विधानसभा चुनाव 2023 : सुरक्षा बल की पहली कंपनी पहुंची रतलाम, जिले में 333 संवेदनशील और 1 अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिले की कुल जनसंख्या 17 लाख 17 हजार 915 है, जिसमें से इस साल पांचों विधानसभा क्षेत्रों के 1295 पोलिंग बूथों पर 1101741 मतदाता मतदान करेंगे। उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 550814 महिला और 550811 पुरुष मतदाता के हाथ रहेगा। इसमें पहली बार 18 वर्ष से अधिक उम्र के 40 हजार मतदाता भी शामिल होंगे। पूरे जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है। अनावश्यक भीड़ लगाने, बिना अनुमति प्रदर्शन, आयोजनों पर कार्रवाई होगी। इस बार चुनाव में 24 मतदान केंद्र मंदसौर जिले की सीमा, 20 केंद्र राजस्थान सीमा से लगे हैं जबकि 88 संवेदनशील मतदान केंद्र रहेंगे। इन केंद्रो पर पुलिस प्रशासन विशेष नजर रखेगी। जिले में कुल 333 मतदान केंद्र को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। जिले में केवल एक बूथ को अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। यह बूथ ग्राम पंचायत करमदी है, जहां धार्मिक विवाद हुआ था। संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय सुरक्षाबलों की विशेष निगरानी में चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। मंगलवार शाम आईटीबीपी के जवानों की एक कंपनी रतलाम पहुंची। स्थानीय पुलिस ने कंपनी के ठहरने आदि की व्यवस्थाएं की। इन कंपनियों की तैनाती संवेदनशील व अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में की जाएगी। कुछ दिनों में सुरक्षाबलों की और कंपनियां भी पहुंचने की भी संभावना है। कंपनियों के पहुंचने के बाद इनको मतदान में विशेष ड्यूटी के लिए ट्रेनिंग का दौर शुरू होगा। विशेष दिशा निर्देश देने के बाद जवानों को मतदान स्थल पर तैनात किया जाएगा। सुरक्षाबलों के जवान मतदान केंद्रों पर राइफल्स के साथ तैनात रहेंगे। इनकी तैनाती के पीछे मुख्य कारण बूथ कैप्चरिंग व संवेदनशील घटनाओं से निपटना है। इस बार चुनाव में जिलेभर में 333 मतदान केंद्र संवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं जहां अतिरिक्त पुलिस की व्यवस्था की जाएगी। जिले में 25 फीसदी केंद्र संवेदनशील :आमतौर पर हर विधानसभा में 10 फीसदी मतदान केंद्रों को निर्वाचन आयोग संवेदनशील केंद्र मानकर अतिरिक्त बलों की व्यवस्था करता आया है। इस बार जिले में संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या 25 फीसदी से ज्यादा है। जिले में 1295 मतदान केंद्रों में से 333 मतदान केंद्र इस श्रेणी में मिले हैं। इन मतदान केंद्र पर पुलिस और प्रशासन की तैयारियां अब दिखाई देने लगी है।

चकमा देकर फरार तेंदुआ : कुत्ते – बिल्ली पकड़ने के अंदाज में घूमता रहा रातभर वन अमला, पूरे संभाग में एक ट्रेंकुलाइजर गन

