Ratlam News: रतलाम में मिठाई खाने के बाद ढाई साल के मासूम की मौत, माता-पिता की हालत बिगड़ी; जावरा में दुकान पर हंगाम

Ratlam News: रतलाम के बिनोली गांव में मिठाई खाने के बाद ढाई साल के बच्चे की मौत हो गई। माता-पिता अस्पताल में भर्ती हैं। जावरा की दुकान से खाद्य विभाग ने नमूने लिए हैं। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के रिंगनोद थाना क्षेत्र के बिनोली गांव में एक परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब मिठाई खाने के बाद माता-पिता और उनके ढाई साल के बेटे की तबीयत बिगड़ गई। उपचार के दौरान मासूम आर्यन गोस्वामी की मौत हो गई, जबकि उसके पिता ईश्वर गोस्वामी और मां टीना गोस्वामी का मंदसौर के अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिजनों का आरोप है कि परिवार ने जावरा की पुरानी धान मंडी स्थित देवश्री नमकीन भंडार से खरीदी गई मिठाई खाई थी। इसके कुछ घंटे बाद तीनों को उल्टी-दस्त शुरू हो गए। बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना से नाराज बड़ी संख्या में ग्रामीण जावरा स्थित नमकीन दुकान पर पहुंच गए और हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दुकान का निरीक्षण कर मिठाई और नमकीन के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। बेटे की जिद पर पिता खरीदकर लाए थे एक किलो मिठाई परिजनों के अनुसार, बिनोली गांव निवासी ईश्वर गोस्वामी मजदूरी करने जावरा गए थे। घर लौटते समय बेटे आर्यन के कहने पर उन्होंने एक दुकान से मिठाई खरीदी थी। मिठाई की कीमत 200 रुपये प्रति किलो थी और वे एक किलो मिठाई लेकर घर पहुंचे। रात करीब 9 बजे ईश्वर, उनकी पत्नी टीना और ढाई वर्षीय बेटे आर्यन ने साथ बैठकर मिठाई खाई। उस समय परिवार को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद तीनों की तबीयत अचानक बिगड़ जाएगी। रात करीब 12 से 1 बजे के बीच परिवार के तीनों सदस्यों को उल्टी-दस्त होने लगे। शुरुआत में स्थानीय डॉक्टरों से उपचार कराया गया, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। सुबह 5 बजे मंदसौर ले गए, उपचार के दौरान मासूम ने तोड़ा दम बच्चे की हालत लगातार बिगड़ने पर परिजन सुबह करीब 5 बजे उसे उपचार के लिए मंदसौर लेकर पहुंचे। अस्पताल में इलाज के दौरान ढाई साल के आर्यन की मौत हो गई। बच्चे के माता-पिता भी बीमार हैं और मंदसौर के अस्पताल में उनका उपचार जारी है। एक ही परिवार के तीन लोगों की तबीयत बिगड़ने और मासूम की मौत से गांव में शोक का माहौल है। परिजनों ने मिठाई खाने के बाद तबीयत बिगड़ने का आरोप लगाया है। हालांकि बच्चे की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। जावरा की नमकीन दुकान पर पहुंचे ग्रामीण, पुलिस ने संभाली स्थिति घटना की जानकारी मिलने के बाद बिनोली गांव के बड़ी संख्या में लोग जावरा की पुरानी धान मंडी स्थित देवश्री नमकीन भंडार पहुंच गए। ग्रामीणों ने दुकान से खरीदी गई मिठाई को लेकर सवाल उठाए और नाराजगी जताई। दुकान पर हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश देकर मामला शांत करवाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। परिजनों का आरोप- दुकानदार ने 1500 रुपये देकर बची मिठाई वापस ली मृतक आर्यन के ताऊ गोपाल गिरी गोस्वामी और चाचा कालू गिरी गोस्वामी ने दुकान संचालक को लेकर आरोप लगाए हैं। परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद वे बची हुई करीब आधा किलो मिठाई लेकर दुकान पर पहुंचे थे। यहां दुकानदार से उपचार के खर्च को लेकर बातचीत हुई। उनका आरोप है कि दुकानदार ने 1500 रुपये दिए और बची हुई मिठाई वापस ले ली। परिजनों ने यह भी दावा किया कि बाद में दुकान से संबंधित मिठाई का बैच हटा दिया गया। ये सभी आरोप परिजनों की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित परिस्थितियों की जांच अभी बाकी है। खाद्य विभाग ने दुकान से मिठाई और लौंग सेव के सैंपल लिए मामला सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी ज्योति बघेल ने देवश्री नमकीन भंडार का निरीक्षण किया। जांच के दौरान दुकान संचालक सत्यनारायण अग्रवाल भी मौजूद थे। निरीक्षण में दुकान पर मावा और शक्कर से बनी करीब पांच किलो मिठाई संग्रहित मिली। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिठाई के साथ लौंग सेव के नमूने भी लिए। दोनों खाद्य पदार्थों के सैंपल परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में कोई कमी थी या नहीं। फिलहाल मिठाई के दूषित होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा मौत का कारण रिंगनोद थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह जादौन के अनुसार, मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और मिठाई की जांच के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। बच्चे की मौत और माता-पिता की तबीयत बिगड़ने के बीच वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मेडिकल और खाद्य परीक्षण रिपोर्ट महत्वपूर्ण होंगी। जांच रिपोर्ट पर टिकी आगे की कार्रवाई बिनोली गांव की इस घटना ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मासूम की मौत के बाद परिवार सदमे में है, जबकि उसके माता-पिता का उपचार जारी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि परिवार के तीनों सदस्यों की तबीयत बिगड़ने का कारण मिठाई ही थी या कोई अन्य वजह। पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और खाद्य विभाग की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।

Ratlam News: रतलाम में थाने के अंदर मचा हड़कंप: दो किशोरियों ने खुद पर डाला तेल, पुलिस से झूमाझटकी

