गुमशुदा की तलाश : रतलाम की महिला इंदौर में हुई लापता, अपनी बड़ी बहन के साथ निकली थी घर से

पब्लिक वार्ता – इंदौर/रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के नागरवास में रहने वाली महिला की इंदौर में गुमशुदा होने की खबर सामने आई है। लापता हुई महिला का मायका इंदौर शहर में स्थित है। 6-7 दिन पहले वह इंदौर अपने मायके पहुंची थी। महिला के गुम हो जाने की सूचना मिलते ही रतलाम से महिला का पति व अन्य परिजन इंदौर पहुंचे। लापता हुई महिला के 4 व 8 साल के 2 छोटे बेटे है और पति मोबाइल शॉप का संचालन करता है। पुलिस ने महिला की गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। गौरतलब है की इंदौर में लगातार गुमशुदगी के मामलों में इजाफा देखा जा रहा है। इंदौर के विष्णु विहार कॉलोनी में रहने वाली रेखा पति मुकेश भंडारी ने पुलिस को बताया की उसकी छोटी बहन रिंकी जैन पति अनूप जैन उम्र 29 साल निवासी नागर वास, रतलाम अपने मायके इंदौर आई थी। अपनी सहेली के घर पर गई हुई थी, जिसके बाद से वो अब तक घर नहीं पहुंची। 12 जून बुधवार को सुबह 11:30 के करीब मैंने अपनी बहन रिंकी जैन को सहेली के घर जाने के लिए इंदौर स्थित रेडिसन चौराहा शनि मंदिर के पास छोड़ा था, जो अभी तक घर वापस नहीं आई है। मोबाइल भी स्विच ऑफ बता रहा है। जिसके बाद अपनी बहन की तलाश आसपास और उसके ससुराल में की लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। मामले में विजय नगर थाना पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शूर कर दी है। परिजन भी महिला की तलाश में जुट गए है।

भरोसे का घोंटा गला : बुजुर्ग दंपत्ति ने जिस किराएदार को रखा बेटे जैसा, उसी ने घर का ताला तोड़ किया लाखों रुपयों पर हाथ साफ

12 घंटे में माणक चौक पुलिस ने किया चोरी का पर्दाफाश, आरोपी गिरफ्तार पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के माणक चौक थाना क्षेत्र अंतर्गत एक बुजुर्ग दंपत्ति के साथ उसी के किराएदार ने विश्वासघात कर दिया। पति – पत्नी दोनों की कोई संतान नहीं होने से किराएदार को ही उन्होंने अपना बेटा माना और उसे बेटे की तरह रखा। लालची किराएदार ने भरोसे का गला घोंटते हुए दंपत्ति के बंद घर में ताला तोड़ चोरी को अंजाम दे दिया। यह पैसा कैंसर के इलाज के लिए जमा किया हुआ था। माणक चौक थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के 12 घंटे में आरोपी सोहेल पिता इफ्तेखार पठान (27) निवासी मौलाना आजाद नगर (हालमुकाम लक्ष्मी नगर) को गिरफ्तार कर लिया है। विवेचना में जुटी माणकचौक थाने की पुलिस टीम को पुरुस्कार की घोषणा की गई है । गुरुवार को नवीन कंट्रोल रूम पर प्रेस वार्ता में एएसपी राकेश खाखा ने वारदात का खुलासा किया। इस दौरान सीएसपी अभिनव बारंगे, माणक चौक थाना प्रभारी रणजीत सिंगार मौजदू रहे। एएसपी राकेश खाखा ने मीडिया को बताया की लक्ष्मी नगर निवासी महिला मुकर्रम पति शेर खां मेव ने थाने में शिकायत कर बताया की वह मंगलवार/बुधवार की रात्री में अपने कैंसर से पीड़ित पति शेर खान के इलाज के लिए उसे अस्पताल ले गई थी। जहां उसे भर्ती कर उसका इलाज किया जा रहा था। घर में दोनों पति पत्नी के अलावा कोई भी नहीं था इसलिए उसने घर पर ताला लगाया हुआ था। उसी दौरान उसके सुने मकान मे कोई अज्ञात बदमाश 4 लाख 35 हजार रुपये नगदी एवं सोने की एक अंगुठी तथा चांदी के छोटे छोटे जेवर जिनकी किमत करीब 90 हजार रुपये है। इस तरह कुल 5 लाख 25 हजार रुपये घर व गोदरजे का ताला तोड़ कर चुरा ले गया। फरियादी महिला की शिकायत पर थाना माणकचौक पर अपराध क्रमांक 323/24 धारा 457,380 पंजीबद्ध कर पुलिस ने जांच शुरू की। जिसमें 12 घन्टे के भीतर ही पुलिस को सफलता मिली और आरोपी सोहेल पिता इफ्तेखार पठान जो की महिला का किराएदार था उसे गिरफ्तार कर लिया गया। खुद आरोपी ने महिला को दी सूचनाआरोपी किराएदार सोहेल फरियादी महिला मुकर्रम खान के मकान में 6-7 माह से किराए से रह रहा था। आरोपी सोहेल शादीशुदा है और अपने घर से अलग किराए के मकान में रह रहा था। जब उसने चोरी की वारदात को अंजाम दिया तब उसकी पत्नी मायके गई हुई थी। वह घर पर अकेला था। महिला की कोई संतान नहीं होने से उसने सोहेल को बेटे की तरह रखना शुरू कर दिया। जिससे सोहेल को उसके घर में रखी नगदी व जेवर की जानकारी लग गई। आरोपी ने ताला तोड़कर घर में हाथ साफ किया। जिसके बाद पुलिस व महिला को बरगलाने के लिए चोरी की घटना के बारे में बताया। जिससे वह संदेह के घेरे में ना आए। पुलिस ने जब मौके पर छानबीन की तो पड़ोसी की छत से नगदी व सामान मिला। जिससे यह लगे कि पड़ोस की छत और उसके पास के नाले से चोर घर में घुसे हो। लेकिन पुलिस को यहां पर संदेह हुआ और सोहेल से सख्ती से पूछताछ की। फिर उसने सब कुछ कबूल कर लिया। आरोपी सोहेल लोहे की अलमारी बनाने का काम करता है।मामले में पुलिस टीम के एएसआई बसील गणावा , प्रआर नारायणसिंह जादौन, दिलीपसिंह रावत, अमिचंद सिगारे, आरक्षक रणवीर सिंह , गोविन्द गेहलोत, विरेन्द्र बारोड, संदीप शर्मा, अशरफ खान कि महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इप्का लेबोरेटरीज का दंगलः श्रमिकों का दिशाहीन आंदोलन कितना सही और कितना गलत?, आज हड़ताल का तीसरा दिन

