Ratlam News: मेरठ के शातिर चोर 10 मिनट में कर गए नकबजनी, रतलाम पुलिस ने 10 घंटे में दबोचा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: थाना नामली क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई नकबजनी की सनसनीखेज वारदात का रतलाम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 10 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मेरठ से आए अंतरराज्यीय चोरी गिरोह के दो कुख्यात आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी गए सोने-चांदी के जेवरात, वारदात में प्रयुक्त कार और विशेष ताला तोड़ने के औजार जप्त किए हैं। WATCH VIDEO गिरफ्तार आरोपितों के नामइरफान पिता मुन्न सैफी (38 वर्ष) निवासी जाकिर हुसैन कॉलोनी, मेरठ तथाआमिर पिता तस्लीम पठान (38 वर्ष) निवासी जाकिर कॉलोनी, इकबाल नगर, मेरठ (उत्तर प्रदेश) हैं। दोनों पर हत्या समेत 10 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होना सामने आया है। दिनदहाड़े दिया चोरी को अंजाम एसपी अमित कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि 27 जनवरी को फरियादी सुरेश पिता प्रहलाद धाकड़, निवासी कस्बा नामली, ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी सुबह करीब 11 बजे घर पर ताला लगाकर खेत गया था। शाम करीब 5 बजे लौटने पर घर का मुख्य ताला टूटा मिला और अलमारी से सोने-चांदी के जेवरात चोरी हो चुके थे। प्रकरण दर्ज कर एएसपी शहर राकेश खाखा एवं एसडीओपी किशोर पाटनवाला के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गायत्री सोनी के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। 300 किमी पीछा कर पकड़े गए आरोपी पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों का विश्लेषण किया, जिसमें एक संदिग्ध कार नजर आई। वाहन की पतारसी करते हुए पुलिस ने पीछा शुरू किया। आरोपी बड़नगर होते हुए उज्जैन की ओर भागे और हाईवे पर पुलों के नीचे से वाहन उतार-चढ़ाकर व बार-बार रास्ते बदलकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करते रहे। करीब 300 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के पास ग्राम बाहर पत्थर क्षेत्र में आगे-पीछे से घेराबंदी कर कार सहित दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। तरीका-ए-वारदात पूछताछ में सामने आया कि आरोपी हाईवे किनारे स्थित सुनसान मकानों को निशाना बनाते थे। ताला तोड़ने के लिए उन्होंने विशेष औजार बनवा रखे थे, जिससे 10 मिनट के भीतर चोरी को अंजाम दे देते थे।आरोपी इरफान सिर मुंडा होने के कारण वारदात के समय विग (नकली बाल) लगाता था। दोनों के पास से अलग-अलग कपड़े और चश्मे भी मिले हैं, जिनका उपयोग वे वारदात के बाद हुलिया बदलने में करते थे। जप्त मशरूका कुल जप्त मशरूका की कीमत: ₹5,22,400 आपराधिक रिकॉर्ड सीसीटीएनएस जांच में सामने आया कि आरोपी आमिर के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर व एंटी सोशल एक्टिविटी सहित 10 गंभीर अपराध दर्ज हैं। वहीं इरफान के विरुद्ध चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट व गैंगस्टर एक्ट सहित 11 अपराध दर्ज पाए गए। दोनों लंबे समय से फरार चल रहे थे। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका इस कार्रवाई में निरीक्षक गायत्री सोनी, उप निरीक्षक कन्हैया अवस्थी, सहायक उप निरीक्षक प्रदीप शर्मा, हीरालाल चंदन, प्रधान आरक्षक नारायण सिंह, दिलीप रावत, आरक्षक माखन सिंह व रविन्द्र कुमार की अहम भूमिका रही।साथ ही साइबर सेल एवं सीसीटीएनएस शाखा का भी सराहनीय योगदान रहा।

उमंग के रंग, सेवा के संग: JSG संगिनी उमंग रतलाम ने लगाया स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, ₹50 में 650 जांचें

