PM Kisan की 24वीं किस्त से पहले बड़ा अलर्ट, तुरंत चेक करें स्टेटस, नहीं तो अटक सकते हैं ₹2,000

PM Kisan 24th Installment से पहले अपना Beneficiary Status, e-KYC, आधार और बैंक खाते की जानकारी जरूर जांच लें। छोटी सी गलती से ₹2,000 की किस्त रुक सकती है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) योजना की 24वीं किस्त (PM Kisan 24th Installment) का इंतजार कर रहे करोड़ों किसानों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। यदि आप इस योजना के लाभार्थी हैं, तो अगली ₹2,000 की किस्त आने से पहले अपना Beneficiary Status और e-KYC जरूर जांच लें। कई बार आधार और बैंक खाते की जानकारी में गड़बड़ी, e-KYC अधूरी रहने या आवेदन से जुड़ी तकनीकी त्रुटियों के कारण किस्त समय पर नहीं पहुंच पाती। ऐसे में कुछ मिनट का यह काम आपको भुगतान रुकने की परेशानी से बचा सकता है। अच्छी बात यह है कि किसान घर बैठे अपने मोबाइल से ही यह पता लगा सकते हैं कि उनकी अगली किस्त जारी होगी या नहीं। इसके लिए केवल आधिकारिक पोर्टल पर जाकर स्टेटस चेक करना होगा। PM Kisan Beneficiary Status कैसे चेक करें? यदि आप जानना चाहते हैं कि आपकी अगली किस्त आएगी या नहीं, तो ये आसान स्टेप्स अपनाएं— स्टेटस चेक करते समय इन बातों पर जरूर ध्यान दें यदि स्टेटस में इनमें से कोई समस्या दिखाई देती है, तो उसे जल्द ठीक कराएं— किस्त आने से पहले ये काम जरूर पूरा करें यदि Beneficiary Status में e-KYC, आधार या बैंक खाते से जुड़ी कोई समस्या दिखाई देती है, तो उसे तुरंत ठीक कराना बेहतर रहेगा। इससे अगली ₹2,000 की किस्त आपके खाते में बिना किसी रुकावट के पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा आवेदन की स्थिति भी नियमित रूप से जांचते रहें, ताकि किसी तकनीकी समस्या की जानकारी समय रहते मिल सके। क्या है PM Kisan योजना? प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की प्रमुख किसान कल्याण योजनाओं में शामिल है। इसके तहत पात्र किसानों को हर वर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि ₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है। योजना का उद्देश्य किसानों को खेती और अन्य आवश्यक खर्चों में आर्थिक सहयोग देना है।

MP के रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत: 1 अगस्त से तत्काल टिकट के नए नियम लागू, परिवार को मिलेगी पहली प्राथमिकता

