Ratlam News: रतलाम में विश्व आदिवासी दिवस पर बदलेगी यातायात व्यवस्था

रतलाम में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस का मुख्य आयोजन पोलो ग्राउंड में होगा। रैली के चलते कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था रहेगी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त 2026 को रतलाम शहर में बड़ा आयोजन होने जा रहा है। मुख्य कार्यक्रम पोलो ग्राउंड में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक प्रस्तावित है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी संगठनों के सदस्य और ग्रामीणों के शामिल होने की संभावना है। सैलाना, सरवन, बाजना, रावटी, शिवगढ़ और बिलपांक क्षेत्र से ग्रामीण रैली के रूप में पोलो ग्राउंड पहुंचेंगे। संभावित भीड़ को देखते हुए रतलाम यातायात पुलिस ने शहर में यातायात व्यवस्था को लेकर डायवर्जन प्लान जारी किया है। रैली के दौरान निर्धारित मार्ग पर दोपहिया और चारपहिया समेत सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। शहर में आने-जाने वाले भारी वाहनों के लिए भी अलग-अलग वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। इन रास्तों से होकर गुजरेगी रैली यातायात पुलिस के अनुसार रैली भील धर्मशाला से शुरू होकर बाजना बस स्टैंड, चांदनी चौक, तोपखाना, गणेश देवरी, डालूमोदी बाजार, नाहरपुरा चौराहा, नाहरपुरा तिराहा, आरोग्यम हॉस्पिटल, नगर निगम तिराहा, मेहंदी कुई बालाजी मंदिर, छत्रीपुल और अंबेडकर तिराहा होते हुए पोलो ग्राउंड पहुंचेगी। रैली के चलते इस पूरे निर्धारित रूट पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। आम लोगों से अपील की गई है कि वे इस मार्ग पर अनावश्यक रूप से वाहन लेकर न जाएं और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। भारी वाहनों के लिए अलग डायवर्जन प्लान कार्यक्रम के दौरान शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। अलग-अलग दिशाओं से रतलाम शहर की ओर आने वाले भारी वाहनों के लिए यातायात पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं। सैलाना की ओर से आने वाले वाहन सैलाना से रतलाम शहर की ओर आने वाले भारी वाहन 80 फीट रोड, डोंगरे नगर, वन विभाग की ओर जाने वाले मार्ग तथा बंजली फंटा और सेजावता फंटा होते हुए बाईपास का उपयोग करेंगे। शिवगढ़ की ओर से आने वाले वाहन शिवगढ़ से शहर की ओर आने वाले भारी वाहनों को वरोठ माता मंदिर, नंदलई फंटा और सेजावता होते हुए शहर की ओर जाने का मार्ग निर्धारित किया गया है। झाबुआ रोड की ओर से आने वाले वाहन झाबुआ रोड की ओर से रतलाम आने वाले भारी वाहन करमदी, सालाखेड़ी और बाईपास मार्ग का उपयोग करेंगे। सालाखेड़ी फंटा से आने वाले वाहन सालाखेड़ी फंटा से शहर की तरफ आने वाले भारी वाहनों को प्रतापगढ़ पुलिया से डी-मार्ट होते हुए जाने के लिए कहा गया है। आम लोगों के लिए कहां रहेगी पार्किंग? विश्व आदिवासी दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों के दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए यातायात पुलिस ने पांच पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं। निर्धारित पार्किंग स्थल: पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें। रैली के मार्ग या प्रतिबंधित क्षेत्र में वाहन पार्क करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। यातायात पुलिस ने की सहयोग की अपील संभावित भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने लोगों से जारी किए गए मार्ग परिवर्तन और डायवर्जन प्लान का पालन करने की अपील की है। यातायात व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने से लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान शहर में आने-जाने वाले लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलने और निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

तहसील स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में 90 खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन, अब जिला स्तर पर दिखाएंगे हुनर