वनकर्मियों के पास खुद के बचाव के लिए साधन – संसाधन नहीं, ऐसे तो कैद में होता तेंदुआ! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में देर रात तक तेंदुए की लुकाछिपी से लोगों में दहशत बनी हुई है। रविवार को तेंदुआ एक सीसीटीवी फुटेज में भी कैद हुआ है। रविवार शाम से ही लेट लतीफ वन अमला तेंदुए की तलाश कर रहा है। अब तक तेंदुआ पकड़ से बाहर है। ट्रेस हुए तेंदुए के पंजे के निशान मिले है। यह नर तेंदुआ है जो कि युवा अवस्था में है। इसकी उम्र करीब डेढ़ से दो वर्ष तक बताई जा रही हैं। विभाग ने लोगों से घरों में रहने की अपील की है। रविवार देर रात 12 बजे करीब उड़नदस्ते ने तेंदुए को रेलवे कॉलोनी में ट्रेस किया। जिसके बाद वहां पिंजरा रखकर उसे पकड़ने की कोशिश की गई। इस दौरान तेंदुआ झाड़ियों में दुबक कर बैठा था। मगर रात 3 बजे करीब वन विभाग की टीम को चकमा देकर तेंदुआ जेवीएल की तरफ भाग निकला। वहीं डीएफओ डीएस निगवाल का कहना है की तेंदुआ शहर से बाहर निकल चुका है। मगर एहतियात के तौर पर टीम को सर्चिंग पर लगा रखा है। ड्रोन से इंडस्ट्रियल एरिया समेत आसपास के क्षेत्रों में सर्चिंग की जा रही है। उज्जैन से रेस्क्यु टीम रात 10 बजे आई जिसके बाद इंदौर से भी सोमवार तड़के 4 बजे रेस्क्यू टीम रतलाम पहुंची। खबर लिखे जाने तक तेंदुए के दिखाई देने की अफवाहों का बाजार गर्म रहा और टीम इधर से उधर मूवमेंट करती नजर आई। गौरतलब है की रविवार शाम 4 बजे करीब लोगों ने तेंदुआ देखा। तब रहवासियों की भीड़ व शोर के चलते यह और आक्रामक होकर भागता रहा। वही कॉलोनी की बाउंड्रीवॉल पर तेंदुए को देखने चढ़े सतीश मीणा पर हमला पर उसे घायल कर दिया था। इसे रेलवे अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती किया गया। जिले में एक उड़नदस्ता, जरूरी साधन तक नहीं :तेंदुए की सूचना मिलने के बाद पहुंचे वन अमले के पास जरूरी साधन तक उपलब्ध नहीं थे। जिले में जंगली जानवरों को काबू में रखने या पकड़ने के लिए केवल एक रेस्क्यू टीम है जिसे उड़नदस्ता कहा जाता है। तेंदुए की ट्रेसिंग के वक़्त यह उड़नदस्ता आलोट था। जिसे रतलाम आने में 1 घण्टे से अधिक समय लगा।ट्रेंकुलाइजर गन की बात करे तो पूरे संभाग में केवल एक गन उपलब्ध है। जिसे चलाने के लिए विशेष ट्रेनिंग की आवश्यकता होती है। यह गन खुंखार जानवरों को बगैर नुकसान पहुंचाए स्थिर कर देती है। जिसमें बेहोशी की ड्रग की मात्रा व निशाना लगाने की दूरी का पैमाना तय होता है। इसकी कीमत 3 लाख से लगाकर8 लाख तक की होती है। यह गन रात में अमले के पास मौजूद होती तो तेंदुआ अभी कैद में होता। सूत्रों के अनुसार सैलाना में तेंदुआ पकड़ने के दौरान इंदौर की टीम के पास जो गन थी वह गिरकर खराब हो चुकी थी। जिसके बाद इंदौर की टीम उज्जैन से गन लेकर चली गई। रात में उज्जैन की टीम समय पर तो पहुंची मगर उसे ट्रेकुलाइस गन का इंतजार करना पड़ा। तेंदुए जैसे खतरनाक प्रजाति की सर्चिंग के दौरान वन अमले के पास ना तो खुद की सुरक्षा के लिए साधन उपलब्ध थे ना ही पैक्ड जिप्सी! ऐसे में तेंदुआ अगर इन पर हमला करता है तो भगवान ही मालिक है। जिले में लगातार हो रही तेंदुए की मूवमेंट के बाद भी जिले में संसाधनों का अभाव होना चिंता का विषय है। सूत्रों की माने तो जिला वन मुख्यालय साधनों की पूर्ति के लिए पत्र भी लिख चुका है, मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।  


शहर में तेंदुआ : रेलवे कॉलोनी में देखने पहुंचे युवक को किया घायल, सूचना के 3 घंटे बाद तक नहीं पहुंची वन विभाग की टीम

