Ratlam News: रतलाम में 1950 से ज्यादा नामांतरण मामलों का रास्ता साफ, 1958-59 के रिकॉर्ड से होगी कार्रवाई

Ratlam News: रतलाम में चार साल से अटके 1950 से अधिक नामांतरण मामलों का रास्ता साफ हुआ। अब 1958-59 या बाद के राजस्व रिकॉर्ड से जमीन का नामांतरण हो सकेगा। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News; जिले में जमीन के नामांतरण को लेकर पिछले करीब चार साल से अटके 1950 से अधिक मामलों में अब समाधान की उम्मीद जगी है। 1956-57 के पुराने बंदोबस्त रिकॉर्ड को आधार बनाकर रोके गए नामांतरण मामलों में अब 1958-59 या उसके बाद उपलब्ध राजस्व अभिलेखों के आधार पर कार्रवाई की जा सकेगी। इस फैसले से उन जमीन मालिकों और खरीदारों को राहत मिलने की संभावना है, जो नामांतरण के लिए लंबे समय से तहसील कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे। पुराने रिकॉर्ड में जमीन सरकारी दर्ज होने और बाद के दस्तावेजों में निजी स्वामित्व सामने आने के कारण बड़ी संख्या में प्रकरण उलझे हुए थे। मामले की पड़ताल के बाद कलेक्टर अजय कटेसरिया ने राजस्व रिकॉर्ड और पूर्व में मिले शासन के मार्गदर्शन को देखा। इसके बाद स्पष्ट हुआ कि 1958-59 के रिकॉर्ड को भी नामांतरण की कार्रवाई में आधार बनाया जा सकता है। क्यों अटके थे नामांतरण के मामले? नामांतरण की समस्या की जड़ 1956-57 के बंदोबस्त रिकॉर्ड से जुड़ी हुई है। उस समय के कई अभिलेखों में बड़ी संख्या में जमीनें सरकारी खाते में दर्ज थीं। बाद के 1961-62 के खसरों में इन्हीं में से कई जमीनें निजी स्वामित्व में दर्ज दिखाई दीं। इससे रिकॉर्ड में पुरानी और नई प्रविष्टियों के बीच अंतर पैदा हो गया। सबसे बड़ी परेशानी यह रही कि 1958 से 1962 के बीच के खसरा रिकॉर्ड का बड़ा हिस्सा रिकॉर्ड रूम में उपलब्ध नहीं बताया गया है। यह रिकॉर्ड कब और किस परिस्थिति में गायब हुआ, इससे संबंधित नस्ती भी प्रशासन के पास उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है। जब जमीनों की खरीद-बिक्री के बाद नए नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन तहसील कार्यालय पहुंचे, तो 1956-57 के रिकॉर्ड में जमीन सरकारी दर्ज होने के कारण कई प्रकरणों पर आपत्ति खड़ी हो गई। इसके चलते कुछ आवेदन लंबित रहे तो कुछ को निरस्त कर दिया गया। 1958-59 के रिकॉर्ड से क्या बदलेगा? अब 1956-57 के बंदोबस्त रिकॉर्ड को ही अंतिम आधार मानने के बजाय 1958-59 या उसके बाद उपलब्ध राजस्व अभिलेखों को भी देखा जा सकेगा। इससे उन मामलों में रास्ता खुल सकता है, जहां बाद के खसरों में जमीन का स्वामित्व बदल चुका है और उसका रिकॉर्ड उपलब्ध है। कलेक्टर ने क्या कहा? कलेक्टर अजय कटेसरिया के अनुसार मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता में 1958-59 के रिकॉर्ड को देखने का प्रावधान है और इसे अधिकार अभिलेख के रूप में माना जाता है। शासन से पूर्व में मिले मार्गदर्शन के आधार पर अब संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 16 महीने पहले ही मिल चुका था शासन का मार्गदर्शन नामांतरण की इस समस्या को लेकर तत्कालीन कलेक्टर राजेश बाथम ने राज्य शासन के प्रमुख सचिव से मार्गदर्शन मांगा था। इसके जवाब में 3 अप्रैल 2025 को राजस्व मंत्रालय ने मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के अनुसार यथोचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, जिले में इस दिशा-निर्देश को प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया। बाद में पटवारी और राजस्व निरीक्षकों से मिली जानकारी के आधार पर वर्तमान कलेक्टर अजय कटेसरिया ने मामले की पड़ताल की, जिसके बाद पुराने शासन निर्देश सामने आए। जमीन मालिकों की परेशानी भी सामने आई नामांतरण अटकने से आम लोगों को किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा, इसके उदाहरण भी सामने आए हैं। रामलाल वाघेला ने बताया कि वह करीब छह महीने से नामांतरण के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। करमदी के पास रिंग रोड क्षेत्र में स्थित उनकी जमीन के खसरा-खतौनी रिकॉर्ड में मालिकाना हक का नाम बदलवाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी। दूसरे मामले में मुकेश कुमार, निवासी धामनोद, ने बताया कि जमीन का सौदा होने के बाद नामांतरण नहीं होने से आगे की प्रक्रिया अटक गई। उनका कहना है कि उन्होंने 1961-62 से आगे के उपलब्ध रिकॉर्ड भी कार्यालय में प्रस्तुत किए, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। प्रॉपर्टी कारोबारियों को भी राहत की उम्मीद जिला प्रॉपर्टी एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पिपाड़ा का कहना है कि यदि पुराने सरकारी रिकॉर्ड की विसंगति दूर हो जाती है तो जमीन की खरीद-बिक्री और नामांतरण से जुड़ी कई समस्याएं अपने आप कम हो सकती हैं। जमीन की खरीद-बिक्री में राजस्व रिकॉर्ड की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में रिकॉर्ड स्पष्ट होने से खरीदार और विक्रेता दोनों के लिए प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। 1950 से अधिक लंबित मामलों पर अब नजर रतलाम जिले में करीब 1950 से अधिक नामांतरण प्रकरण लंबे समय से लंबित बताए गए हैं। अब 1958-59 या उसके बाद के उपलब्ध रिकॉर्ड को आधार बनाकर नियमानुसार कार्रवाई की संभावना बनने से इन मामलों के निराकरण का रास्ता खुल गया है। हालांकि, प्रत्येक मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड की स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए नामांतरण स्वतः नहीं होगा, बल्कि संबंधित प्रकरण में रिकॉर्ड और नियमों के आधार पर सक्षम राजस्व अधिकारी कार्रवाई करेंगे।