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। तहसील स्तर पर आयोजित बॉक्सिंग प्रतियोगिता उत्साह और खेल भावना के माहौल में संपन्न हुई। प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला, जिसने दर्शकों का भी भरपूर उत्साह बढ़ाया। इस प्रतियोगिता में कुल 10 विद्यालयों के 90 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन आगामी जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया। चयनित खिलाड़ी 7 अगस्त को रतलाम में आयोजित होने वाली जिला स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में अपनी चुनौती पेश करेंगे। मुख्य अतिथियों की मौजूदगी में हुआ आयोजन प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि जिला क्रीड़ा अधिकारी दीपेंद्र सिंह ठाकुर रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉली चौहान ने की, जबकि जिला सहसंयोजक राजेश कोठारी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए खेलों में अनुशासन, मेहनत और निरंतर अभ्यास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने चयनित खिलाड़ियों को जिला स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं भी दीं। 10 विद्यालयों के 90 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा प्रतियोगिता में क्षेत्र के 10 विद्यालयों से आए कुल 90 खिलाड़ियों ने विभिन्न भार वर्गों में मुकाबले खेले। पूरे आयोजन के दौरान खिलाड़ियों ने खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। निर्णायकों ने निभाई अहम भूमिका प्रतियोगिता को सफल बनाने में निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुकाबलों का संचालन और निर्णय विवेक झा, अजहर खान और समीक्षा परमार ने किया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का स्वागत अशोक व्यास, विजय रावल, महेंद्र शुक्ला, पृथ्वीराज सिंह, अज़हर खान, समीक्षा परमार, विवेक झा, तनुष्का और शाकिर शेख ने किया। चयनित खिलाड़ी अब जिला स्तर पर उतरेंगे प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन 7 अगस्त को रतलाम में आयोजित जिला स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता के लिए किया गया है। चयनित खिलाड़ियों को राजेंद्र जी पितलिया और अध्यक्ष विवेक जी पितलिया ने बधाई देते हुए आगामी प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का संचालन और आभार कार्यक्रम का संचालन महेंद्र शुक्ला ने किया, जबकि अंत में वीरेंद्र गुर्जर ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, निर्णायकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

Ratlam News: रतलाम में ठेला संचालक से मारपीट और जान से मारने की धमकी, तीन लोगों पर FIR दर्ज

Ratlam News: रतलाम के स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में पानी-पताशा विक्रेता से गाली-गलौज, दुकान में तोड़फोड़ और चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी देने के मामले में तीन आरोपियों पर केस दर्ज हुआ। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर के स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद का मामला पुलिस तक पहुंच गया है। घोड़ा चौपाटी स्थित देना बैंक के बाहर पानी-पताशा का ठेला लगाने वाले युवक की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफआईआर के अनुसार घटना 2 अगस्त 2026 की रात करीब 9:30 बजे की बताई गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पहले गाली-गलौज की गई, फिर दुकान में तोड़फोड़ की गई और चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वीडियो देखे पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक शिकायत 6 अगस्त 2026 को स्टेशन रोड थाने में दर्ज कराई गई। मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक (ASI) मुरली मकवाना को सौंपी गई है। क्या है पूरा मामला? एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता मधुरम व्यास घोड़ा चौपाटी स्थित देना बैंक के बाहर पानी-पताशा की दुकान लगाते हैं। उनके अनुसार पास में गन्ने के रस की दुकान लगाने वाले रवि शर्मा से पुरानी रंजिश चल रही थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 2 अगस्त की रात रवि शर्मा वहां पहुंचा और कथित रूप से अश्लील गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर गोलु माली और अजय कोम भी मौके पर आ गए। तीनों पर मिलकर गाली-गलौज करने और दुकान की कुर्सियां उठाकर तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया गया है। मां के पहुंचने पर भी विवाद बढ़ा शिकायतकर्ता के मुताबिक विवाद बढ़ने पर उन्होंने अपनी मां विष्णुकांता व्यास को फोन कर बुलाया। आरोप है कि मां के मौके पर पहुंचने के बाद भी तीनों आरोपियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि रवि शर्मा ने कथित रूप से चाकू लेकर शिकायतकर्ता और उनकी मां को डराया तथा ठेला हटाने की बात कहते हुए जान से मारने की धमकी दी। किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला? स्टेशन रोड थाना पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की निम्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अब मामले की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। पुलिस ने क्या कार्रवाई की? एफआईआर के अनुसार स्टेशन रोड थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद अपराध क्रमांक 588/2026 दर्ज किया। जांच की जिम्मेदारी कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक मुरली मकवाना को दी गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

MP News: मध्य प्रदेश में बस किराया बढ़ा, पांच साल बाद लागू हुई नई दरें; जानिए किस बस का कितना बढ़ा किराया