वेतन वृद्धि पर सुनवाई तक हाईकोर्ट का स्टे, मामला अब तक है लंबित! समझिए पूरा मामला… पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। पिछले 3 दिनों से देश की नामी दवा निर्माता कंपनी इप्का लेबोरेटरीज (ipca Laboratories) की रतलाम यूनिट पर अस्थाई श्रमिकों द्वारा हड़ताल सुर्खियों में बनी हुई है। संभवतः पहली बार इतना बड़ा कोई आंदोलन इस कंपनी के विरुद्ध देखा जा रहा है। जिसमें रतलाम की लेबोरेटरी में संचालित करीब 20 से ज्यादा प्लांट ठप्प पड़े है और प्रोडक्शन पर सीधा असर पड़ रहा है। हैरानी की बात है अस्थाई श्रमिकों ने वेतन वृद्धि का मामले को कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में लिखा ही नहीं। बल्कि ज्ञापन पूरी तरह उन पर हो रहे शोषण, सम्मान और अधिकारों की बात पर केंद्रित रहा। आज हड़ताल का तीसरा दिन है। हड़ताली श्रमिक अन्य श्रमिकों को कंपनी में जाने से रोक रहे है। इसको लेकर पुलिस में कुछ हड़ताली श्रमिकों पर मुकदमा भी दर्ज हुआ है।हालांकि इप्का के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम कोठारी ने पब्लिक वार्ता को बताया की शासन जो दर तय करेगा हम उसी में भुगतान करने को तैयार है। हाईकोर्ट द्वारा स्टे देने पर श्रमिकों को पुरानी दरों से वेतन दिया गया। अगर शासन की दर बढ़ती है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। आपको बता दे इप्का लेबोरेटरीज ने रतलाम में अपना यूनिट सन 1985 में स्थापित किया था। जिसके बाद तकरीबन 39 साल से इप्का रतलाम में सफलता पूर्वक अपना प्रोडक्शन कर रहा है। वहीं रतलाम यूनिट इप्का लेबोरेटरीज की अहम यूनिट मानी जाती है। कंपनी में श्रमिकों के साथ अभद्र व्यवहार या शोषण की बातें गलत है। ऐसा है तो वे प्रबंधन में शिकायत सेल से शिकायत कर सकते है। जिस पर उचित कार्रवाई होती है।उद्योगों की किल्लत और बेरोजगारी झेल रहे रतलाम में इप्का लेबोरेटरीज रोजगार का एक प्रमुख उपक्रम है। जिले के करीब 5 हजार परिवारों का रोजगार इससे सीधा जुड़ा है। हालांकि प्रदूषण संबंधी नियमों को ताक पर रखने के मामले में इप्का कई बार सुर्खियों में भी बनी रही है। इस बार भी मजदूरों की हड़ताल का कारण कुछ ऐसा ही माना जा रहा है। आइए जानते है की आखिर मजदूरों की इप्का के खिलाफ नाराजगी कितनी जायज है और उनका यह आंदोलन कितना सही या गलत है? ठेकेदारों और श्रमिकों की लड़ाई में इप्का की फजीहत!इप्का कंपनी में स्थाई और अस्थाई दो प्रकार से वर्कर काम करते है। अस्थाई में श्रमिक भी आते है जिन्हें अपनी उपस्थिति के अनुसार दैनिक वेतन मिलता है। अस्थाई श्रमिक आउटसोर्सिंग फर्म के कांट्रेक्टर या ठेकेदार द्वारा इप्का को मुहैय्या कराए जाते है। इप्का प्रबंधन का इन श्रमिकों में प्रत्यक्ष रूप से कोई हस्तक्षेप नहीं है। ठेकेदारों के साथ विशेष अनुबंध के जरिए इप्का अपने यहां श्रमिकों को रोजगार देती है। श्रमिकों का नियमानुसार बीमा, पीएफ, वेतन आदि का जिम्मा ठेकेदार की फर्म का होता है। इन श्रमिकों पर कंट्रोल व डायरेक्शन इन्हीं ठेकेदारी फर्म के सुपरवाइजर का होता है। रतलाम में जो श्रमिक इस समय हड़ताल कर रहे है वे सभी अस्थाई और दैनिक वेतन लेने वालों में है। अधिकांश श्रमिकों को वेतन वृद्धि की जानकारी है मगर उसमें