MP 1 अगस्त 2026 से भोपाल मंडल के सभी आरक्षण केंद्रों पर तत्काल टिकट के लिए नई टोकन व्यवस्था लागू होगी। जानिए एसी, नॉन-एसी टोकन समय और नए नियम। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP मध्य प्रदेश के लाखों रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। पश्चिम मध्य रेलवे ने भोपाल मंडल के सभी आरक्षण केंद्रों पर तत्काल टिकट बुकिंग को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नई टोकन व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। यह व्यवस्था 1 अगस्त 2026 से प्रभावी होगी। नई प्रणाली का सबसे बड़ा फायदा उन यात्रियों को मिलेगा जो अपने लिए या अपने परिवार के सदस्यों के लिए तत्काल टिकट बनवाने आरक्षण केंद्र पहुंचेंगे। ऐसे यात्रियों को सबसे पहले मौका दिया जाएगा, जबकि अन्य प्रतिनिधियों को बाद में टिकट बुकिंग की सुविधा मिलेगी। रेलवे का उद्देश्य दलालों की गतिविधियों पर रोक लगाना और आम यात्रियों को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना है। यात्रियों को अब निर्धारित समय पर टोकन लेना होगा और उसी क्रम के अनुसार टिकट बुकिंग की जाएगी। इससे काउंटरों पर भीड़ कम होने और प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित रहने की उम्मीद है। 1 अगस्त से लागू होगी नई टोकन व्यवस्था पश्चिम मध्य रेलवे के अनुसार भोपाल मंडल के सभी आरक्षण केंद्रों पर तत्काल टिकट के लिए टोकन प्रणाली शुरू की जा रही है। हर टोकन पर संबंधित काउंटर नंबर दर्ज रहेगा और उसका पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और एक व्यक्ति द्वारा कई बार टोकन लेकर दलाली करने की संभावना काफी हद तक कम होगी। एसी और नॉन-एसी तत्काल टिकट के लिए अलग समय नई व्यवस्था के तहत एसी और नॉन-एसी तत्काल टिकटों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है। एसी तत्काल टिकट नॉन-एसी तत्काल टिकट जरूरत पड़ने पर रेलवे इन टोकनों की संख्या में बदलाव भी कर सकेगा।  ‘ए’ और ‘बी’ श्रेणी में बांटे जाएंगे टोकन रेलवे ने टोकन को दो अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया है।  ‘ए’ श्रेणी इस श्रेणी में वे यात्री शामिल होंगे जो— इन यात्रियों को स्वप्रमाणित आधार कार्ड या अन्य मान्य पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। आवश्यकता होने पर पारिवारिक संबंध का प्रमाण भी देना पड़ सकता है। ‘बी’ श्रेणी इस श्रेणी में वे प्रतिनिधि शामिल होंगे जो किसी अन्य व्यक्ति की ओर से टिकट बनवाएंगे। उन्हें अपने साथ-साथ संबंधित यात्री का भी स्वप्रमाणित पहचान पत्र जमा करना होगा। पहले परिवार, फिर अन्य प्रतिनिधियों को मिलेगा मौका नई व्यवस्था के अनुसार पहले ‘ए’ श्रेणी के सभी टोकनधारकों का काम पूरा किया जाएगा। इसके बाद ‘बी’ श्रेणी के प्रतिनिधियों को टिकट बुकिंग की अनुमति मिलेगी। रेलवे का मानना है कि इससे वास्तविक यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी और तत्काल टिकट पाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक निष्पक्ष होगी। दलालों पर लगेगी प्रभावी रोक रेलवे ने स्पष्ट किया है कि टोकन पूरी तरह हस्तांतरणीय (Non-Transferable) नहीं होंगे। यानी एक व्यक्ति अपना टोकन किसी दूसरे को नहीं दे सकेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य— रेलवे की पहल से आम यात्रियों को मिलेगा फायदा पश्चिम मध्य रेलवे का कहना है कि नई टोकन व्यवस्था का मकसद वास्तविक यात्रियों को प्राथमिकता देना और तत्काल टिकट प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है, तो भविष्य में अन्य स्थानों पर भी इस तरह की प्रणाली अपनाई जा सकती है।

8th Pay Commission: 15 दिन बाद आयोग ने जारी किया नया शेड्यूल, 7 अगस्त से दिल्ली में होगी अहम बैठक

8th Pay Commission ने 7 और 10 अगस्त को दिल्ली में कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक का कार्यक्रम जारी किया है। जानिए आयोग का नया प्लान और ताजा अपडेट। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। 8th Pay Commission करीब दो सप्ताह तक किसी नई गतिविधि की जानकारी सामने नहीं आने के बाद आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) ने अपना अगला कार्यक्रम सार्वजनिक कर दिया है। इससे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच चल रही अनिश्चितता काफी हद तक दूर हुई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि वेतन संशोधन से जुड़ी प्रक्रिया तय समय के अनुसार आगे बढ़ रही है। 23 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक सूचना के मुताबिक आयोग 7 अगस्त और 10 अगस्त को दिल्ली में पंजीकृत कर्मचारी संगठनों और यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगा। इन बैठकों में विभिन्न संगठनों से सुझाव और मांगों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा तेज थी कि आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई को अन्य जिम्मेदारियां मिलने के कारण वेतन आयोग की रिपोर्ट में देरी हो सकती है। हालांकि आयोग के नए कार्यक्रम ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है। दिल्ली में दो अहम बैठकें करेगा आयोग सरकारी नोटिफिकेशन के अनुसार आयोग ने 7 अगस्त और 10 अगस्त 2026 को दिल्ली में कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें निर्धारित की हैं। जो संगठन अभी तक आयोग के समक्ष अपनी बात रखने के लिए पंजीकरण नहीं करा पाए हैं, उन्हें 31 जुलाई 2026 तक आवेदन करने का अवसर दिया गया है। इसके लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या NIC पोर्टल पर उपलब्ध फॉर्म के माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन के समय संबंधित संगठन के पास Unique Memo ID होना अनिवार्य रहेगा। सिर्फ दिल्ली नहीं, अन्य राज्यों में भी होगी चर्चा आयोग ने स्पष्ट किया है कि विचार-विमर्श केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों से कर्मचारियों और पेंशनर्स की मांगों एवं सुझावों को सीधे सुनना और अंतिम रिपोर्ट में उनका समुचित मूल्यांकन करना है। कर्मचारी संगठन ने जताई राहत ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने आयोग के नए कार्यक्रम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कर्मचारियों और पेंशनर्स में यह चिंता थी कि आयोग की अध्यक्ष को अन्य समितियों की जिम्मेदारी मिलने से वेतन आयोग की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अब दिल्ली की बैठकों का कार्यक्रम जारी होने से कर्मचारियों को भरोसा मिला है कि आयोग अपना काम जारी रखे हुए है। उन्होंने आयोग और केंद्र सरकार से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी आग्रह किया, ताकि कर्मचारियों और पेंशनर्स को समय पर लाभ मिल सके। अब तक कहां-कहां हुई हैं बैठकें? आयोग गठन के बाद देश के अलग-अलग शहरों में कर्मचारी संगठनों से सुझाव ले रहा है। अब तक की प्रमुख बैठकें कर्मचारियों के लिए इसका क्या मतलब है? हालिया कार्यक्रम से यह संकेत मिलता है कि आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों से सुझाव जुटाने की प्रक्रिया जारी रखे हुए है। हालांकि अभी तक नए वेतनमान, फिटमेंट फैक्टर या संभावित वेतन वृद्धि को लेकर कोई आधिकारिक सिफारिश जारी नहीं की गई है। ऐसे में कर्मचारियों को अंतिम रिपोर्ट और सरकार के निर्णय का इंतजार करना होगा।

