पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद ले रही है। रेकी के बाद वारदात की आशंका वारदात को जिस तरीके से अंजाम दिया गया, उससे पुलिस को आशंका है कि व्यापारी की गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही हो सकती है। हालांकि, पुलिस अभी इस बिंदु समेत सभी संभावनाओं पर जांच कर रही है। पांच युवकों का एक साथ बस में सवार होना, अलग-अलग जगह बैठना और सुनियोजित तरीके से बस रुकवाकर बैग छीनना जांच का अहम हिस्सा है। एसपी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे घटना की जानकारी मिलते ही एसपी अमित कुमार, एएसपी विवेक कुमार, एसडीओपी किशोर पाटनवाला और थाना प्रभारी अय्यूब खानसहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने संभावित भागने वाले रास्तों पर नाकाबंदी कर संदिग्धों की तलाश शुरू की। साथ ही घटना से जुड़े अन्य सुराग जुटाए जा रहे हैं। एसडीओपी किशोर पाटनवाला के अनुसार व्यापारी से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली जा रही है और मामले की जांच जारी है। समाचार लिखे जाने तक प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई चल रही थी। पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्य जांच में पुलिस बस के अंदर और रास्ते में लगे संभावित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ ही संदिग्ध मोबाइल नंबरों की लोकेशन और अन्य तकनीकी जानकारी भी जुटाई जा रही है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ना और लूटे गए आभूषण व नकदी बरामद करना है। मामले में आगे की जांच के बाद ही वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों की तस्वीर साफ हो सकेगी।

पटियाला में घर देखने पहुंचे दंपति पर पिटबुल का हमला, महिला की प्लास्टिक सर्जरी

पटियाला के घुम्मण नगर में घर देखने पहुंचे दंपति पर पिटबुल ने हमला कर दिया। महिला गंभीर घायल हुई, अस्पताल में प्लास्टिक सर्जरी की गई। पटियाला- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। पंजाब के पटियाला में घर देखने पहुंचे एक दंपति पर पालतू पिटबुल के हमले का मामला सामने आया है। घटना घुम्मण नगर इलाके की बताई जा रही है, जहां एक रियल एस्टेट डीलर के साथ घर देखने पहुंचे दंपति पर परिसर में मौजूद कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। गेट खुलते ही पिटबुल महिला की तरफ झपटा और उसे कई जगह काट लिया। महिला को बचाने के लिए उसके पति ने हस्तक्षेप किया तो कुत्ते ने उन पर भी हमला कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह दंपति को बचाने की कोशिश की। हमले में महिला को गंभीर चोटें आईं। उसे इलाज के लिए पटियाला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चोटों की गंभीरता को देखते हुए उसकी प्लास्टिक सर्जरी भी की गई। डोरबेल बजाने के बाद हुआ हमला मिली जानकारी के अनुसार, दंपति एक प्रॉपर्टी डीलर के साथ मकान देखने पहुंचा था। घर के बाहर पहुंचने के बाद डोरबेल बजाई गई। इसके बाद जैसे ही गेट खोला गया, परिसर में मौजूद पिटबुल अचानक बाहर की ओर दौड़ा। कुत्ते ने महिला को अपना निशाना बनाया और उस पर हमला कर दिया। महिला को बचाने के प्रयास में उसके पति को भी कुत्ते ने काट लिया। घटना के दौरान आसपास के लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों को बचाया। महिला को आईं गंभीर चोटें, हुई प्लास्टिक सर्जरी पिटबुल के हमले में महिला के शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। वायरल हो रही घटना की फुटेज में महिला खून से लथपथ नजर आ रही है। घटना के बाद महिला और उसके पति को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया। महिला की चोटें गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसकी प्लास्टिक सर्जरी की। पति को भी हमले में चोटें आई हैं और उनका भी उपचार कराया गया। CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल घटना से जुड़ी CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। फुटेज में घर के परिसर में दंपति के साथ हुई घटना दिखाई देती है। वीडियो सामने आने के बाद पालतू कुत्तों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर उनकी मौजूदगी को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। ऐसी घटनाओं में पालतू जानवरों को नियंत्रित रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी अहम हो जाती है। घटना के बाद इलाके में चिंता पिटबुल के हमले की घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। खासकर उन लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं जो मकान देखने या किसी अन्य काम से निजी परिसरों में जाते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में पुलिस या प्रशासन की ओर से किसी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं की पुष्टि आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही की जा सकेगी।