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। सेवा और सामाजिक सरोकारों को समर्पित JSG संगिनी उमंग रतलाम द्वारा अपने सेवा के संकल्प के अंतर्गत एक और सराहनीय पहल करते हुए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर 27 जनवरी 2026 को लॉयंस डायग्नोस्टिक सेंटर पर संपन्न हुआ। इस शिविर का आयोजन ग्रुप सखी प्रतिभा पाटनी के सौजन्य से किया गया, जिसमें आमजन को मात्र ₹50 शुल्क में लगभग ₹650 मूल्य की जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर में डॉक्टर परामर्श के साथ हृदय जांच, ECG, शुगर, किडनी, लीवर (SGPT), ब्लड प्रेशर एवं कैल्शियम जैसी महत्वपूर्ण जांचें की गईं। शिविर के दौरान रीजन चिकित्सा कमेटी कन्वीनर एवं अध्यक्ष श्री मनोज कटारिया तथा रतलाम ज़ोन कोऑर्डिनेटर श्री निर्मल मेहता विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक गरिमा प्रदान की। इस स्वास्थ्य शिविर का लाभ ग्रुप सखियों सहित बड़ी संख्या में शहरवासियों ने उठाया। आयोजन में ग्रुप अध्यक्ष रेनू लुनिया, बिंदु कटारिया, निर्मला पटवा, अनिता कोठारी, रश्मि जैन, प्रतिभा पाटनी, ममता भंडारी, अरुणा नाहर, किरण मेहता, पुष्पलता जिन्दानी, प्रीति चोरड़िया, संगीता पोरवाल, स्नेहलता धाकड़ सहित अनेक सखियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार ग्रुप सचिव द्वारा व्यक्त किया गया।JSG संगिनी उमंग रतलाम की यह पहल समाज के प्रति उनकी निरंतर सेवा भावना और स्वास्थ्य जागरूकता को दर्शाती है।

UGC के नए नियमों पर बवाल: जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बने कानून का क्यों हो रहा विरोध, जानें पूरी रिपोर्ट

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। UGC New Rules: यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) द्वारा 2026 में लागू किए गए नए नियम Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 को लेकर देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विरोध शुरू हो गया है। जहां एक ओर इन नियमों को जातिगत भेदभाव रोकने की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जनरल कैटेगरी के छात्र और संगठन इसे एकतरफा और भेदभावपूर्ण करार दे रहे हैं। क्या हैं UGC के नए नियम? UGC के नए नियमों के तहत हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में इक्विटी कमेटी बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह कमेटी SC, ST और OBC छात्रों से जुड़ी जातिगत भेदभाव की शिकायतों को सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी।कमेटी में SC-ST, OBC, महिलाएं और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य कैंपस में समानता का माहौल बनाना और वंचित वर्ग के छात्रों के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है। UGC को ये नियम क्यों लाने पड़े? ये नियम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लाए गए हैं। वर्ष 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी मामलों की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने UGC को 2012 के पुराने नियमों को अपडेट कर सख्त और प्रभावी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए थे।कोर्ट ने कहा था कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत उत्पीड़न रोकने के लिए केवल दिशानिर्देश नहीं, बल्कि ठोस निगरानी तंत्र जरूरी है। किस रिपोर्ट के आधार पर बने नए नियम? UGC ने सुप्रीम कोर्ट और संसदीय समिति के सामने जो रिपोर्ट पेश की, उसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए।रिपोर्ट के अनुसार— हालांकि 90% से अधिक मामलों का निपटारा किया गया, लेकिन पेंडिंग मामलों की संख्या भी तेजी से बढ़ी। वर्ष 2019-20 में जहां 18 मामले लंबित थे, वहीं 2023-24 में यह संख्या 108 तक पहुंच गई। नए नियमों में भेदभाव की परिभाषा क्या है? UGC के नए नियमों में जातिगत भेदभाव को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।SC, ST और OBC छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह का प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष या अपमानजनक व्यवहार, जो उनकी गरिमा या शिक्षा में समानता को प्रभावित करे, उसे भेदभाव माना जाएगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। विरोध और हंगामे की वजह क्या है? नए नियमों के खिलाफ जनरल कैटेगरी (सवर्ण) छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि नियमों में केवल SC, ST और OBC छात्रों के भेदभाव की बात की गई है, जबकि जनरल कैटेगरी के छात्रों को संरक्षण से बाहर रखा गया है।विरोध करने वालों का कहना है कि इन नियमों का दुरुपयोग कर झूठी शिकायतें की जा सकती हैं, जिससे कैंपस में तनाव बढ़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है, जिसमें इसे UGC एक्ट और समान अवसर के सिद्धांत के खिलाफ बताया गया है। कुल मिलाकर क्या है पूरा मामला? UGC ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश और अपने आंकड़ों के आधार पर नए नियम लागू किए हैं, जिनका मकसद उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव को रोकना है।लेकिन दूसरी ओर, जनरल कैटेगरी के छात्रों को आशंका है कि ये नियम एकतरफा हैं और उनके खिलाफ इस्तेमाल हो सकते हैं।यही वजह है कि देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इसे लेकर विरोध, प्रदर्शन और बहस तेज हो गई है। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी है।

