रतलाम में श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल में ब्लॉक एवं जिला स्तरीय नेटबॉल प्रतियोगिता संपन्न, संभाग स्तर के लिए खिलाड़ियों का चयन

रतलाम के श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल में ब्लॉक एवं जिला स्तरीय नेटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करने के उद्देश्य से श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल, रतलाम में ब्लॉक एवं जिला स्तरीय नेटबॉल प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 14, 17 एवं 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिले के विभिन्न विद्यालयों की टीमों के बीच हुए मुकाबलों में खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला क्रीड़ा अधिकारी दीपेंद्र सिंह ठाकुर एवं विद्यालय की प्राचार्य डॉ. शेफाली ओझा की उपस्थिति में हुआ। अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर टॉस कराया तथा सभी प्रतिभागियों को खेल भावना, अनुशासन और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा की शपथ दिलाई। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आकर्षक मंच संचालन दीपांशु शर्मा ने किया। संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में रतलाम का प्रतिनिधित्व करेंगे खिलाड़ी प्रतियोगिता के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन आगामी संभाग स्तरीय नेटबॉल प्रतियोगिता के लिए किया गया है। चयनित खिलाड़ी अब रतलाम जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए जिले का गौरव बढ़ाने का प्रयास करेंगे। इस उपलब्धि पर विद्यालय की प्राचार्य डॉ. शेफाली ओझा ने सभी चयनित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। निर्णायकों और प्रशिक्षकों की रही अहम भूमिका प्रतियोगिता का संचालन पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संपन्न हुआ। मैचों में निर्णायक की भूमिका महेंद्र सोलंकी, महेंद्र शुक्ला, विजय रावल, राहुल परमार, अजहर खान, शाहिद खान और अभिषेक गुर्जर ने निभाई। वहीं खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के लिए तैयार करने में विद्यालय के खेल प्रशिक्षक परवेश परमार एवं आशुतोष प्रजापति का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उप-प्राचार्य ने जताया आभार प्रतियोगिता के समापन अवसर पर विद्यालय के उप-प्राचार्य राकेश नागदा ने मुख्य अतिथियों, निर्णायकों, विभिन्न विद्यालयों से आए कोच, खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को खेलों के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Ratlam News: रतलाम में लिफ्ट लगाने के नाम पर ₹3.54 लाख की ठगी! इंदौर के कारोबारी पर FIR, कई और लोगों से धोखाधड़ी का आरोप