क्या कहते है एक्सपर्ट?कम होते जंगलों और शिकार ने बढ़ाया शहर में तेंदुओं का मूवमेंट, किसी की जान लेकर उड़ेगी विभाग की सुस्ती! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर में तेंदुए के घुस आने से लोगों में दहशत और अफरा तफरी मच गई। रविवार शाम 5 बजे से सोशल मीडिया पर तेंदुए की मूवमेंट के मैसेज वायरल होना शुरू हो गए। उसकी लोकेशन के बारे में जानने की कोशिश की गई तो मालूम हुआ कि तेंदुआ शहर की रेलवे कॉलोनी में डेरा डाले हुए है। जिसके बाद पुलिस के साथ ही वन विभाग की टीम को सूचना दी गई। करीब 3 घण्टे तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। लोगों की भीड़ मौके पर जमा होने लगी तो तेंदुआ गांधीनगर, मीरा कुटी की तरफ चला गया। भीड़ होने से तेंदुआ फिर से रेलवे कालोनी की रोड नंबर 13 की तरफ आ गया। इस दौरान उसे देखने आए युवक सतीश मीणा पर तेंदुए ने हमला कर दिया, जिससे कमर के पास चोट पहुंची। बाद में डीएफओ डीएस निगवाल ने पहुंचकर लोगों से जानकारी ली। इस दौरान रेलवे पुलिस व अधिकारी भी मौके पर पहुंच चुके थे। गौरतलब है कि बढ़ती घटनाओं के बाद भी वन विभाग के पास संसाधन के नाम पर सिर्फ पिंजरा ही है। ट्रेंकुलाइजेशन के लिए उज्जैन व इंदौर से टीम बुलाई गई है। डीएफओ निगवाल ने बताया की जंगली जानवर की सूचना मिली थी। प्रथम दृष्टया वीडियो और पूछताछ में तेंदुआ ही लग रहा है जो कि जंगल के रास्ते भटक गया होगा। इंदौर व उज्जैन में टीम को सूचना कर दी गई है। तेंदुआ हिंसक जानवर है, लोग भीड़ उसे देखने के लिए भीड़ नहीं जमा करे। टीम के आने तक उसकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है। दिखाई देने पर उसे रेसक्यू किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्रवासी अब डर के मारे घबराए हुए है। घटना के दौरान क्षेत्र में बिजली जाने से अंधेरा छा गया जिससे रहवासियों में और दहशत बढ़ गई। वन विभाग की सुस्ती, लगातार बढ़ रहा मूवमेंट :यहां विभाग के कई कर्मचारी ऐसे है जो हाजरी लगाने के बाद घरों में आराम फरमाते नजर आते है। तेंदुओं की रहवासी इलाकों में घुसपैठ को रोकने को लेकर विभाग के पास अब तक कोई ठोस योजना नहीं है। किसी दिन यह सुस्ती किसी नागरिक की जान लेकर ही उड़ेगी। रतलाम जिले में सैलाना, पिपलौदा क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता रहती है। 15 मार्च 2022 को रतलाम में सागोद रोड स्थित मांगलिक भवन जेएमडी में तेंदुआ घुस गया था, जो थोड़ी देर रहने के बाद वापस चला गया। हालांकि वन विभाग ने उसे जंगली बिल्ली करार देकर पल्ला झाड़ लिया था। इधर नवंबर 2019 में बड़ायला माताजी में तेंदुआ घुस आया था, जिसे पकड़कर वन विभाग की टीम ने गांधीसागर के वन क्षेत्र में छोड़ा था। इसी वर्ष मार्च से जुलाई तक सैलाना के ग्राम पंचायत पाटड़ी व बरड़ा के कई ग्रामों में रात्रि में तेंदुए ने बकरे-बकरियों व कुछ गाय-बछड़े का शिकार किया था। पांच जुलाई को तेंदुआ बोदिना में एक घर में घुसा, तब विभाग की टीम ने पिंजरा लगाकर पकड़ने के बाद देवास वनक्षेत्र में छोड़ा। यहां भी शुरुआत में वन विभाग ने तेंदुए के होने की बात से इंकार किया था। क्या कहता है एक्सपर्ट व्यू :तेज से शहरीकरण के अलावा और भी कई कारण हैं जिससे देश भर के शहरी इलाकों में तेंदुए देखे जा रहे हैं और वह मनुष्यों पर हमले भी कर रहे है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं ने तेंदुओं के प्राकृतिक आवास को कम कर दिया है जिससे वे मनुष्यों के रिहायशी इलाकों में भटक कर आने लगे है। विशेषज्ञ कहते हैं कि अब तेंदुओं को अपने अधिकार क्षेत्र वाले जंगलों में कम शिकार मिल रहे हैं, उनका अधिकार क्षेत्र सिकुड़ता जा रहा है, आंतरिक संघर्ष बढ़ गए हैं और मानव आबादी तेजी से बढ़ रही है जिससे वह ‘तनावग्रस्त’ हो गए हैं। बाघों जैसी बड़ी पैंथेरा प्रजातियों के विपरीत तेंदुए मानव बस्तियों के आसपास भी रह सकते है। इसके अलावा शिकार की प्रजातियों की कमी के कारण भी तेंदुए कुत्तों, बकरियों और कुछ मामलों में गायों जैसे छोटे स्तनधारियों की तलाश में बस्ती क्षेत्रों में चले जाते है। एक रिपोर्ट के अनुसार आदमखोर तेंदुए जानबूझ कर मारने के इरादे से हमला करते हैं और लोगों की मौत का कारण बनते है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तेंदुए आमतौर पर मनुष्यों से दूर भागते है मगर वक्त के साथ तेंदुओं के मनुष्यों के रिहाइश वाले इलाकों में आने और उन पर हमला करने की वारदात बढ़ रही है।

सामाजिक समरसता : गुर्जर समाज के पटेलों के साथ वाल्मिकी समाज के पटेल का किया सम्मान, मृत्यु भोज में रखा गया आयोजन

पब्लिक वार्ता – रतलाम,कुलदीप माहेश्वरी। नगर के गुर्जर परिवार ने दिवंगत आत्मा के उत्तरकार्य के दौरान रखे गए मृत्यु भोज में एक अनूठा आयोजन किया। यहां परिवार ने सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए समाज के गांव से आये पटेल यानी प्रमुखों के अलावा विशेष रूप से वाल्मीकि समाज के पटेल का भी सम्मान किया।दरअसल हरमाला रोड स्थित श्री लोकेंद्र नाथ भवन पर आयोजित पूर्व पार्षद व समाज अध्यक्ष मोहनलाल धभाई के मृत्यु (पगड़ी) भोज पर यह आयोजन किया गया। गुर्जर समाज में एक प्राचीन प्रथा से अवगत कराते हुए गुर्जर समाज युवा इकाई के द्वारा गुर्जर समाज के गांव के पटेलो का सम्मान समारोह आयोजित किया। जिसमें गुर्जर बाहुल्य गांव के गुर्जर पटेलों (प्रमुख) का स्मृति चिंह व शॉल देकर सम्मान किया। युवा इकाई अध्यक्ष व धभाई के पुत्र मुरलीधर गुर्जर ने बताया कि पुराने समय में पगड़ी भोज के समय अलग-अलग गांव से प्रतिनिधित्व करते हुए पटेल शामिल होते थे। तब उनका पगड़ी बांध करके सम्मान किया जाता था। उनकी उपस्थिति गांव की उपस्थिति को दर्ज करवाती थी। दिवंगत आत्मा की अंतिम इच्छा स्वरूप पटेल सम्मान समारोह आयोजित किया। इसके अलावा सामाजिक समरसता के भाव के उद्देश्य से वाल्मीकि समाज के प्रमुख विजय पटेल का भी सम्मान किया गया।कार्यक्रम में कनेरी, डाबड़ी, मठमठ, नौगांवा, ऊणी, उंडवा, कलमोडा, तीतरी, कालीगांव,  बगवास, बखतगढ़, बड़नगर, पेटलावद, सागोद आदि गांव के पटेलों का सम्मान किया। इस दौरान धभाई – गुर्जर परिवार के रमेशचंद्र गुर्जर, बाबूलाल गुर्जर, भरत गुर्जर व समाज के वरिष्ठ जन उपस्थित थे।