भाई-बहन की पहाड़ी पर शुरू हुआ त्रिवेणी वन अभियान, वट-पीपल-नीम की त्रिवेणी रोपी

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। हरियाली अमावस्या के अवसर पर रतलाम में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक नई पहल शुरू की गई। शिवगढ़ रोड स्थित भाई-बहन की पहाड़ी पर त्रिवेणी वन रोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में पद्मश्री एवं सामाजिक कार्यकर्ता तथा शिवगंगा अभियान, झाबुआ के संस्थापक महेश शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। संतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों और समाजजनों की मौजूदगी में मंत्रोच्चार और विधिवत पूजन के साथ पहली त्रिवेणी रोपी गई। इसमें वट, पीपल और नीम के पौधे शामिल रहे। अभियान के आयोजकों ने इसे केवल पौधारोपण तक सीमित न रखते हुए लंबे समय तक पौधों के संरक्षण और देखभाल से जोड़ने का संकल्प लिया। ‘एक त्रिवेणी से त्रिवेणी वनम्’ की संकल्पना बिरसा मुंडा सामाजिक सेवा समिति की ओर से आयोजित इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को त्रिवेणी रोपण से जोड़ना है। अभियान की संकल्पना ‘एक त्रिवेणी से त्रिवेणी वनम्’ के रूप में रखी गई है। इसके तहत परिवारों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों को अपने शुभ अवसरों पर त्रिवेणी लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि सामूहिक स्तर पर किए गए ऐसे प्रयास भविष्य में बड़े हरित क्षेत्र के निर्माण में मदद कर सकते हैं। भारत माता पूजन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता पूजन के साथ हुई। मंच पर निर्वाणी अखाड़ा पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती, अखंड ज्ञान आश्रम के संत स्वामी देवस्वरूपानंद महाराज, पद्मश्री महेश शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक तेजराम मांगरोदा, राजू महाराज और समिति के अशोक पाटीदार सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत समिति से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने किया। सोनाक्षी चावड़ा ने सामूहिक वंदे मातरम् का गायन किया। महेश शर्मा बोले- प्रकृति से अलग नहीं है मनुष्य मुख्य अतिथि पद्मश्री महेश शर्मा ने कहा कि मनुष्य प्रकृति से अलग नहीं है, बल्कि उसका अभिन्न हिस्सा है। प्रकृति का संरक्षण मानव जीवन के संरक्षण से जुड़ा हुआ है। उन्होंने भारतीय संस्कृति में प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल व्यक्तिगत प्रयास न रखकर सामूहिक जनआंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए। महेश शर्मा ने लोगों से आह्वान किया कि वे केवल एक बार पौधा लगाने तक सीमित न रहें। अपने जीवन के शुभ अवसरों को वृक्षारोपण से जोड़कर लगातार त्रिवेणी रोपित करने की दिशा में आगे बढ़ें। संतों ने बताया त्रिवेणी का आध्यात्मिक महत्व आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद महाराज ने त्रिवेणी के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि त्रिवेणी वन के निर्माण का संकल्प है। स्वामी देवस्वरूपानंद महाराज सहित उपस्थित संतों ने अपने आशीर्वचन दिए। संतों ने त्रिवेणी वनम् को हरित और प्रेरणादायी स्थल के रूप में विकसित करने के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। अभियान की आगामी कार्ययोजना बताई कार्यक्रम के दौरान बिरसा मुंडा सामाजिक सेवा समिति के अशोक पाटीदार ने ‘त्रिवेणी वनम्’ अभियान की कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने अभियान से अधिक से अधिक परिवारों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को जोड़ने के लक्ष्य की जानकारी दी। अभियान में पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की देखभाल और संरक्षण को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। यानी त्रिवेणी लगाने के बाद उसकी नियमित देखरेख पर भी ध्यान दिया जाएगा। वट, पीपल और नीम की त्रिवेणी रोपी हरियाली अमावस्या के अवसर पर आयोजित इस पहल में वट, पीपल और नीम का सामूहिक रोपण किया गया। आयोजकों के अनुसार त्रिवेणी का उद्देश्य हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ छाया, जैव विविधता और पक्षियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में काम करना है। कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों और समाजजनों ने भी त्रिवेणी रोपण में सहभागिता की। इस अवसर पर हार्टफुलनेस संस्था के जोनल को-ऑर्डिनेटर संजय खंडेलवाल ने संस्था की गतिविधियों तथा प्रकृति और समाज के प्रति उसके दृष्टिकोण की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में प्रीतेश गादिया ने आभार व्यक्त किया। रतलाम में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामूहिक पहल भाई-बहन की पहाड़ी पर शुरू हुआ त्रिवेणी वन अभियान रतलाम में पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक सहभागिता से जोड़ने की कोशिश है। अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि लगाए गए पौधों की देखभाल कितनी निरंतरता से की जाती है और कितने परिवार व संस्थाएं इससे जुड़ती हैं। ‘एक त्रिवेणी से त्रिवेणी वनम्’ की सोच के साथ शुरू हुई यह पहल भविष्य में बड़े हरित क्षेत्र के रूप में विकसित होती है तो इसका लाभ पर्यावरण के साथ स्थानीय लोगों और जैव विविधता को भी मिल सकता है।