Ratlam News: रतलाम में लिफ्ट लगाने के नाम पर ₹3.54 लाख की कथित ठगी का मामला सामने आया है। माणक चौक थाना पुलिस ने अहमदाबाद निवासी कारोबारी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। कई अन्य लोगों से भी ठगी के आरोप लगे हैं। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में लिफ्ट लगाने के नाम पर लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। माणक चौक थाना पुलिस ने अहमदाबाद निवासी एक कारोबारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि लिफ्ट लगाने के लिए एडवांस राशि लेने के बावजूद न तो काम किया गया और न ही पैसे लौटाए गए। ₹3.54 लाख एडवांस लेने के बाद नहीं लगाई लिफ्ट पुलिस में दर्ज एफआईआर के अनुसार, नाहरपुरा निवासी और अश्विन टेलीकॉम के संचालक अश्विन मूणत ने बताया कि वर्ष 2024 में उन्होंने अपनी दुकान के ऊपर बने भवन में लिफ्ट लगाने की योजना बनाई थी। इसके लिए उन्होंने इंदौर स्थित केन्स एलेवेटर्स एंड इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर मनीष गुप्ता से संपर्क किया। शिकायत के मुताबिक, लिफ्ट लगाने की कुल लागत 7.20 लाख रुपये तय हुई थी। आरोपी द्वारा एडवांस राशि मांगने पर 11 मार्च 2024 को शिकायतकर्ता ने अपने पिता के यूनियन बैंक खाते से 3.54 लाख रुपये कंपनी के यस बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। बार-बार संपर्क के बावजूद नहीं हुआ काम एफआईआर में कहा गया है कि एडवांस राशि मिलने के बाद आरोपी से कई बार फोन पर संपर्क किया गया और लिफ्ट लगाने के लिए कहा गया, लेकिन उसने न तो लिफ्ट लगाई और न ही एडवांस राशि वापस की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने अवैध लाभ कमाने की नीयत से उनके साथ धोखाधड़ी की। रतलाम के कई अन्य लोगों से भी ठगी का आरोप शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि बाद में उन्हें जानकारी मिली कि आरोपी मनीष गुप्ता ने रतलाम के कई अन्य लोगों से भी लिफ्ट लगाने के नाम पर रकम लेकर कथित रूप से धोखाधड़ी की है। एफआईआर में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें मनोज गुप्ता, निलेश चाणोदिया, लोकेश व्यास, मयंक पाठक, मनोज परमार, अनिल मूणत, जयंत जैन, तुषार पोरवाल और आयुष कोठारी शामिल हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि ये सभी लोग अपने-अपने स्तर पर पुलिस को अलग से जानकारी उपलब्ध कराएंगे। माणक चौक थाना पुलिस ने दर्ज किया मामला माणक चौक थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर क्रमांक 370/2026 दर्ज कर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी)के तहत प्रकरण कायम किया है। मामले की जांच उप निरीक्षक शांतिलाल चौहान को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान बैंक ट्रांजैक्शन, अनुबंध और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी। यदि जांच में अन्य पीड़ितों के आरोप भी सही पाए जाते हैं तो मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Ratlam News: रतलाम पुलिस का कमाल! CEIR पोर्टल से खोज निकाले 15 गुम मोबाइल, मालिकों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

रतलाम पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से 15 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटाए। जानिए CEIR पोर्टल कैसे करता है चोरी या गुम मोबाइल की तलाश। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए रतलाम की औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने एक बार फिर सराहनीय कार्य किया है। CEIR पोर्टल की मदद से पुलिस ने आम नागरिकों के 15 गुम मोबाइल फोन खोजकर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी लौट आई और उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली की जमकर सराहना की। वीडियो देखे CEIR पोर्टल की मदद से मिली बड़ी सफलता रतलाम पुलिस द्वारा गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना औद्योगिक क्षेत्र की प्रभारी निरीक्षक गायत्री सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के Central Equipment Identity Register (CEIR) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस ने IMEI नंबर और अन्य तकनीकी जानकारी का विश्लेषण करते हुए विभिन्न स्थानों से 15 गुम मोबाइल फोन बरामद किए। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने और मोबाइल के वास्तविक स्वामित्व का सत्यापन करने के बाद सभी मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंप दिए गए। मोबाइल वापस मिलते ही लोगों ने जताई खुशी आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन केवल बातचीत का माध्यम नहीं बल्कि बैंकिंग, सरकारी दस्तावेज, डिजिटल भुगतान, फोटो, संपर्क और निजी जानकारियों का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। ऐसे में मोबाइल वापस मिलने पर नागरिकों ने रतलाम पुलिस और औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए उनकी सक्रियता की सराहना की। इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक गायत्री सोनी, उपनिरीक्षक ध्यानसिंह सोलंकी, आरक्षक विजय पंवार, किशन वर्मा, मनीष परिहारऔर पवन मेहता की विशेष भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने भी टीम के प्रयासों की सराहना की। क्या है CEIR पोर्टल? CEIR पोर्टल क्या करता है? CEIR (Central Equipment Identity Register) भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन गुम या चोरी हो जाता है, तो वह CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर अपने मोबाइल के IMEI नंबर को ब्लॉक करा सकता है। इसके बाद यदि उस मोबाइल में कोई अन्य सिम कार्ड उपयोग किया जाता है तो तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस उसकी लोकेशन और उपयोग की जानकारी प्राप्त कर मोबाइल की तलाश कर सकती है। मोबाइल गुम होने पर क्या करें? रतलाम पुलिस की अपील रतलाम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में देरी न करें और तत्काल पुलिस को सूचना देने के साथ CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म की सहायता से पुलिस लगातार गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