मामला आत्महत्या का : शहर के लेस व्यापारी की पत्नी ने लगाई फांसी, कुछ दिनों पहले ही आई थी मायके से ससुराल

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के थाना स्टेशन रोड अंतर्गत शास्त्री नगर में एक नवविवाहिता ने दुपट्टे से फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। नवविवाहिता युवती मंदसौर स्थित अपने मायके से 3 दिन पूर्व ही रतलाम अपने ससुराल आई थी। मृतिका पूर्वी पति दर्शन चौपड़ा उम्र 26 वर्ष की करीब डेढ़ साल पहले ही शादी हुई थी। वह पिछले कुछ महीनों से अपने मायके मंदसौर गई हुई थी। मृतिका के पति का साड़ी की लेस का व्यापार है। घटना की जानकारी मिलते ही शहर के कई व्यापारी भी मौके पर पहुंच चुके थे।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शनिवार रात करीब 9 बजे मृतिका का पति दर्शन चौपड़ा दुकान से घर आया तब घर के सभी दरवाजे खुले मिले। अपनी पत्नी को ढूंढता हुआ जब वह तीसरी मंजिल पर पहुंचा तो उसकी पत्नी पंखे से लटकी मिली। वह घबराता हुआ नीचे पहुंचा और पड़ोसियों को इसकी जानकारी देने के बाद सीधे स्टेशन रोड थाने पहुंचकर सूचना दी। फिलहाल पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच में जुट गई है। सूचना के बाद सीएसपी अभिनव बारंगे, एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल, तहसीलदार मनोज चौहान व थाना स्टेशन रोड एसआई आनंद बागवान घटनास्थल पर पहुंचे। सीएसपी अभिनव बारंगे ने बताया की मृतिका पूर्वी पति दर्शन चोपड़ा की कुछ माह पहले ही शादी हुई थी। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। पुलिस के पहुंचने के दौरान शव पंखे से लटका हुआ था और शरीर पर चोट के बाहरी निशान भी नहीं मिले। पीएम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। मंदसौर से परिजनों के आने के बाद शव को रात 1 बजे करीब मेडिकल कॉलेज रवाना किया। जहां रविवार सुबह पीएम होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। परिवार लोनावला में मना रहा छुट्टियां :मृतिका के ससुराल में पति दर्शन चौपड़ा के अलावा ससुर राहुल चौपड़ा, सांस अल्का व ननंद चाइना रहती है। सांस, ससुर व ननंद 2-3 दिन पहले ही महाराष्ट्र के लोनावला में घूमने के लिए निकले थे। घर में मृतिका व पति के अलावा कोई नहीं था। पति के अनुसार वह जब घर आया तब पत्नी फंदे पर लटकी मिली और घर के सभी दरवाजे भी खुले थे। उसने तुरंत आसपास जानकारी देकर थाने पहुंचकर घटना सुनाई। वहीं सूत्रों के अनुसार मृतिका पूर्वी चौपड़ा के डिप्रेशन में होने की बात भी सामने आ रही है, जिसकी दवाइयां भी वह समय समय पर लेती रहती थी। पुलिस ने पति के बयान लिए है, जिसके बाद अब आगे जांच में परिजनों के बयान होंगे।  

शारदीय नवरात्रि 2023 : चुनावी माहौल के बीच 130 से अधिक स्थानों पर होगी मां की आराधना, पुलिस व प्रशासन की तैयारियां पूरी