Ratlam News: रतलाम में मेगा मार्ट की तिजोरी से 5.35 लाख गायब, CCTV रिकॉर्डिंग डिलीट; असिस्टेंट मैनेजर पर केस

Ratlam News: रतलाम के सैलाना बस स्टैंड स्थित विशाल मेगा मार्ट की तिजोरी से 5.35 लाख रुपए गायब मिले। CCTV रिकॉर्डिंग डिलीट होने पर असिस्टेंट मैनेजर पर केस दर्ज। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के सैलाना बस स्टैंड स्थित विशाल मेगा मार्ट में तिजोरी से 5 लाख 35 हजार रुपए गायब होने का मामला सामने आया है। कैश रूम से रकम गायब मिलने के बाद स्टोर प्रबंधन ने पुलिस को शिकायत दी। मामले में मार्ट के असिस्टेंट मैनेजर संतोष कुमार पाठक पर अमानत में खयानत का केस दर्ज किया गया है। घटना के दौरान कैश रूम की चाबी असिस्टेंट मैनेजर के पास होने की बात सामने आई है। इसके अलावा CCTV कैमरों की रात करीब 2:30 बजे से 3 बजे तक की रिकॉर्डिंग डिलीट मिली। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। तिजोरी खोलने पर गायब मिले 5.35 लाख रुपए स्टोर मैनेजर कमलेश पखाले ने स्टेशन रोड थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार 9 अगस्त की रात उनकी और असिस्टेंट मैनेजर संतोष कुमार पाठक की ड्यूटी रात करीब 2 बजे तक थी। उस रात मार्ट में एक ट्रक से सामान आया था। असिस्टेंट मैनेजर संतोष कुमार पाठक और BOH इंचार्ज करण सिसोदिया सामान उतरवाने का काम देख रहे थे। इसी दौरान स्टोर मैनेजर ने कैश रूम की चाबी संतोष कुमार को दी। इसके बाद वह रात करीब 1:30 बजे घर चले गए। अगली सुबह डिपार्टमेंटल मैनेजर पंकज शेर कैश काउंटर पर पहुंचे। उन्होंने तिजोरी खोली तो उसमें रखे 5 लाख 35 हजार रुपए नहीं मिले। इसकी जानकारी स्टोर मैनेजर को दी गई, जिसके बाद प्रबंधन के अन्य कर्मचारी भी मार्ट पहुंचे। CCTV की रिकॉर्डिंग में मिली अहम बात रकम गायब होने के बाद स्टोर प्रबंधन ने मार्ट में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी। जांच के दौरान रात करीब 2:30 बजे से 3 बजे तक की रिकॉर्डिंग डिलीट मिली। CCTV फुटेज का यह हिस्सा घटना की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस अब उपलब्ध रिकॉर्डिंग और अन्य परिस्थितियों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। असिस्टेंट मैनेजर के दोनों मोबाइल बंद पुलिस के अनुसार संतोष कुमार पाठक करीब चार से पांच महीने पहले रतलाम आया था। इससे पहले वह कोलकाता और दिल्ली में भी इसी शॉपिंग मॉल में काम कर चुका है। रकम गायब मिलने के बाद स्टोर मैनेजर ने संतोष के दोनों मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दोनों नंबर बंद मिले। इसके बाद उसके घर जाकर भी तलाश की गई, लेकिन वह वहां नहीं मिला। पुलिस ने दर्ज किया अमानत में खयानत का केस स्टेशन रोड थाने के सब इंस्पेक्टर मुकेश सस्तिया के अनुसार संतोष कुमार पाठक के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। फिलहाल रकम किस तरह गायब हुई और CCTV रिकॉर्डिंग किस परिस्थिति में डिलीट हुई, इन बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