वापस कटौती क्यों हुई इसकी कोई जानकारी नहीं है। ठेकेदारों और श्रमिकों के बीच की इस लड़ाई ने इप्का प्रबंधन को फजीहत में डाल दिया है। ऐसे पकड़ा वेतनवृद्धि के मामले ने तूलदरअसल मध्यप्रदेश में 1 अप्रैल 2024 से समस्त औद्योगिक एवं असंगठित श्रमिकों को 25 प्रतिशत अधिक मजदूरी देने का आदेश जारी किया गया। साल 2014 के पश्चात प्रदेश में पहली बार मजदूरों का वेज रिवीजन किया गया। इसके अनुसार प्रदेश में श्रमिकों को मई माह में बढ़ा हुआ वेतन मिला। लेकिन इसके बाद अगले महीने वापस पुरानी दर से भुगतान किया गया। इसके बाद श्रमिकों के बीच एक अपुष्ट खबर चली की जो वेतन बढ़ाकर दिया गया उसे वापस अगले माह के वेतन से काट लिया जाएगा। जिससे इप्का के श्रमिकों में असंतोष फैला और उन्होंने मौखिक विरोध शुरू किया। श्रमिकों में कई बातों का आक्रोश पहले से भरा पड़ा था। जिसमें ठेकेदार व सुपरवाइजर द्वारा उनसे अभद्र व्यवहार करना, गाली देना, ओवरटाइम, सम्मान नहीं देने जैसी बातें है, जिनको उन्होंने अपने ज्ञापन में लिखा भी है। बस इन्हीं सब कारणों से कंपनी में कुछ श्रमिकों ने विरोध का तरीका आंदोलन और हड़ताल है, यह समझाकर बाकी श्रमिकों को अपने साथ कर लिया। यह बात इप्का प्रबंधन तक पहुंची और ठेकेदारों के द्वारा श्रमिकों को समझाने का प्रयास अपने – अपने स्तर से शुरू हुआ। इसके बाद भी ठेकेदार श्रमिकों को तार्किक स्तर पर समझाने की बजाय उन पर अधिकार और धौंस जमाने की कोशिश करते रहे। जिससे मामला और बिगड़ गया। श्रमिकों ने ठेकेदारों के अंदाज को धमकी समझ लिया और फिर क्या था हड़ताल की चिंगारी को यहां से हवा मिल गई। और देखते ही देखते श्रमिकों ने एकजुट होकर कंपनी के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया। जिसके बाद आज तीसरे दिन यानी 12 जून को कंपनी के अंदर वर्कर की कमी से प्रोडक्शन और कंपनी के रेपो पर सीधा असर पड़ रहा है। आगे जानिए क्यों है दिशाहीन आंदोलन…. हाइकोर्ट का स्टे, अगली सुनवाई 1 जुलाई को!औद्योगिक और असंगठित क्षेत्र से जुड़े ट्रेंड-अनट्रेंड सभी श्रमिकों के मेहनताने में 1 अप्रैल 2024 से बढ़ोतरी की गई। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सुनवाई होने तक इस नोटिफिकेशन पर स्टे लगा दिया। दरअसल पीथमपुर औद्योगिक संगठन और मध्य प्रदेश टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन द्वारा वेतन बढ़ोतरी के नोटिफिकेशन को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी गई। इसमें कहा गया  कि इस नोटिफिकेशन को लागू करने में कई तरह की दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है। जिसके बाद डिवीजन बेंच ने इस मामले की सुनवाई होने तक इस पर स्टे का आर्डर दे दिया। जिससे पुनः श्रमायुक्त द्वारा पुरानी वेतन दर से भुगतान जारी करने के आदेश जारी किए गए। आपको बता दे इस मामले में सुनवाई दो बार टल चुकी है। इस मामले में अगली सुनवाई 1 जुलाई 2024 को होना है। वहीं श्रमिकों के एक संगठन भारतीय मजदूर संघ ने श्रमिकों के हित में एक एप्लीकेशन कोर्ट में दाखिल कर हस्तक्षेप किया है। प्रदेश महामंत्री कुलदीपसिंह गुर्जर के माध्यम से दायर एप्लिकेशन में पुराने आदेशों का हवाला देते हुए श्रमिकों की वेतन वृद्धि पर लगी … Read more

