मिडिल ईस्ट तनाव का बाजार पर बड़ा असर, सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, खासकर मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात के चलते निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा और बाजार खुलते ही धड़ाम हो गया। ओपनिंग के दौरान सेंसेक्स में 2700 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी 50 500 अंकों से अधिक टूट गया। इस भारी गिरावट से निवेशकों की संपत्ति को तगड़ा झटका लगा है और करीब 17.50 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो गया। 11 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा बाजार कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 3.30 फीसदी यानी 2,743.46 अंक गिरकर 78,543.73 पर खुला, जो करीब 11 महीने का निचला स्तर है। सुबह के सत्र में हल्की रिकवरी के बाद भी सेंसेक्स 80,500 के आसपास ही कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी 50 भी 533 अंकों की गिरावट के साथ 24,645 के स्तर तक लुढ़क गया। यह स्तर भी पिछले कई महीनों का लोअर लेवल माना जा रहा है। इन सेक्टर्स और शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट गिरावट का असर लगभग हर सेक्टर पर दिखा। खासकर रियल्टी, ऑटो, आईटी, बैंकिंग और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों में बिकवाली हावी रही। टॉप लूजर शेयरों में शामिल रहे: वहीं बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच डिफेंस सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में हल्की तेजी दर्ज की गई। मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष से बढ़ी चिंता मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अयातुल्ला अली ख़ामेनेई की मौत के बाद क्षेत्र में संघर्ष और तेज हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई की है, जिससे पूरे वेस्ट एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो इसका असर लंबे समय तक वैश्विक बाजारों पर देखने को मिल सकता है। कच्चे तेल में उछाल, भारत के लिए बढ़ी चिंता मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड 6% बढ़कर 77 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड भी 5.5% की तेजी के साथ 70 डॉलर के करीब पहुंच गया। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का 20% से ज्यादा तेल गुजरता है और इस क्षेत्र में बढ़ते हमलों के कारण सप्लाई बाधित होने का खतरा बढ़ गया है। इससे भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। 17.50 लाख करोड़ का निवेशकों को झटका शुक्रवार को बीएसई का कुल मार्केट कैप 4.63 लाख करोड़ रुपए था, जो सोमवार को गिरकर 4.45 लाख करोड़ रुपए पर आ गया। यानी महज कुछ घंटों में निवेशकों के 17.50 लाख करोड़ रुपए डूब गए। आगे क्या रहेगा बाजार का रुख? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि: फिलहाल बाजार में अस्थिरता का दौर जारी रहने की संभावना है और निवेशकों की नजर अब पूरी तरह मिडिल ईस्ट के घटनाक्रम और वैश्विक संकेतों पर टिकी हुई है।

1 अप्रैल से SGB नियम बदले, सोने के निवेशकों को बड़ा झटका अब SGB मैच्योरिटी पर लगेगा LTCG टैक्स