MP Board Exam: 9वीं से 12वीं तक बदला पेपर पैटर्न, लघु उत्तरीय सवालों में नहीं मिलेगा विकल्प

MP Board Exam: 2026-27 में 9वीं से 12वीं तक परीक्षा पैटर्न बदलेगा। प्रश्नपत्र में तार्किक सवाल बढ़ेंगे और लघु उत्तरीय प्रश्नों में विकल्प नहीं मिलेगा। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Board Exam: मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक सभी विषयों की अंकयोजना और प्रश्नों का पैटर्न जारी कर दिया है।मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर नए सत्र के पाठ्यक्रम और अंकयोजना की जानकारी उपलब्ध है। नए पैटर्न में विद्यार्थियों को पहले की तुलना में अति लघु उत्तरीय प्रश्न अधिक हल करने होंगे, जबकि लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या में बदलाव किया गया है। खास बात यह है कि लघु उत्तरीय प्रश्नों में विकल्प की सुविधा नहीं दी जाएगी। मंडल के अनुसार प्रश्नपत्रों में केवल सीधे तथ्य पूछने के बजाय तर्क और समझ पर आधारित प्रश्नों को महत्व दिया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि विद्यार्थियों के लिए केवल महत्वपूर्ण प्रश्नों को याद करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उन्हें पाठ्यपुस्तक के पूरे विषय को समझकर पढ़ना होगा। CBSE की तर्ज पर तैयार होगा प्रश्नपत्र MP Board Exam: माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 9वीं से 12वीं तक के लिए नए सत्र की अंकयोजना जारी की है। बोर्ड की ओर से प्रश्नपत्र के स्वरूप में बदलाव का उद्देश्य विद्यार्थियों की विषय की समझ और तार्किक क्षमता को परखना है। मंडल सचिव बुद्धेश कुमार वैद्य के अनुसार, अब प्रश्न सीधे-सीधे पूछने के बजाय तार्किक तरीके से पूछे जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को पूरे पाठ्यक्रम की बेहतर तैयारी करनी होगी। नए पैटर्न में छोटे उत्तर वाले प्रश्नों की संख्या बढ़ने से विद्यार्थियों को कम शब्दों में सटीक उत्तर लिखने की क्षमता भी विकसित करनी होगी। 10वीं बोर्ड में 75 अंक का प्रश्नपत्र कक्षा 10वीं के लिए लिखित परीक्षा का प्रश्नपत्र 75 अंकों का रहेगा। इसमें वस्तुनिष्ठ से लेकर अति लघु, लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल होंगे। वस्तुनिष्ठ भाग में वैकल्पिक प्रश्न, रिक्त स्थान, सत्य-असत्य, सही जोड़ी का मिलान और एक वाक्य में उत्तर जैसे प्रश्न शामिल रहेंगे। अति लघु उत्तरीय प्रश्नों में 12 प्रश्न दो-दो अंक के होंगे। इसके बाद तीन लघु उत्तरीय प्रश्न तीन-तीन अंक और तीन दीर्घ उत्तरीय प्रश्न चार-चार अंक के होंगे। 12वीं के नॉन-प्रायोगिक विषयों में 80 अंक का पेपर कक्षा 12वीं के नॉन-प्रायोगिक विषयों के लिए लिखित प्रश्नपत्र 80 अंकों का होगा। इसमें वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का हिस्सा 32 अंकों का रखा गया है। इसके अलावा अति लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न भी शामिल होंगे। 