Ratlam News: रतलाम के दीनदयाल नगर थाने में दो किशोरियों ने खुद पर तेल डालकर आत्मदाह की धमकी दी। पड़ोसी परिवारों के विवाद में पुलिस से झूमाझटकी हुई। पुलिस जांच में जुटी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के दीनदयाल नगर पुलिस थाने में दो पड़ोसी परिवारों के बीच चल रहा विवाद अचानक हंगामे में बदल गया। थाने पहुंची दो किशोरियों ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने की धमकी दे दी। इस घटनाक्रम से थाने में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। किशोरियों को रोकने के लिए पुलिसकर्मी आगे बढ़े तो धक्का-मुक्की के दौरान एक पुलिसकर्मी गिर गया। थाना प्रभारी अनुराग यादव के साथ भी झूमाझटकी हुई। घटना के दौरान मौजूद एक युवक पर किशोरियों को उकसाने और पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो देखे मामला टांक समाज के दो पड़ोसी परिवारों के बीच पिछले दो दिनों से चल रहे विवाद से जुड़ा है। दोनों पक्षों की शिकायतों पर पुलिस पहले ही अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर चुकी थी। इसके बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ और मामला थाने में हंगामे तक पहुंच गया। दो दिन से चल रहा था पड़ोसी परिवारों के बीच विवाद जानकारी के अनुसार, दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले टांक समाज के दो पड़ोसी परिवारों के बीच विवाद चल रहा है। दोनों परिवारों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने 8 अक्टूबर को एक पक्ष की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। शिकायत में गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद शुक्रवार को दोनों परिवारों के बीच फिर विवाद हुआ। दूसरे पक्ष ने भी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। इसमें पड़ोसी परिवार के सदस्यों पर युवती की बहन को थप्पड़ मारने, बार-बार विवाद करने और परेशान करने के आरोप लगाए गए। दोनों पक्षों की शिकायतों को देखते हुए पुलिस ने अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। थाने में खुद पर डाला ज्वलनशील पदार्थ, आत्मदाह की धमकी विवाद को लेकर पुलिस ने दोनों परिवारों को थाने बुलाया था, ताकि उनका पक्ष सुना जा सके। इसी दौरान स्थिति अचानक बिगड़ गई। थाने पहुंची दो किशोरियों ने अपने ऊपर तेल जैसा ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया और आत्मदाह करने की धमकी देने लगीं। यह देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी उन्हें रोकने के लिए आगे बढ़े। किशोरियों को रोकने के प्रयास में एक पुलिसकर्मी गिर गया। हंगामे के दौरान थाना प्रभारी अनुराग यादव के साथ भी झूमाझटकी होने की बात सामने आई है। घटना के चलते कुछ समय के लिए थाने में तनावपूर्ण माहौल बन गया। युवक पर किशोरियों को उकसाने और वीडियो बनाने का आरोप पूरे घटनाक्रम में एक युवक की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं। आरोप है कि युवक किशोरियों को उकसा रहा था और थाने में हो रहे हंगामे का वीडियो भी बना रहा था। पुलिस के अनुसार, किशोरियों और युवक ने आत्मदाह की धमकी देकर पुलिस पर दबाव बनाने का प्रयास किया। हालांकि, युवक की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। थाना प्रभारी बोले- दोनों पक्षों को दिया था अपनी बात रखने का मौका दीनदयाल नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव के अनुसार, दोनों परिवारों की शिकायतों पर पुलिस ने नियमानुसार प्रकरण दर्ज किए थे। इसके बाद दोनों पक्षों को थाने बुलाकर अपनी बात रखने का अवसर भी दिया गया। इसके बावजूद थाने में आत्मदाह की धमकी और पुलिसकर्मियों के साथ झूमाझटकी जैसी स्थिति बन गई। थाना प्रभारी के मुताबिक, युवक के साथ आई किशोरियों ने पुलिस पर दबाव बनाने का प्रयास किया। पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच जारी पड़ोसी परिवारों के बीच शुरू हुआ विवाद अब पुलिस थाने में हुए हंगामे के कारण और गंभीर हो गया है। एक तरफ दोनों परिवारों ने एक-दूसरे पर मारपीट और परेशान करने के आरोप लगाए हैं, तो दूसरी तरफ थाने में आत्मदाह की धमकी देने और पुलिसकर्मियों से झूमाझटकी का मामला सामने आया है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों के साथ थाने में हुए घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच के बाद ही संबंधित लोगों की भूमिका और आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।

Ratlam News: रतलाम में कपास और मक्का की आड़ में उगा रहे थे गांजा, पुलिस पहुंची तो भागने लगे दो युवक; खेत से मिले 127 पौधे 