सट्टे पर साइलेंट दबिश : एसपी की टीम ने कॉटेज पर मारी रेड, 25 जुआरियों से 13 लाख से अधिक का पकड़ा जुआ

गजेंद्र सोनी के कॉटेज में राजा खांडिया कर रहा था संचालन, डीडी नगर टीआई निलंबित पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। दिनदयाल नगर थाना क्षेत्र के अंर्तगत एक कॉटेज पर एसपी की टीम ने जुआ खेलते हुए 25 लोगों को पकड़ा। इनके पास से करीब 13 लाख 79 हजार रुपए जप्त किए है। पकड़े गए जुआरियों में रतलाम का किराना व्यापारी राजा खांडिया उर्फ राजेश खंडेलवाल भी धराया है। सूत्रों की माने तो जुए के अड्डे पर रोज करीब 30 से 40 लाख रुपए तक की हार जीत होती है। जिसकी जानकारी थाना क्षेत्र की पुलिस को थी। राजा खांडिया उर्फ राजेश खंडेलवाल रतलाम के बाहर से जुआरियों को बुलाकर जुआ संचालित कर रहा था। रतलाम में जुओं के अड्डो के संचालन में इसकी भूमिका पहले नंबर पर रहती है। मौके से पकड़ाया एक और आरोपी सड्डू लाला उर्फ यूनुस खान भी रतलाम में सट्टा व जुआ चलाने में अहम भूमिका निभाता है।फिलहाल एसपी ने कार्रवाई करते हुए डीडी नगर टीआई अर्जुन सेमलिया को निलंबित कर दिया है। मामले में महिला सेल डीएसपी अजय सारवान को जांच सौंपी है। मौके से रतलाम के जुआरियों अलावा धार, उज्जैन व इंदौर के जुआरी भी जुआ खेलते पकड़ाए है। शुक्रवार दोपहर पुलिस ने आरोपियों को एसडीएम कोर्ट में पेश करने ले गई। रास्ते में वाहन खराब होने से पुलिस पैदल ही जुआरियों को कोर्ट ले गई। एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि काफी दिनों से सूचना मिल रही थी कि सेंट्रल स्कूल के पीछे बने एक कॉटेज में बड़ी मात्रा में जुआ खेला जा रहा है। लाइन से स्पेशल टीम बनाकर दबिश दी गई। टीम में सब इंस्पेक्टर प्रताप सिंह भदौरिया, हेड कांस्टेबल तेजसिंह जगवत आदि को शामिल किया। मौके से 25 जुआरियों को पकड़ा है। पूरी कार्रवाई में एसपी ने किसी को कानो कान खबर तक नहीं होने दी। यहां तक क्षेत्र के थाने को भी इस बारे में पता नहीं चलने दिया। सभी जुआरियों को डीडीनगर थाने लाया गया और जुआ एक्ट व धारा 151 में केस दर्ज किया। थाने पर एएसपी राकेश खाखा, सीएसपी अभिनव बारंगे के समक्ष पुलिसकर्मियों ने जप्त नोटों की गिनती की। मामले में कॉटेज के मालिक गजेंद्र सोनी निवासी चांदनी चौक को भी आरोपी बनाया गया। दबिश में 25 जुआरी मौके से पकड़ाएआरीफ (45) पिता युसुफ खान निवासी नाहरपुरा रतलाम, शंकर (31) पिता नंदराम माली निवासी नोगावा जिला धार, राजेश (45) पिता कांतिलाल खंडेलवाल निवासी धानमंडी रतलाम, गोपाल (53) पिता बंसतीलाल सोनावा निवासी धानमंडी रतलाम, रमीज (29) पिता अनीश खान निवासी मोहननगर गली नं. 4 रतलाम, आशीष (41) पिता मोहनलाल जैन निवासी बजरंगगढ़ बदनावर, सहीद (52) पिता मजीद निवासी मनावर, मनोज (33) पिता भेरुलाल सिर्वी निवासी बदनावर, अर्जुन (40) पिता बापुसिंह निवासी बदनावर, महेश (33) पिता फुलचंद मारु निवासी बरमंडल जिला धार, शाहरुख (30) पिता अब्दुल सत्तार साल निवासी मोहननगर रतलाम, संदीप (31) पिता परमानंद पाटीदार निवासी बदनावर, दिपक (34) पिता प्रकाश माली निवासी बदनावर, आजाद (42) पिता मुराद फकीर निवासी बडनगर, ईश्वर (35) पिता राधेश्याम पाटीदार निवासी वरमंडल बदनावर जिला धार, जितेन्द्र (35) पिता मांगीलाल पाटीदार, किशोर (47) पिता वर्दीचंद माली निवासी बदनावर, योगेश (27) पिता अशोक माली निवासी बदनावर, युनुस उर्फ सड्डू (48) पिता युसुफ खान निवासी मोहननगर रतलाम, रमेश (60) पिता दरयावसिंह यादव निवासी जूनी इंदौर, महेंद्र (43) पिता मांगूसिंह यादव साल निवासी नागदा, शादाब (31) पिता मुबारिक अली दानीगेट उज्जैन, मनीष (39) पिता कैलाशचंद्र राठौर निवासी नोगावा जिला धार, शरीफ (45) पिता लाल मोहम्मद रंगरेज निवासी मोहननगर रतलाम, जयप्रकाश (54) पिता मिस्रीलाल जाट निवासी बखतगढ़ (धार)

प्रतिभाओं का सम्मान : कुमावत समाज के 180 विद्यार्थियों को मिला मोमेंटो, अभ्यास के डायरेक्टर ने बताए टिप्स