Ratlam News: रतलाम में नाबालिग लड़कियों से अनैतिक देह व्यापार कराने का मामला, पुलिस ने युवक को गिरफ्तार किया

Ratlam News: रतलाम के रिंगनोद थाना क्षेत्र में पुलिस ने अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया। दो नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू कर मामला दर्ज किया गया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम पुलिस ने जिले में अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई रिंगनोद थाना क्षेत्र के ग्राम ढोढर स्थित बाछड़ा डेरे में की गई, जहां से पुलिस ने दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। पुलिस के अनुसार, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने नियमानुसार कार्रवाई की। मौके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दोनों नाबालिग पीड़िताओं को संरक्षण में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर जिले में अनैतिक देह व्यापार के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दी दबिश रिंगनोद थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद सिंह आजाद और ढोढर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक रघुवीर जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम ढोढर के बाछड़ा डेरे में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान आरोपी हंसु पिता गोपाल चौहान (19 वर्ष) निवासी बाछड़ा डेरा, ढोढर को गिरफ्तार किया गया। मौके से दो नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया गया, जिन्हें आवश्यक कानूनी और सुरक्षा प्रक्रिया के तहत संरक्षण में लिया गया है। इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना रिंगनोद में अपराध क्रमांक 302/2026 दर्ज किया है। आरोपी पर निम्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है— फिलहाल मामले की विवेचना जारी है। पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई रतलाम पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लालतथा जावरा एसडीओपी संदीप मालवीय के मार्गदर्शन में रिंगनोद थाना एवं ढोढर चौकी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका कार्रवाई में निरीक्षक आनंद सिंह आजाद, उपनिरीक्षक रघुवीर जोशी, सहायक उपनिरीक्षक अशोक चौहान, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, प्रधान आरक्षक नरेंद्र सिंह, आरक्षक नरेंद्र सिंह हाड़ा, आरक्षक शोभाराम शर्मा, आरक्षक रविंद्र सिंह तथा महिला आरक्षक निशा डडिंग सहित थाना रिंगनोद एवं पुलिस चौकी ढोढर की संयुक्त टीम शामिल रही।

जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम ने 127 से अधिक विद्यार्थियों को बांटी पाठ्य सामग्री, शिक्षकों और मेधावी छात्रों का भी हुआ सम्मान