Ratlam News: रतलाम के शिवगढ़ क्षेत्र में पुलिस ने कपास और मक्का की फसल के बीच उगाए गए गांजे के 127 पौधे जब्त किए। डेढ़ लाख की कीमत के पौधों के साथ दो आरोपी गिरफ्तार हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र में अवैध गांजे की खेती का मामला सामने आया है। यहां ग्राम जाम्बुकुड़ी में कपास और मक्का की फसल के बीच गांजे के पौधे उगाए जा रहे थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने खेत में दबिश दी तो वहां काम कर रहे दो युवक भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। खेत की तलाशी लेने पर पुलिस को अलग-अलग स्थानों पर गांजे के 127 हरे पौधे मिले। इनका कुल वजन 17 किलो 25 ग्राम निकला, जबकि अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 50 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने सभी पौधे जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई 9 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में की गई। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मुखबिर ने दी थी खेत में गांजा उगाने की सूचना शिवगढ़ थाना पुलिस को 9 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि ग्राम जाम्बुकुड़ी निवासी प्रभुलाल पारगी ने अपने खेत में अवैध रूप से गांजे के पौधे लगा रखे हैं। सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी निरीक्षक लिलियन मालवीय के नेतृत्व में पुलिस टीम तैयार की गई। टीम ने गांव पहुंचकर संबंधित खेत की घेराबंदी की और दबिश दी। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान खेत में दो व्यक्ति काम करते दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने पंचों और पुलिस बल की सहायता से उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों की पहचान प्रभुलाल पिता रखमा पारगी (35), निवासी जाम्बुकुड़ी और प्रकाश पिता विश्राम देवधा (29), निवासी मनासा, हाल मुकाम जाम्बुकुड़ी के रूप में हुई। कपास और मक्का की फसल के बीच अलग-अलग जगह लगाए थे पौधे पुलिस ने जब खेत की तलाशी ली तो कपास और मक्का की फसल के बीच अलग-अलग स्थानों पर गांजे जैसे हरे पौधे दिखाई दिए। इसके बाद पंचों की मौजूदगी में पौधों की पहचान और गिनती की गई। खेत से कुल 127 पौधे बरामद हुए। इनका वजन 17.025 किलोग्राम पाया गया। पुलिस ने जब्त पौधों की अनुमानित कीमत करीब डेढ़ लाख रुपए आंकी है। प्रारंभिक कार्रवाई में सामने आया कि गांजे के पौधे सामान्य फसलों के बीच उगाए गए थे। दो आरोपी गिरफ्तार, एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज शिवगढ़ पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों में प्रभुलाल पिता रखमा पारगी, उम्र 35 वर्ष, ग्राम जाम्बुकुड़ी का निवासी है। दूसरा आरोपी प्रकाश पिता विश्राम देवधा, उम्र 29 वर्ष, मूल रूप से ग्राम मनासा का रहने वाला है और वर्तमान में जाम्बुकुड़ी में रह रहा था। पुलिस अब अवैध खेती से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। पौधे कब लगाए गए थे और इनके संबंध में अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं, इन पहलुओं को लेकर जांच की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं की गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई रतलाम जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती, बिक्री और तस्करी रोकने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। जाम्बुकुड़ी में हुई कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विवेक कुमार लाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर राकेश पन्द्रो और एसडीओपी रतलाम ग्रामीण किशोर पाटनवाला के मार्गदर्शन में की गई। एसडीओपी सैलाना लेखराज मीणा (आईपीएस) के नेतृत्व में शिवगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक लिलियन मालवीय और उनकी टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई में उपनिरीक्षक प्रतापसिंह भदोरिया, उपनिरीक्षक अजमेरसिंह भुरिया, प्रधान आरक्षक जितेन्द्रपालसिंह राठौर, विक्रमसिंह घोसरे, रघुवीर सिंह, आरक्षक अनिल सूर्यवंशी, मनीष खराड़ी, महिला आरक्षक सावित्री मकवाने और रेणु डावर की भूमिका रही। अवैध खेती से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी शिवगढ़ क्षेत्र में सामने आए इस मामले के बाद पुलिस ने जब्त पौधों को प्रकरण में शामिल कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है। फिलहाल दो आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि हुई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध खेती से जुड़े अन्य तथ्य क्या हैं। कपास और मक्का की फसल के बीच गांजे के पौधे मिलने की इस कार्रवाई ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में मादक पदार्थों की अवैध खेती का मामला सामने ला दिया है।

रतलाम के रॉयल कॉलेज में फ्रेशर्स पार्टी की धूम, फार्मेसी विद्यार्थियों को मिले सफलता के तीन मूलमंत्र 

रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। रतलाम के रॉयल कॉलेज में फार्मेसी के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत के लिए भव्य फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन किया गया। नए छात्र-छात्राओं का फूलों और स्वागत गीतों के साथ अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, डांस, ड्रामा और रैंप वॉक ने समां बांध दिया। विद्यार्थियों के उत्साह और रंगारंग प्रस्तुतियों से पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। समारोह की अध्यक्षता रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज (रॉयल कॉलेज) के चेयरमैन प्रमोद गुगालिया ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता हासिल करने के तीन महत्वपूर्ण मूलमंत्र दिए। साथ ही आगामी दिनों में विद्यार्थियों के लिए कर्नाटक और गोवा के शैक्षणिक भ्रमण की घोषणा भी की। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बांधा समां फ्रेशर्स पार्टी में विद्यार्थियों ने सोलो डांस, ग्रुप डांस, ड्रामा और रैंप वॉक सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। आकर्षक प्रस्तुतियों ने अतिथियों और विद्यार्थियों का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम में चिकित्सक डॉ. नेहा सराफ, साइकोलॉजिस्ट एवं शिक्षाविद डॉ. वेणु शर्मा, शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रतलाम की सहायक प्राध्यापक डॉ. आशा राजपुरोहित और वर्चुअस वैली इंटरनेशनल स्कूल एवं किड्जी स्कूल की प्रधान अध्यापिका प्रियंका पांडेय अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। चेयरमैन प्रमोद गुगालिया ने दिए सफलता के तीन मूलमंत्र विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए चेयरमैन प्रमोद गुगालिया ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिज्ञासा, असफलताओं से सीखने की क्षमता और जीवन में संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को तीन महत्वपूर्ण संदेश दिए। पहला मूलमंत्र ‘स्टे क्यूरियस’ यानी हमेशा जिज्ञासु बने रहना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नई चीजें सीखने और सवाल पूछने की आदत विकसित करनी चाहिए। किसी भी विषय को समझने के लिए उसके बारे में गहराई से जानकारी प्राप्त करना जरूरी है। दूसरा मूलमंत्र ‘इम्ब्रेस फेलियर’ यानी असफलता को स्वीकार कर आगे बढ़ना है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर नई ऊर्जा और मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए। तीसरा मूलमंत्र ‘मेंटेन बैलेंस इन लाइफ’ यानी जीवन में संतुलन बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ खेलकूद, सामाजिक गतिविधियों और परिवार को भी पर्याप्त समय देना चाहिए। जीवन के विभिन्न पहलुओं में संतुलन बनाकर ही सर्वांगीण विकास संभव है। कर्नाटक और गोवा के शैक्षणिक भ्रमण की घोषणा कार्यक्रम के दौरान चेयरमैन प्रमोद गुगालिया ने आगामी दिनों में रॉयल कॉलेज के विद्यार्थियों को कर्नाटक और गोवा के शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाने की घोषणा की। यह घोषणा सुनते ही विद्यार्थियों में उत्साह की लहर दौड़ गई और पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। मिस्टर और मिस फ्रेशर को किया सम्मानित फ्रेशर्स पार्टी के दौरान जूरी सदस्यों ने विभिन्न गतिविधियों में विद्यार्थियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया। इस अवसर पर मिस्टर फ्रेशर और मिस फ्रेशर के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन देवांश सोनी, निहाल वर्मा, सलीना खान, नमिता पटीवाला, निगार खान, मेघा जटिया, यशस्वी जोशी और वंशिका बैरागी सहित अन्य विद्यार्थियों ने किया। समारोह में कॉलेज के डायरेक्टर, सभी विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर कॉलेज प्रशासक प्रोफेसर दिनेश राजपुरोहित ने अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।