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। कुमावत समाज द्वारा शहर के बरबड़ हनुमान मंदिर स्थित जानकी मंडप में 10वीं एवं 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। समारोह में रतलाम, मंदसौर, नीमच व उज्जैन जिले के कुमावत समाज के विद्यार्थी शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता एडवोकेट गोपाल कुमावत (प्रतापगढ़ जिला अध्यक्ष BJP) ने की जिसमें मुख्य अतिथि गोविंद भरावा (खाचरोद), भंवर लाल कुमावत(प्रतापगढ़), राजेश परमार (ताल), राजेश भरावा (जावरा) एवं विशिष्ट अतिथि ओमप्रकाश सनैचा (इंदौर), प्रकाश कुमावत (छोटी सादड़ी), नंदकिशोर परमार(कुचडोद) आदि रहे। अतिथियों द्वारा 180 प्रतिभागियों का सम्मान मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र देकर किया गया। अतिथियों ने छात्रों को संबोधित करते हुए इनके उज्जवल भविष्य की कामना की। अभ्यास करियर इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर डॉ. राकेश कुमावत द्वारा नीट परीक्षा के बारे में भी बताया गया। कार्यक्रम का आभार एमडी मैडम श्रीमती नीलिमा कुमावत ने माना। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अध्यापक श्यामलाल कुमावत (प्रतापगढ़) द्वारा किया गया।

लोकसभा RESULT DAY : जिले की 5 विधानसभाओं का पिटारा खुलेगा आज, 18 व 30 राउंड के साथ 70 टेबलों पर होगी मतगणना

भाजपा या कांग्रेस में कौन मरेगा बाजी?, साइंस कॉलेज आने का हर रास्ता रहेगा बंद! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। लोकसभा चुनाव 2024 के चुनाव संपन्न होने के बाद अब बारी है मतगणना और आने वाले परिणामों की। आज यानी 4 जून को सुबह 8 बजे से देशभर में मतगणना की  शुरुआत होगी। रतलाम जिले की 5 विधानसभा सीटो में 3 संसदीय क्षेत्र आते है। 5 विधानसभाओं की लोकसभा चुनाव की मतगणना रतलाम के साइंस एंड आर्ट्स कॉलेज में होगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारी कर चुका है। चुनाव के परिणाम की घोषणा संसदीय क्षेत्र के मुख्यालय से की जाएगी। रतलाम में मतगणना के दौरान छत्रिपुल से ब्लड बैंक तक पूरा रोड ब्लॉक रहेगा। वाहन से आवगमन प्रतिबंधित रहेगा। निगम तिराहे से भी वाहनों पर रोक रहेगी। हाथीखाना वाले रास्ते पर भी बेरिकेडिंग रहेगी। यानी लीड कॉलेज तक आने वाले हर रास्ते को नो व्हीकल जोन पुलिस ने बनाया है। कलेक्टर राजेश बाथम के अनुसार मतगणना कर्मियों को प्रातः 6.00 बजे मतगणना स्थल पर पहुंचने के लिए निर्देशित किया गया है। सुरक्षाबल सहित अन्य कर्मियों को मिला ले तो करीब 1 हजार कर्मचारी मतगणना टीम का हिस्सा रहेंगे। पोस्टल बैलेट की गिनती संसदीय क्षेत्र के मुख्यालय पर होगी। रतलाम संसदीय क्षेत्र का मुख्यालय झाबुआ है। विधानसभा के अनुसार अलग अलग कक्ष रहेंगे। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र जावरा की गणना कक्ष क्रमांक 5 में होगी। रतलाम ग्रामीण के लिए कक्ष क्रमांक 6, आलोट के लिए कक्ष क्रमांक 7, सैलाना के लिए कक्ष क्रमांक 8 तथा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र रतलाम शहर की मतगणना के लिए कक्ष क्रमांक 9 है। प्रत्येक मतगणना कक्ष के कलर कोड भी निर्धारित किए गए हैं। हर एक मतगणना हाल में 14 टेबलों पर मतगणना की जाएगी। इस अनुसार कुल 70 टेबल्स पर मतगणना होगी। प्रत्येक टेबल पर एक गणना सहायक, एक गणना पर्यवेक्षक तथा एक सूक्ष्म प्रेक्षक तैनात रहेगा। मतगणना परिसर में आयोग द्वारा तैनात प्रेक्षक भी मौजूद रहेंगे। जिले की पांचों विधानसभा में 1103422 मतदाता है। रतलाम ग्रामीण, सैलाना व आलोट विधानसभा की मतगणना के 18-18 व रतलाम सिटी व जावरा विधानसभा के 30-30 राउंड में मतगणना होगी। कौन मरेगा बाजी, दिलचस्प होगा मुकाबला!लोकसभा 2024 में बीजेपी ने रतलाम लोकसभा सीट पर अनिता नागर सिंह चौहान को मैदान में उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने पिछले उम्मीदवार कांतिलाल भूरिया पर दांव चला है। कांतिलाल कई बार के सांसद व मंत्री रह चुके। वर्तमान संसद गुमानसिंह ने उन्हें 2019 में शिकस्त दी थी। रतलाम लोकसभा सीट पर कुल 1851112 मतदाता हैं। रतलाम लोकसभा सीट पर चौथे चरण यानी 13 मई को मतदान हुआ। आपको बता दे रतलाम झाबुआ-आलीराजपुर लोकसभा में रतलाम शहर, रतलाम ग्रामीण एवं सैलाना आते है। मंदसौर –  नीमच – जावरा लोकसभा में जावरा विधानसभा आती है। वहीं  उज्जैन -आलोट लोकसभा में आलोट विधानसभा आती है। रतलाम जिले में 1297 मतदान केंद्र थे। रतलाम जिले के विधानसभावार मतदाताओं कीबात करे तो रतलाम ग्रामीण में 213790, रतलाम सिटी में 217035, सैलाना में 211374, जावरा में 237878 और आलोट में 223345 मतदाता है। यानी रतलाम जिले के कुल 1103422 मतदाताओं के दिए वोट से आज लोकतंत्र की इबारत लिखी जाएगी।