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम ने अपने सेवा संकल्प को आगे बढ़ाते हुए एक और सराहनीय पहल की है। संस्था ने विचक्षण विद्यापीठ, कोटावाला बाग, रतलाम में अध्ययनरत 127 से अधिक विद्यार्थियों को लॉन्ग कॉपी, ड्राइंग कॉपी और अन्य आवश्यक पाठ्य सामग्री वितरित की। यह सेवा प्रकल्प ग्रुप सखी श्रीमती संगीता ललित कांठेड़ के सौजन्य से आयोजित किया गया। विशेष बात यह रही कि जेएसजी संगिनी उमंग ने मात्र 30 दिनों के भीतर अपना तीसरा सेवा प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरा किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ-साथ विद्यालय के शिक्षकों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों का भी सम्मान किया गया। मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों का किया सम्मान कार्यक्रम में विद्यालय के श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। वहीं विद्यालय में शिक्षा दे रहे शिक्षक एवं स्टाफ को डायरी और पेन भेंट कर सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों और संगिनी सखियों का आत्मीय स्वागत किया। बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। 30 दिनों में पूरे किए तीन सेवा प्रोजेक्ट जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम द्वारा पिछले एक माह में लगातार तीन सेवा कार्य किए गए— अनेक पदाधिकारी और संगिनी सखियां रहीं मौजूद इस अवसर पर जोन कोऑर्डिनेटर श्री निर्मल मेहता, ग्रुप की संस्थापक श्रीमती रमिला सकलेचा, पूर्व अध्यक्ष श्रीमती संगीता कांठेड़, अध्यक्ष श्रीमती रेनू लूनिया सहित बिंदु कटारिया, मंजूषा ओरा, विजया लूनिया, सरोज चत्तर, श्रद्धा लुणावत, ममता भंडारी, अरुणा नाहर, प्रीति चोरड़िया, संगीता पोरवाल, सुनीला पोरवाल, शोभा चाणोदिया, सरोज कासवा एवं अनेक संगिनी सखियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। समाज सेवा और शिक्षा के लिए निरंतर प्रयास जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम ने कहा कि संस्था समाज सेवा, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार सकारात्मक कार्य कर रही है। भविष्य में भी जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े सेवा प्रकल्प इसी प्रकार जारी रहेंगे।

CJP ने खत्म किया आंदोलन, सरकार से बनी सहमति; FIR वापस होंगी, चार हफ्ते बाद फिर होगी बैठक

CJP: केंद्र सरकार और CJP के बीच सहमति बनने के बाद आंदोलन समाप्त हो गया। सरकार ने प्रमुख मांगें मान लीं, FIR वापस लेने और चार हफ्ते बाद फिर बैठक का आश्वासन दिया। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। CJP: केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच जारी टकराव आखिरकार समाप्त हो गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संविधान क्लब में हुई अहम बैठक में दोनों पक्षों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी। इसके बाद CJP ने जंतर-मंतर पर चल रहा अपना आंदोलन आधिकारिक रूप से समाप्त करने की घोषणा कर दी। संयुक्त प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और CJP प्रतिनिधियों ने बातचीत के नतीजों की जानकारी साझा की। आंदोलनकारी संगठन ने कहा कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है और आगे की प्रक्रिया तय समयसीमा में पूरी की जाएगी। आंदोलन समाप्त होने की घोषणा के साथ CJP नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक अपने-अपने घर लौटने की अपील की। साथ ही प्रशासनिक सुधारों पर आगे भी संवाद जारी रखने पर सहमति बनी है। CJP की किन मांगों पर बनी सहमति? बैठक के बाद CJP प्रतिनिधि सौरव दास ने बताया कि उनकी पहली प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी, जो पूरी हो चुकी है। दूसरी बड़ी मांग देशभर में आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर को वापस लेने की थी। सरकार ने इस पर भी सहमति जताई है। सरकार ने क्या आश्वासन दिया? सरकार की ओर से भरोसा दिलाया गया कि— पांच सूत्रीय मांग पत्र पर भी बनी सहमति बैठक के दौरान CJP द्वारा सरकार को सौंपे गए पांच सूत्रीय मांग पत्र पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि प्रशासनिक सुधारों से जुड़े विषयों पर विस्तृत बातचीत के लिए चार सप्ताह के भीतर एक और बैठक आयोजित की जाएगी। संयुक्त प्रेस वार्ता में क्या बोले जेपी नड्डा? केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल के साथ सभी मुद्दों पर सकारात्मक और रचनात्मक चर्चा हुई है। उन्होंने दोहराया कि सरकार किसी भी प्रकार की बदले की कार्रवाई नहीं करेगी। मुआवजे के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिन लोगों को नुकसान हुआ है, उनके प्रति सरकार पूरी संवेदनशीलता रखती है। नियमों के अनुसार अधिकतम संभव सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।

MP Weather Update: मध्य प्रदेश के 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