Ratlam News: रतलाम में जमीन विवाद के बीच युवक की मौत, शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन; जांच की मांग

Ratlam News: रतलाम के सरवनीखुर्द में जमीन विवाद के बीच शंकर गरवाल की कीटनाशक पीने से मौत हो गई। परिजनों ने शव रखकर प्रदर्शन कर जांच की मांग की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले के सरवनीखुर्द गांव में जमीन विवाद से जुड़ा मामला सामने आया है। 45 वर्षीय शंकर गरवाल की कीटनाशक पीने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों और जय आदिवासी युवाशक्ति संगठन से जुड़े लोगों ने बाजना रोड पर शव रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। करीब एक घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच, जमीन से जुड़े विवाद की पड़ताल और जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। परिजनों के अनुसार, शंकर ने 23 अगस्त को अपने खेत की जमीन के पास कीटनाशक पी लिया था। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां 25 अगस्त की दोपहर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जमीन पर कब्जे और खदान को लेकर लगाए आरोप परिजनों का आरोप है कि शंकर की खेती की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था। उनका कहना है कि परिवार लंबे समय से इस जमीन पर खेती करता आ रहा था। परिजनों के मुताबिक, जमीन पर खदान का पट्टा मिलने के बाद शंकर वहां खेती नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने खदान संचालक पर परेशान करने और डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए हैं। परिवार का दावा है कि शंकर ने जमीन से जुड़े मामले को लेकर कई बार शिकायतें की थीं। उनका आरोप है कि शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इन्हीं परिस्थितियों को लेकर परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पोस्टमार्टम के बाद सड़क पर रखा शव बुधवार दोपहर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन शंकर का शव लेकर गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बाजना रोड पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर डीएसपी गायत्री सोनी, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने परिजनों तथा संगठन के लोगों से बातचीत कर उनकी मांगें सुनीं। करीब एक घंटे चले प्रदर्शन के कारण सड़क पर यातायात प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गई। खनिज और राजस्व विभाग की भूमिका की जांच की मांग प्रदर्शन कर रहे परिजनों और आदिवासी संगठनों ने जमीन से जुड़े मामले में खनिज विभाग, राजस्व विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनकी प्रमुख मांग है कि जिस जमीन को लेकर विवाद है, वहां खदान का पट्टा किस आधार पर दिया गया और संबंधित प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ या नहीं, इसकी जांच की जाए। परिजनों ने यह भी मांग की कि जांच के दौरान यदि किसी अधिकारी या खदान संचालक की लापरवाही अथवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। परिवार को मुआवजा और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो थाने का घेराव किया जाएगा। पुलिस ने जांच का भरोसा दिया पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को मामले की जांच कर वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों और संगठन के लोगों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव के अनुसार, मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जांच में जमीन विवाद, शिकायतों, खदान पट्टे से जुड़े दस्तावेजों और लगाए गए अन्य आरोपों की स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा। परिवार में पत्नी और चार बच्चे शंकर गरवाल के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और तीन बेटियां हैं। मौत के बाद परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

Ratlam News: रतलाम में ईद मिलाद जुलूस के दौरान तेज साउंड पर कार्रवाई, 10 संचालकों पर केस