अवैध संबंध, हत्या और खुलासा! : विवाहित महिला के दूसरे संबंधो से नाखुश था प्रेमी संतोष, गला घोंटकर लाश फेंकी थी नदी में

लापता महिला रचना उपाध्याय की लाश करवड़ में मिलने का मामला, पुलिस ने किया खुलासा पब्लिक वार्ता -रतलाम,जयदीप गुर्जर। 23 मई को थाना औद्योगिक क्षैत्र रतलाम पर वर्धमान नगर निवासी भगवतीलाल उपाध्याय अपनी पत्नी रचना उपाध्याय उम्र39 वर्ष की गुमशुदगी दर्ज करवाने पहुंचता है। 6 दिन बाद झाबुआ के करवड़ में माही नदी में में एक शव बरामद होता है। जिसकी सूचना रतलाम पुलिस को दी जाती है। जिसके बाद रचना के परिजनों को सूचना देकर बुलाया जाता है और शव की पहचान कराई जाती है। शव पानी में रहने के कारण सड़ गल चुका होता है। शरीर पर बने टेटू और कपड़ों से महिला की शिनाख्ती की जाती है। इसके बाद पुलिस मामले में हत्या का केस दर्ज कर तफ्तीश में जुट जाती है। पुलिस आखिरकार आरोपियों तक पहुंचती है और सोमवार को इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा होता है। मृतिका महिला रचना उपाध्याय की एक 19 वर्षीय बेटी व 13 वर्ष का बालक है। महिला के आरोपी के साथ अवैध संबंध होना सामने आए है। एसपी राहुल कुमार लोढा ने प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी। हत्या के मुख्य आरोपी हाकिमवाड़ा निवासी संतोष पिता श्यामलाल राव उम्र 39 वर्ष व उसका साथ देने वाले दोस्त चिंगीपुरा निवासी सलमान पिता मोहम्मद एहसान उम्र 32 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी संतोष लोडिंग वाहन चलाता है। वहीं उसका दोस्त आरोपी सलमान लोकेंद्र भवन (कान्वेंट तिराहे) स्थित बंगले मुफद्दल विला का चौकीदार है। महिला की हत्या इसी मुफद्दल विला में गला घोंटकर की गई थी। कांफ्रेंस के दौरान एएसपी राकेश खाखा, सीएसपी अभिनव वारंगे, औद्योगिक क्षेत्र टीआई राजेंद्र वर्मा मौजूद रहे। प्रेमी का शक, गुस्सा और हत्या!पुलिस के अनुसार हत्या की वजह महिला के अन्य संबंध का शक बना। आरोपी संतोष के करीब 1 साल से महिला के साथ अवैध संबंध थे। इस दौरान उसे महिला के और भी अन्य लोगों के साथ संबंध होने का शक था। इसी बीच आरोपी संतोष अपनी शादीशुदा प्रेमिका रचना से प्यार करने लगा। 23 मई की शाम जब मृतिका संतोष से मिलने मुफद्दल विला पहुंची तो संतोष और महिला विवाद हुआ। विवाद इस बात को लेकर हुआ था की मृतिका रचना आरोपी संतोष मिलने से पहले किसी और से मिलकर उसके पास आई थी। संतोष ने शक में मृतिका रचना से विवाद किया और गुस्से में आकर गला दबा दिया। जिससे रचना अचेत हो गई। जानकारी के अनुसार 23 मई को दोपहर 4 बजे करीब रचना अपने ससुराल से मायके जाने का कहकर स्कूटी से निकली थी। रचना का मायका रतलाम में ही श्रृंगी नगर में है। रचना के परिवार वाले उस दिन हरिद्वार गए हुए थे। टेप से पैक की लाश, लोडिंग में डालीविवाद के दौरान जब संतोष ने रचना का गला दबाया तो वह अचेत हो गई। जिसके बाद उसने बंगले के चौकीदार अपने दोस्त सलमान को बुलाया और दोनों ने रचना को पानी छिड़क कर होश में लाने की कोशिश की। लेकिन तब तक रचना का शरीर ठंडा पड़ चुका था। दोनों ने मिलकर अब लाश ठिकाने लगाने की कोशिश शुरू कर दी। संतोष लोडिंग वाहन लेकर बंगले के अंदर आया। बंगले में लोडिंग खड़ी की, इसके बाद दोनों आरोपी महिला की स्कूटी से खाचरौद (उज्जैन) पहुंचे। रास्ते में स्कूटी की नंबर प्लेट निकालकर फेंक दी। महिला का मोबाइल भी तोड़कर रास्ते में फेंक दिया। स्कूटी को खाचरौद के उज्जैन गेट पर खड़ी कर वापस रतलाम लौट आए। आरोपियों ने महिला के शव को पुस्टे में टैप लगाकर पैक किया। आरोपियों ने महिला के शव को ठीक उसी तरह पैक किया जैसे कोई डिलवरी का सामान किसी लोडिंग में पैक कर पहुंचाया जाता है। संतोष शाम 7 बजे करीब महिला को लेकर बंगले मुफद्दल विला में घुसा था। जिसकी जानकारी उसके चौकीदार दोस्त सलमान को थी। महिला के शव को पैक कर दोनों ने लोडिंग में डाला और 40 किलोमीटर दूर करवड़ जाकर नदी में फेंक दिया। मशक्कत के बाद पुलिस के हाथ आएमृतिका रचना की गुमशुदगी से लेकर हत्या के दिन तक के करीब 150 से अधिक सीसीटीवी फूटेज को पुलिस ने खंगालना शूर किया। 23 मई की शाम महिला को संदेही संतोष के साथ नगर निगम के यहां देखा गया। जिसके बाद आरोपी संतोष को लगातार ट्रेस किया गया। आरोपी उसे बंगले में ले जाते हुए भी ट्रेस हुआ। पुलिस ने तुरंत संतोष की तलाश शुरू की और उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने महिला के साथ अवैध संबंधो को स्वीकार किया और हत्या करने की वजह बताई। आरोपियों को पकड़ने में पुलिस को पहले खूब दिमागी कसरत करना पड़ी। उसके बाद इनकी गिरफ्तारी को लेकर भी पुलिस को इधर – उधर खूब घूमना पड़ा। पुलिस की टीम जिसकी सराहनीय भूमिकाएसपी ने इस मामले को चिंहित अपराध में दर्ज किया। 10 हजार का इनाम भी पूर्व में घोषित किया। हत्या के इस सनसनीखेज मामले को सुलझाने में थाना औद्योगिक क्षेत्र टीआई राजेन्द्र वर्मा, एसआई सत्येन्द्र रघुवंशी, अमित शर्मा सायबर सेल, एएसआई बबलू डागा, इशाक खान, प्र.आर. नीरज त्यागी, राहुल जाट, तपेश गोसाई, बलराम पाटीदार, मनमोहन शर्मा, हिम्मत सिंह, आरक्षक कपिल, लखन, अर्जुन खींची, मोहन पाटीदार, अभिषेक पाठक, दुर्गालाल गुजराती, कान्हा मेघवाल, राजेश प्रजापति, विपुल भावसार, चालक संजय एवं सीसीटीवी शाखा से एएसआई राजा तिवारी, प्र. आर. शान्तिलाल डिंडोर, आरक्षक पारस चावला, लखन धभाई की सराहनीय भूमिका रही।