MP Weather Update: मध्य प्रदेश के 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी। अगले चार दिन तक तेज बारिश, जलभराव और बिजली गिरने की चेतावनी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मानसून का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। कई इलाकों में पिछले कुछ दिनों से हो रही तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के 35 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। राजस्थान में लगातार बारिश के कारण कई नदियां और बांध भर चुके हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में 30 जुलाई तक तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल मानसून का मजबूत सिस्टम सक्रिय है, इसलिए अगले कुछ दिनों तक राहत मिलने की उम्मीद कम है। मध्य प्रदेश में भी कई शहरों में जलभराव की स्थिति बन चुकी है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। MP Weather Update: अगले चार दिन भारी बारिश के आसार भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों तक कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित कई शहरों में रुक-रुक कर तेज बारिश होने की संभावना है। प्रदेश से गुजर रही है मानसून ट्रफ मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार इस समय मानसून ट्रफ मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है। प्रदेश में नमी का स्तर 80 से 95 प्रतिशत तक बना हुआ है, जिससे लगातार बादल सक्रिय हैं। दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण पूर्वी, मध्य और दक्षिणी जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। शहरी क्षेत्रों में जलभराव और निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका भी जताई गई है। बारिश के आंकड़ों में हुआ सुधार पिछले चार दिनों में प्रदेश की बारिश के आंकड़ों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। अब तक की स्थिति: हालांकि बारिश का अंतर अभी भी बना हुआ है, लेकिन लगातार हो रही वर्षा से स्थिति में सुधार दर्ज किया गया है। आज इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए इन जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है— इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है— लोगों के लिए जरूरी सलाह

CJP Protest: 26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, जेपी नड्डा ने पिलाया जूस; पीएम मोदी बोले- जल्द स्वस्थ हों

CJP Protest:सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। पीएम मोदी ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। CJP Protest: करीब 26 दिनों तक चले लंबे अनशन के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार देर रात अपना उपवास समाप्त कर दिया। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती वांगचुक को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। अनशन समाप्त होने के कुछ ही समय बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनम वांगचुक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने डॉक्टरों की सलाह का पालन करने और जल्द पुराना वजन प्राप्त करने की शुभकामनाएं भी दीं। लंबे समय तक चले इस आंदोलन के खत्म होने के बाद अब सरकार और आंदोलनकारियों के बीच औपचारिक बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। 26 दिन बाद खत्म हुआ अनशन सोनम वांगचुक ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों और लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त किया। उन्होंने लिखा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था। लंबी बातचीत और देश में संभावित तनाव की आशंका को देखते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया। पीएम मोदी ने क्या कहा? अनशन समाप्त होने की जानकारी मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह सोनम वांगचुक से आग्रह करते हैं कि डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या अपनाएं और जल्द अपना पुराना वजन वापस प्राप्त करें। उन्होंने उनके अच्छे स्वास्थ्य की भी कामना की। डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगे सोनम वांगचुक लगातार 26 दिनों तक उपवास रहने के कारण उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ा है। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें कुछ समय तक अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम अब उन्हें चरणबद्ध तरीके से सामान्य आहार देना शुरू करेगी ताकि शरीर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट सके। वांगचुक ने हिंसा से दूर रहने की अपील की अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि विभिन्न शर्तों पर लंबी बातचीत के बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने का फैसला लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द एक वीडियो जारी कर पूरी प्रक्रिया और शर्तों की जानकारी देंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा का रास्ता न अपनाएं और शांति बनाए रखें। प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश के बाद आया फैसला अनशन समाप्त होने से कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो संदेश सामने आया था, जिसमें उन्होंने परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार की कार्रवाई का उल्लेख किया। इसके बाद देर रात सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त करने की जानकारी सामने आई। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी आधिकारिक कारण-परिणाम संबंध की पुष्टि नहीं की गई है। आगे क्या हो सकता है? अनशन समाप्त होने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि सरकार और लद्दाख से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच लंबित मुद्दों पर औपचारिक वार्ता तेज होगी। यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो आंदोलन से जुड़े कई मुद्दों के समाधान का रास्ता खुल सकता है।

Cancel Train: भारी बारिश से 12 ट्रेनें रद्द, कई ट्रेनों का रूट बदला और शॉर्ट टर्मिनेट किया गया