Viral Video: वायरल वीडियो की खुली पोल! ट्रेन को खाना लेने के लिए नहीं रोका गया था, रतलाम मंडल ने बताई पूरी सच्चाई

सोशल मीडिया पर वायरल मालगाड़ी रोककर खाना लेने के दावे को पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने भ्रामक बताया। जानिए क्या है पूरा मामला, रेलवे ने क्यों जारी किया आधिकारिक स्पष्टीकरण। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Viral Video: मालगाड़ी को चालक दल द्वारा खाना खरीदने के लिए बीच रास्ते में रोकने का दावा करने वाला सोशल मीडिया वीडियो भ्रामक निकला है। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने इस वायरल वीडियो पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए साफ किया है कि ट्रेन को भोजन लेने के लिए नहीं रोका गया था, बल्कि वह पहले से निर्धारित परिचालन कारणों के चलते राऊ (RAU) यार्ड के होम सिग्नल पर खड़ी थी। रेलवे ने लोगों से अपील की है कि बिना तथ्य जांचे किसी भी वायरल वीडियो पर विश्वास न करें। VIRAL वीडियो देखे! मालगाड़ी रोककर खाना लेने का दावा निकला गलत पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में यह दावा किया गया कि चालक दल ने भोजन खरीदने के लिए मालगाड़ी रोक दी। रेलवे ने इस दावे को पूरी तरह असत्य, भ्रामक और तथ्यों से परे बताया है। रेलवे के अनुसार, संबंधित कॉनकोर ग्रीन फील्ड प्राइवेट टर्मिनस की मालगाड़ी, जिसे लोको संख्या 27237 एवं 27600 संचालित कर रहे थे, राऊ यार्ड में पहले से निर्धारित इंजीनियरिंग कार्य के कारण परिचालन प्रक्रिया के तहत होम सिग्नल पर खड़ी थी। रेलवे ने स्पष्ट किया कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति ट्रेन का कार्यरत सहायक लोको पायलट नहीं था, बल्कि वह एक स्पेयर सहायक लोको पायलट था। अधिकृत परिचालन ठहराव के दौरान उसने व्यक्तिगत रूप से भोजन खरीदा। इस दौरान मालगाड़ी को बिना चालक दल के नहीं छोड़ा गया था। ट्रेन के कार्यरत लोको पायलट और सहायक लोको पायलट दोनों अपनी-अपनी निर्धारित ड्यूटी पर मौजूद थे और पूरी ट्रेन रेलवे के सुरक्षा मानकों एवं परिचालन नियमों के अनुसार संचालित हो रही थी। DEMU ट्रेन बताकर भी फैलाया गया भ्रम रेलवे ने यह भी बताया कि वायरल वीडियो को यात्री DEMU ट्रेन से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जबकि वास्तविक घटना कॉनकोर ग्रीन फील्ड प्राइवेट टर्मिनस की मालगाड़ी से संबंधित थी। रेल प्रशासन का कहना है कि वीडियो को चुनिंदा तरीके से प्रस्तुत कर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर दिखाया गया, जिससे आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई और रेलवे की कार्यप्रणाली को लेकर गलत धारणा बनाने की कोशिश की गई। रेलवे का आधिकारिक बयान जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, “रेलवे में किसी भी ट्रेन को व्यक्तिगत सुविधा या भोजन लेने के लिए नहीं रोका जाता। सभी ट्रेनों का संचालन निर्धारित परिचालन नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाता है।” रेलवे ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी वीडियो या सूचना पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। लोगों से रेलवे की अपील रेल प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट या भ्रामक सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा न करें। केवल रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें, ताकि अफवाहों और गलत सूचनाओं से बचा जा सके।

Ratlam News: रतलाम फायरिंग केस: पूर्व बजरंग दल नेता समेत 3 फरार आरोपियों पर ₹10-10 हजार का इनाम, संपत्ति की जांच भी शुरू