विहिप शिक्षा वर्ग : RSS प्रांत संघचालक प्रकाश शास्त्री ने बताया कुटुंब प्रबोधन का महत्व, विश्व को भारत ने सिखाया

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। विश्व हिन्दू परिषद मालवा प्रांत का शिक्षा वर्ग हिमालया इंटरनेशनल स्कूल में संचालित हो रहा है। 25 मई से शुरू हुए इस शिक्षा वर्ग में करीब 100 से अधिक विहिप कार्यकर्ता शामिल है। शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मालवा प्रांत संघचालक प्रकाश शास्त्री ने सत्र में अपना बौद्धिक दिया।  शास्त्री ने कुटुंब प्रबोधन यानी परिवार व उसमें रिश्तों की महत्व  की हमारी भारतीय परंपरा और उसके प्रमाणिक आवश्यकता के बारे में बताया। शास्त्री ने कहा हमारी पारिवारिक व्यवस्था एक समय कैसी थी  और आज कैसी हो गई है। हम विदेशी संस्कृति को अपना कर अपने परिवार को नष्ट कर रहे है। हमारी संस्कृति में वसुधैव कुटुम्बकम् एक आदर्श वाक्य है जिसका अनुसरण आज पूरा विश्व कर रहा है। आज विश्व भारत से परिवार की एकता का सूत्र एवं रिश्तों को सुरक्षित रखने के उपाय सिख रहा है। जिसे कुटुंब प्रबोधन कहते है। व्यक्ति को सबसे पहले संस्कार अपने परिवार से ही मिलते हैं। समाज को सुसंस्कृत, चरित्रवान, राष्ट्र के प्रति समर्पित और अनुशासित बनाने में परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका है। हम जब भी परिवार की बात करते है, तो उसमें सभी पारिवारिक रिश्ते ध्यान आते है। जिसमें माता – पिता से शुरुआत होती है। दादा – दादी, नाना – नानी, काका, भुआ, मासी, मामा आदि रिश्तों के नाम और उनके महत्व हमें ध्यान में आते है। हमारे शास्त्रों में लिखा है अयं निजः परोवेति *गणना लघुचेतसाम्। उदारचरितानां तु वसुधैवकुटुम्बकम् ॥ अर्थात यह मेरा अपना है और यह नहीं है, इस तरह की गणना छोटे चित्त (सञ्कुचित मन) वाले लोग करते हैं। उदार हृदय वाले लोगों के लिए तो (सम्पूर्ण) धरती ही परिवार है।

हत्यारे गिरफ्त में : सिलावटों का वास में हुए हत्याकांड के आरोपियों को पुलिस ने दबोचा, इसरथुनी के जंगलों में छिपे थे