MP News: मध्य प्रदेश में पांच साल बाद बस किराए में 60% तक बढ़ोतरी लागू हो गई है। जानिए नई किराया दरें, किस बस का कितना किराया बढ़ा और भोपाल-इंदौर का नया किराया। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश में बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अब यात्रा पहले की तुलना में महंगी हो गई है। राज्य सरकार ने करीब पांच साल बाद यात्री बसों के किराए में संशोधन करते हुए नई दरें लागू कर दी हैं। सबसे बड़ा बदलाव साधारण बसों के किराए में हुआ है, जहां प्रति किलोमीटर किराया बढ़ाकर 2 रुपये कर दिया गया है। नई अधिसूचना के साथ ही बढ़ा हुआ किराया तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। सरकार का कहना है कि लंबे समय से बढ़ती परिचालन लागत और डीजल की कीमतों को देखते हुए किराया संशोधित किया गया है। दूसरी ओर, बस ऑपरेटर लंबे समय से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे। पांच साल बाद क्यों बढ़ाया गया बस किराया? आखिरी बार अप्रैल 2021 में बस किराए में संशोधन किया गया था। तब से डीजल, स्पेयर पार्ट्स, मेंटेनेंस और कर्मचारियों के खर्च में लगातार वृद्धि हुई है। बस संचालकों का कहना था कि पुराने किराए पर संचालन करना मुश्किल होता जा रहा था। इसी बीच बस ऑपरेटर संगठनों ने 7 अगस्त से आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। इससे पहले ही राज्य सरकार ने नई किराया दरों की अधिसूचना जारी कर दी। साधारण बस का नया किराया नई व्यवस्था के अनुसार अब साधारण बस का किराया 2 रुपये प्रति किलोमीटर होगा। पहले यह लगभग 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर था। साथ ही न्यूनतम किराया भी बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है, जो पहले 7 रुपये था। किन बसों का कितना बढ़ा किराया? साधारण बस रात्रिकालीन बस सेवा (रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक) डीलक्स बस (नॉन-एसी) स्लीपर बस डीलक्स बस (एसी) सुपर लग्जरी एसी कोच ध्यान दें: डीलक्स, स्लीपर और लग्जरी बसों पर अलग से नाइट चार्ज नहीं लगेगा। वहीं एक्सप्रेस बस सेवाओं के लिए भी अतिरिक्त किराया नहीं लिया जाएगा। भोपाल से इंदौर का नया बस किराया यदि भोपाल से इंदौर (करीब 180 किलोमीटर) की यात्रा करते हैं, तो नई दरें इस प्रकार होंगी— बस ऑपरेटरों ने क्या कहा? बस संचालकों के संगठनों का कहना है कि यह निर्णय लंबे समय से लंबित था। उनका तर्क है कि वर्ष 2021 की तुलना में डीजल और संचालन खर्च काफी बढ़ चुके हैं, इसलिए किराया संशोधन जरूरी हो गया था। हालांकि, संगठनों का कहना है कि उनकी अन्य मांगों पर सरकार से बातचीत अभी जारी है। यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं तो आंदोलन पर आगे निर्णय लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से पहले बड़ा फैसला राज्य सरकार जल्द ही मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने की तैयारी में है। इसके तहत निजी बसों को अनुबंध के आधार पर चिन्हित मार्गों पर संचालित किया जाएगा। इस व्यवस्था में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही किराया वसूली और संचालन की निगरानी सीसीटीवी तथा अन्य तकनीकी माध्यमों से की जाएगी। इसकी शुरुआत सबसे पहले इंदौर क्षेत्र से किए जाने की तैयारी है।

अगस्त में कब मिलेगी Ladli Behna Yojana की अगली किस्त? जानिए भुगतान की संभावित तारीख और जरूरी शर्तें