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। सोने में निवेश करने वालों के लिए 1 अप्रैल 2026 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने इस बार के बजट में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के टैक्स नियमों में अहम संशोधन किया है। अब सेकेंड्री मार्केट से खरीदे गए SGB पर मैच्योरिटी के बाद मिलने वाला लाभ टैक्स फ्री नहीं रहेगा। अब तक SGB में निवेश करने वालों को मैच्योरिटी पर कैपिटल गेन टैक्स से छूट मिलती थी, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद यह छूट केवल चुनिंदा निवेशकों तक सीमित कर दी गई है। किसे मिलेगा टैक्स छूट का फायदा? सीए नितिन कौशिक के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से टैक्स फ्री लाभ केवल उन्हीं निवेशकों को मिलेगा जिन्होंने: ऐसे निवेशकों को 2.5% सालाना ब्याज के साथ मैच्योरिटी पर कैपिटल गेन पूरी तरह टैक्स फ्री मिलेगा। सेकेंड्री मार्केट निवेशकों के लिए झटका जो निवेशक SGB को स्टॉक एक्सचेंज या किसी अन्य व्यक्ति से खरीदते हैं, उन्हें अब: यानी अब सेकेंड्री मार्केट से SGB खरीदना पहले जितना फायदेमंद नहीं रहेगा। उदाहरण से समझें नया नियम मान लीजिए आपने एक्सचेंज से ₹7,000 में एक SGB खरीदा और मैच्योरिटी पर इसकी कीमत ₹11,000 हो गई। पहले यही लाभ पूरी तरह टैक्स फ्री होता था। गिफ्ट या ट्रांसफर करने पर भी खत्म होगा फायदा सीए के अनुसार, अगर SGB एक बार भी स्टॉक एक्सचेंज के जरिए या गिफ्ट के रूप में ट्रांसफर होता है, तो उस पर मिलने वाली टैक्स छूट समाप्त हो जाएगी। निवेश रणनीति पर क्या पड़ेगा असर? यह बदलाव उन निवेशकों की रणनीति को बड़ा झटका देगा जो: अब यह रणनीति प्रभावी नहीं रहेगी क्योंकि मैच्योरिटी पर टैक्स देना होगा। निवेशकों के लिए सलाह

Budget 2026 Sasta-Mehnga: कपड़े, जूते से दवाओं तक सस्ताई, जानिए क्या होगा महंगा

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Budget 2026 Sasta-Mehnga: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में आम बजट 2026 (Union Budget 2026) पेश किया। यह उनके कार्यकाल का लगातार 9वां बजट रहा। बजट भाषण में उन्होंने कई बड़े ऐलान किए, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ने वाला है। सरकार ने कई वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी घटाने की घोषणा की है, जिससे रोजमर्रा की कई चीजें सस्ती होंगी, वहीं कुछ सेक्टर्स में महंगाई भी बढ़ सकती है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार उन वस्तुओं पर ड्यूटी कम कर रही है, जो भारत में निर्मित होती हैं या जिनका देश में उत्पादन बढ़ाया जाना है। खासतौर पर लेदर, टेक्सटाइल, डिफेंस और ग्रीन एनर्जी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया है। Budget 2026 में ये सामान होंगे सस्ते बजट के ऐलान के बाद निम्नलिखित वस्तुओं की कीमतों में राहत मिलने की संभावना है— सरकार ने व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयात होने वाली वस्तुओं पर टैरिफ दर 20% से घटाकर 10% कर दी है, जिससे कई आयातित सामान सस्ते होंगे। मोबाइल, जूते और पढ़ाई पर मिलेगी राहत कच्चे चमड़े और इससे जुड़े उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी घटने से जूते, बेल्ट और बैग सस्ते हो सकते हैं। वहीं मोबाइल फोन में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स जैसे बैटरियों के सस्ते होने से मोबाइल फोन की कीमतों में भी गिरावट आ सकती है। बजट में विदेश में पढ़ाई करने वालों को भी बड़ी राहत दी गई है। टीसीएस (TCS) की दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है, जिससे विदेश में पढ़ाई करना सस्ता होगा। इसके अलावा स्पोर्ट्स से जुड़े उपकरणों पर भी कस्टम ड्यूटी घटाई गई है। इन सेक्टर्स में बढ़ सकती है महंगाई जहां एक ओर कई चीजें सस्ती होंगी, वहीं कुछ वस्तुएं महंगी भी हो सकती हैं। कस्टम ड्यूटी बढ़ने से इन सेक्टर्स में असर दिखेगा— इन उत्पादों की कीमतों में आने वाले समय में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। कुल मिलाकर क्या कहता है बजट 2026? बजट 2026 में सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थ, ग्रीन एनर्जी और एजुकेशन को प्राथमिकता दी है। आम लोगों के लिए कई जरूरी चीजों को सस्ता करने का प्रयास किया गया है, जबकि कुछ सेक्टर्स में टैक्स बढ़ाकर राजस्व बढ़ाने की रणनीति अपनाई गई है।

Rupee Crash 2025: पहली बार डॉलर के मुकाबले 90 के पार, जानिए क्या-क्या बड़े नुकसान होंगे?