Ratlam News: रतलाम स्टेशन के बाहर कार में मिला ड्राइवर का शव, तीन दिन से घर नहीं गया था युवक

Ratlam News: रतलाम रेलवे स्टेशन के बाहर कार में ड्राइवर का शव मिलने से हड़कंप मच गया। कार से जहरीले पदार्थ के पाउच मिले हैं। जीआरपी जांच कर रही है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 के बाहर बुधवार सुबह एक कार में ड्राइवर का शव मिलने से सनसनी फैल गई। वाहन अधिकारी विश्राम गृह के सामने खड़ा था। करीब 10:15 बजे वाहन मालिक प्रेमसिंह कार के पास पहुंचे तो बीच वाली सीट पर ड्राइवर हेमंत पिता दातारसिंह का शव मिला। सूचना मिलते ही जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और कार की जांच शुरू की। तलाशी के दौरान कार में हेमंत के कपड़े, पानी की बोतल और जहरीले पदार्थ के तीन पाउच मिले। कार के अंदर और बाहर उल्टी के निशान भी मिले हैं। प्रारंभिक जांच में जीआरपी ने जहरीला पदार्थ खाने की आशंका जताई है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। तीन दिन से घर नहीं गया था हेमंत जीआरपी की प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद की जानकारी भी सामने आई है। परिजनों के अनुसार हेमंत पिछले तीन दिनों से घर नहीं गया था। हेमंत जिस वाहन को चलाता था, वह रेलवे में अटैच था। इसी वजह से उसका ड्राइविंग के काम से बाहर रहना भी होता था। वाहन मालिक के मुताबिक हेमंत पिछले करीब तीन साल से उनकी गाड़ी चला रहा था। कार में मिले जहरीले पदार्थ के पाउच मौके पर पहुंची जीआरपी ने कार की बारीकी से जांच की। हेमंत का शव कार की बीच वाली सीट पर मिला। जांच के दौरान कार से उसके कपड़े, पानी की बोतल और जहरीले पदार्थ के तीन पाउच बरामद हुए। पुलिस को कार के अंदर और बाहर उल्टी के निशान भी मिले हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रारंभिक तौर पर जहरीला पदार्थ खाने की आशंका व्यक्त की गई है। शव मेडिकल कॉलेज भेजा गया मौके पर जांच और आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद जीआरपी ने करीब 11:15 बजे शव को ऑटो रिक्शा के जरिए मेडिकल कॉलेज भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। शव की पहचान होने के बाद हेमंत की पत्नी, मां और अन्य परिजन भी मौके पर पहुंचे। जीआरपी ने शुरू की जांच शव मिलने की सूचना पर जीआरपी थाना प्रभारी सोहनलाल पाटीदार, जीआरपी चौकी प्रभारी रामपाल इवने और एसएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल मौके पर पहुंचे। जीआरपी थाना प्रभारी सोहनलाल पाटीदार के अनुसार, प्रारंभिक जांच में जहरीला पदार्थ खाने की बात सामने आई है और कार से इसके पाउच भी मिले हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है।

Ratlam News: रतलाम में छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में अतिथि शिक्षक से मारपीट, पेड़ से बांधकर पीटा