रतलाम फायरिंग केस में बड़ा अपडेट। सराफा व्यापारी के घर फायरिंग मामले में पूर्व बजरंग दल नेता विनोद उर्फ वीनू शर्मा समेत तीन फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित। पुलिस ने संपत्ति की जांच भी शुरू की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के चर्चित सराफा व्यापारी फायरिंग केस में पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए तीन फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनामघोषित किया है। इनमें पूर्व बजरंग दल जिला संयोजक विनोद उर्फ वीनू शर्मा, वसीम उर्फ पांडू और अदनान मुकाती शामिल हैं। पुलिस अब इन आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनकी संपत्ति की भी जांच कर रही है। 19 जून को सराफा व्यापारी के घर हुई थी फायरिंग 19 जून को रतलाम के डीडी नगर थाना क्षेत्र स्थित सैफी नगर में सराफा व्यापारी कमल सोनी के घर पर दो बाइकों से पहुंचे चार बदमाशों ने फायरिंग कर दहशत फैला दी थी। सभी आरोपी चेहरे पर कपड़ा बांधकर आए थे और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई। अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में विनीत उर्फ चुचु, भोला, अजय उर्फ गट्टू, रवींद्र और कन्हैया नायक शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि फायरिंग की पूरी साजिश विनोद उर्फ वीनू शर्मा के कहने पर रची गई थी। पूर्व बजरंग दल नेता समेत तीन आरोपी अब भी फरार पुलिस के अनुसार पूर्व बजरंग दल जिला संयोजक विनोद उर्फ वीनू शर्मा, वसीम उर्फ पांडू और अदनान मुकाती अभी भी फरार हैं। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने तीनों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। जानकारी के मुताबिक, फरार आरोपी वसीम उर्फ पांडू वर्ष 2017 के चर्चित तरुण सांखला हत्याकांड में भी नामजद आरोपी रह चुका है। 40 लाख की सुपारी लेकर कराई गई थी फायरिंग पुलिस जांच में सामने आया कि सराफा व्यापारी कमल सोनी के बेटे दिव्यांश सोनी और आदित्य सोमानी के बीच एमसीएक्स कारोबार से जुड़े करीब 1 करोड़ रुपये के लेन-देन का विवाद चल रहा था। दिव्यांश द्वारा आदित्य सोमानी के खिलाफ मामला दर्ज कराने के अगले ही दिन फायरिंग की घटना हुई। व्यापारी कमल सोनी ने आरोप लगाया था कि वीनू शर्मा रुपये की वसूली के लिए लगातार धमका रहा था और फायरिंग की धमकी भी दी थी। जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि कथित रूप से 40 लाख रुपये की सुपारी लेकर बदमाशों के जरिए इस वारदात को अंजाम दिलाया गया। पुलिस का बयान डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि तीनों फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। उनकी गिरफ्तारी के लिए मध्य प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी पुलिस टीमों ने दबिश दी है। साथ ही आरोपियों की संपत्ति की जांच भी शुरू कर दी गई है ताकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई को और मजबूत किया जा सके।

रतलाम में जेएसजी संगिनी उमंग की अनोखी पहल: जरूरतमंद सब्जी विक्रेताओं को बांटी छतरियां और रेनकोट

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। सामाजिक सेवा के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम परिवार ने बारिश के मौसम में जरूरतमंदों की सहायता के लिए सराहनीय पहल की। संस्था ने ‘उमंग के रंग, सेवा के संग’ अभियान के तहत ‘बरसात से राहत’ सेवा प्रोजेक्ट आयोजित कर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले सब्जी विक्रेताओं को 50 छतरियों एवं रेनकोट का वितरण किया। यह सेवा प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश रीजन के अध्यक्ष राहुल चपलोद द्वारा जुलाई माह के लिए दिए गए ‘बारिश से राहत’ अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्षा ऋतु में जरूरतमंद एवं असहाय लोगों को बारिश से बचाव के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम 7 जुलाई, मंगलवार को जैन स्कूल, सागोद रोड गेट, रतलाम पर आयोजित किया गया, जहां ग्रामीण क्षेत्रों से सब्जियां बेचने आने वाले विक्रेताओं को छतरियां और रेनकोट वितरित किए गए। इस सेवा कार्य के माध्यम से संगिनी उमंग परिवार ने मानवता, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। इस सेवा प्रोजेक्ट में समूह की 30 से अधिक सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर इसे सफल बनाया। कार्यक्रम सखी मीना रमेश गादिया के सौजन्य से आयोजित किया गया। इस अवसर पर ग्रुप अध्यक्ष रेनू लूनिया, रमिला सकलेचा और संगीता कांठेड़ ने मीना गादिया का स्वागत किया। संस्था की ओर से बताया गया कि भविष्य में भी समाज के जरूरतमंद वर्ग के लिए इसी प्रकार के सेवा कार्य निरंतर किए जाएंगे। ग्रुप की सचिव निर्मला पटवा एवं अनिता कोठारी ने कार्यक्रम की जानकारी साझा की।