Ladli Behna Yojana की 39वीं किस्त अगस्त 2026 में कब आ सकती है? जानें संभावित तारीख, DBT, आधार लिंक, e-KYC और भुगतान न रुकने के जरूरी नियम। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश की Ladli Behna Yojana से जुड़ी लाखों महिलाओं की नजर अब अगस्त में आने वाली अगली किस्त पर टिकी हुई है। जुलाई में 38वीं किस्त जारी होने के बाद अब लाभार्थी यह जानना चाहती हैं कि 39वीं किस्त उनके खाते में कब पहुंचेगी और कहीं किसी तकनीकी कारण से भुगतान रुक तो नहीं जाएगा। प्रदेश सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है। यही वजह है कि Ladli Behna Yojana की प्रत्येक किस्त का इंतजार बड़ी संख्या में लाभार्थी करती हैं। हालांकि फिलहाल 39वीं किस्त की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है, लेकिन पिछले रिकॉर्ड के आधार पर इसकी संभावित समय-सीमा सामने आई है। यदि आप भी Ladli Behna Yojana की लाभार्थी हैं, तो बैंक खाते की स्थिति, DBT और समग्र e-KYC जैसी जरूरी प्रक्रियाओं की समय रहते जांच करना बेहद आवश्यक है। छोटी सी चूक भी भुगतान में देरी का कारण बन सकती है। अगस्त में कब आ सकती है Ladli Behna Yojana की 39वीं किस्त? अब तक Ladli Behna Yojana की 38 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। पिछले कई महीनों का रिकॉर्ड देखें तो सरकार अधिकांश किस्तें हर महीने की 10 तारीख के आसपास जारी करती रही है। हालांकि त्योहार, प्रशासनिक कार्यक्रम या अन्य कारणों से भुगतान की तारीख में एक-दो दिन का बदलाव भी देखने को मिला है। इसी पैटर्न को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि Ladli Behna Yojana की 39वीं किस्त 10 अगस्त 2026 के आसपास लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है। महत्वपूर्ण: अभी तक राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। भुगतान की तारीख सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही अंतिम मानी जाएगी। किन कारणों से रुक सकता है Ladli Behna Yojana का भुगतान? Ladli Behna Yojana की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। इसलिए कुछ जरूरी शर्तों का पूरा होना आवश्यक है। भुगतान रुकने के प्रमुख कारण समग्र e-KYC क्यों जरूरी है? सरकार ने Ladli Behna Yojana के लाभार्थियों के लिए समग्र पोर्टल पर e-KYC को अनिवार्य किया है। यदि किसी महिला की e-KYC अभी तक पूरी नहीं हुई है, तो उसकी अगली किस्त रोकी जा सकती है। यह प्रक्रिया नजदीकी CSC सेंटर, ग्राम पंचायत या वार्ड कार्यालय में आधार और मोबाइल नंबर के माध्यम से पूरी कराई जा सकती है। बैंक खाते में DBT और आधार लिंक जरूर जांचें Ladli Behna Yojana की राशि सीधे खाते में भेजी जाती है। इसलिए लाभार्थियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि— जरूरत पड़ने पर अपनी बैंक शाखा जाकर इन सभी जानकारियों की पुष्टि कर लेना बेहतर रहेगा। ऐसे चेक करें Ladli Behna Yojana की किस्त का स्टेटस यदि आप Ladli Behna Yojana की अगली किस्त की स्थिति जानना चाहती हैं, तो ऑनलाइन स्टेटस भी देख सकती हैं। स्टेटस चेक करने का तरीका क्या करें ताकि अगली किस्त बिना रुकावट मिले? यदि आप Ladli Behna Yojana का लाभ लगातार लेना चाहती हैं, तो समय-समय पर अपने बैंक खाते की स्थिति, आधार लिंकिंग और समग्र e-KYC की जांच जरूर करें। इन प्रक्रियाओं में कोई कमी होने पर उसे जल्द पूरा करा लेना बेहतर होगा ताकि अगली किस्त मिलने में किसी तरह की परेशानी न हो।

Ratlam News: रतलाम में दिनदहाड़े खौफनाक वारदात: पत्नी की गला रेतकर हत्या, पति मौके से गिरफ्तार