जानिए किस शुभ मुहूर्त में व कैसे होगी घट स्थापना, केवल 48 मिनट का है अभिजीत मुहूर्त! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है। साल में 4 बार नवरात्रि आते है, जिसमें शारदीय, चैत्र नवरात्रि और दो गुप्त नवरात्रि होते हैं। इस साल शारदीय नवरात्रि 15 अक्टूबर रविवार से आरंभ हो रही हैं। नवरात्रि में पूरे 9 दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही हर साल नवरात्रि में मां दुर्गा अलग- अलग वाहनों पर सवार होकर आती हैं। जिसका विशेष महत्व होता है। इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं। हाथी की सवारी पूरे साल अच्छी बारिश का प्रतीक मानी जाती है। वहीं रतलाम में चुनावी आचार संहिता के बीच इस वर्ष नवरात्रि का त्यौहार मनाया जाएगा। पुलिस व प्रशासन ने आयोजन समितियों से इस संबंध में आवश्यक बैठक कर जरूरी दिशा निर्देश भी दिए है। बैठक पुराने पुलिस कंट्रोल रूम पर आयोजित की गई। सीएसपी अभिनव बारंगे ने बताया कि शहर में शांति व सौहाद्र से नवरात्रि का त्यौहार मनाया जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस फोर्स की तैनाती रहेगी। आचार संहिता में विशेष ध्यान रखा जाएगा। गरबा रात्रि में 10 बजे तक ही होंगे। संदिग्ध लोगों की चेकिंग इस दौरान लगातार की जाएगी। शहर में 130 से अधिक स्थानों पर माता की प्रतिमा स्थापित होने के साथ 80 से अधिक स्थानों पर गरबा का आयोजन होगा। इसके अलावा मेला स्थल का भी निरीक्षण कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था की भी तैयारियां पूरी है। माहौल बिगाड़ने व सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार व शांति भंग करने वाले आसामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा और कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान आयोजन समिति सदस्यों के साथ ही शहर एसडीएम संजीवकुमार पांडे, आइए थाना प्रभारी राजेंद्र वर्मा, माणक चौक थाना प्रभारी प्रीति कटारे, दीनदयाल नगर थाना प्रभारी सुरेंद्र गडरिया, एसआई आशीष पाल आदि मौजूद थे। घटस्थापना या कलश स्थापना का मुहूर्त  (Kalash Sthapana Shubh Muhurat) : ज्योतिषाचार्य ने बताया कि पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि को यानी पहले दिन कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 15 अक्टूबर को इस प्रकार है – घटस्थापना के दौरान करें इस मंत्र का जपतदुक्तं तत्रैव कात्यायनेन प्रतिपद्याश्विने मासि भवो वैधृति चित्रयोः । आद्य पादौ परित्यज्य प्रारम्भेन्नवरान्नकमिति।। कलश या घट स्थापना (Kalash Sthapana) :ज्योतिषाचार्य ने बताया कि नवरात्रि में कलश स्थापना का विशेष महत्व है। कलश स्थापना को घट स्थापना भी कहा जाता है। नवरात्रि की शुरुआत घट स्थापना के साथ ही होती है। घट स्थापना शक्ति की देवी का आह्वान है। मान्यता है कि गलत समय में घट स्थापना करने से देवी मां क्रोधित हो सकती है। रात के समय और अमावस्या के दिन घट स्थापित करने की मनाही है।घट स्थापना का सबसे शुभ समय प्रतिपदा का एक तिहाई भाग बीत जाने के बाद होता है। अगर किसी कारण वश आप उस समय कलश स्थापित न कर पाएं तो अभिजीत मुहूर्त में भी स्थापित कर सकते है। प्रत्येक दिन का आठवां मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त कहलाता है। सामान्यत: यह 40 मिनट का होता है। हालांकि इस बार घट स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं है। कलश स्थापना की सामग्री (Kalash Sthapana Samigri) :ज्योतिषाचार्य ने बताया कि मां दुर्गा को लाल रंग खास पसंद है इसलिए लाल रंग का ही आसन खरीदे। इसके अलावा कलश स्थापना के लिए मिट्टी का पात्र, जौ, मिट्टी, जल से भरा हुआ कलश, मौली, इलायची, लौंग, कपूर, रोली, साबुत सुपारी, साबुत चावल, सिक्के, अशोक या आम के पांच पत्ते, नारियल, चुनरी, सिंदूर, फल-फूल, फूलों की माला और श्रृंगार पिटारी भी चाहिए। कैसे करें कलश स्थापना (Kaise Karen Kalash Sthapana) :ज्योतिषाचार्य ने बताया कि नवरात्रि के पहले दिन यानी कि प्रतिपदा को सुबह स्नान कर ले।मंदिर की साफ-सफाई करने के बाद सबसे पहले गणेश जी का नाम लें और फिर मां दुर्गा के नाम से अखंड ज्योत जलाएं। कलश स्थापना के लिए मिट्टी के पात्र में मिट्टी डालकर उसमें जौ के बीज बोएं। अब एक तांबे के लोटे पर रोली से स्वास्तिक बनाएं. लोटे के ऊपरी हिस्से में मौली बांधे।अब इस लोटे में पानी भरकर उसमें कुछ बूंदें गंगाजल की मिलाएं। फिर उसमें सवा रुपया, दूब, सुपारी, इत्र और अक्षत डालें. इसके बाद कलश में अशोक या आम के पांच पत्ते लगाएं। अब एक नारियल को लाल कपड़े से लपेटकर उसे मौली से बांध दें। फिर नारियल को कलश के ऊपर रख दे।  अब इस कलश को मिट्टी के उस पात्र के ठीक बीचों बीच रख दे जिसमें आपने जौ बोएं है। कलश स्थापना के साथ ही नवरात्रि के नौ व्रतों को रखने का संकल्प लिया जाता है। आप चाहें तो कलश स्थापना के साथ ही माता के नाम की अखंड ज्योति भी जला सकते है।

चुनावी सरगर्मी तेज : कलेक्टर व एसपी ने लिया बॉर्डर का जायजा, दोनों राज्यों के अधिकारियों ने की संयुक्त बैठक