Ratlam News: रतलाम में ईद मिलादुन्नबी जुलूस के दौरान तेज साउंड और यातायात व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आईं। पुलिस ने 10 साउंड संचालकों पर केस दर्ज किए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर बुधवार को शहर में निकले जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जुलूस के दौरान तेज आवाज में साउंड सिस्टम और बैंड बजने को लेकर कई जगह से शिकायतें सामने आईं। दूसरी ओर, शहर के कई हिस्सों में घंटों यातायात प्रभावित रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज ध्वनि को लेकर स्थिति उस समय और चर्चा में आ गई, जब कुछ लोगों ने स्मार्टवॉच के जरिए शोर का स्तर मापने और 117 डेसिबल तक रीडिंग मिलने के वीडियो पुलिस को भेजे। कुछ रहवासियों ने घरों में कांच के बर्तन गिरने तक की शिकायत की। शिकायतों और वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने देर शाम कार्रवाई करते हुए 10 साउंड संचालकों के खिलाफ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए हैं। पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी और उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य संचालकों की भी पहचान की जा रही है। जुलूस में कई साउंड सिस्टम, तेज आवाज को लेकर शिकायतें जुलूस मार्ग पर करीब 15 से अधिक साउंड सिस्टम और बैंड शामिल होने की जानकारी सामने आई। कुछ साउंड सिस्टम की आवाज काफी दूर तक सुनाई देने की बात कही गई। जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के साथ इंदौर, उज्जैन और धार से भी साउंड सिस्टम बुक कराए गए थे। जुलूस के दौरान कई जगह तेज आवाज को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई। जुलूस में शामिल कुछ लोग भी तेज आवाज से बचने के लिए कान बंद करते नजर आए। मार्ग पर तैनात पुलिसकर्मियों के भी कान बंद करते हुए दिखाई देने की बात सामने आई। जुलूस से एक दिन पहले मंगलवार को डीआईजी निमिष अग्रवाल ने एसपी अमित कुमार के साथ जुलूस मार्ग का निरीक्षण कर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। शांति समिति की बैठक में भी साउंड सिस्टम और ध्वनि नियंत्रण को लेकर चर्चा हुई थी। इसके बावजूद जुलूस के दौरान तेज आवाज को लेकर शिकायतें सामने आईं। कुछ लोगों ने अपनी स्मार्टवॉच से शोर का स्तर मापकर वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि स्मार्टवॉच से प्राप्त डेसिबल रीडिंग को आधिकारिक ध्वनि मापन मानने से पहले मानक उपकरण और अधिकृत माप की पुष्टि जरूरी होती है। ध्वनि प्रदूषण के लिए निर्धारित मानक उपलब्ध जानकारी के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर या पब्लिक एड्रेस सिस्टम की आवाज संबंधित क्षेत्र के एंबिएंट नॉइज स्टैंडर्ड से अधिकतम 10 डेसिबल या 75 डेसिबल, इनमें जो कम हो, उससे अधिक नहीं होनी चाहिए। आवासीय क्षेत्रों के लिए एंबिएंट नॉइज स्टैंडर्ड दिन में 55 डेसिबल और रात में 45 डेसिबल बताया गया है। सामान्य तौर पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर या पब्लिक एड्रेस सिस्टम के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहता है, हालांकि संबंधित नियमों और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के अनुसार परिस्थितियां अलग हो सकती हैं। सुबह से शाम तक कई इलाकों में यातायात प्रभावित ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के चलते शहर में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही। जानकारी के मुताबिक सुबह करीब 10 बजे से शाम 5 बजे तक कई प्रमुख हिस्सों में वाहनों की आवाजाही धीमी रही और लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। रूट डायवर्जन की व्यवस्था के बावजूद कुछ स्थानों पर यातायात दबाव कम नहीं हो सका। जुलूस की भीड़, साउंड सिस्टम और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल उठाए गए। पार्षद कुरैशी की मौत के बाद भी साउंड बजने की शिकायत खबर के अनुसार पार्षद कुरैशी की मौत की सूचना मिलने के बाद भी जुलूस समाप्त होने तक कई स्थानों पर साउंड सिस्टम तेज आवाज में बजते रहे। इस घटनाक्रम को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मौत और तेज ध्वनि के बीच किसी प्रत्यक्ष चिकित्सकीय संबंध की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए दोनों घटनाओं को सीधे तौर पर जोड़कर देखना उचित नहीं होगा। देर शाम पुलिस की कार्रवाई, 10 पर प्रकरण तेज आवाज को लेकर मिली शिकायतों के बाद पुलिस ने देर शाम कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार कुल 10 साउंड संचालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए हैं। मामले में थाना स्तर पर कार्रवाई की गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक माणकचौक थाना क्षेत्र में पांच, दीनदयाल नगर में एक और स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में दो प्रकरण दर्ज किए गए। शेष मामलों से संबंधित कार्रवाई का विवरण पुलिस की ओर से अलग-अलग स्तर पर सामने आना है। पुलिस ने तीन साउंड सिस्टम जब्त किए हैं। वहीं, एक संचालक पर 20 हजार रुपये और दूसरे पर 10 हजार रुपये का जुर्माना किए जाने की जानकारी है। एएसपी विवेक कुमार ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर साउंड संचालकों की पहचान कर रही है। आगे भी हो सकती है कार्रवाई पुलिस की कार्रवाई अभी केवल दर्ज प्रकरणों तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के अनुसार उपलब्ध वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। फुटेज में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित साउंड संचालकों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

Ratlam News: रतलाम के आदिवासी पीजी छात्रावास में आधी रात हड़कंप, 15-20 लोगों के हथियार लेकर घुसने का आरोप