UGC के नए नियमों पर बवाल: जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बने कानून का क्यों हो रहा विरोध, जानें पूरी रिपोर्ट

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। UGC New Rules: यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) द्वारा 2026 में लागू किए गए नए नियम Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 को लेकर देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विरोध शुरू हो गया है। जहां एक ओर इन नियमों को जातिगत भेदभाव रोकने की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जनरल कैटेगरी के छात्र और संगठन इसे एकतरफा और भेदभावपूर्ण करार दे रहे हैं। क्या हैं UGC के नए नियम? UGC के नए नियमों के तहत हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में इक्विटी कमेटी बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह कमेटी SC, ST और OBC छात्रों से जुड़ी जातिगत भेदभाव की शिकायतों को सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी।कमेटी में SC-ST, OBC, महिलाएं और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य कैंपस में समानता का माहौल बनाना और वंचित वर्ग के छात्रों के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है। UGC को ये नियम क्यों लाने पड़े? ये नियम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लाए गए हैं। वर्ष 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी मामलों की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने UGC को 2012 के पुराने नियमों को अपडेट कर सख्त और प्रभावी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए थे।कोर्ट ने कहा था कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत उत्पीड़न रोकने के लिए केवल दिशानिर्देश नहीं, बल्कि ठोस निगरानी तंत्र जरूरी है। किस रिपोर्ट के आधार पर बने नए नियम? UGC ने सुप्रीम कोर्ट और संसदीय समिति के सामने जो रिपोर्ट पेश की, उसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए।रिपोर्ट के अनुसार— हालांकि 90% से अधिक मामलों का निपटारा किया गया, लेकिन पेंडिंग मामलों की संख्या भी तेजी से बढ़ी। वर्ष 2019-20 में जहां 18 मामले लंबित थे, वहीं 2023-24 में यह संख्या 108 तक पहुंच गई। नए नियमों में भेदभाव की परिभाषा क्या है? UGC के नए नियमों में जातिगत भेदभाव को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।SC, ST और OBC छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह का प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष या अपमानजनक व्यवहार, जो उनकी गरिमा या शिक्षा में समानता को प्रभावित करे, उसे भेदभाव माना जाएगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। विरोध और हंगामे की वजह क्या है? नए नियमों के खिलाफ जनरल कैटेगरी (सवर्ण) छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि नियमों में केवल SC, ST और OBC छात्रों के भेदभाव की बात की गई है, जबकि जनरल कैटेगरी के छात्रों को संरक्षण से बाहर रखा गया है।विरोध करने वालों का कहना है कि इन नियमों का दुरुपयोग कर झूठी शिकायतें की जा सकती हैं, जिससे कैंपस में तनाव बढ़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है, जिसमें इसे UGC एक्ट और समान अवसर के सिद्धांत के खिलाफ बताया गया है। कुल मिलाकर क्या है पूरा मामला? UGC ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश और अपने आंकड़ों के आधार पर नए नियम लागू किए हैं, जिनका मकसद उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव को रोकना है।लेकिन दूसरी ओर, जनरल कैटेगरी के छात्रों को आशंका है कि ये नियम एकतरफा हैं और उनके खिलाफ इस्तेमाल हो सकते हैं।यही वजह है कि देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इसे लेकर विरोध, प्रदर्शन और बहस तेज हो गई है। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी है।

मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन रतलाम ने मनाया गणतंत्र दिवस, 12 फरवरी की संयुक्त हड़ताल पर हुई रणनीतिक चर्चा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन (MPMSRU) रतलाम शाखा द्वारा आज गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर यूनियन कार्यालय पर ध्वजारोहण किया गया, जिसमें यूनियन पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सहभागिता की। ध्वजारोहण कार्यक्रम में यूनियन अध्यक्ष अभिषेक जैन, सह-सचिव अविनाश पोरवाल, उपाध्यक्ष रशिद खान, कोषाध्यक्ष संजय व्यास सहित बड़ी संख्या में यूनियन के साथी उपस्थित रहे। सभी ने संविधान की मूल भावना और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने का संकल्प लिया। संयुक्त श्रम संगठनों की हड़ताल पर हुआ विचार-विमर्श कार्यक्रम के दौरान आगामी 12 फरवरी को प्रस्तावित संयुक्त श्रम संगठनों की हड़ताल को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में हड़ताल को सफल बनाने हेतु रणनीति एवं कार्ययोजना पर विचार-विमर्श कर रूपरेखा तय की गई। यूनियन पदाधिकारियों ने सभी सदस्यों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि मजदूरों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर यह हड़ताल महत्वपूर्ण है और इसमें अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। एकता और संगठन शक्ति का संदेश गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यूनियन की एकता, संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक जिम्मेदारी को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

म.प्र–छत्तीसगढ़ का पहला आईएसओ प्रमाणित प्रेस क्लब बना रतलाम, पत्रकारिता में रचा नया इतिहास

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। रतलाम प्रेस क्लब ने पत्रकारिता के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं आसपास के राज्यों में पहला आईएसओ प्रमाणित प्रेस क्लब बनने का गौरव हासिल किया है। यह उपलब्धि प्रेस क्लब द्वारा वर्षों से की जा रही अनुशासित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता है। आईएसओ प्रमाणीकरण मिलने के उपलक्ष्य में प्रेस क्लब भवन में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मध्यप्रदेश शासन के एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने रिबन काटकर किया। इस अवसर पर कलेक्टर मीशा सिंह एवं पुलिस अधीक्षक अमित कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने संयुक्त रूप से रतलाम प्रेस क्लब के पदाधिकारियों को आईएसओ प्रमाण पत्र सौंपा। आईएसओ प्रमाणन से बढ़ी जिम्मेदारी : मंत्री काश्यप कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि आईएसओ प्रमाणीकरण गुणवत्ता, अनुशासन और विश्वसनीयता का प्रतीक है। इससे रतलाम प्रेस क्लब की जिम्मेदारियां और भी बढ़ जाती हैं। अब क्लब को पत्रकारिता की गुणवत्ता को और ऊंचाई तक ले जाने के साथ समाज के प्रति अपनी भूमिका को अधिक सशक्त रूप में निभाना होगा। अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरी कार्यप्रणाली स्वागत भाषण में रतलाम प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुकेशपुरी गोस्वामी ने बताया कि आईएसओ प्रमाणीकरण के साथ ही रतलाम प्रेस क्लब मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ क्षेत्र का पहला ऐसा प्रेस क्लब बन गया है, जिसकी कार्यप्रणाली को अंतरराष्ट्रीय मानकों की मान्यता मिली है। यह उपलब्धि पत्रकारों के हित में किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता को दर्शाती है। अतिथियों का स्वागत क्लब सचिव यश शर्मा, उपाध्यक्ष सुजीत उपाध्याय, सौरभ कोठारी, दिलजीत सिंह मान एवं कोषाध्यक्ष नीरज शुक्ला ने किया। कार्यक्रम का संचालन अदिति मिश्रा ने किया। समारोह के दौरान ढोल-नगाड़ों और संगीत के बीच पत्रकार साथियों ने उत्साहपूर्वक नृत्य कर खुशी जाहिर की। पत्रकारिता के क्षेत्र में मील का पत्थर आईएसओ प्रमाणन को केवल एक प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि वर्षों से की जा रही मूल्यनिष्ठ और जिम्मेदार पत्रकारिता की पहचान माना जा रहा है। यह उपलब्धि पूरे संभाग के पत्रकार संगठनों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। गणतंत्र दिवस भी मनाया गया उत्साह के साथ आईएसओ प्रमाणीकरण समारोह के बाद प्रेस क्लब परिसर में गणतंत्र दिवस का भी उल्लासपूर्ण आयोजन हुआ। देशभक्ति गीतों, शेरो-शायरी, ग़ज़लों और कविताओं की प्रस्तुतियों से माहौल राष्ट्रप्रेम से सराबोर हो गया। पत्रकार साथियों ने एक-दूसरे को बधाई देते हुए इसे रतलाम की पत्रकारिता के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित कार्यक्रम में सह-सचिव हेमंत भट्ट, वरिष्ठ सदस्य दिनेश दवे, चंद्रशेखर सोलंकी, किशोर जोशी, निलेश बाफना, विनोद वाधवा, शुभ दशोत्तर, मानस व्यास, चेतन्य शर्मा, सिकंदर पटेल, धरम वर्मा, विशेष आमंत्रित सदस्य आरिफ कुरैशी, गोविंद उपाध्याय, पूर्व अध्यक्ष शरद जोशी, दिलीप पाटनी, राजेश मूणत, सुरेंद्र जैन, राजेश जैन, पूर्व सचिव रमेश टांक, अरुण त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार साथी उपस्थित रहे।