Ratlam News: रतलाम के ताल में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में अतिथि शिक्षक को ग्रामीणों ने पेड़ से बांधकर पीटा। पुलिस ने पॉक्सो में केस दर्ज किया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के ताल थाना क्षेत्र में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप के बाद अतिथि शिक्षक के साथ ग्रामीणों द्वारा मारपीट का वीडियो सामने आया है। वीडियो में कुछ लोग शिक्षक को पेड़ से बांधकर चांटे मारते और रस्सी से पीटते दिखाई दे रहे हैं। शिक्षक खुद को छोड़ने की गुहार लगाता नजर आ रहा है। घटना 3 अक्टूबर की बताई जा रही है, जबकि मारपीट का वीडियो मंगलवार को सामने आया। ग्रामीणों के अनुसार, अतिथि शिक्षक ने छात्रा को बहाने से बुलाया और बाद में उसे एक झोपड़ी में ले गया। आरोप है कि वहां उसने छात्रा के साथ छेड़छाड़ की। छात्रा के शोर मचाने पर उसके स्वजन मौके पर पहुंचे और शिक्षक को पकड़ लिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शिक्षक को ग्रामीणों से छुड़ाकर थाने ले गई। मामले में छात्रा के स्वजन की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई है। छात्रा को बुलाकर झोपड़ी में ले जाने का आरोप पुलिस के अनुसार, 21 वर्षीय योगेंद्र जाटव मूल रूप से मुरैना जिले के शेरपुर गांव का रहने वाला है। वर्तमान में वह रतलाम के खारवाकला में किराये के मकान में रह रहा था। योगेंद्र पास के पिपल्या तुखार गांव के शासकीय प्राथमिक स्कूल में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्यरत था। ग्रामीणों के मुताबिक, उसने नाबालिग छात्रा को मिलने के लिए बुलाया था। इसके बाद उसे एक झोपड़ी में ले जाने और वहां छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया है। छात्रा के शोर मचाने के बाद उसके स्वजन मौके पर पहुंचे। इसके बाद ग्रामीणों ने शिक्षक को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की। पेड़ से बांधकर पीटने का वीडियो सामने आया घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद शिक्षक के साथ हुई मारपीट भी जांच के दायरे में आ गई है। वीडियो में शिक्षक को पेड़ से बांधा गया है और कुछ लोग उसके साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। शिक्षक रोते हुए छोड़ने की गुहार लगाता है, लेकिन लोग उसे पीटते नजर आते हैं। पुलिस अब वीडियो के आधार पर मारपीट में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। शिक्षक ने भी पुलिस में दर्ज कराई शिकायत मामले में शिक्षक की ओर से भी ताल थाने में शिकायत की गई है। शिकायत के मुताबिक, 3 अक्टूबर को दोपहर करीब 1:30 बजे वह स्कूल से लंच के दौरान अपनी पहचान की एक लड़की से मिलने गया था। शिक्षक का कहना है कि करीब 2:45 बजे खारवा की एक कोठड़ी के पास दो लोगों ने उसे रोक लिया। दोनों ने गाली-गलौज करते हुए उससे पूछा कि वह उनके गांव की लड़की से मिलने क्यों आया है। शिकायत के अनुसार, गाली देने से मना करने पर एक व्यक्ति ने लकड़ी और दूसरे ने रस्सी से उसके साथ मारपीट की। दोनों ने दोबारा गांव की किसी लड़की से मिलने आने पर जान से खत्म करने की धमकी भी दी। शिक्षक ने दोनों लोगों को पहचानने से इनकार किया है। उसकी शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। छात्रा के स्वजन की शिकायत पर पॉक्सो में केस दूसरी ओर, छात्रा के स्वजन की शिकायत पर योगेंद्र जाटव के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर सोमवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। ताल थाना प्रभारी स्वराज डाबी ने बताया कि शिक्षक के साथ मारपीट का वीडियो पुलिस के सामने आया है। वीडियो के आधार पर मारपीट करने वालों की पहचान की जा रही है। पुलिस दोनों पक्षों के मामलों की कर रही जांच इस मामले में एक तरफ नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में अतिथि शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई हुई है। दूसरी ओर, शिक्षक की शिकायत पर उसके साथ मारपीट और धमकी देने वालों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब वीडियो फुटेज और शिकायतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। छात्रा से जुड़े मामले में कानूनी प्रक्रिया और शिक्षक से मारपीट के मामले में आरोपितों की पहचान दोनों पहलुओं पर कार्रवाई जारी है।

Ratlam News: लॉ कॉलेज विवाद में FIR के विरोध में विहिप-बजरंग दल का प्रदर्शन, 5 दिन में जांच का आश्वासन

Ratlam News: रतलाम लॉ कॉलेज विवाद में दर्ज FIR के विरोध में विहिप-बजरंग दल ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने निष्पक्ष जांच और केस निरस्त करने की मांग की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के डॉ. कैलाश नाथ काटजू लॉ कॉलेज में गणेशोत्सव के दौरान हुए विवाद को लेकर सोमवार को विहिप और बजरंग दल ने प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कालिका माता मंदिर परिसर में जुटे और यहां से वाहन रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारीयो ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बजरंग दल के दो पदाधिकारियों सहित तीन लोगों पर दर्ज प्रकरण को एकतरफा बताया। उनकी मांग थी कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर FIR निरस्त की जाए। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद कार्यकर्ता सीढ़ियों और परिसर में जमीन पर बैठ गए। इस दौरान तीन बार हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत और एएसपी विवेक कुमार को सौंपा गया। अधिकारियों ने मामले की पांच दिन में जांच का आश्वासन दिया। गरबा कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ था विवाद लॉ कॉलेज में गणेशोत्सव के दौरान विद्यार्थियों के लिए करीब 10 दिन तक अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इसी दौरान गरबा कार्यक्रम को लेकर विवाद की स्थिति बनी। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज पहुंचकर वहां कपल गरबा आयोजित किए जाने का आरोप लगाया था और कार्यक्रम बंद कराया था। कॉलेज प्रबंधन ने कपल गरबा होने से इनकार करते हुए कार्यक्रम को सांस्कृतिक आयोजन बताया था। इसके बाद कॉलेज परिसर में हंगामा हुआ। अगले दिन कॉलेज के विद्यार्थी और स्टाफ कलेक्ट्रेट तथा एसपी कार्यालय पहुंचे और कॉलेज में पहुंचकर हंगामा करने वालों के खिलाफ शिकायत की। इसके अगले दिन भी कॉलेज में विवाद की स्थिति बनी, जिसमें विद्यार्थी, पदाधिकारी और कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए थे। संगठन ने FIR को बताया एकतरफा विहिप और बजरंग दल की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि कुछ कार्यकर्ता पुलिस को सूचना देने के बाद धार्मिक कार्यक्रम को लेकर अपनी बात रखने कॉलेज पहुंचे थे। संगठन का दावा है कि उनका उद्देश्य किसी छात्र, शिक्षक या कर्मचारी से विवाद करना नहीं था। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी, तोड़फोड़ या बदसलूकी नहीं की। संगठन के अनुसार, पुलिस की मौजूदगी में कॉलेज के प्राचार्य से बातचीत हुई थी। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रशासन की ओर से लगाए गए आरोपों की प्रमाण सहित जांच कराने की मांग की है। CCTV फुटेज की जांच की मांग संगठन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कॉलेज में लगे CCTV फुटेज की जांच किए बिना एकतरफा कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की। ज्ञापन में कहा गया कि पूरे घटनाक्रम से जुड़े वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाए। साथ ही कॉलेज प्रशासन और मामले में जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करने की मांग रखी गई। विहिप और बजरंग दल ने दर्ज प्रकरण को निरस्त करने के साथ ही मामले में निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। पांच दिन में जांच का आश्वासन प्रदर्शन के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत और एएसपी विवेक कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों की ओर से पूरे मामले की जांच पांच दिन में करने का आश्वासन दिया गया है। अब जांच के दौरान कॉलेज विवाद से जुड़े आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और घटनाक्रम की परिस्थितियों की समीक्षा की जाएगी।