Ratlam News: रतलाम के विरियाखेड़ी आदिवासी पीजी छात्रावास में 23 अगस्त की रात 15-20 लोगों के हथियार लेकर घुसने का आरोप, CCTV फुटेज सुरक्षित कराने की मांग। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: विरियाखेड़ी स्थित आदिवासी पीजी छात्रावास में 23 अगस्त 2026 की देर रात कथित तौर पर बड़ी संख्या में बाहरी लोगों के घुसने का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, रात करीब 1:08 बजे 15 से 20 लोग छात्रावास परिसर में दाखिल हुए, जिनमें कुछ के हाथों में चाकू, लकड़ी, लोहे की रॉड और पत्थर जैसी वस्तुएं दिखाई देने का दावा किया गया है। घटना का वीडियो देखे छात्रावास में उस समय करीब 50 से 60 छात्र मौजूद थे और अधिकांश अपने कमरों में सो रहे थे। आरोप है कि परिसर में घुसे लोगों ने करीब 30 से 35 मिनट तक गलियारों और अन्य हिस्सों में घूमकर हंगामा किया तथा कुछ कमरों के दरवाजों पर लात और हथियारों से वार किए। घटना के बाद छात्रावास में रहने वाले छात्रों के बीच डर का माहौल बनने की बात शिकायत में कही गई है। रात 1:08 बजे मुख्य द्वार से प्रवेश का दावा शिकायत में उल्लेख है कि 23 अगस्त की रात करीब 1:08 बजे संदिग्ध लोग छात्रावास के मुख्य द्वार से अंदर आए। उनके हाथों में कथित तौर पर अलग-अलग तरह की वस्तुएं थीं, जिन्हें शिकायतकर्ता ने हथियार बताया है। बताया गया है कि ये लोग छात्रावास के गलियारों और परिसर में काफी देर तक घूमते रहे। इस दौरान छात्रों के कमरों के दरवाजों पर भी कथित तौर पर लात मारने और हथियारों से वार करने जैसी हरकतें की गईं। CCTV फुटेज में कैद होने का दावा घटना को लेकर सबसे अहम साक्ष्य छात्रावास परिसर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग को बताया गया है। शिकायत में कहा गया है कि संदिग्ध लोगों की आवाजाही और उनकी कथित हरकतें कैमरों में रिकॉर्ड हुई हैं। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि CCTV फुटेज को पुलिस की सुरक्षा में सुरक्षित लिया जाए, ताकि घटना की जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट या गायब न हों। छात्रों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल आदिवासी पीजी छात्रावास में बड़ी संख्या में छात्र निवास करते हैं। रात के समय परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश की शिकायत ने छात्र सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायत में यह भी पूछा गया है कि इतनी संख्या में लोग छात्रावास परिसर में किस उद्देश्य से पहुंचे थे और उनके पास कथित तौर पर धारदार हथियार या अन्य वस्तुएं क्यों थीं। हालांकि, इन लोगों की पहचान और उनके छात्रावास में पहुंचने के वास्तविक उद्देश्य की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस जांच से सामने आएगा पूरा मामला फिलहाल उपलब्ध शिकायत में घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मौके पर हुए नुकसान की जांच के आधार पर पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

Ratlam News: रतलाम की पैराडाइज वैली में दर्दनाक हादसा, बच्चों को बचाने उतरे 2 शिक्षक और छात्र की मौत

Ratlam News: रतलाम की पैराडाइज वैली में पिकनिक के दौरान पानी में गिरे बच्चों को बचाने की कोशिश में 2 शिक्षकों और एक छात्र की डूबने से मौत हो गई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर से करीब 11 किलोमीटर दूर पैराडाइज वैली पिकनिक स्पॉट पर रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। जावरा के त्रिमूर्ति कॉन्वेंट स्कूल से पिकनिक पर पहुंचे विद्यार्थियों में से कुछ बच्चे पानी के पास खेल रहे थे। इसी दौरान दो बच्चे पानी में चले गए। बच्चों को डूबता देख शिक्षक प्रिंस मोदी और विजय सिंह राठौर उन्हें बचाने के लिए पानी में उतरे। बचाव के दौरान एक छात्र और दोनों शिक्षक गहरे पानी में चले गए। स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। हादसे में कक्षा 7वीं के छात्र हर्षित पाटीदार सहित दोनों शिक्षकों की मौत हो गई। वहीं, पानी में गई अन्य छात्रा खुशी को बचा लिया गया। अन्वेष और सिद्धि समेत अन्य विद्यार्थियों को भी अस्पताल ले जाया गया। पैराडाइज वैली में कैसे हुआ हादसा? जानकारी के अनुसार, त्रिमूर्ति कॉन्वेंट स्कूल, जावरा के कक्षा 7वीं और 9वीं के करीब 17 विद्यार्थी रविवार सुबह लगभग 10:30 बजे स्कूल स्टाफ के साथ बस से पैराडाइज वैली पहुंचे थे। विद्यार्थियों के साथ स्कूल के प्रिंसिपल और अन्य शिक्षक व स्टाफ सदस्य भी मौजूद थे। बताया गया है कि सभी विद्यार्थी स्कूल के म्यूजिक ग्रुप से जुड़े हुए थे और स्कूल स्टाफ के साथ पिकनिक के लिए यहां पहुंचे थे। दोपहर करीब 2:30 से 3 बजे के बीच कुछ विद्यार्थी पानी के आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान कक्षा 7वीं के छात्र हर्षित पाटीदार और कक्षा 9वीं की छात्रा खुशी का पैर फिसल गया और दोनों पानी में चले गए। बच्चों को बचाने पानी में उतरे शिक्षक दोनों विद्यार्थियों को पानी में जाते देख शिक्षक प्रिंस मोदी और विजय सिंह राठौर तुरंत बचाव के लिए पहुंचे। प्रयास के दौरान खुशी को पानी से बाहर निकाल लिया गया, लेकिन हर्षित को बचाने की कोशिश में दोनों शिक्षक भी गहरे पानी में चले गए। बच्चों के शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोग और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने हर्षित तथा दोनों शिक्षकों को पानी से बाहर निकाला। तीनों को बचाने के लिए CPR देने की कोशिश भी की गई, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे में इन तीन लोगों की मौत हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान इस प्रकार हुई है: हादसे के बाद तीनों शवों को रतलाम मेडिकल कॉलेज लाया गया। बाद में शवों को स्कूल बस के माध्यम से जावरा भेजा गया। तीन विद्यार्थियों को अस्पताल में कराया गया भर्ती घटना के बाद बचाए गए विद्यार्थियों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। छात्रा खुशी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं अन्वेष और सिद्धि को भी अस्पताल ले जाने की जानकारी सामने आई है। हादसे की सूचना मिलने के बाद मृतकों के परिजन रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। SDERF टीम के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने किया रेस्क्यू घटना की गंभीरता को देखते हुए बचाव दल को भी सूचना दी गई थी। हालांकि, SDERF की टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने पानी में उतरकर तीनों को बाहर निकाल लिया था। पुलिस और प्रशासन की ओर से हादसे से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। घटना के कारणों और मौके की परिस्थितियों को लेकर जांच की जा रही है। हादसे से उठे सुरक्षा से जुड़े सवाल स्कूल पिकनिक के दौरान बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है। खासकर ऐसे स्थानों पर जहां गहरा पानी मौजूद हो, वहां विद्यार्थियों की निगरानी और सुरक्षित क्षेत्र की स्पष्ट पहचान बेहद जरूरी होती है। पैराडाइज वैली की इस घटना ने एक बार फिर पिकनिक स्पॉट पर बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे की पूरी तस्वीर पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