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिले में विधानसभा चुनाव के चलते कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और एसपी राहुल लोढा ने मंगलवार को इंटर स्टेट चेक पोस्ट निरीक्षण किया। बांसवाड़ा जिले से लगी हुई सीमा पर कुंडा, जांबूखादन, गड़ीकटारा कला चेक पोस्ट पहुंचकर तैयारी का जायजा लिया। कलेक्टर ने चेक पोस्ट पर स्टैटिक निगरानी टीम की तैनाती, टीम द्वारा किए जाने वाले कार्य की चेक लिस्ट बनाने तथा अन्य आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही मौजूद एसएसटी दल के सदस्यों को ड्यूटी के दौरान सतर्कता बरतने, प्रत्येक गतिविधि को रजिस्टर में नोट करने, सावधानी के साथ वाहनों की चेकिंग, अनावश्यक रूप से किसी को परेशान नहीं करने के निर्देश भी दिए। बांसवाड़ा कलेक्टर एसपी के साथ संयुक्त बैठक :बाजना में कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी और एसपी राहुल लोढ़ा द्वारा बांसवाड़ा कलेक्टर प्रकाशचंद शर्मा और एसपी अभिजीत सिंह के साथ बैठक आयोजित की। अधिकारियों द्वारा इंटर स्टेट बाउंड्री पर आपराधिक तत्वों की आवाजाही पर नियंत्रण, अवैध शराब तथा अवैध धन की रोकथाम पर गंभीरता से चर्चा की गई। विधानसभा के निष्पक्ष एवं स्वतंत्र निर्वाचन हेतु नियमित जानकारियो का आदान-प्रदान तय किया गया। निर्वाचन के दौरान दोनों जिलों के अधिकारी समन्वय के साथ आपसी संपर्क रखेंगे, आवश्यक जानकारी को साझा करेंगे। इस दौरान एसडीएम सैलाना मनीष जैन, एसडीओपी, जनपद सीईओ सुश्री अल्फिया खान, तहसीलदार मृगेंद्र सिसोदिया तथा बांसवाड़ा जिले के थाना स्तर के पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। राजस्थान की सरहद पर विशेष निगरानी :मध्यप्रदेश के साथ राजस्थान में भी विधानसभा चुनाव है। ऐसे में राजस्थान की सरहद को छूते 39 मतदान केन्द्रों पर प्रशासन की विशेष निगाहें हैं। इसमें सर्वाधिक 20 बूथ जावरा विधानसभा क्षेत्र में हैं। यहां न केवल चैकिंग पाइंट बढ़ाए गए हैं बल्कि तीसरी आंख से भी आवाजाही पर नजर रखी जा रही है।  

फिर धराया गोल्ड : रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने मुंबई के युवक से 85 लाख की गोल्ड ज्वैलरी पकड़ी, आयकर व अन्य विभाग कर रहे जांच

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। एक माह पहले रतलाम में पुलिस ने 13 किलो से अधिक का सोना (GOLD) पकड़ा था। जिसमें दो युवकों के पास से करीब 8 करोड़ रुपए से अधिक का सोना जप्त हुआ था। जप्ती के बाद रतलाम सहित अन्य जिलों के सराफा व्यापारियों में हड़कंप मच गया था। यह सोना मुंबई से रतलाम लाया गया था।एक माह बाद फिर रतलाम में जीआरपी पुलिस ने अवैध रूप से परिवहन हो रहे गोल्ड (GOLD) पर शिकंजा कसा है। जप्त गोल्ड, ज्वैलरी के रूप में था जिसमें गले के हार, कंगन, झुमके आदि शामिल है। जीआरपी थाना प्रभारी बीएस देवड़े के अनुसार रतलाम रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 4 पर किसी व्यक्ति के गोल्ड ज्वैलरी तस्करी की सूचना मिली थी। जिसके बाद सघन चेकिंग शुरू की गई। इस दौरान  प्लेटफार्म 4 पर फुटओवर ब्रिज के नीचे एक व्यक्ति बैग लिए खड़ा था। तलाशी लेने पर उसके बैग से गोल्ड की अलग-अलग प्रकार ज्वैलरी मिली। जिसका कुल वजन 1.56 किग्रा था। जिसकी बाजार में कुल कीमती लगभग 85 लाख रुपये बताई जा रही है। उक्त व्यक्ति ने पूछताछ के दौरान अपना नाम कमलेश सिंह बताया। कमलेश के पास अपने साथ ले जाए जा रहे गोल्ड का बिल व अन्य दस्तावेज मौके पर नहीं थे। पुलिस ने तुरंत तस्करी के संदेह में जीएसटी व आयकर अधिकारी को सूचना दी। जिसके बाद विधिवत जप्ती की कार्रवाई करते हुए मामला जीएसटी व आयकर विभाग के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने संबंधित फर्म को सूचना कर दी है। मुंबई की फर्म का है गोल्ड, दिखाने लाया था सेंपल  :राउंडअप किया गया युवक कमलेश मुंबई की फर्म टीएस गोल्ड का कर्मचारी बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार वह मुंबई से बाय रोड उदयपुर गया जहां उसने व्यापारियों को अपने पास रखी गोल्ड ज्वैलरी बतौर सेम्पल बताई। जिसके बाद वह बस से रतलाम आया। यहां उसने कुछ व्यापारियों से संपर्क किया मगर सैंपल नहीं दिखाया। रात को ट्रेन से वह फिर मुंबई के लिए रवाना होने वाला था। जिसके पहले ही पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।आगामी धार्मिक त्योहारो एवं विधानसभा चुनाव को देखते हुए ट्रेनो में सघन चेकिंग, स्टेशनों में फ्लैग मार्च, मुसाफिरखाना, आउटर, प्लेटफार्म तथा रेलवे स्टेशन परिसर में संदिग्धों की चेकिंग, ऑटो चालको से सघन पूछताछ, अवैध मादक पदार्थों के परिवहन व अवैध गतिविधियो के विरुद्ध कार्यवाही, प्रतिबंधात्मक कार्यवाही, व मोटर व्हीकल एक्ट की कार्यवाही लगातार जारी रहेगी। रेलवे का उपयोग अवैध परिवहन हेतु नही करने दिया जायेगा।  