Ratlam News: रतलाम के माणक चौक थाना क्षेत्र के सोनार बावड़ी में पति ने पत्नी की गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पति को मौके से हिरासत में लिया, मामले की जांच जारी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर में रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। माणक चौक थाना क्षेत्र के सोनार बावड़ी इलाके में एक पति ने अपनी पत्नी की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। घटना दिनदहाड़े होने से क्षेत्र में दहशत और सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान 32 वर्षीय रुकैया के रूप में हुई है, जबकि पुलिस ने आरोपी पति 35 वर्षीय असगर अली को घटनास्थल से ही हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस हत्या के पीछे की वजह जानने में जुटी है। परिवार के सामने हुई इस दर्दनाक घटना ने स्थानीय लोगों को भी स्तब्ध कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल टीम और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंच गए। भाई ने सुनी चीख, कमरे का नजारा देख रह गया सन्न जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब 11 बजे रुकैया की चीख सुनकर उसका बड़ा भाई मुस्तफा पड़ोसियों के साथ घर के अंदर पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कमरे में रुकैया बिस्तर पर लहूलुहान अवस्था में पड़ी थी। आरोप है कि उस समय असगर अली उसकी छाती पर बैठकर धारदार हथियार से लगातार गले पर वार कर रहा था। मौजूद लोगों ने आरोपी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह उनकी ओर भी आक्रामक हो गया। इसके बाद लोगों ने तत्काल बाहर निकलकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके से आरोपी को लिया हिरासत में सूचना मिलते ही माणक चौक थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपी पति को हिरासत में ले लिया। इसके बाद एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में हत्या के कारणों की जांच जारी है। दो छोटे बच्चों के सिर से उठा मां का साया इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रुकैया अपने पीछे दो वर्षीय पुत्र और सात वर्षीय पुत्री को छोड़ गई हैं। मासूम बच्चों की मौजूदगी में हुई इस वारदात ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया। स्थानीय लोग और बोहरा समाज के सदस्य बड़ी संख्या में घटनास्थल पर एकत्रित हो गए। थाना प्रभारी ने क्या कहा? माणक चौक थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटा लिए हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ और जांच के बाद ही हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

MP News: इंदौर में अवैध कॉलोनियों पर बड़ा एक्शन: 21 कॉलोनियां घोषित अवैध, जमीनों की खरीदी-बिक्री पर सख्ती

MP News: इंदौर में प्रशासन ने 21 अवैध कॉलोनियों को अवैध घोषित कर खसरों में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में आए हैं। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर जिला प्रशासन ने शहर और आसपास विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित कर दिया है। इन कॉलोनियों से संबंधित जमीनों की जानकारी अब राजस्व अभिलेख (खसरे) में दर्ज की जाएगी, जिससे भविष्य में इन जमीनों पर होने वाले लेन-देन और विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा। इस कार्रवाई के बाद संबंधित जमीनों पर प्लॉट बेचने, नई कॉलोनी विकसित करने और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं आसान नहीं रहेंगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम अवैध कॉलोनाइजेशन पर रोक लगाने और खरीदारों के हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है। करीब 26 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इन कॉलोनियों से जुड़े 30 से अधिक भू-स्वामी भी प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में आए हैं। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश जारी किए गए हैं। अवैध कॉलोनियों की जांच के बाद हुई कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर जिले के सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। जांच के दौरान मल्हारगंज और कनाड़िया अनुभाग को छोड़कर आठ अनुभागों से कुल 133 संदिग्ध कॉलोनियों की सूची तैयार कर प्रशासन को भेजी गई। इन मामलों की सुनवाई के बाद प्रथम चरण में 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित किया गया और संबंधित खसरों के कॉलम-12 में प्रविष्टि दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए। खरीदी-बिक्री और प्लॉटिंग पर पड़ेगा असर अवैध घोषित होने के बाद इन जमीनों पर भविष्य में प्लॉटिंग, बिक्री और कॉलोनी विकास से जुड़े कार्यों पर सख्त कानूनी निगरानी रहेगी। इससे बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्रभावी रोक लगाने में प्रशासन को मदद मिलेगी। राजस्व रिकॉर्ड में प्रविष्टि दर्ज होने के बाद ऐसे मामलों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और संभावित खरीदारों को जमीन की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में सुनवाई के दौरान सामने आया कि 21 मामलों में 30 से अधिक भू-स्वामियों की जमीन पर बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित की जा रही थीं। इनमें मुख्य रूप से देपालपुर तहसील के कालीबिल्लौद, बिचौली हप्सी के जामन्याखुर्द, असरावद खुर्द, मिर्जापुर, उमरीखेड़ा और कैलोद कर्ताल सहित कई क्षेत्रों की जमीनें शामिल हैं। अपर कलेक्टर ने क्या कहा? अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य के अनुसार, संबंधित अनुभागों से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार प्रकरण दर्ज किए गए और सभी पक्षों की सुनवाई की गई। सुनवाई पूरी होने के बाद 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रमुख बातें एक नजर में प्रभावित क्षेत्र