Ratlam News: रतलाम में किन्नरों को जबरन कार में बैठाने का आरोप, मारपीट के बाद FIR

Ratlam News: रतलाम में किन्नरों के दो समूहों के विवाद में जबरन कार में बैठाने और मारपीट के आरोप लगे हैं। पूनम जान समेत अन्य पर जीआरपी ने केस दर्ज किया है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में किन्नरों के दो समूहों के बीच चल रहे विवाद ने अब पुलिस थाने तक पहुंच बना ली है। शिकायत के मुताबिक, तीन किन्नरों को कथित तौर पर चाकू और डंडे दिखाकर जबरन कार में बैठाया गया और बाद में सुनसान स्थान पर ले जाकर उनके साथ मारपीट की गई। मामले में पूनम जान समेत अन्य लोगों के खिलाफ जीआरपी ने केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता किन्नर दीपा गुरु, जिनकी पहचान दिशा जागीरदार के रूप में बताई गई है, ने पुलिस को दिए आवेदन में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विवाद गुरु बदलने, रतलाम छोड़ने और शहर में बस्ती मांगने के क्षेत्र को लेकर है। घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आने की बात कही गई है। घटना का CCTV देखे जीआरपी के अनुसार, शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। क्या है पूरा मामला? शिकायत के अनुसार, मंगलवार रात करीब 12:30 बजे दीपा गुरु रतलाम रेलवे स्टेशन से फ्रीगंज रोड स्थित ऑन व्हील रेस्टोरेंट के पीछे से जा रही थीं। इसी दौरान उन्हें किन्नर सनम मिलीं और दोनों साथ हो गईं। आरोप है कि इसी दौरान काले रंग की एक स्कॉर्पियो वहां आकर रुकी। शिकायत में कहा गया है कि वाहन में किन्नर पूनम जान, उनका पति नायक और अन्य साथी मौजूद थे। दीपा गुरु का आरोप है कि चाकू और डंडे दिखाकर उन्हें और सनम को जबरन वाहन में बैठाया गया। दोनों के मोबाइल फोन भी ले लिए गए। सैलाना बस स्टैंड से दो अन्य किन्नरों को भी बैठाने का आरोप शिकायत के मुताबिक, स्कॉर्पियो सैलाना बस स्टैंड पहुंची, जहां करीना और नित्या नाम की दो अन्य किन्नर मिलीं। आरोप है कि उन्हें भी धमकाकर कार में बैठाया गया और मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए गए। इसके बाद सभी को भगतन की बावड़ी क्षेत्र स्थित पूनम जान के घर ले जाया गया। वहां से दिव्या को भी साथ लिया गया और फिर सभी को डी-मार्ट रोड के पास एक सुनसान स्थान पर ले जाने का आरोप लगाया गया। बेसबॉल बैट और डंडों से मारपीट का आरोप दीपा गुरु ने शिकायत में आरोप लगाया कि सुनसान स्थान पर उनके साथ लात-घूंसों के अलावा बेसबॉल बैट और डंडों से मारपीट की गई। शिकायत में दो साथियों को चाकू से घायल किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। आरोप है कि घटना के बाद सभी को कथित तौर पर राजी-खुशी छोड़ने के वीडियो बनाए गए, ताकि मामले को अलग रूप दिया जा सके। इसके बाद उन्हें मछली मार्केट के पास छोड़ने की बात शिकायत में कही गई है। गुरु बदलने और रतलाम छोड़ने का दबाव? शिकायतकर्ता के मुताबिक, पूरे विवाद की एक वजह गुरु बदलने और रतलाम में बस्ती मांगने के क्षेत्र को लेकर दबाव बनाना है। शिकायत में जान से मारने की धमकी देने और एक किन्नर का पर्स छीनने का आरोप भी लगाया गया है। पर्स में करीब 10 से 15 हजार रुपये होने की बात शिकायत में कही गई है। इन सभी आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और फिलहाल इन्हें शिकायतकर्ता के आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है। किन्नर काजल और पूनम जान के समूह के बीच विवाद मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, विवाद किन्नर गुरु काजल और पूनम जान के समूह के बीच बताया जा रहा है। रतलाम शहर में दोनों समूहों के अलग-अलग क्षेत्र होने की बात भी सामने आई है। घटना रेलवे क्षेत्र से जुड़ी होने के कारण जीआरपी ने मामले में कार्रवाई की है। शिकायत मिलने के बाद इंदौर से जीआरपी डीएसपी ज्योति शर्मा रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुंचीं और घायल किन्नरों से घटनाक्रम की जानकारी ली। जीआरपी ने दर्ज किया मामला इंदौर जीआरपी डीएसपी ज्योति शर्मा के अनुसार, किन्नर की शिकायत पर पूनम जान समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