Cancel Train: मुंबई मंडल में भारी बारिश और जलभराव के कारण रतलाम मंडल से गुजरने वाली 12 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। कई ट्रेनों के रूट और संचालन में भी बदलाव किया गया है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Cancel Train: मुंबई मंडल के घोलवड–उमरगाम रोड रेलखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन गई है। ट्रैक पर पानी भरने से रेल संचालन प्रभावित हुआ है, जिसका असर रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों पर भी पड़ा है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई ट्रेनों को निरस्त करने के साथ कुछ ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित, शॉर्ट टर्मिनेट और शॉर्ट ओरिजिनेट करने का निर्णय लिया है। रतलाम मंडल ने रात 10:30 बजे तक की अपडेट जारी कर यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति अवश्य जांचने की अपील की है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन की नवीनतम जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या RailOne ऐप पर जरूर देख लें। 12 ट्रेनें रहेंगी रद्द रेलवे द्वारा जारी सूची के अनुसार निम्न ट्रेनें अपने प्रारंभिक स्टेशन से निरस्त रहेंगी। इन ट्रेनों का संचालन आंशिक रूप से प्रभावित रेलवे ने कुछ ट्रेनों को निर्धारित गंतव्य तक न चलाकर बीच के स्टेशन से समाप्त या प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। शॉर्ट टर्मिनेट ट्रेनें शॉर्ट ओरिजिनेट ट्रेनें यात्रियों के लिए जरूरी सूचना रेलवे प्रशासन ने बताया है कि मौसम सामान्य होने तक ट्रेनों के संचालन में बदलाव संभव है। यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस अवश्य जांचना चाहिए। ट्रेन की जानकारी यहां मिलेगी रेलवे ने क्या कहा? रतलाम मंडल के अनुसार मुंबई मंडल के घोलवड–उमरगाम रोड रेलखंड में भारी वर्षा से जलभराव होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की नवीनतम स्थिति की पुष्टि कर लें।

दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग प्रभावित: रतलाम मंडल ने स्टेशनों पर यात्रियों को बांटा भोजन और पेयजल

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मुंबई सेंट्रल मंडल के घोलवड–उमरगाम रोड रेलखंड में स्थित एक रेलवे पुल पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के कारण गुरुवार को रेल परिचालन प्रभावित हो गया। इसका असर दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर चलने वाली कई ट्रेनों पर पड़ा, जिन्हें रतलाम मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर निर्धारित समय तक रोका गया। यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने तत्काल राहत व्यवस्था शुरू की। विभिन्न स्टेशनों पर भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जबकि रेलवे अधिकारी और सुरक्षा बल लगातार यात्रियों की सहायता में जुटे रहे। रेलवे प्रशासन के अनुसार, स्थिति सामान्य होने तक यात्रियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और रेल परिचालन की अद्यतन जानकारी भी लगातार साझा की जा रही है। प्रभावित ट्रेनों के यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, रतलाम, नामली, नागदा, मेघनगर, लिमखेड़ा, थांदला रोड और बामनिया स्टेशनों पर रुकी ट्रेनों के यात्रियों को उपलब्धता के अनुसार भोजन और पेयजल वितरित किया गया। यात्रियों को दाल-चावल, खिचड़ी, पोहा, केले और पीने का पानी उपलब्ध कराया गया। रेलवे का कहना है कि आवश्यकता के अनुसार यह व्यवस्था लगातार जारी रहेगी। सामाजिक संगठनों ने भी बढ़ाया सहयोग रेलवे की इस राहत व्यवस्था में स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नागदा, रतलाम, मेघनगर और लिमखेड़ा स्टेशनों पर कई सामाजिक संगठनों ने यात्रियों के बीच भोजन और पेयजल का वितरण कर रेलवे प्रशासन का सहयोग किया। खान-पान स्टॉल और पानी की अतिरिक्त व्यवस्था रतलाम मंडल ने सभी संबंधित स्टेशनों को निर्देश दिए हैं कि रेल परिचालन सामान्य होने तक खान-पान स्टॉल पूरी क्षमता के साथ संचालित किए जाएं। साथ ही, यात्रियों को पेयजल की कमी न हो इसके लिए अतिरिक्त वाटर कैम्पर मंगाए गए हैं। स्टॉल संचालकों को भी पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उपलब्धता पर रेलवे लगातार निगरानी रख रहा है। सुरक्षा व्यवस्था भी की गई मजबूत स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं। इसके अलावा रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी भी स्टेशनों पर मौजूद रहकर यात्रियों को आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं। यात्रियों को समय-समय पर ट्रेनों की स्थिति और रेल परिचालन से जुड़ी ताजा जानकारी भी दी जा रही है। रेलवे प्रशासन ने क्या कहा? पश्चिम रेलवे के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपात या प्रतिकूल परिस्थिति में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए रतलाम मंडल पूरी तरह तैयार है और हालात सामान्य होने तक राहत कार्य जारी रहेगा।

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