12वीं नॉन-प्रायोगिक विषयों की अंकयोजना वस्तुनिष्ठ भाग में छह अंक के वैकल्पिक प्रश्न, छह अंक के रिक्त स्थान, छह अंक के सत्य-असत्य, सात अंक के सही जोड़ी मिलान और सात अंक के एक वाक्य में उत्तर वाले प्रश्न शामिल हैं। 12वीं के प्रायोगिक विषयों का पेपर 70 अंक का जिन विषयों में प्रायोगिक परीक्षा होती है, उनके लिए लिखित प्रश्नपत्र 70 अंकों का रहेगा। 12वीं प्रायोगिक विषयों की अंकयोजना वस्तुनिष्ठ भाग में छह अंक के वैकल्पिक प्रश्न, छह अंक के रिक्त स्थान, छह अंक के सत्य-असत्य, पांच अंक का सही जोड़ी मिलान और पांच अंक के एक वाक्य में उत्तर वाले प्रश्न रहेंगे। लघु उत्तरीय प्रश्नों में खत्म होगा विकल्प नए MP Board Exam Pattern 2026-27 में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक लघु उत्तरीय प्रश्नों से जुड़ा है। अब इन प्रश्नों में विद्यार्थियों को वैकल्पिक प्रश्न चुनने की सुविधा नहीं मिलेगी। यानी जिस प्रश्न को प्रश्नपत्र में पूछा गया है, उसका उत्तर देना होगा। इस बदलाव के कारण विद्यार्थियों को प्रत्येक अध्याय की अच्छी तैयारी करनी होगी। केवल चुनिंदा प्रश्न याद करके परीक्षा की तैयारी करना पहले की तुलना में जोखिम भरा हो सकता है। रटने के बजाय समझकर पढ़ना होगा नए पैटर्न का सबसे बड़ा असर विद्यार्थियों की तैयारी पर पड़ेगा। प्रश्नों को तार्किक और समझ आधारित बनाने से केवल परिभाषा या उत्तर याद करना पर्याप्त नहीं रहेगा। विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक पढ़ते समय यह समझना होगा कि किसी घटना, सिद्धांत, प्रक्रिया या तथ्य के पीछे कारण क्या है और उसका उपयोग किस परिस्थिति में किया जा सकता है। परीक्षा की तैयारी के लिए इन बातों पर दें ध्यान MP Board Exam 2026-27 में विद्यार्थियों के लिए क्या बदलेगा? सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नए पैटर्न में प्रश्नों की संख्या और उनके अंक वितरण को बदला गया है। कक्षा 10वीं में अति लघु उत्तरीय प्रश्नों का बड़ा हिस्सा रहेगा, जबकि लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न तीन-तीन रहेंगे। कक्षा 12वीं में विषय के स्वरूप के अनुसार 80 या 70 अंकों का लिखित पेपर होगा। आधिकारिक MPBSE अकादमिक पोर्टल पर 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक की अंकयोजना उपलब्ध कराई गई है। विद्यार्थियों को अभी से बदलनी होगी तैयारी की रणनीति नए पैटर्न को देखते हुए बोर्ड विद्यार्थियों को अपनी तैयारी का तरीका बदलना होगा। अब सिर्फ परीक्षा से कुछ महीने पहले महत्वपूर्ण प्रश्नों की तैयारी करने के बजाय पूरे साल पाठ्यपुस्तक को समझकर पढ़ना ज्यादा उपयोगी रहेगा। खासकर 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को अति लघु, लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की अलग-अलग तैयारी करनी चाहिए। साथ ही लिखने की गति और समय प्रबंधन पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।