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। Rupee Crash 2025: भारतीय मुद्रा रुपया 2025 में लगातार नए रिकॉर्ड तोड़ते हुए बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.14 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया। मार्केट ओपन होने के साथ ही रुपया 89.97 पर खुला और कुछ ही मिनटों में 90 के स्तर के नीचे लुढ़क गया। यह अब तक का सबसे खराब स्तर है, जिसने भारतीय अर्थव्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्यों गिर रहा है रुपया? मार्केट डीलरों के अनुसार, रुपये की तेज गिरावट के पीछे कई बड़े कारण जिम्मेदार हैं— India-US ट्रेड डील में देरी दोनों देशों के बीच ट्रेड एग्रीमेंट लटकने से विदेशी निवेशक सतर्क हो गए हैं, जिससे डॉलर की मांग बढ़ी है। इंपोर्टर्स की भारी डॉलर खरीद बैंकिंग सेक्टर से लगातार डॉलर खरीदने की वजह से रुपये पर दबाव बढ़ रहा है। घरेलू और विदेशी बाजारों में बिकवाली ग्लोबल अनिश्चितताओं और घरेलू मार्केट में कमजोरी के चलते रुपये को सपोर्ट नहीं मिल पा रहा है। RBI की सीमित दखलअंदाजी डीलरों का अनुमान है कि RBI ने थोड़ी मात्रा में डॉलर बेचे हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर इंटरवेंशन नहीं दिखा है। रुपये के लिए फिलहाल 90.20 का टेक्निकल सपोर्ट माना जा रहा है। रुपया गिरने से आम जनता को क्या नुकसान? रुपये का डॉलर के मुकाबले कमजोर होना हर आम नागरिक की जेब पर सीधा असर डालता है। पेट्रोल-डीजल महंगे होने का खतरा भारत अपना 80% कच्चा तेल आयात करता है।रुपया गिरते ही— और पेट्रोल-डीजल बढ़ते ही ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स चार्ज बढ़ जाते हैं, जिससे लगभग हर चीज़ महंगी हो जाती है। इंपोर्टेड सामान होगा महंगा इन सभी का आयात महंगा हो जाएगा। महंगाई (Inflation) और बढ़ेगी रुपया टूटने का मतलब है— ज़्यादा इंपोर्ट कॉस्टमहंगा कच्चा मालमहंगी मैन्युफैक्चरिंगमहंगी मार्केट कीमतें इससे WPI और CPI दोनों में उछाल दिख सकता है।  पढ़ाई और विदेश यात्रा महंगी विदेश जाने वाले छात्रों और यात्रियों का खर्च सीधे बढ़ जाएगा। क्योंकि सभी भुगतान डॉलर में ही होते हैं। कंपनियों का प्रॉफिट घटेगा कई भारतीय कंपनियां विदेशी कच्चे माल पर निर्भर हैं।रुपया कमजोर होते ही कंपनियों की लागत बढ़ जाएगी, जिससे— 2025 रुपये के लिए इतना खराब क्यों रहा? यही साल अब तक रुपये के लिए सबसे बुरा साबित हो रहा है।US Dollar के मुकाबले भारतीय मुद्रा 5% तक कमजोर हो चुकी है। कारण—  रुपया आगे और कितना टूट सकता है? मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है— “अब डॉलर के मुकाबले रुपया 90 के ऊपर बना रहा तो जल्द ही 91–92 का स्तर भी संभव है।” हालांकि RBI कब और कितनी बड़ी दखल देगा, यह आने वाले दिनों में रुपये की दिशा तय करेगा।

MP News: रतलाम राइज कॉन्क्लेव 2025: 30,402 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 35 हजार रोजगार की सौगात; एमपी बना निवेशकों की पहली पसंद