गणतंत्र दिवस पर गोसेवा और देशभक्ति का संगम: संगिनी उमंग परिवार ने बकरा साला गौशाला में किया सेवा प्रोजेक्ट

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। जय जिनेंद्र जैन सोशल ग्रुप (JSG) के संगिनी उमंग परिवार, रतलाम द्वारा सेवा के संकल्प के तहत एक और प्रेरणादायी सेवा प्रोजेक्ट का आयोजन किया गया। यह सेवा प्रोजेक्ट देश प्रेम संग जीव दया गोसेवा की भावना को समर्पित रहा। ग्रुप की सक्रिय सदस्य सखी किरण निर्मल जी मेहता द्वारा अपनी पोती के प्रथम जन्मदिवस के पावन अवसर पर बकरा साला गौशालामें गोसेवा का आयोजन किया गया। इस सेवा के अंतर्गत गौशाला में गायों को हरी घास , रोटी , खली, कपासिया एवं गुड़ का स्वल्पाहार कराया गया। इसी अवसर पर 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में झोन कोऑर्डिनेटर निर्मल जी मेहता के सानिध्य में झंडा वंदन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में ग्रुप की अध्यक्ष रेनू लुनिया द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर ग्रुप की सखियां प्रतिभा पाटनी, अरुणा नाहर, ममता भंडारी, प्रीति जिंदानी, प्रीति खिलौसिया, हंसा गादीया, समता संघवी सहित अनेक सखियां एवं परिवारजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन निर्मला पटवा द्वारा किया गया। यह सेवा आयोजनदिनांक: 26 जनवरी 2026 (सोमवार)समय: प्रातः 8:15 बजे स्थान: बकरा साला गौशाला, त्रिवेणी रोड, रतलामपर संपन्न हुआ।

Ratlam News: रतलाम सराफा बाजार में आर्म्स दुकान में धमाका, तीन गंभीर रूप से झुलसे, इलाके में दहशत