surya grahan 2026: 12 अगस्त को आसमान में अद्भुत नजारा, सूर्य ग्रहण से लेकर उल्का वर्षा तक; भारत में दिखेगा या नहीं?

surya grahan 2026: 12 अगस्त 2026 को पूर्ण सूर्य ग्रहण, छह ग्रहों की परेड और पर्सिड उल्का वर्षा का खास संयोग बनेगा। जानें भारत में ग्रहण दिखेगा या नहीं। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। surya grahan 2026: 12 अगस्त 2026 का दिन खगोल विज्ञान में दिलचस्प घटनाओं के लिए याद किया जा सकता है। इस दिन दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा, जबकि सुबह के समय छह ग्रहों की एक विशेष ‘प्लैनेट परेड’ नजर आएगी। रात में पर्सिड उल्का वर्षा भी अपने चरम पर होगी। हालांकि भारत में रहने वाले लोगों के लिए सूर्य ग्रहण को लेकर एक अहम बात है। 12 अगस्त का पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा। ग्रहण का पूर्ण चरण मुख्य रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी स्पेन और पुर्तगाल के एक छोटे हिस्से से दिखाई देगा। उत्तरी अमेरिका, यूरोप और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के कई हिस्सों में इसका आंशिक चरण देखा जा सकेगा। 12 अगस्त को क्यों खास है? एक ही तारीख के आसपास तीन बड़े खगोलीय आकर्षण देखने को मिलेंगे—सुबह छह ग्रहों की परेड, दिन में सूर्य ग्रहण और रात में पर्सिड उल्का वर्षा। यह संयोग इसलिए भी खास है क्योंकि 12 अगस्त को अमावस्या होगी। इससे रात के आसमान में चंद्रमा की रोशनी का हस्तक्षेप लगभग नहीं रहेगा और अंधेरे स्थानों से पर्सिड उल्का वर्षा देखने की परिस्थितियां बेहतर होंगी। American Meteor Society के अनुसार 2026 में पर्सिड उल्का वर्षा का पीक 12-13 अगस्त की रात रहेगा। कहां दिखाई देगा पूर्ण सूर्य ग्रहण? NASA के अनुसार 12 अगस्त 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, उत्तरी स्पेन और पुर्तगाल के एक छोटे हिस्से के ऊपर से गुजरेगा। पूर्ण ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य के चमकीले हिस्से को पूरी तरह ढक देगा। इसी दौरान कुछ समय के लिए दिन का आसमान असामान्य रूप से अंधेरा दिखाई दे सकता है और सूर्य की बाहरी परत यानी कोरोना नजर आ सकती है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ESA के अनुसार पूर्ण ग्रहण की पट्टी पूर्वी ग्रीनलैंड, पश्चिमी आइसलैंड, उत्तरी स्पेन और पुर्तगाल के उत्तर-पूर्वी हिस्से तक पहुंचेगी। किन देशों में आंशिक ग्रहण दिखेगा? पूर्ण ग्रहण की पट्टी से बाहर रहने वाले कई इलाकों में सूर्य का केवल कुछ हिस्सा चंद्रमा की छाया में आएगा। आंशिक ग्रहण उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों, कनाडा, यूरोप के बड़े हिस्से और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका में दिखाई देगा। यूरोप और अफ्रीका के कुछ पश्चिमी हिस्सों में सूर्यास्त के समय भी ग्रहण का दृश्य देखने को मिल सकता है। यानी कुछ स्थानों पर सूर्य आंशिक रूप से ग्रहणग्रस्त अवस्था में क्षितिज के नीचे जाएगा। भारत में दिखेगा 12 अगस्त का सूर्य ग्रहण? नहीं। 