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। MP News: रतलाम में आयोजित ‘एमपी राइज 2025 कॉन्क्लेव’ में मध्यप्रदेश को निवेश और रोजगार के क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलता मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में प्रदेश को 30,402 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिससे 35,520 से अधिक रोजगार के नए अवसरसृजित होंगे। इस मेगा इवेंट के जरिए रतलाम अब स्किल, स्केल और स्टार्टअप्स का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब रतलाम सिर्फ सेव, साड़ी और सोने के लिए नहीं, बल्कि उन्नत औद्योगिक और नवाचार गतिविधियों के लिए जाना जाएगा। इस अवसर पर 94 औद्योगिक इकाइयों और क्लस्टर्स का भूमि पूजन व लोकार्पण किया गया, जिन पर 2012 करोड़ से अधिक की लागत आएगी। मुख्य घोषणाएं और उपलब्धियां: एमएसएमई इकाइयों को नवकरणीय ऊर्जा संयंत्रों के लिए सब्सिडी288 एमएसएमई इकाइयों को ₹270 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित140 वृहद इकाइयों को ₹425 करोड़ की वित्तीय सहायता538 एमएसएमई इकाइयों को भूमि आवंटन पत्र35 बड़ी इकाइयों को भूमि आवंटन के आशय पत्र4 लाख से अधिक हितग्राहियों को ₹3861 करोड़ का स्वरोजगार ऋण वितरणसूरत में 29 जून को रोड-शो की घोषणा …और अन्य प्रमुख कंपनियों के साथ कुल 30402 करोड़ निवेश और 35520 रोजगार सृजन प्रस्ताव। मुख्यमंत्री की अन्य घोषणाएं: मुख्यमंत्री का विज़न: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “हमारी नीति है कि जहां कॉन्क्लेव होता है, वहीं पर निवेश के साथ उद्योगों का भूमि पूजन और लोकार्पण भी हो। यह आयोजन केवल शोपीस नहीं, बल्कि युवाओं और निवेशकों के लिए एक ठोस अवसर है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश निवेश का अगला पावरहाउस बन चुका है।” एमपी का औद्योगिक परिदृश्य:

Ratlam News: रतलाम में एमपी राइज-2025: 27 जून को मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ, 2 लाख हितग्राहियों को मिलेगा लाभ, 5450 रोजगार के नए अवसर खुलेंगे