रतलाम का रण : हाईकमान ने शहर में विधायक चेतन्य काश्यप पर जताया भरोसा, तीसरी बार भाजपा का बने चेहरा

सूची आते ही कार्यकर्ताओं ने शुरू की आतिशबाजी, बांटी मिठाईयां पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों को लेकर जहां आयोग ने सोमवार को तारीखों का एलान किया वहीं दूसरी और भाजपा ने भी उम्मीदवारों की अपनी तीसरी सूची जारी की। जिसमें रतलाम शहर विधानसभा के लिए विधायक चेतन्य काश्यप पर तीसरी बार भरोसा जताया गया है। यह तीसरी बार होगा जब रतलाम शहर विधानसभा से चेतन्य काश्यप की उम्मीदवारी भाजपा से तय हुई है। शहर विधानसभा पर भाजपा के टिकट उम्मीदवारी की तमाम अटकलें अब समाप्त हुई। भाजपा ने रतलाम की 5 में से 2 विधानसभा सीटों के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इससे पहले दूसरी सूची में सैलाना से संगीता चारेल का टिकट तय हुआ है। आलोट, जावरा और रतलाम ग्रामीण में भाजपा किसको टिकट देगी यह अब भी सस्पेंस है। फिलहाल रतलाम में भाजपा के टिकट बंटवारे को लेकर सैलाना में और रतलाम शहर में कोई गुटबाजी या अंदरूनी विरोध सामने निकलकर नहीं आया है। उम्मीदवारी की घोषणा होते ही कई भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं ने विधायक काश्यप के निवास पहुंचकर उन्हें बधाई दी। इसके अलावा कार्यकर्ताओं ने जमकर आतिशबाजी की और नाचते हुए मिठाइयां बांटी। शहर विधायक काश्यप ने पार्टी द्वारा उन्हे पुनः रतलाम शहर से प्रत्याशी बनाए जाने पर शीर्ष नेतृत्व को धन्यवाद दिया। कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुए विधायक निवास से जुलूस निकाला, जो कि शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। शहर के विभिन्न चौराहों पर आतिशबाजी की गई। मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में राजपत्र अधिसूचना जारी होने की तारीख -21अक्टूबर, नामांकन करने की अंतिम तारीख -30 अक्टूबर,नामांकन की जांच की तारीख -31 अक्टूबर, उम्मीदवारी वापस लेने की तारीख-2 नवंबर, मतदान की तारीख-17 नवंबर व मतगणना की तारीख -3 दिसंबर रहेगी।  

थमा भागवत का उल्लास : काश्यप फाउंडेशन द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का भव्य समापन, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