चाकू मारने वाला एक आरोपी नाबालिग, भागने के दौरान गिरकर हुआ घायल पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। बुधवार शाम शहर के माणकचौक थाना अंतर्गत सिलावटों का वास हरिजन बस्ती में रहने वाले प्रवीण उर्फ पप्पू (23) पिता सुनील रानवे की चाकू घोंपकर हत्या का मामला सामने आया था। जिसके बाद पुलिस ने फरियादी साहील पिता संजय रानवे निवासी शनि मंदिर के पास हरिजन बस्ती की रिपोर्ट पर विकास उर्फ विक्या पिता मंगल गोयर, अनिकेत उर्फ तोतू पिता मंगल गोयर, आदित्य पिता संजय मेहरोलिया तीनों निवासी सिलावटों का वास हरिजन बस्ती, आशु चावरे निवासी इंदौर व एक आरोपी नाबालिग के खिलाफ धारा 147, 148, 302 भादवि के तहत केस दर्ज किया था। 36 घंटो के भीतर पुलिस ने हत्या में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद से आरोपियों की तलाश की जा रही थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार शुक्रवार दोपहर मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर सभी आरोपियों को इसरथुनी के जंगलों से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी पुलिस खंगाल रही है। हत्या में शामिल आरोपी पुलिस से बचने के लिए इसरथुनी के जंगलों की और छुपे थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जंगलों में तलाशी ली। पुलिस से बचकर भागने के दौरान एक नाबालिग आरोपी खाई में जा गिरा जिससे उसके पैर में चोट आई है। पुलिस ने घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस ने आरोपियों से हत्या में उपयोग किया गया चाकू व खून से सने कपड़े भी जप्ती में लिए है। जल्द ही पुलिस इस घटनाक्रम का खुलासा करेगी। यह था पूरा घटनाक्रम मामला जानने के लिए नीचे लिंक पर करे क्लिक https://publicvarta.com/youth-killed-300-metres-away-from-bloodshed-falls-to-death-due-to-enmity/

मौत का पूल : डॉल्फिन स्विमींग पूल के संचालक विजयशंकर पांडेय सहित 2 पर हुई FIR, मामला 10 दिन पहले युवक के डूबने का

बगैर परमिशन और सुरक्षा संसाधनों के खुलेआम संचालित हो रहे जिले में और भी वाटर पार्क और स्विमिंग पूल पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के सैलाना रोड स्थित डॉल्फिन स्विमिंग पूल में 10 दिन पहले एक युवक की डूबने से मौत हो गई थी।मामले में पुलिस ने अपनी जांच के बाद स्विमिंग पूल के संचालक, ट्रेनर और मृतक के दोस्त के खिलाफ भी गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। आपको बता दे 19 मई की दोपहर करीब 4 बजे अनिकेत (18) पिता दिनेश तिवारी निवासी पटेड़ा थाना मौरावा (जिला उन्नाव उत्तरप्रदेश) हाल मुकाम ब्राह्मणों वास अपने तीन दोस्तों पीयूष पिता प्रवीण, हर्ष पिता गणेश और तुषार पड़ियार लोहार रोड के साथ डॉल्फिन स्विमिंग पूल गया था। वह पूल से बाहर आकर बैठा ही था कि एक अन्य युवक के छलांग लगाने के दौरान अनिकेत के चेहरे पर पैर टकरा गया। इससे अनिकेत पानी से भरे पूल में गिर गया। पानी में गिरने के बाद डूबने से उसकी मौत हो गई। वहां पर ट्रेनर भी खड़े रहते हैं, लेकिन युवक की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता है। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो जाती है। करीब 6 मिनट 20 सेकंड बाद उसे बाहर निकाला जाता है। तब तक उसकी मौत हो जाती है। थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने मामले में जांच के बाद स्विमिंग पुल संचालक विजय शंकर पांडे पिता ओमप्रकाश पांडे, ट्रेनर कमल टाक पिता फूलचन्द्र टाक निवासी कोमलनगर रतलाम एवं दोस्त पीयूष कुमावत पिता प्रवीण कुमावत निवासी ब्राह्मणों का वास के खिलाफ 304 ए, 34 भादवि के तहत एफआईआर दर्ज की। पुलिस के अनुसार इन आरोपियों की लापरवाही से अनिकेत की मौत डूबने से मौत हुई है। बगैर परमिशन और ट्रेनिंग के हो रहा संचालन!घटना के बाद जब पुलिस ने जांच की तो यह तथ्य सामने आए की डॉल्फिन का संचालक विजय शंकर पांडेय बगैर नगर निगम की अनुमति के पूल संचालित कर रहा था। यहां तक की उसके यहां जो ट्रेनर या सेफ्टी गार्ड थे उनके पास भी ट्रेनिंग कोर्स संबंधि कोई सर्टिफिकेट नहीं था। इसके अलावा जिले में संचालित अन्य वाटर पार्क व स्विमिंग पूल भी बगैर अनुमति या सेफ्टी संसाधनों के संचालित हो रहे है। जिनके सुरक्षा मानकों की जांच भी बहुत जरूरी है। युवक की मौत के बाद प्रशासन ने डॉल्फिन के अलावा अन्य संचालित वाटर पार्क या पूल की जांच निर्देश नहीं दिए है। सभी वाटर प्ले जोन मनमर्जी के मुताबिक और बगैर सेफ्टी के संचालित किए जा रहे है।

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