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्यप्रदेश में उद्योग, कौशल और रोजगार के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत करने जा रहा है एमपी राइज-2025 कॉन्क्लेव, जिसका आयोजन 27 जून को रतलाम के नेहरू स्टेडियम में होगा। इस भव्य आयोजन का शुभारंभ स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग और औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। एमएसएमई दिवस पर खास आयोजन, रतलाम बना औद्योगिक केंद्र एमपी राइज कॉन्क्लेव इस बार और भी खास है क्योंकि इसका आयोजन 27 जून – अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर हो रहा है। रतलाम को आयोजन स्थल के रूप में चुनना रणनीतिक दृष्टिकोण से अहम है, क्योंकि यह शहर अब मध्यप्रदेश के नए औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब के रूप में तेजी से उभर रहा है। 2500+ प्रतिभागी, 858.57 करोड़ की 18 इकाइयों का लोकार्पण-भूमिपूजन इस आयोजन में देशभर से 2500 से अधिक प्रतिभागी, उद्योगपति, युवा उद्यमी, निवेशक, बैंक प्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री 858.57 करोड़ रुपये लागत की 18 औद्योगिक इकाइयों का भूमि पूजन और लोकार्पण करेंगे, जिससे 3 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे। 2 लाख से ज्यादा हितग्राही होंगे लाभांवित कॉन्क्लेव में 2 लाख से अधिक हितग्राहियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे पीएम स्वनिधि, स्टार्टअप इंडिया, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, स्टैंडअप इंडिया आदि के तहत ऋण और वित्तीय सहायता दी जाएगी। 2,419 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का ऋण वितरण प्रस्तावित है। 5450 से अधिक रोजगार, 2,850 करोड़ निवेश प्रस्ताव एमपी राइज 2025 के तहत 2,850 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के आशय पत्र जारी होंगे, जिससे 5450 से अधिक रोजगार के अवसर खुलेंगे। मुख्यमंत्री कार्यक्रम में रोजगार ऑफर लेटर भी वितरित करेंगे। 5 ग्रामोद्योग इकाइयों का भूमि पूजन, 2.96 करोड़ की डीबीटी खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत 5 इकाइयों का भूमि पूजन होगा और 2.96 करोड़ रुपये की डीबीटी राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। प्रदर्शनी में दिखेगा मालवा का हुनर, 100 से अधिक स्टॉल्स कॉन्क्लेव में मालवा अंचल के पारंपरिक उत्पादों, एमएसएमई इकाइयों, स्टार्टअप्स और विभागीय योजनाओं से संबंधित 100+ स्टॉल्स की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। यहां रतलाम, इंदौर, देवास, भोपाल, उज्जैन, धार, शिवपुरी जैसे जिलों की यूनिट्स अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगी। वॉलमार्ट, ओएनडीसी और एनएसडीसी के साथ एमओयू कार्यक्रम में वॉलमार्ट, ओएनडीसी और एनएसडीसी के साथ महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को ग्लोबल स्किलिंग का अवसर मिलेगा। थीमैटिक सत्रों में मिलेगा औद्योगिक नीति और स्किल डेवलपमेंट का ज्ञान कॉन्क्लेव में तीन प्रमुख थीमैटिक सत्र आयोजित होंगे: मुख्यमंत्री का विशेष संबोधन और निवेशकों से संवाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष संबोधन देंगे, जिसमें वे राज्य सरकार की औद्योगिक नीति, महिला उद्यमिता, रोजगार सृजन और युवाओं के कौशल विकास पर सरकार की प्रतिबद्धता साझा करेंगे। साथ ही वे प्रमुख निवेशकों से वन-टू-वन बैठकें भी करेंगे।

Ratlam News: रतलाम राइज़ कॉन्क्लेव को सफल बनाने मैदान में उतरे उद्यमी: MSME मंत्री से मिले लघु उद्योग भारती और नमकीन क्लस्टर प्रतिनिधि

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: राज्य स्तरीय रीजनल इंडस्ट्रीज़, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट (राइज़) कॉन्क्लेव को लेकर रतलाम में तैयारियां ज़ोरों पर हैं। मंगलवार को लघु उद्योग भारती रतलाम ईकाई और नमकीन क्लस्टर ईकाई के प्रतिनिधिमंडल ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री चेतन्य काश्यप से भेंट कर आयोजन की सफलता को लेकर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधियों ने मंत्री काश्यप को आश्वस्त किया कि यह आयोजन रतलाम के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा और शहर को नई पहचान दिलाएगा। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग भारती और नमकीन क्लस्टर ईकाई आयोजन को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मंत्री चेतन्य काश्यप ने सभी सदस्यों से राइज़ कॉन्क्लेव को पूरी प्रतिबद्धता से सफल बनाने और युवाओं को प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन रतलाम में उद्यमिता और रोजगार के नए अवसर खोलेगा। प्रतिनिधिमंडल में लघु उद्योग भारती मालवा प्रांत के संयुक्त सचिव संजय व्यास, अनिल सारड़ा, रोहित मालपानी, शैलेन्द्र सुरेका, मोहित पगारिया, नीलेश बोरदिया, संदीप सकलेचा, अभिषेक मंत्री, अचिंत्र पोरवाल, धर्मेन्द्र मारू, मनेन्द्र रिंकु कृष्णानी, विजय माहेश्वरी, बाबुलाल प्रजापत, प्रवीण कसेरा, योगेश परमार, नितिन खंडेलवाल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। कॉन्क्लेव 27 जून को पोलोग्राउंड, रतलाम में आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रमुख रूप से शामिल होंगे और प्रदेश के उद्योगपतियों से सीधा संवाद करेंगे। इस आयोजन को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है और इसे रतलाम के आर्थिक विकास के एक बड़े अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