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा। इसका कारण भारत में ग्रहण के समय सूर्य का क्षितिज के ऊपर न होना है। इसलिए मध्य प्रदेश समेत भारत के किसी भी हिस्से से इस सूर्य ग्रहण को सीधे आसमान में देखने की उम्मीद नहीं है। भारत में रहने वाले खगोल प्रेमी हालांकि दुनिया के उन हिस्सों से उपलब्ध वैज्ञानिक लाइव कवरेज या ऑनलाइन प्रसारण के जरिए इस घटना को देख सकते हैं। सूर्य ग्रहण कितनी देर रहेगा? यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। पूरे ग्रहण की शुरुआत से समाप्ति तक की अवधि और पूर्ण ग्रहण यानी Totality की अवधि अलग होती है। NASA के मुताबिक पूर्ण ग्रहण की पट्टी में अधिकांश स्थानों पर सूर्य पूरी तरह ढकने का समय दो मिनट से कम रहेगा। ग्रहण के केंद्रीय क्षेत्र के पास अधिकतम Totality लगभग 2 मिनट 18 सेकंड तक रह सकती है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे कई घंटों के भारतीय समय वाले आंकड़ों को पूर्ण ग्रहण की अवधि समझना सही नहीं होगा। सुबह दिखाई देगी छह ग्रहों की परेड 12 अगस्त की सुबह सूर्य निकलने से पहले आकाश में छह ग्रह एक साथ दिखाई देने की स्थिति में होंगे। इस ‘प्लैनेट परेड’ में बुध, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून शामिल हैं। हालांकि सभी ग्रहों को बिना उपकरण के देख पाना आसान नहीं होगा। मंगल और शनि अपेक्षाकृत आसानी से पहचाने जा सकते हैं। बुध और बृहस्पति क्षितिज के करीब होने के कारण ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहेंगे, जबकि यूरेनस और नेपच्यून को देखने के लिए दूरबीन या अन्य ऑप्टिकल उपकरण की जरूरत पड़ सकती है। इसे ‘ग्रहों की सीधी कतार’ कहना पूरी तरह सटीक नहीं है। ये ग्रह वास्तव में अंतरिक्ष में एक सीधी लाइन में नहीं होंगे, बल्कि पृथ्वी से देखने पर आकाश में एक व्यापक चाप के रूप में नजर आएंगे। रात में दिखेगी पर्सिड उल्का वर्षा 12-13 अगस्त की रात पर्सिड उल्का वर्षा अपने चरम पर होगी। American Meteor Society के अनुसार 2026 में पर्सिड्स की सक्रिय अवधि 17 जुलाई से 24 अगस्त तक है और इसका मुख्य पीक 12-13 अगस्त की रात है। पर्सिड उल्का वर्षा धूमकेतु 109P/Swift-Tuttle से निकले मलबे के कारण होती है। जब पृथ्वी इस मलबे की धारा से गुजरती है तो छोटे-छोटे कण वायुमंडल में प्रवेश करके चमकीली लकीरों के रूप में दिखाई देते हैं। 2026 में इस उल्का वर्षा के लिए परिस्थितियां खास मानी जा रही हैं, क्योंकि पीक के समय चंद्रमा अमावस्या की अवस्था में होगा। यानी चांदनी का हस्तक्षेप बेहद कम रहेगा। ग्रामीण और अंधेरे स्थानों से सामान्य परिस्थितियों में करीब 30-50 उल्काएं प्रति घंटे देखी जा सकती हैं, जबकि आदर्श परिस्थितियों में सैद्धांतिक दर इससे अधिक हो सकती है। सूर्य ग्रहण कैसे लगता है? सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी का कुछ हिस्सा पृथ्वी तक पहुंचने से रोक देता है। जब चंद्रमा सूर्य के चमकीले हिस्से को पूरी तरह ढक देता है और पृथ्वी की सतह पर मौजूद दर्शक चंद्रमा की पूर्ण छाया में होते हैं, तब पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देता है। ग्रहण केवल अमावस्या के आसपास ही संभव होता है, लेकिन हर अमावस्या को सूर्य ग्रहण नहीं लगता। इसका कारण सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की कक्षाओं का एक-दूसरे के सापेक्ष झुका होना है। 12 अगस्त को आसमान में अद्भुत नजारा, सूर्य ग्रहण से लेकर उल्का वर्षा तक; भारत में दिखेगा या नहीं? 12 अगस्त 2026 का दिन खगोल विज्ञान में दिलचस्प घटनाओं के लिए याद किया जा सकता है। इस दिन दुनिया के … Read more