Ratlam News: रतलाम में नारकोटिक्स TI बताकर 4.50 लाख लेने का आरोप, सपना ठाकुर के खिलाफ छठी शिकायत

रतलाम में सपना ठाकुर के खिलाफ एक और शिकायत सामने आई है। इमरान खान ने नारकोटिक्स TI बताकर 4.50 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में चर्चित ठगी के मामलों में सामने आई सपना ठाकुर के खिलाफ एक और शिकायत पुलिस तक पहुंची है। इंदौर जिले के पीथमपुर-सागौर निवासी इमरान खान ने आरोप लगाया है कि सपना ने खुद को रतलाम-मंदसौर में नारकोटिक्स विभाग की टीआई बताया और उनके भाई सलमान से जुड़े मामले में पुलिस कार्रवाई कराने का भरोसा दिया। इमरान के अनुसार इस काम के बदले पहले 5 लाख रुपये की बात हुई थी। बाद में रकम घटाकर 4.50 लाख रुपये तय की गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि 18 जून को बिलपांक टोल के पास उसने सपना ठाकुर को 4.50 लाख रुपये दिए, लेकिन रकम लेने के बाद उसने फोन उठाना बंद कर दिया। इमरान गुरुवार को बिलपांक थाने पहुंचा और शिकायत के साथ मामले से जुड़े साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही। पुलिस ने लिखित शिकायत और साक्ष्यों के आधार पर जांच कर कार्रवाई की बात कही है। चोइथराम अस्पताल में हुई थी मुलाकात इमरान ने अपनी शिकायत में बताया कि 30 मई को वह इंदौर के चोइथराम अस्पताल में मौजूद था। उस समय उसका घायल भाई सलमान अस्पताल में भर्ती था। इसी दौरान उसकी मुलाकात सपना ठाकुर से हुई। शिकायत के मुताबिक सपना ने खुद को नारकोटिक्स विभाग की टीआई बताते हुए सलमान के मामले में प्रभावी पुलिस कार्रवाई कराने का भरोसा दिया। इमरान का आरोप है कि सपना ने पुलिस और न्यायालय में मजिस्ट्रेट व बाबू से अपने संपर्क होने की बात भी कही थी। इमरान के अनुसार बातचीत आगे बढ़ने पर पहले 5 लाख रुपये की मांग की गई। बाद में सपना ने कथित तौर पर बताया कि बाबू से बात हो गई है और 4.50 लाख रुपये में काम हो जाएगा। बिलपांक टोल के पास दिए 4.50 लाख रुपये इमरान का दावा है कि 18 जून को बिलपांक टोल के पास उसने सपना ठाकुर को 4.50 लाख रुपये दिए थे। इसके बाद जब उसने मामले में कार्रवाई के बारे में जानकारी लेने के लिए संपर्क किया तो फोन उठाना बंद कर दिया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार बाद में कभी पोस्टिंग बदलने तो कभी बच्चे के ऑपरेशन का हवाला देकर बातचीत टाली जाती रही। इमरान ने वॉट्सऐप पर भी रकम देने और काम नहीं होने को लेकर संदेश भेजे थे। इमरान का कहना है कि उसके पास सपना के साथ हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग और वॉट्सऐप संदेश मौजूद हैं, जिन्हें वह पुलिस जांच में उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। सलमान से जुड़े मामले का क्या है कनेक्शन? इमरान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 30 मई को मस्जिद के सफाईकर्मी नौशाद को काम से हटाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। शिकायत के अनुसार, वारदात वाले दिन जामा मस्जिद के सदर शमशुद्दीन नमाज पढ़ने जा रहे थे, तभी आरोपितों ने उन्हें घेर लिया। इस घटनाक्रम में सलमान घायल हुआ था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इमरान के मुताबिक इसी दौरान सपना अपनी बेटी के इलाज के लिए अस्पताल आई थी और वहीं उससे मुलाकात हुई थी। सपना ठाकुर के खिलाफ अब तक छह शिकायतें सपना ठाकुर के खिलाफ यह छठी शिकायत बताई जा रही है। इससे पहले भी उसके खिलाफ अलग-अलग मामलों में शिकायतें सामने आ चुकी हैं। सबसे चर्चित मामले में प्रॉपर्टी कारोबारी रुपेश चपरोत से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप सामने आया था। आरोप है कि सपना ने खुद को नारकोटिक्स विभाग की टीआई बताकर कारोबारी से संपर्क किया था। उस मामले के सामने आने के बाद सपना के खिलाफ अन्य शिकायतें भी पुलिस तक पहुंचीं। अब अलग-अलग जिलों से आई शिकायतों को पुलिस आपस में जोड़कर देख रही है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि इन मामलों के पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है या नहीं। इस संबंध में अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। बिलपांक पुलिस ने क्या कहा? बिलपांक थाना प्रभारी अय्यूब खान के अनुसार, इमरान शिकायत लेकर थाने आए थे। उन्हें साक्ष्यों के साथ लिखित शिकायत देने के लिए कहा गया है। थाना प्रभारी ने कहा कि मामले को जांच में लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Ratlam News: रतलाम में सरकारी जमीन पर गांजे की खेती का भंडाफोड़, 2,948 पौधे जब्त