विधायक चेतन्य काश्यप की घोषणा, 33 लाख में विरुपाक्ष महादेव मंदिर का बनेगा भव्य द्वार पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। चेतन्य काश्यप फाउंडेशन द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का रविवार को सुप्रसिद्ध कथावाचक एवं मोटीवेशनल स्पीकर जया किशोरी ने सबको राम-राम कहकर भव्य समापन किया। उन्होने कहा कि चेतन्य काश्यप परिवार ने भव्य आयोजन किया। भगवान इन पर सदैव कृपा बनाए रखे और यह धर्म के काम करते रहे। अंतिम दिवस की कथा की शुभारंभ आरती में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल हुए। विधायक चेतन्य काश्यप ने इस मौके पर अपने फाउंडेशन से बिलपांक के प्रसिद्ध श्री विरूपाक्ष मंदिर के प्रवेश मार्ग पर 33 लाख रुपए से भव्य द्वारा बनाने की घोषणा की। भागवत समापन पर यज्ञ हुआ, जिसमें शहर विधायक ने सपरिवार आहुतियां दी। जिसके बाद भागवत पौथी का पूजन कर उन्हें विदा कर विप्रभोज कराया गया। मिनी महाकुंभ के रूप में आयोजित इस विराट आयोजन के समापन में महाप्रसादी भी हुई, जिसका असंख्य श्रद्धालुओं ने धर्म लाभ लिया। जया किशोरी ने भागवत कथा श्रवण कराते हुए कहा कि भगवान ने सीख दी है कि स्वार्थ वाला प्रेम, भक्ति, मित्रता ज्यादा समय तब नहीं टिकती। सबसे ऊपर कुछ है तो वह सिर्फ निःस्वार्थ प्रेम है। सच्चे भक्त को सिर्फ भगवान पर भरोसा होता है। भगवान अपनी हर लीला में यहीं सीख देते है। उन्होने कहा कि जीवन में आपकी संगत और सलाहकार बहुत मायने रखते है। पांच पांडव भगवान श्री कृष्ण की सलाह से सत्य के मार्ग पर चलकर बचे रहे, जबकि 100 कौरव, मामा शकुनि की सलाह मानकर खत्म हो गए। आप अपनी जिंदगी को शकुनी मामाओं से दूर रखे। दुनिया में सबसे कीमती चीज है समय, यदि आप उसे बर्बाद करेंगे तो एक दिन वह आपको बर्बाद कर देगा। कर्म का हिसाब भगवान भी चुका कर गए है। श्रीमद् भागवत कथा की यह सीख सबको याद रखनी चाहिए। कथा के शुरुआत में फाउंडेशन अध्यक्ष एवं विधायक चेतन्य काश्यप, श्रीमती नीता काश्यप, सिद्धार्थ काश्यप, पूर्वी काश्यप एवं श्रवण काश्यप ने पौथी पूजन किया। इसके बाद समिति सदस्यों एवं अतिथियों द्वारा आरती की गई। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कथा में लिया हिस्सा :केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भागवत कथा का रसपान कर रहा जनमानस ही भारत की ताकत है। जया किशोरी हमारे अतीत और भविष्य को जोड़ने का काम कर रही है। हमारी माता-बहनों की ताकत से देश आगे बढ़ रहा है। दुनिया की कोई ताकत अब हमे रोक नहीं पाएगी। गोयल ने विधायक चेतन्य काश्यप को इस भव्य आयोजन के लिए साधुवाद दिया। वड़ोदरा विधायक केयूरभाई ने फाउंडेशन एवं विधायक चेतन्य काश्यप का अभिनंदन करते हुए कहा कि जया किशोरी भागवत सप्ताह के माध्यम से धर्म, संस्कृति को संजोने का काम कर रही है। भाजपा जिला प्रभारी प्रदीप पांडे्य ने कहा कि चेतन्य काश्यप फाउंडेशन धर्म की ध्वजा लेकर जब काम करता है तब हमारा मस्तक ऊंचा होता है, हमारी छाती चौड़ी होती है। इसी कड़ी में विरूपाक्ष महादेव मंदिर के द्वार का निर्माण चेतन्य काश्यपजी द्वारा कराया जा रहा है। इस दौरान सांसद गुमानसिंह डामोर, विधायक दिलीप मकवाना, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्रसिंह लुनेरा, महापौर प्रहलाद पटेल आदि मौजूद रहे। देश को मोदी और रतलाम को काश्यप की जरूरत :अखंड ज्ञान आश्रम के स्वामी श्रीदेव स्वरूपानंद जी महाराज ने कहा कि यह भागवत कथा का कुंभ है। रतलाम में चेतन्य काश्यप धर्म प्रेमी है। भगवान यदि किसी को दौलतवान बनाए तो इतना उदारवान भी बनाए कि वह धर्म और समाज के लिए खर्च कर सके। वह सभी धर्म के लिए कार्य करते है, यह रतलाम के लिए गर्व की बात है। रतलाम में बीते दस वर्षों में जो विकास देखा है, वह अद्भुत है। देश के लिए यदि नरेंद्र मोदी की जरूरत है तो रतलाम के लिए चेतन्य काश्यप की जरूरत है। सर्व समाज के आयोजन परिवार का सौभाग्य :फाउंडेशन अध्यक्ष एवं विधायक चेतन्य काश्यप ने कहा कि जया किशोरी ने सात दिन तक जो धर्म गंगा यहां बहाई है, उससे निश्चित रूप से रतलाम में एक इतिहास बना है। कथा के आरंभ में निकली कलश यात्रा ने भी इतिहास रच दिया। समावेशी सोच के साथ सर्व समाज के आयोजन करना मेरा व परिवार का सौभाग्य है। काश्यप ने बिलपांक स्थित विरूपाक्ष मंदिर के प्रवेश मार्ग पर अपने फाउंडेशन से भव्य द्वार निर्माण की घोषणा करते हुए मंदिर के इतिहास पर प्रकाश डाला। विधायक काश्यप ने कहा कि दस वर्ष पूर्व आपने मुझे जनप्रतिनिधि बनाया। उसके बाद रतलाम के विकास की गति को बहुत तेज रखा है और इसे आगे भी जारी रखेंगे। हमे भौतिकता, शैक्षणिक, स्वास्थ्य, आध्यात्मिकता और सामाजिक समरसता को साथ लेकर चलना है। सनातन संस्कृति हमारी हिंदू संस्कृति को सदैव पल्लवित करती रहेगी। उन्होने कथा आयोजन में सहयोगियों एवं शहरवासियों का आभार जताया। विभिन्न संस्थाओं ने किया स्वागत-अभिनन्दन :कथा के आरंभ में आयोजन समिति सहित विभिन्न संस्थाओं द्वारा कथावाचक जया किशोरी एवं विधायक चेतन्य काश्यप का स्वगत-अभिनंदन किया गया। इस दौरान महाराष्ट्र समाज, माहेश्वरी समाज, अग्रवाल समाज, मारवाड़ी स्वर्णकार समाज, जनशक्ति संस्था, यादव समाज, गुजराती समाज एवं स्कूल ट्रस्ट, रतलाम प्रापर्टी ब्रोकर्स एसोसिएशन, न्यू सुपर क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन, जवाहर व्यायाम शाला परिवार, मैजिक ऐसोसिएशन, सनातन धर्म महासभा, पुजारी संघ, भांभी समाज, कैलाश मानसरोवर समिति एवं रतलाम प्रेस क्लब सदस्यगण उपस्थित रहे।