Ratlam News: रतलाम में नाबालिग के घर पहुंचे युवक के गले पर गंभीर चोट, 20 टांके; पिता ने आरोप से किया इनकार

Ratlam News: रतलाम में नाबालिग से मिलने पहुंचे 20 वर्षीय युवक के गले पर कांच से हमला होने का मामला सामने आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक युवक के गंभीर रूप से घायल होने का मामला सामने आया। बताया गया कि 20 वर्षीय युवक एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से मिलने उसके घर पहुंचा था। इसी दौरान लड़की के माता-पिता के घर लौटने पर विवाद हो गया और युवक के गले पर कांच से चोट लग गई। घायल युवक के गले में करीब 7×2 सेंटीमीटर का घाव बताया गया है। मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान उसके गले पर करीब 20 टांके लगाए गए। चिकित्सकीय जांच में दो छोटी नसों के कटने की बात भी सामने आई है। फिलहाल युवक की हालत स्थिर बताई गई है। घटना को लेकर दोनों पक्षों के बयान सामने आए हैं। नाबालिग ने पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में अपने पिता पर कांच की बोतल से हमला करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, लड़की के पिता ने युवक पर हमला करने से साफ इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि घायल युवक के बयान और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। नाबालिग से मिलने घर पहुंचा था युवक जानकारी के अनुसार, बिरियाखेड़ी निवासी 20 वर्षीय समीर पुत्र शमी कुरैशी मंगलवार को 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से मिलने उसके घर पहुंचा था। उस समय लड़की के माता-पिता घर पर नहीं थे। कुछ देर बाद माता-पिता के अचानक घर लौटने पर उन्हें घर में युवक दिखाई दिया। इसके बाद युवक और लड़की के पिता के बीच विवाद होने की बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग और युवक करीब तीन साल से एक-दूसरे को जानते हैं। प्राथमिक पूछताछ में नाबालिग ने युवक को अपना प्रेमी बताया है। गले में कांच लगने से गंभीर चोट विवाद के दौरान युवक के गले में कांच लगने से गंभीर चोट आई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गले के बीचों-बीच करीब 7×2 सेंटीमीटर का घाव हुआ। घटना की सूचना मिलने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और डायल-112 को जानकारी दी। पुलिस ने घायल युवक को डायल-112 वाहन की मदद से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां उसका उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकीय उपचार के दौरान युवक के गले में करीब 20 टांके लगाए गए। जांच में दो छोटी नसों के कटने की जानकारी भी सामने आई है। नाबालिग ने पिता पर लगाया हमला करने का आरोप घटना के बाद नाबालिग भी मेडिकल कॉलेज पहुंची। पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में उसने अपने पिता पर कांच की बोतल से युवक के गले पर वार करने का आरोप लगाया। हालांकि, पुलिस ने अभी मामले में अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। घायल युवक के बयान फिलहाल दर्ज नहीं हो सके हैं। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। लड़की के पिता ने आरोपों को बताया गलत लड़की के पिता ने युवक पर हमला करने के आरोप से इनकार किया है। उनके अनुसार, पड़ोसियों ने फोन कर बताया था कि घर में कोई युवक घुस गया है। सूचना मिलने के बाद वह घर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। पिता का दावा है कि दरवाजा खुलवाने के लिए उन्होंने आवाज लगाई। उनके अनुसार, इसी दौरान युवक ने उनकी बेटी को धमकाते हुए कहा कि वह मर जाएगा और उसे उसका साथ देना होगा। इसके बाद युवक ने कथित तौर पर खुद कांच का गिलास अपने गले पर मार लिया। पिता के इस दावे की पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि युवक के गले में चोट किन परिस्थितियों में लगी। पुलिस कर रही मामले की जांच एसआई ध्यानसिंह सोलंकी के अनुसार, मामले की जांच जारी है। नाबालिग के बयान लिए जा रहे हैं। घायल युवक के बयान दर्ज होने और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Ratlam News: रतलाम में BAMS छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव; युवक हिरासत में