Ratlam News: रतलाम में नाले से मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, इप्का गेस्ट हाउस के पीछे झाड़ियों में मिला शव; CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

रतलाम में इप्का गेस्ट हाउस के पीछे नाले से एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और CCTV फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब इप्का गेस्ट हाउस के पीछे स्थित नाले से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ। करीब 55 वर्षीय व्यक्ति का शव झाड़ियों के बीच नाले के पानी में औंधे मुंह पड़ा मिला। सूचना मिलते ही स्टेशन रोड थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। रतलाम में नाले से मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, मौके पर पहुंची पुलिस जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे स्थानीय लोगों ने सिटी फोरलेन स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय से कुछ दूरी पर इप्का गेस्ट हाउस के पीछे नाले में शव पड़ा देखा। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची स्टेशन रोड थाना पुलिस ने शव को नाले से बाहर निकलवाया। पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। जिस स्थान पर शव मिला है, उसके पीछे इंदौर रेलवे लाइन भी गुजरती है, इसलिए पुलिस आसपास के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। CCTV फुटेज और पहचान में जुटी पुलिस पुलिस के मुताबिक मृतक ने काले रंग की पैंट और टी-शर्ट पहन रखी थी। दोपहर तक उसकी पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ कर रही है और इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मृतक वहां कैसे पहुंचा। पहचान के लिए आसपास के थानों और गुमशुदगी के मामलों का भी मिलान किया जा रहा है। थाना प्रभारी ने क्या कहा? स्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्र जादौन ने बताया कि मृतक की पहचान कराने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में शव पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। हर एंगल से जांच कर रही पुलिस एफएसएल टीम ने भी मौके से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस प्राकृतिक मौत, दुर्घटना और अन्य संभावित कारणों सहित हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Ratlam News: रतलाम में 74 लाख का गबन! कृषि साख सहकारी संस्था में बड़ा घोटाला, 68 किसानों के खातों से हेराफेरी