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर के व्यस्ततम सराफा बाजार स्थित चांदनी चौक क्षेत्र में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक बंदूक की दुकान में अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाके के साथ ही दुकान में आग लग गई, जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। WATCH VIDEO प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना तेज था कि आसपास के दुकानदार और राहगीर दहशत में आ गए। आग की लपटें उठते ही पूरे क्षेत्र में भगदड़ जैसे हालात बन गए। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक झुलसा हुआ व्यक्ति मदद की गुहार लगाता नजर आ रहा है। जानकारी के मुताबिक चांदनी चौक स्थित अब्दुल कादरी की आर्म्स दुकान में बंदूकें, कारतूस और अन्य विस्फोटक सामग्री रखी हुई थी। घटना के समय दुकान में वेल्डिंग का कार्य चल रहा था। इसी दौरान निकली चिंगारी बारूद पर गिर गई, जिससे विस्फोट हो गया। दुकान के अंदर से खाली कारतूस भी बरामद किए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस ने दुकान को सील कर दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुटे हैं कि विस्फोट बारूद के कारण हुआ या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। फिलहाल घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है।

रतलाम में भगवान देवनारायणजी जन्मोत्सव पर भव्य शोभायात्रा, नौवें वर्ष उमड़ा आस्था का सैलाब

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। भगवान देवनारायणजी के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर रविवार को रतलाम नगर में भव्य और ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा प्रातः 10 बजे त्रिपोलिया गेट से प्रारंभ हुई, जिसमें गुजर समाज के सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा में भगवान देवनारायणजी की आकर्षक सजीव झांकी, ढोल-नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियों ने पूरे नगर को भक्तिमय माहौल में सराबोर कर दिया। WATCH VIDEO शोभायात्रा त्रिपोलिया गेट से निकलकर चांदनी चौक, चोमुखीपुल, धानमंडी, नाहरपुरा चौराहा, कॉलेज रोड, नगर निगम चौराहा, महलवाड़ा, धावरिया बाजार, चार चक्की चौराहा एवं रत्नेश्वर रोड होते हुए गुजर मोहल्ला स्थित श्री देवनारायण मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। दोपहर में श्री देवनारायण मंदिर परिसर में महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन एवं श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके पश्चात प्रसादी वितरण किया गया। आयोजन के दौरान शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए समाज के स्वयंसेवक एवं पुलिस बल तैनात रहा। उल्लेखनीय है कि भगवान देवनारायणजी जन्मोत्सव एवं भव्य शोभायात्रा का आयोजन लगातार नौवें वर्ष किया गया। पूरे कार्यक्रम का सफल आयोजन समस्त गुजर समाज, जिला रतलाम द्वारा किया गया, जिसमें समाजजनों का सराहनीय सहयोग रहा।

Ratlam News: रतलाम में मकान खाली कराने को लेकर दबंगों का आतंक, महिला-पति से मारपीट; 7 आरोपियों पर FIR दर्ज

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर के औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत अंजनीधाम कॉलोनी में शुक्रवार रात मकान खाली कराने के विवाद को लेकर दबंगों द्वारा एक महिला और उसके पति के साथ मारपीट करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने 7 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता अंजनीधाम, रतलाम की निवासी है और घरेलू कार्य करती है। उसने पुलिस को बताया कि 23 जनवरी की रात करीब 9:30 बजे जब वह अपनी नाबालिग बच्ची की देखभाल कर रही थी, तभी घर के बाहर जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज आई। इसी दौरान गोलु बाबा, भीम सिंह, अमन जाट और भोला जबरन घर में घुस आए और मकान खाली करने की धमकी देने लगे। पीड़िता और उसके पति द्वारा मकान को अपना बताते हुए न्यायालय में मामला लंबित होने की बात कही गई, जिससे नाराज होकर आरोपियों ने गाली-गलौच शुरू कर दी और महिला के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की। बीच-बचाव करने आए पति कृष्ण कुमार के साथ भी मारपीट की गई। बाद में वसीम कुरेशी और चुचु भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने भी दंपति के साथ मारपीट की। हमले में महिला को हाथ, पेट और पीठ में चोटें आईं, जबकि पति को सिर, चेहरे, छाती और पीठ पर चोटें लगीं। आरोपियों ने जाते-जाते जान से मारने की धमकी भी दी। घटना को मोहल्ले के लोगों ने देखा और बीच-बचाव किया। घटना के बाद पीड़िता अपने पति और परिचितों के साथ थाना औद्योगिक क्षेत्र पहुंची, जहां FIR क्रमांक 0071/2026 दर्ज की गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच सहायक उप निरीक्षक को सौंपी है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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