Ratlam News: रतलाम में 20 वर्षीय BAMS छात्रा ने सहपाठी पर बंधक बनाकर दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाने और धर्म परिवर्तन का दबाव डालने का आरोप लगाया है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में 20 वर्षीय BAMS छात्रा की शिकायत के बाद गंभीर मामला सामने आया है। छात्रा ने अपने साथ पढ़ने वाले युवक पर उसे घर में बंधक बनाने, उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाने और अश्लील वीडियो रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया है। छात्रा का आरोप है कि वीडियो के जरिए उसे डराया गया और धर्म परिवर्तन कर आरोपी से शादी करने के लिए दबाव बनाया गया। शिकायत के मुताबिक, विरोध करने पर वीडियो वायरल करने और जान से खत्म करने की धमकी भी दी गई। मामले की शिकायत छात्रा ने अपने माता-पिता के साथ स्टेशन रोड थाने पहुंचकर की। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस ने आरोपी युवक को बड़वानी जिले के वरला से हिरासत में लिया है। महत्वपूर्ण: इस खबर में धर्म परिवर्तन और अन्य आरोप पीड़िता की शिकायत के आधार पर बताए जा रहे हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। 1 अगस्त को मकान में ले जाने का आरोप छात्रा के अनुसार, वह रतलाम के एक निजी कॉलेज में BAMS की पढ़ाई कर रही है। 1 अगस्त की शाम करीब 5:30 बजे उसके साथ पढ़ने वाला जुबेर मंसूरी उसे रतलाम के शास्त्री नगर स्थित एक मकान में ले गया। शिकायत के अनुसार, वहां कमरे का दरवाजा बंद कर छात्रा को बाहर जाने से रोका गया। छात्रा ने आरोप लगाया कि इसी दौरान उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए गए और उसका अश्लील वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया। धर्म परिवर्तन और शादी के लिए दबाव का आरोप छात्रा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि युवक ने उस पर अपना धर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म अपनाने और उससे शादी करने का दबाव बनाया। शिकायत के मुताबिक, ऐसा नहीं करने पर वीडियो सार्वजनिक करने और जान से मारने की धमकी दी गई। डर के कारण छात्रा ने शुरुआत में घटना की जानकारी अपने परिवार को नहीं दी। Snapchat पर वीडियो वायरल करने का आरोप पीड़िता के अनुसार, बाद में आरोपी ने कथित अश्लील वीडियो Snapchat पर प्रसारित कर दिए। इसके बाद छात्रा ने अपने माता-पिता को पूरी घटना की जानकारी दी और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को छात्रा ने कथित वायरल वीडियो से संबंधित एक पेनड्राइव भी सौंपी है। पुलिस अब मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। बड़वानी के वरला से युवक हिरासत में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी युवक की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से वह फरार था। तलाश के दौरान उसे बड़वानी जिले के वरला से हिरासत में लिया गया। अब पुलिस मामले में शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच के दौरान घटनास्थल, डिजिटल सामग्री और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा सकती है। पुलिस जांच में इन बिंदुओं पर रहेगा फोकस

Ratlam News: रतलाम में 5.5 करोड़ की सराफा लूट का खुलासा, 48 घंटे में 6 आरोपी गिरफ्तार

Ratlam News: रतलाम में सराफा व्यापारी से हुई 5.5 करोड़ की लूट का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा किया। 6 आरोपी गिरफ्तार, सोने-चांदी के जेवर बरामद। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: बिलपांक थाना क्षेत्र में बस के भीतर सराफा व्यापारी से हुई करोड़ों रुपये की लूट के मामले में रतलाम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना के महज 48 घंटे के भीतर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटे गए सोने और चांदी के आभूषणों का बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से सोने के 238 नग जेवरात, वजन 4.167 किलोग्राम, जबकि चांदी के 183 नग जेवरात, वजन 4.047 किलोग्राम बरामद हुए हैं। डिब्बों सहित बरामद आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 5.5 करोड़ रुपये बताई गई है। वीडियो देखे इस पूरे मामले में पुलिस ने 300 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले। इसके साथ ही साइबर और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया गया। पुलिस का दावा है कि CCTV, डिजिटल इनपुट और मैदानी जांच के संयुक्त प्रयास से आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। बस में व्यापारी से छीना था जेवरों से भरा बैग पुलिस के अनुसार, रतलाम निवासी अर्पित चोरड़िया सोने-चांदी के आभूषणों का कारोबार करते हैं। वे बड़नगर के व्यापारियों के साथ भी व्यापार करते हैं। 13 अगस्त 2026 को अर्पित बड़नगर में व्यापारिक काम से गए थे। विभिन्न व्यापारियों को सोने के आभूषण देने के बाद रात करीब 8:20 बजे बीके यादव बस से रतलाम के लिए रवाना हुए। रात करीब 9:15 से 9:30 बजे के बीच बस जब हनुमान चौकी और उमरथाना फंटा क्षेत्र के पास पहुंची, तभी बड़नगर से बस में सवार दो लोग व्यापारी के पास पहुंचे और उनका बैग छीनने का प्रयास किया। अर्पित ने बैग पकड़कर विरोध किया और शोर मचाया। इसके बाद तीन अन्य आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। आरोपी बैग छीनकर बस से फरार हो गए। बैग में सोने-चांदी के आभूषणों के साथ नकदी और जरूरी दस्तावेज भी रखे थे। 300 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की। घटनास्थल से लेकर बड़नगर तक आने-जाने वाले रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग जुटाई गई। जांच टीमों ने 300 से अधिक CCTV फुटेज का विश्लेषण किया। इसके अलावा बस चालक, परिचालक और क्लीनर सहित अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई। सायबर सेल ने मोबाइल और अन्य तकनीकी इनपुट का विश्लेषण कर संदिग्धों की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई। तकनीकी साक्ष्यों और मैदानी जांच के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की। हिम्मतगढ़ पहाड़ी क्षेत्र से पकड़े गए आरोपी पुलिस को 15 अगस्त को सूचना मिली कि घटना में शामिल आरोपी हिम्मतगढ़ पहाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं और लूट का सामान भी उनके पास है। सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने घेराबंदी कर छह संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम पुलिस के अनुसार मामले में रोहित नायक निवासी रामरहिम नगर, रतलाम और गौरव गुर्जर निवासी हरसोला, इंदौर फरार हैं। उनकी तलाश जारी है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में बनीं विशेष टीमें घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही CCTV फुटेज, भौतिक साक्ष्य और तकनीकी जानकारी को एक साथ जोड़कर जांच आगे बढ़ाई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम ग्रामीण विवेक कुमार लाल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम शहर के मार्गदर्शन में अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने काम किया। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में साइबर सेल, बिलपांक थाना, डीएसबी तथा अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम को किया जाएगा पुरस्कृत रतलाम पुलिस ने मामले का तेजी से खुलासा करने वाली टीम की सराहना की है। पुलिस के अनुसार, इस चुनौतीपूर्ण प्रकरण के खुलासे में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा। मामले में आगे क्या? पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही फरार बताए गए दोनों आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात की पूरी योजना किस तरह बनाई गई और इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