Ratlam News: रतलाम के सरवन थाना क्षेत्र के उण्डेर में सरकारी जमीन पर गांजे की अवैध खेती पकड़ी गई। पुलिस ने 2,948 पौधे जब्त किए, वजन 724 किलो है। रतलाम- पब्लिक वार्ता  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सरवन थाना क्षेत्र के ग्राम उण्डेर में पुलिस टीम ने सरकारी जमीन पर की जा रही गांजे की अवैध खेती का खुलासा किया है। यहां कपास और मक्का की फसल के बीच बड़ी संख्या में गांजे के पौधे उगाए गए थे। मुखबिर से मिली सूचना के बाद सरवन, सैलाना और बाजना थाने की पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से इलाके में सर्चिंग की। पहाड़ी किनारे स्थित खेतों के आसपास तलाशी के दौरान गांजे के पौधे मिले, जिन्हें पुलिस ने नियमानुसार जब्त कर लिया। पुलिस के अनुसार मौके से कुल 2,948 हरे गांजे के पौधे जब्त किए गए हैं। इनका कुल वजन करीब 724 किलोग्राम बताया गया है। पुलिस ने मामले में NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। उण्डेर में पहाड़ी किनारे चल रही थी खेती पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम उण्डेर क्षेत्र में अवैध रूप से गांजे की खेती की जा रही है। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस टीमों ने गांव के पहाड़ी किनारे और आसपास के खेतों में सर्चिंग की। तलाशी के दौरान कपास और मक्का की फसल के बीच गांजे के हरे पौधे दिखाई दिए। जांच में यह भूमि शासकीय होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मौके से पौधों को उखड़वाकर जब्त किया और उनका वजन कराया। जब्त पौधों की संख्या 2,948 और कुल वजन करीब 724 किलोग्राम बताया गया है। आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गांजे की खेती शासकीय भूमि पर की जा रही थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जमीन पर खेती कौन कर रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस के अनुसार जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान के बाद उन्हें प्रकरण में आरोपी बनाया जाएगा। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका तय कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जांच का दायरा केवल खेती करने वाले लोगों तक सीमित नहीं है। पुलिस गांजे की इस अवैध खेती से जुड़े अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। तीन थानों की टीम ने की कार्रवाई कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम शहर राकेश पंद्रो और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम ग्रामीण विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन में टीमों ने कार्रवाई की। सैलाना SDOP लेखराज मीणा के नेतृत्व में सरवन, सैलाना और बाजना थानों की पुलिस टीमों ने क्षेत्र में सर्चिंग की। कार्रवाई में थाना प्रभारी सरवन निरीक्षक अर्जुन सेमलिया, थाना प्रभारी सैलाना निरीक्षक पिंकी आकाश, थाना प्रभारी बाजना निरीक्षक रविन्द्र दण्डोतिया सहित पुलिस अधिकारियों, थाना स्टाफ और साइबर टीम की भूमिका रही। 724 किलो पौधे, कीमत को लेकर पुलिस की जानकारी पुलिस की ओर से जारी जानकारी में जब्त गांजे के पौधों का वजन करीब 724 किलोग्राम बताया गया है। प्रेस नोट में कीमत को लेकर अलग-अलग आंकड़े दर्ज हैं—एक स्थान पर करीब 70 लाख रुपये और दूसरे स्थान पर करीब 7 लाख रुपये का उल्लेख है। इसलिए इस खबर में जब्त सामग्री की कीमत को निश्चित आंकड़े के रूप में नहीं रखा गया है। आधिकारिक रिकॉर्ड में कीमत की पुष्टि होने के बाद ही इसे अंतिम रूप से बताया जाना उचित होगा। नशे की खेती और तस्करी पर पुलिस का फोकस रतलाम पुलिस का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के साथ-साथ नशीले पदार्थों की अवैध खेती पर भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार की पूरी श्रृंखला—उत्पादन, परिवहन और बिक्री—पर रोक लगाना है। उण्डेर में हुई कार्रवाई को इसी अभियान का हिस्सा बताया गया है।

Ratlam News: रतलाम में फर्जी नारकोटिक्स टीआई बनकर कारोबारी से 3.45 करोड़ की ठगी का आरोप, मकान-प्लॉट भी अपने नाम 