गुरु रामदास पब्लिक स्कूल के 250 विद्यार्थियों ने शिवगढ़ फॉरेस्ट रेंज में लगाए 500 पौधे, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में गुरु रामदास पब्लिक स्कूल, रतलाम ने एक सराहनीय पहल की। विद्यालय के कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों ने शिक्षकों के साथ मिलकर शिवगढ़ फॉरेस्ट रेंज में भव्य पौधारोपण अभियान चलाया। यह कार्यक्रम हार्टफुलनेस संस्था के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक पौधे लगाकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। विद्यालय की इस पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी का भाव विकसित करना रहा। 250 विद्यार्थियों ने लगाए 500 पौधे विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुनीता राठौर ने बताया कि इस अभियान में करीब 250 विद्यार्थियों ने भाग लिया और मिलकर 500 पौधे लगाए। उन्होंने बताया कि स्कूल में हर वर्ष पौधारोपण की यह परंपरा निभाई जाती है। विद्यार्थी केवल पौधे लगाते ही नहीं, बल्कि पहले लगाए गए पौधों की देखभाल भी करते हैं, जिससे उनका संरक्षण सुनिश्चित हो सके। हार्टफुलनेस संस्था ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश कार्यक्रम के दौरान हार्टफुलनेस संस्था के श्री के.बी. सोनी ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और पेड़-पौधों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेड़ हमें शुद्ध ऑक्सीजन, फल, छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी दिलाया। गणमान्य अतिथि भी रहे मौजूद पौधारोपण कार्यक्रम में हार्टफुलनेस संस्था के कई पदाधिकारी और सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर पौधे लगाए और उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। हरित भविष्य का दिया संदेश गुरु रामदास पब्लिक स्कूल और हार्टफुलनेस संस्था के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस अभियान ने यह संदेश दिया कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य की नींव बन सकता है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।

Ratlam News: 12 साल पुराने यास्मीन शेरानी गोलीकांड में अदालत का फैसला, दो दोषियों को 10-10 साल की सजा

Ratlam News: रतलाम के चर्चित यास्मीन शेरानी गोलीकांड मामले में अदालत ने दो आरोपियों को 10-10 साल और एक आरोपी को आर्म्स एक्ट में 3 साल की सजा सुनाई, जबकि दो आरोपी बरी हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के बहुचर्चित यास्मीन शेरानी गोलीकांड में करीब 12 साल बाद अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई, जबकि दो अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। सप्तम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने गोली चलाने वाले आरोपी और उसके सहयोगी को हत्या के प्रयास के अपराध में 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं एक अन्य आरोपी को आर्म्स एक्ट के तहत तीन साल की सजा दी गई। यह मामला वर्ष 2014 में रतलाम शहर में हुए उन घटनाक्रमों में शामिल रहा, जिनके बाद पूरे शहर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। 27 सितंबर 2014 को नगर निगम परिसर में हुआ था हमला अपर लोक अभियोजक सौरभ सक्सेना के अनुसार, 27 सितंबर 2014 को दोपहर करीब 12:30 से 1 बजे के बीच तत्कालीन नगर निगम नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेत्री यास्मीन शेरानी नगर निगम परिसर से अपनी कार में बैठ रही थीं। इसी दौरान चेहरे पर कपड़ा बांधे एक युवक ने उन पर गोली चला दी। गोली उनकी गर्दन में लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ीं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया। डीएनए जांच ने खोला अहम राज वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बाइक पर सवार अपने साथी के साथ फरार हो गया। भागते समय उसने बाईजी का वास क्षेत्र में अपना हेलमेट फेंक दिया था। पुलिस ने जांच के दौरान हेलमेट बरामद किया और उसमें मिले बालों का डीएनए परीक्षण कराया। जांच रिपोर्ट में डीएनए आरोपी चंदन शर्मा से मेल खा गया। अभियोजन पक्ष के लिए यह वैज्ञानिक साक्ष्य बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ और अदालत ने इसे मामले के अहम सबूतों में शामिल माना। किन आरोपियों को कितनी सजा मिली? पुलिस ने इस मामले में कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया था। अदालत का फैसला गोलीकांड के कुछ घंटे बाद हुई थी दूसरी सनसनीखेज वारदात यास्मीन शेरानी पर हमले के कुछ घंटे बाद ही रतलाम रोडवेज बस स्टैंड स्थित होटल संचालक कपिल राठौड़ की हत्या कर दी गई थी। एक ही दिन में हुई इन दो बड़ी घटनाओं के बाद शहर में सांप्रदायिक तनाव फैल गया था। हालात को देखते हुए प्रशासन ने पूरे शहर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू किया था। उस समय यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना था। अभियोजन पक्ष की भूमिका अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक सौरभ सक्सेना ने अदालत में साक्ष्य और गवाहों के आधार पर पक्ष रखा। वैज्ञानिक जांच, डीएनए रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी माना।