Ratlam News: रतलाम बाल सुधार गृह से 7 बाल अपचारी फरार, होमगार्ड से मारपीट; 6 पकड़े गए

Ratlam News: रतलाम के बिरियाखेड़ी बाल सुधार गृह से 7 बाल अपचारी होमगार्ड से मारपीट कर फरार हुए। पुलिस ने 6 को नामली के पास पकड़ा, एक की तलाश जारी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: बिरियाखेड़ी स्थित शासकीय बाल सुधार गृह में शनिवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब सात बाल अपचारी सुरक्षा में तैनात होमगार्ड सैनिक से मारपीट कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही रतलाम पुलिस ने जिलेभर में नाकाबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने रातभर तलाश अभियान चलाया। सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध तस्वीरों के आधार पर सुराग जुटाते हुए पुलिस ने रविवार सुबह रतलाम से करीब 15 किलोमीटर दूर नामली के पास छह बाल अपचारियों को अभिरक्षा में ले लिया। एक बाल अपचारी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। घटना का वीडियो देखे घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो और एसडीएम तरुण जैन ने बाल सुधार गृह पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। होमगार्ड से मारपीट के बाद खोला गेट का ताला प्रारंभिक जानकारी के अनुसार होमगार्ड सैनिक चंद्रकांत शर्मा चैनल गेट के पास चादर ओढ़कर सो रहे थे। इसी दौरान सातों बाल अपचारियों ने कथित तौर पर उन्हें घेर लिया। बताया गया कि एक बाल अपचारी ने डंडे से हमला किया। इसके बाद सभी ने मिलकर होमगार्ड सैनिक के साथ मारपीट की। हमले के बाद बाल अपचारियों ने बिस्तर के नीचे रखी मुख्य शटर की चाबी निकाली और चैनल गेट का ताला खोल दिया। गेट खुलने के बाद सभी मुख्य द्वार से बाहर निकलकर फरार हो गए। रात करीब 3 बजे पुलिस को मिली सूचना थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी निरीक्षक गायत्री सोनी के अनुसार पुलिस को घटना की सूचना रात करीब 3 बजे मिली। इसके बाद तत्काल पुलिस टीमों का गठन किया गया और जिले के सभी थानों को अलर्ट किया गया। पुलिस ने संभावित रास्तों पर तलाश शुरू करने के साथ सीसीटीवी फुटेज और तस्वीरों की मदद ली। इसी अभियान के दौरान छह बाल अपचारियों को नामली के पास पकड़ लिया गया। फरार एक बाल अपचारी की तलाश अभी जारी है। 15 से 17 साल की उम्र के हैं बाल अपचारी पुलिस के अनुसार फरार हुए सभी बाल अपचारी 15 से 17 वर्ष की आयु के हैं। इनके विरुद्ध हत्या, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म, मादक पदार्थों की तस्करी और रंगदारी जैसे गंभीर मामलों में प्रकरण दर्ज हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक: घायल होमगार्ड का मेडिकल कराया जा रहा मारपीट की घटना में होमगार्ड सैनिक चंद्रकांत शर्मा घायल हुए हैं। उनका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। घटना के संबंध में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार बाल अपचारी को सुरक्षित अभिरक्षा में लेने के लिए टीमें लगातार तलाश कर रही हैं। बाल सुधार गृह की सुरक्षा होगी और मजबूत घटना के बाद बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया। भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि फरार बाल अपचारी की तलाश प्राथमिकता से की जा रही है और उसे सुरक्षित अभिरक्षा में लेने के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

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