Ratlam News: रतलाम बाल सुधार गृह से 7 बाल अपचारी फरार, होमगार्ड से मारपीट; 6 पकड़े गए

Ratlam News: रतलाम के बिरियाखेड़ी बाल सुधार गृह से 7 बाल अपचारी होमगार्ड से मारपीट कर फरार हुए। पुलिस ने 6 को नामली के पास पकड़ा, एक की तलाश जारी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: बिरियाखेड़ी स्थित शासकीय बाल सुधार गृह में शनिवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब सात बाल अपचारी सुरक्षा में तैनात होमगार्ड सैनिक से मारपीट कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही रतलाम पुलिस ने जिलेभर में नाकाबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने रातभर तलाश अभियान चलाया। सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध तस्वीरों के आधार पर सुराग जुटाते हुए पुलिस ने रविवार सुबह रतलाम से करीब 15 किलोमीटर दूर नामली के पास छह बाल अपचारियों को अभिरक्षा में ले लिया। एक बाल अपचारी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। घटना का वीडियो देखे घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो और एसडीएम तरुण जैन ने बाल सुधार गृह पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। होमगार्ड से मारपीट के बाद खोला गेट का ताला प्रारंभिक जानकारी के अनुसार होमगार्ड सैनिक चंद्रकांत शर्मा चैनल गेट के पास चादर ओढ़कर सो रहे थे। इसी दौरान सातों बाल अपचारियों ने कथित तौर पर उन्हें घेर लिया। बताया गया कि एक बाल अपचारी ने डंडे से हमला किया। इसके बाद सभी ने मिलकर होमगार्ड सैनिक के साथ मारपीट की। हमले के बाद बाल अपचारियों ने बिस्तर के नीचे रखी मुख्य शटर की चाबी निकाली और चैनल गेट का ताला खोल दिया। गेट खुलने के बाद सभी मुख्य द्वार से बाहर निकलकर फरार हो गए। रात करीब 3 बजे पुलिस को मिली सूचना थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी निरीक्षक गायत्री सोनी के अनुसार पुलिस को घटना की सूचना रात करीब 3 बजे मिली। इसके बाद तत्काल पुलिस टीमों का गठन किया गया और जिले के सभी थानों को अलर्ट किया गया। पुलिस ने संभावित रास्तों पर तलाश शुरू करने के साथ सीसीटीवी फुटेज और तस्वीरों की मदद ली। इसी अभियान के दौरान छह बाल अपचारियों को नामली के पास पकड़ लिया गया। फरार एक बाल अपचारी की तलाश अभी जारी है। 15 से 17 साल की उम्र के हैं बाल अपचारी पुलिस के अनुसार फरार हुए सभी बाल अपचारी 15 से 17 वर्ष की आयु के हैं। इनके विरुद्ध हत्या, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म, मादक पदार्थों की तस्करी और रंगदारी जैसे गंभीर मामलों में प्रकरण दर्ज हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक: घायल होमगार्ड का मेडिकल कराया जा रहा मारपीट की घटना में होमगार्ड सैनिक चंद्रकांत शर्मा घायल हुए हैं। उनका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। घटना के संबंध में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार बाल अपचारी को सुरक्षित अभिरक्षा में लेने के लिए टीमें लगातार तलाश कर रही हैं। बाल सुधार गृह की सुरक्षा होगी और मजबूत घटना के बाद बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया। भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि फरार बाल अपचारी की तलाश प्राथमिकता से की जा रही है और उसे सुरक्षित अभिरक्षा में लेने के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

MP News: MP में पटवारी भर्ती का मौका, 18 अगस्त तक भरें फॉर्म; सितंबर में परीक्षा

MP News: MPESB Patwari Recruitment 2026 के तहत पटवारी समेत अन्य पदों के लिए आवेदन शुरू हैं। योग्य उम्मीदवार 18 अगस्त तक फॉर्म भर सकते हैं। परीक्षा सितंबर में होगी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए पटवारी भर्ती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल यानी MPESB की ओर से समूह-2 और उपसमूह-4 के अंतर्गत विभिन्न पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई है। इसमें पटवारी पद भी शामिल है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित पात्रता पूरी करने पर MPESB की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 18 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को सलाह है कि अंतिम दिन का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। MPESB की आधिकारिक वेबसाइट पर भर्ती और परीक्षा से संबंधित नोटिफिकेशन, नियम पुस्तिका तथा आवेदन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को संबंधित नियम पुस्तिका ध्यान से पढ़ना चाहिए। कौन कर सकता है आवेदन? पटवारी सहित संबंधित पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट का लाभ मिल सकता है। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री होना जरूरी बताया गया है। इसके साथ ही पटवारी पद के लिए MP CPCT स्कोरकार्ड की आवश्यकता बताई गई है। उम्मीदवार आवेदन से पहले संबंधित पद की आधिकारिक नियम पुस्तिका में अपनी पात्रता जरूर जांचें। कब होगी MPESB की परीक्षा? MPESB की ओर से जारी जानकारी के अनुसार भर्ती परीक्षा 22 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:50 बजे से शाम 5 बजे तकनिर्धारित है। उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र और रिपोर्टिंग टाइम से जुड़ी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर देखनी चाहिए। 18 अगस्त तक भरना होगा ऑनलाइन फॉर्म भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 18 अगस्त 2026 है। उम्मीदवारों को आवेदन के दौरान अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी सावधानीपूर्वक दर्ज करनी होगी। फॉर्म जमा करने से पहले दर्ज की गई सभी जानकारी को एक बार अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है। गलत जानकारी दर्ज होने पर आवेदन में परेशानी हो सकती है। MPESB Patwari Form कैसे भरें? ऑनलाइन आवेदन के लिए उम्मीदवार इन आसान चरणों का पालन कर सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट: MPESB Official Website आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान महत्वपूर्ण बिंदु

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