रतलाम के पिपलौदा स्थित शेरपुर प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था में 74.45 लाख रुपये के गबन का खुलासा हुआ है। ऑडिट में अनियमितता सामने आने के बाद प्रबंधक और सहायक प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज, दोनों आरोपी फरार हैं। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले की पिपलौदा तहसील के शेरपुर गांव स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था में 74.45 लाख रुपये के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। वर्षों तक चली वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा विशेष ऑडिट के दौरान हुआ। जांच के बाद पिपलौदा थाना पुलिस ने संस्था के तत्कालीन प्रबंधक और सहायक प्रबंधक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। ऑडिट में पकड़ी गई 74 लाख रुपये से अधिक की गड़बड़ी जानकारी के अनुसार, यह मामला वर्ष 2017-18 से 2023-24 के बीच का है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा पिपलौदा के प्रबंधक अशोक पिता रायचंद मुणिया ने 6 मार्च 2026 को पुलिस को जांच प्रतिवेदन सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की थी। भारत सरकार की सहकारी से समृद्धि योजना के तहत पैक्स कम्प्यूटरीकरण के दौरान संस्था के डिजिटल रिकॉर्ड (DCT) और बैलेंस शीट का मिलान किया गया। इस दौरान 86.43 लाख रुपये से अधिक का अंतर सामने आया। इसके बाद संयुक्त आयुक्त सहकारिता बैंक की विशेष ऑडिट टीम ने विस्तृत जांच की, जिसमें 70 सदस्यों के खातों में 74,45,947 रुपये की गंभीर वित्तीय अनियमितता पाई गई। 68 किसानों के खातों में हेरफेर, राशि लेकर नहीं दी रसीद विशेष जांच में सामने आया कि संस्था के तत्कालीन प्रबंधक अशोक बाफना और सहायक प्रबंधक गेंदालाल शर्मा ने कई सदस्यों से नकद राशि जमा करवाई, लेकिन उसकी आधिकारिक रसीद जारी नहीं की। इतना ही नहीं, जमा राशि को संस्था की कैश बुक में भी दर्ज नहीं किया गया। जांच अधिकारी की रिपोर्ट में 68 सदस्यों के खातों में लगभग 74.26 लाख रुपये के गबन की पुष्टि हुई। ऑडिट टीम ने फर्जी रसीदों और रिकॉर्ड में हेरफेर के भी प्रमाण मिलने की बात कही है। नोटिस के बाद भी राशि जमा नहीं, दोनों अधिकारी निलंबित विशेष ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद बैंक ने दोनों अधिकारियों को राशि जमा करने के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन निर्धारित समय में रकम वापस नहीं की गई। इसके बाद 12 फरवरी 2026 को दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। कलेक्टर एवं प्रशासक के निर्देश पर शाखा प्रबंधक अमृतलाल पाटोदी को विस्तृत जांच सौंपी गई। जांच रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद पुलिस कार्रवाई की गई। पुलिस ने दर्ज किया केस, आरोपी फरार पिपलौदा थाना पुलिस ने आरोपी अशोक बाफना (निवासी हसनपालिया, वर्तमान जावरा) और गेंदालाल शर्मा (निवासी सरसाना, पिपलौदा)के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 409 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है। पिपलौदा थाना प्रभारी रमेश कोली ने बताया कि दोनों आरोपी फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार तलाश की जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश की कई सहकारी संस्थाओं में वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। सरकार द्वारा सहकारी संस्थाओं के डिजिटलीकरण और विशेष ऑडिट के बाद ऐसे मामलों का खुलासा तेजी से हो रहा है। शेरपुर संस्था का यह मामला भी ऑडिट प्रक्रिया के दौरान सामने आया, जिसने किसानों की जमा पूंजी की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Ratlam News: रतलाम की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों पर बड़ा एक्शन: जनवरी 2023 के बाद खरीदे प्लॉट का नहीं होगा नामांतरण, नगर निगम की चेतावनी