Ratlam News: रतलाम में पहली बार होगा राइज कॉन्क्लेव: 27 जून को मुख्यमंत्री की मौजूदगी में होगा आयोजन, युवाओं को मिलेंगे 500 रोजगार के ऑफर लेटर

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में 27 जून को राज्य स्तरीय रीजनल इंडस्ट्री, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट (राइज) कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन की जानकारी शनिवार को कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विधायक व कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में होने वाला यह कॉन्क्लेव रतलाम के औद्योगिक और रोजगार विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। काश्यप ने बताया कि राइज कॉन्क्लेव सिर्फ उद्योग आधारित नहीं, बल्कि कौशल विकास, रोजगार सृजन और औद्योगीकरण के त्रिस्तरीय मॉडल पर आधारित होगा। इसका उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को तकनीकी दक्षता के साथ स्वरोजगार और रोजगार के अवसर प्रदान करना है। कॉन्क्लेव की मुख्य विशेषताएं: इंडस्ट्री हब बनेगा रतलाम: काश्यप ने बताया कि रतलाम के निवेश क्षेत्र का तेजी से विकास हो रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ाव होने के कारण यह क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर पर भी निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। एक कंपनी को पहले ही 25 हेक्टेयर भूमि आवंटित की जा चुकी है, जहां सोलर प्लांट उपकरण निर्माण की योजना है, जिसका शिलान्यास मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। कॉन्क्लेव में 3500 से ज्यादा प्रतिभागी होंगे शामिल: एमपीआईडीसी के निदेशक राजेश राठौड़ ने बताया कि कॉन्क्लेव में इंदौर-उज्जैन संभाग के 3500 से अधिक प्रतिभागियों के आने की संभावना है। कार्यक्रम के लिए पंजीयन अनिवार्य है। अलग-अलग सत्रों में केंद्र सरकार की योजनाओं से जुड़े विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। रोजगार और निवेश का नया अध्याय रतलाम से शुरू होगा: मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में रतलाम में यह पहला राज्य स्तरीय राइज कॉन्क्लेव होगा, जो ना केवल जिले की तस्वीर बदलेगा, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास होगा।

Ratlam News: रतलाम में पहली बार राइज कॉन्क्लेव: पेप्सीको, आयशर और गोल्ड क्रस्ट जैसी दिग्गज कंपनियों से निवेश की उम्मीद, सीएम डॉ. यादव लेंगे 3 सेशन

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के औद्योगिक और आर्थिक विकास में नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। शहर में पहली बार 27 जून 2025 को रीजनल इंडस्ट्री, स्किल एंड एंप्लॉयमेंट (राइज) कॉन्क्लेव का भव्य आयोजन होने जा रहा है। आयोजन स्थल नेहरू स्टेडियम में वॉटरप्रूफ डोम का निर्माण तेज़ी से चल रहा है, जहां देशभर से लगभग 2500 उद्योगपति और निवेशक एकत्र होंगे। कॉन्क्लेव में पेप्सीको, आयशर मोटर्स, गोल्ड क्रस्ट सीमेंट जैसी मल्टीनेशनल कंपनियों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी संभावित है, जिससे रतलाम में बड़े पैमाने पर निवेश की संभावना जताई जा रही है। यह आयोजन न सिर्फ निवेश को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए द्वार भी खोलेगा। इस ऐतिहासिक आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे और तीन अलग-अलग सेशन्स में उद्योगपतियों व निवेशकों से सीधा संवाद करेंगे। राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक विस्तार, निवेश को आकर्षित करना और अधिक से अधिक रोजगार अवसर पैदा करना है। कॉन्क्लेव की प्रमुख बातें: शुक्रवार को एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने आयोजन स्थल का निरीक्षण किया और तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर राजेश बाथम, एसपी अमित कुमार, एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव और एसडीएम अनिल भाना समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री काश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रैफिक, पार्किंग और आयोजन स्थल पर व्यवस्थाएं समय से पूरी हों। साथ ही, सफल उद्योगपतियों और लाभार्थियों की सूची समय पर तैयार करने के भी निर्देश दिए, ताकि सीएम यादव उनके साथ संवाद कर सकें।