Ratlam News: चार माह के जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में अदालत का बड़ा फैसला, मां को दोहरा आजीवन कारावास

Ratlam News: रतलाम में चार माह के जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में अदालत ने मां को दोहरा आजीवन कारावास और पति को साक्ष्य छिपाने के अपराध में तीन साल की सजा सुनाई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के बहुचर्चित जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। चार माह के मासूम जुड़वा बच्चों हसन और फातिमा की पानी के ड्रम में डुबोकर हत्या करने की दोषी मां पम्मी उर्फ मुस्कान को न्यायालय ने दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने इस जघन्य अपराध को गंभीर मानते हुए जुर्माना भी लगाया। इसी मामले में आरोपी के पति आमिर कुरैशी को साक्ष्य छिपाने का दोषी मानते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई। यह फैसला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सुनाया गया। करीब डेढ़ वर्ष पुराने इस मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। सुनवाई के दौरान कई गवाह मुकर गए, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। क्या था पूरा मामला? अभियोजन के अनुसार, पम्मी उर्फ मुस्कान अपने पति आमिर कुरैशी और चार माह के जुड़वा बच्चों हसन व फातिमा के साथ वेदव्यास कॉलोनी नंबर-4 में किराये के मकान में रहती थी। 20 नवंबर 2024 को दोपहर के समय घर से शोर सुनकर पड़ोसी छत पर पहुंचे। वहां दोनों मासूम बच्चे पानी से भरे प्लास्टिक के ड्रम में पड़े मिले। बाहर निकालने तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने पर माणकचौक थाना पुलिस ने जांच शुरू की। बिना पोस्टमार्टम के कर दिया था अंतिम संस्कार जांच में सामने आया कि बच्चों के शवों को पुलिस को सूचना दिए बिना नूरानी कब्रिस्तान में दफना दिया गया था। बाद में पुलिस ने तहसीलदार की मौजूदगी में कब्र खुदवाकर दोनों शव बाहर निकलवाए और पोस्टमार्टम कराया। मेडिकल रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि दोनों बच्चों की मौत पानी में डूबने से हुई थी। पूछताछ में सामने आई चौंकाने वाली कहानी पुलिस जांच के दौरान आरोपी मां ने बताया कि घटना वाले दिन पति और सास रिश्तेदारी में गए थे। उसने पति से घर पर रुकने की बात कही थी क्योंकि वह अकेले दोनों बच्चों को संभालने में असमर्थ महसूस कर रही थी। अभियोजन के अनुसार, पति के जाने के बाद गुस्से में उसने पहले बेटे हसन को पानी के ड्रम में डुबोया और फिर बेटी फातिमा को भी उसी ड्रम में डाल दिया। घटना के बाद उसने पति को फोन कर इसकी जानकारी दी। 16 गवाह मुकर गए, फिर भी अदालत ने सुनाया दोषसिद्धि का फैसला मामले की सुनवाई अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष ने कुल 24 गवाह पेश किए, जिनमें से 16 गवाह पक्षद्रोही हो गए। इसके बावजूद पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल के साक्ष्य और अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाणों को पर्याप्त मानते हुए अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने क्या सजा सुनाई? अपर लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान के अनुसार न्यायालय ने— अभियोजन पक्ष का पक्ष अपर लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने बताया कि पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया। कई गवाहों के मुकरने के बावजूद उपलब्ध प्रमाणों को न्यायालय ने विश्वसनीय माना।

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