Ratlam News: रतलाम में खुद को नारकोटिक्स टीआई बताकर महिला पर प्रॉपर्टी कारोबारी से 3.45 करोड़ रुपये ठगने, मकान और प्लॉट अपने नाम कराने का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया केस। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क| Ratlam News: रतलाम में खुद को नारकोटिक्स विभाग की टीआई बताकर एक प्रॉपर्टी कारोबारी से करोड़ों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। माणकचौक थाना पुलिस ने तेजानगर निवासी कारोबारी रुपेश चपरोत की शिकायत पर सपना ठाकुर नाम की महिला के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। शिकायत में 3 करोड़ 45 लाख 75 हजार 900 रुपये की धोखाधड़ी के साथ प्लॉट और मकान अपने नाम कराने का आरोप लगाया गया है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, महिला ने कारोबारी को दूसरे व्यक्ति के खिलाफ चल रहे हुंडी की दलाली से जुड़े मामले में कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। उसने कथित तौर पर मकान और फ्लैट कुर्क करवाकर रकम वापस दिलाने का आश्वासन दिया। इसी भरोसे में कारोबारी ने महिला को लाखों रुपये दिए और बाद में अपनी संपत्ति भी उसके नाम करवा दी। शिकायत में यह भी आरोप है कि महिला ने कारोबारी और उसकी बेटी को झूठे एनडीपीएस केस में फंसाने तथा जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल ये सभी आरोप शिकायत पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। कैसे शुरू हुआ ठगी का मामला? रुपेश चपरोत के अनुसार, दिसंबर 2025 में विजय लोढ़ा के खिलाफ हुंडी की दलाली के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का मामला न्यायालय में चल रहा था। इसी दौरान 10 से 15 दिसंबर के बीच उनके मोबाइल पर दो अलग-अलग नंबरों से फोन आए। फोन करने वाली महिला ने अपना नाम सपना ठाकुर बताया और खुद को मंदसौर की नारकोटिक्स टीआई बताया। उसने विजय लोढ़ा के खिलाफ दर्ज एफआईआर की कॉपी मांगी। कारोबारी ने उसके कहने पर एफआईआर की प्रति वाट्सएप से भेज दी। इसके बाद महिला लगातार संपर्क में रही। उसने विजय लोढ़ा के मकान और फ्लैट की कुर्की सहित कानूनी कार्रवाई करवाकर कारोबारी की रकम वापस दिलाने का भरोसा दिया। शिकायत के मुताबिक, इसी प्रक्रिया के नाम पर महिला ने कारोबारी से अलग-अलग समय पर रुपये लेना शुरू कर दिया। नकदी, बैंक ट्रांसफर और उधारीनामा के नाम पर रुपये लेने का आरोप शिकायत में बताया गया है कि मकान और फ्लैट से संबंधित कार्रवाई के नाम पर महिला ने करीब 70 लाख रुपये नकद लिए। इसके अलावा कारोबारी के जीजा कमल मल्लारा को मुंबई के एक मामले में मदद दिलाने का भरोसा देकर 15 लाख रुपये लेने का आरोप भी लगाया गया है। फरवरी 2026 में 42 लाख रुपये का उधारीनामा लिखवाया गया। इसके बाद 22 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से महिला के खाते में ट्रांसफर करवाए गए। स्टाम्प ड्यूटी और अन्य खर्चों के नाम पर 15 लाख रुपये और लेने की बात भी शिकायत में कही गई है। प्लॉट अपने नाम करवाने का भी आरोप रुपेश चपरोत ने शिकायत में आरोप लगाया कि विजय लोढ़ा के खिलाफ चल रहे मामले में उन्हें न्यायालय के सामने उधारीदार दिखाने के लिए प्रमाण की जरूरत बताई गई थी। इसी बहाने सपना ठाकुर ने तुलसी विहार कॉलोनी में स्थित उनका 13 बाय 55 फीट का एलआईजी-06 प्लॉट अपने नाम करवा लिया। महिला ने जल्द ही प्लॉट वापस करने का भरोसा दिया था। इसके बाद नामली रोड क्षेत्र में पेट्रोल पंप शुरू करने और उसमें निवेश करने का प्रस्ताव रखा गया। शिकायत के अनुसार, केसीसी लोन भरने के नाम पर भी करीब 20 लाख रुपये लिए गए। बेटी की शादी के लिए रखे सोने के जेवर भी लेने की शिकायत कारोबारी ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी मुस्कान की शादी के लिए करीब 105 ग्राम सोने के जेवर जमा किए गए थे। आरोप है कि महिला ने ये जेवर भी अपने पास रख लिए। इसके बाद विजय लोढ़ा के मामले में कारोबारी को दिवालिया दिखाने और हाईकोर्ट में केस मजबूत करने की बात कहकर तेजानगर स्थित उनका मकान भी अपने नाम करवा लिया गया। मकान की रजिस्ट्री के बाद 20 लाख रुपये वापस लेने का आरोप शिकायत के मुताबिक, तेजानगर स्थित मकान के बेचाननामा में उसकी कीमत 32 लाख 93 हजार रुपये दर्शाई गई थी। बैंक के माध्यम से 20 लाख रुपये दिए गए। कारोबारी का आरोप है कि रजिस्ट्री के अगले दिन महिला के कहने पर उन्होंने अपने बैंक खातों से 20 लाख रुपये नकद निकालकर उसे वापस दे दिए। महिला ने दस दिन में मकान की रजिस्ट्री फिर से उनके नाम कराने का भरोसा दिया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शिकायत में आरोप है कि महिला ने मकान बेचने के संबंध में एक वीडियो भी बनवाया। उसमें कारोबारी से कहलवाया गया कि उन्होंने अपना मकान 1 करोड़ 30 लाख रुपये में बेच दिया है और उस पर कोई कर्ज या उधारी नहीं है। साथ ही भाई-बहनों को भी बिक्री पर कोई आपत्ति नहीं होने की बात कहलवाई गई। कारोबारी के अनुसार, वीडियो महिला ने खुद बनाया था। बाद में मकान का नामांतरण भी उसके नाम करवा लिया गया। मकान पर ताला लगवाकर खाली करवाने का आरोप रुपेश चपरोत ने शिकायत में बताया कि महिला ने बाद में उनके मकान पर ताले लगवा दिए। उसने कथित तौर पर कहा कि हाईकोर्ट की टीम सर्वे के लिए आने वाली है और उन्हें 15 दिन बाद वापस मकान में आने को कहा। इसके बाद कारोबारी अपनी पत्नी और बेटी के साथ भाई के काटजू नगर स्थित मकान में रहने चले गए। शिकायत के अनुसार, इसके बावजूद महिला लगातार उनसे रुपये मांगती रही। एनडीपीएस केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत कारोबारी ने आरोप लगाया कि अतिरिक्त रुपये देने से इनकार करने पर महिला ने उन्हें और उनकी बेटी को धमकियां दीं। शिकायत के मुताबिक, महिला ने एमडी पाउडर रखकर झूठे एनडीपीएस केस में फंसाने की धमकी दी। इसके अलावा खुद को एनकाउंटर स्पेशलिस्ट बताकर एनकाउंटर करने की बात कहने, बेटी मुस्कान का रिश्ता तुड़वाने और रुपये नहीं देने पर जान से खत्म करने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। मोबाइल फॉर्मेट करवाने और सिम अपने पास रखने का आरोप … Read more

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