Ratlam News: रतलाम में 27 अप्रैल को होगा जिले का सबसे बड़ा रोजगार मेला, 80 से अधिक कंपनियों में मिलेगा नौकरी का मौका

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: 10वीं से लेकर पीजी तक के युवा कर सकेंगे निशुल्क भागीदारी, ऑनस्पॉट चयन की सुविधा। जिले का अब तक का सबसे बड़ा रोजगार मेला 27 अप्रैल 2025, रविवार को रॉयल कॉलेज, सालाखेड़ी में आयोजित होने जा रहा है। इस मेगा ओपन कैंपस ड्राइव में देश की नामी-गिरामी 80 से अधिक औद्योगिक एवं व्यावसायिक कंपनियां भाग लेंगी और युवाओं को सीधे इंटरव्यू के माध्यम से नौकरी का मौका देंगी। प्रशासक एवं ट्रेनिंग-प्लेसमेंट प्रभारी प्रो. दिनेश राजपुरोहित और संयोजक डॉ. रविन्द्रजीत कौर अरोरा ने जानकारी दी कि रोजगार मेले में शामिल होने के लिए युवाओं से किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इन शैक्षणिक योग्यताओं वाले युवा ले सकते हैं भागरोजगार मेले में 10वीं, 12वीं, स्नातक एवं स्नातकोत्तर उत्तीर्ण उम्मीदवार भाग ले सकते हैं। खास बात यह है कि प्रदेश के किसी भी जिले से आए युवा इस रोजगार मेले में शामिल हो सकते हैं। इन पदों के लिए होगी भर्तीमेला आयोजकों के अनुसार, मेले में सेल्स, मार्केटिंग, फार्मेसी, नर्सिंग स्टाफ, कंप्यूटर ऑपरेटर, ऑफिस असिस्टेंट, क्लर्क, अकाउंटेंट, रिसेप्शनिस्ट, लैब असिस्टेंट, लाइब्रेरियन, सिक्योरिटी गार्ड, केमिस्ट, बैंकिंग स्टाफ, काउंसलर, इंश्योरेंस, रिलेशनशिप मैनेजर, टेक्निकल असिस्टेंट, कॉलेज शिक्षक, स्कूल टीचर्स (टीजीटी, पीजीटी, पीआरटी), स्पोर्ट्स एवं योग शिक्षक जैसे विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। ऑनस्पॉट इंटरव्यू और चयनइस रोजगार मेले की खास बात यह है कि इंटरव्यू के बाद मौके पर ही चयन किया जाएगा, जिससे युवाओं को तुरंत नौकरी का अवसर मिल सकेगा। ऑनलाइन और ऑनस्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधाप्लेसमेंट अधिकारी डॉ. अमित शर्मा ने बताया कि इच्छुक उम्मीदवार रॉयल कॉलेज पहुंचकर ऑनस्पॉट रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं या फिर दिए गए क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी कर सकते हैं। प्रबंधन के लिए बनी विशेष टीमरोजगार मेले के सुचारू संचालन हेतु रॉयल कॉलेज के 50 से अधिक प्रोफेसर्स की टीम बनाई गई है, जिसमें डॉ. प्रवीण मंत्री, डॉ. मनीष सोनी, प्रो. कपिल केरोल, प्रो. दीपिका कुमावत, प्रो. जगदीश डूके, प्रो. समीक्षा मेहरा, डॉ. आनंद त्रिवेदी, प्रो. गजराज सिंह राठौर, प्रो. अल्का उपाध्याय, प्रो. अपूर्वा जोशी और प्रो. स्नेहा चौरसिया प्रमुख रूप से शामिल हैं।

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