रतलाम नगर निगम ने 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में जनवरी 2023 के बाद खरीदे गए प्लॉटों के नामांतरण पर रोक लगा दी है। जानिए किन कॉलोनियों पर लागू होगा नियम और क्या है पूरी जानकारी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में प्लॉट खरीदने वालों के लिए नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। शहर की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में 27 जनवरी 2023 के बाद कालोनाइजर या भूमि स्वामी से खरीदे गए प्लॉटों का नामांतरण नहीं किया जाएगा। नगर निगम ने सार्वजनिक सूचना जारी कर नागरिकों से बिना जांच-पड़ताल के भूखंड खरीदने से बचने की अपील की है। जनवरी 2023 के बाद खरीदे प्लॉट का नहीं होगा नामांतरण नगर निगम आयुक्त अनिल भाना द्वारा जारी सूचना के अनुसार, शहर की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना उपलब्ध कराने और भवन अनुज्ञा की प्रक्रिया जारी है। इस दौरान संबंधित कालोनाइजर या भूमि स्वामी अपने स्वामित्व के शेष भूखंडों का विक्रय नहीं कर सकेंगे। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि 27 जनवरी 2023 के बाद यदि किसी व्यक्ति ने इन कॉलोनियों में प्लॉट खरीदा है, तो उसका नामांतरण नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं, संबंधित भूमि के अधिग्रहण सहित नियमानुसार अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है। नगर निगम ने लोगों को दी यह सलाह नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले उसकी वैधता और नगर निगम से संबंधित रिकॉर्ड की पूरी जांच अवश्य करें। बिना जानकारी के प्लॉट खरीदना भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानी का कारण बन सकता है। इन प्रमुख कॉलोनियों पर लागू होगा नियम नगर निगम द्वारा जारी सूची में मालवा नगर-पीएनटी कॉलोनी, वरदान नगर, राम नगर, अभय नगर, रेल नगर, महेश नगर, इंद्रा नगर, गणेश नगर, राजीव नगर, जनता नगर, निराला नगर, भवानी नगर, शक्ति नगर, आदर्श नगर, पटवारी कॉलोनी, त्रिमूर्ति नगर, टाटा नगर, धीरज शाह नगर, सैफी नगर, कल्याण नगर, तेजा नगर ब्लॉक-2, अशोक नगर, ज्योति नगर, सरस्वती नगर, मौलाना आजाद नगर, समता नगर, राजस्व नगर, प्रताप नगर, संजय नगर, रहमत नगर, बापू नगर, सर्वोदय नगर, कृष्णा विहार, सखवाल नगर, रंगमहल और रामदेवजी की घाटी सहित कुल 61 अनाधिकृत कॉलोनियां शामिल हैं। तीन साल पुराने सौदों पर भी पड़ेगा असर नगर निगम द्वारा यह प्रतिबंध 27 जनवरी 2023 से प्रभावी माना गया है। ऐसे में पिछले लगभग तीन वर्षों के दौरान जिन लोगों ने इन अनाधिकृत कॉलोनियों में प्लॉट खरीदे हैं, उन्हें अब नामांतरण में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जानकारी के अभाव में कई खरीदारों ने भूखंड खरीद लिए थे, जिन पर अब निगम का यह फैसला परेशानी बढ़ा सकता है। नगर निगम आयुक्त का क्या कहना है? नगर निगम आयुक्त अनिल भाना ने कहा कि अनाधिकृत कॉलोनियों में आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और नियमितीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इसी कारण संबंधित कालोनाइजरों को शेष प्लॉट बेचने की अनुमति नहीं है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

रतलाम में 16 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा

रतलाम में 16 जुलाई 2026 को श्री भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकलेगी। आयोजन समिति ने महापौर प्रह्लाद पटेल एवं MIC सदस्यों को आमंत्रित कर अधिक से अधिक नागरिकों से धर्म लाभ लेने की अपील की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। श्री भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव समिति द्वारा आयोजित होने वाली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को समिति के पदाधिकारियों ने रतलाम नगर निगम के महापौर प्रह्लाद पटेल से सौजन्य भेंट कर उन्हें रथयात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दिया। इस अवसर पर नगर निगम के सभी MIC (एमआईसी) सदस्यों को भी आमंत्रित करते हुए अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया गया। समिति ने बताया कि श्री भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा 16 जुलाई 2026, गुरुवार को दोपहर 2:30 बजे श्री भगवान जगदीश मंदिर, थावरिया बाजार, रतलाम से प्रारंभ होगी। रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। श्री भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव समिति ने बताया कि रतलाम जिले में पिछले 29 वर्षों से इस भव्य धार्मिक आयोजन की परंपरा निरंतर निभाई जा रही है। यह रथयात्रा करीब 350 वर्ष पुराने मालवी एवं राजस्थानी शिल्पकला से निर्मित श्री जगन्नाथ मंदिर से निकाली जाती है, जो जिले का एकमात्र प्राचीन जगन्नाथ मंदिर माना जाता है। समिति का उद्देश्य सामाजिक समरसता, धार्मिक एकता और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश देना है। समिति ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों, मातृशक्ति एवं युवा वर्ग से रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने, शोभायात्रा की गरिमा बढ़ाने तथा “धर्मो रक्षति रक्षितः” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया है। समिति ने रतलाम शहर एवं आसपास के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे परिवार सहित रथयात्रा में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करें और इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में अपना सहयोग दें। रथयात्रा का कार्यक्रम

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