MP News: किसानों को झेलने होगी परेशानियां क्योंकि इस कारण से 5 दिन मंडी के गेट पर लगा रहेगा ताला

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: रतलाम कृषि उपज मंडी समिति ने आगामी त्योहारों और बैंक वार्षिक लेखाबंदी को ध्यान में रखते हुए मंडी में अवकाश घोषित किया है। मंडी समिति ने कृषक, व्यापारी, तुलावटी और हैम्माल बंधुओं को सूचित किया है कि रतलाम मंडी के विभिन्न प्रांगण निम्नलिखित तिथियों को बंद रहेंगे।   मंडी अवकाश का विवरण   -28 मार्च, शुक्रवार – रमजान माह का अंतिम शुक्रवार  -29 मार्च, शनिवार – व्यापारी एसोसिएशन के आवेदन अनुसार   -30 मार्च, रविवार – शासकीय अवकाश   -31 मार्च, सोमवार – ईद-उल-फितर पर्व   -1 अप्रैल, मंगलवार – बैंक वार्षिक लेखाबंदी    किन-किन मंडियों में रहेगा अवकाश   इन अवकाश के दौरान मुख्य अनाज मंडी प्रांगण, लहसुन-प्याज मंडी प्रांगण एवं उप मंडी नामली प्रांगण बंद रहेंगे।   हरी सब्जी मंडी रहेगी चालू   मंडी समिति ने स्पष्ट किया है कि इन अवकाश के दौरान हरी सब्जी का क्रय-विक्रय सामान्य रूप से जारी रहेगा।   कृषि उपज मंडी समिति रतलाम का आग्रह   मंडी समिति ने सभी किसानों, व्यापारियों और श्रमिकों से अपील की है कि वे इन तिथियों को ध्यान में रखते हुए अपनी व्यापारिक एवं कृषि गतिविधियों की योजना बनाएं।   रतलाम मंडी से जुड़ी ताजा खबरों के लिए हमारे पोर्टल पर जुड़े रहें।

MP News: मंदसौर गोलीकांड: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को जारी किया नोटिस  

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: सुप्रीम कोर्ट ने मंदसौर गोलीकांड की जांच के लिए गठित जैन आयोग की रिपोर्ट को विधानसभा में पेश करने के संबंध में राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। यह आदेश पूर्व विधायक पारस सकलेचा की याचिका पर दिया गया।   चार सप्ताह में सरकार को देना होगा जवाब   सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायमूर्ति संदीप दास और न्यायमूर्ति विक्रम मेहता की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा और सर्वम रितम खरे की दलीलों को सुनने के बाद राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।   मामले का पूरा घटनाक्रम   6 जून 2017 को मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी स्थित पार्श्वनाथ चौपाटी पर किसानों के आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा गोली चलाए जाने से पांच किसानों की मौत हो गई थी। इस घटना की सीबीआई जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पारस सकलेचा ने 15 सितंबर 2017 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका दायर की थी। हालांकि, शासन द्वारा जैन आयोग के गठन के आधार पर यह याचिका खारिज कर दी गई थी।   चार साल बाद भी विधानसभा में पेश नहीं हुई रिपोर्ट   राज्य सरकार ने 12 जून 2017 को जैन आयोग का गठन किया, जिसने 13 जून 2018 को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी। लेकिन चार साल बीतने के बावजूद यह रिपोर्ट विधानसभा में पेश नहीं की गई। इसके बाद पारस सकलेचा ने 3 मई 2022 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक नई याचिका दाखिल कर रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की मांग की।   याचिका में तर्क दिया गया कि जांच आयोग अधिनियम 1952 की धारा 3(4) के तहत सरकार को किसी भी जांच आयोग की रिपोर्ट प्राप्त होने के छह महीने के भीतर उस पर कार्रवाई कर विधानसभा में पेश करना अनिवार्य है।   हाईकोर्ट ने खारिज की थी याचिका   मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने 14 अक्टूबर 2024 को इस याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि घटना को सात वर्ष बीत चुके हैं, ऐसे में रिपोर्ट को विधानसभा में पेश करने का अब कोई आधार नहीं बनता।   सुप्रीम कोर्ट की दखल   हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ पारस सकलेचा ने 8 जनवरी 2025 को सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा और सर्वम रितम खरे ने सरकार की जवाबदेही का मुद्दा उठाया, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।   क्या है आगे की राह   अब राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखना होगा। इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान यह तय होगा कि जैन आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में पेश की जाएगी या नहीं।  

Ratlam News: केदारेश्वर महादेव मंदिर में चोरी का प्रयास, जलाधारी उखाड़ने वाला CCTV में कैद  

सैलाना- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला सैलाना तहसील के ग्राम अडवानिया स्थित प्राचीन केदारेश्वर महादेव मंदिर का है, जहां अज्ञात व्यक्ति ने शिवलिंग की पीतल जलाधारी को उखाड़ने का प्रयास किया। जलाधारी भारी होने के कारण चोर उसे ले जाने में नाकाम रहा। CCTV फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति कैद हुआ है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।   CCTV में संदिग्ध कैद, पुलिस तलाश में जुटी   सोमवार सुबह सैलाना निवासी शिक्षक रामचंद्र चारेल मंदिर पहुंचे तो उन्होंने जलाधारी को उखड़ा हुआ पाया। उन्होंने तुरंत मंदिर के पुजारी जयप्रकाश त्रिवेदी को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई। मौके पर एसडीओपी नीलम बघेल, थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह गड़रिया और तहसीलदार कैलाश कन्नौज पहुंचे और जांच शुरू की।   CCTV फुटेज में एक अर्धविक्षिप्त व्यक्ति नजर आ रहा है, जो पहले मंदिर की सीढ़ियों पर सोता दिखा और फिर लोटे से जलाधारी को खोदने की कोशिश करता नजर आया। पुलिस उसकी पहचान कर रही है और जल्द ही गिरफ्तारी संभव है।   दान पात्र सुरक्षित, चोरी की मंशा पर सवाल   मंदिर के पुजारी जयप्रकाश त्रिवेदी ने बताया कि वर्ष 2016 में मंदिर में 35 किलो वजनी पीतल की जलाधारी और 32 किलो वजनी रेलिंग का निर्माण किया गया था। आश्चर्य की बात यह है कि चोर ने दान पात्रों को छुआ तक नहीं, जिससे उसकी मंशा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।   पुलिस जांच में जुटी   थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह गड़रिया ने बताया कि CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की जा रही है। पुलिस जल्द ही इस मामले का खुलासा करेगी।  

MP News: डॉक्टर पर कार्रवाई को लेकर विधायक कमलेश्वर डोडियार का अल्टीमेटम, 24 मार्च से आमरण अनशन की चेतावनी  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश विधानसभा में भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार ने रतलाम जिला अस्पताल के डॉक्टर चंद्र प्रताप सिंह राठौर पर जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया है। उन्होंने डॉक्टर के निलंबन की मांग करते हुए कहा कि अगर 24 मार्च 2025 तक सरकार ने कार्रवाई नहीं की, तो वे विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे आमरण अनशन पर बैठेंगे।   विधायक डोडियार का आमरण अनशन का ऐलान   मध्य प्रदेश के रतलाम जिला अस्पताल के डॉक्टर चंद्र प्रताप सिंह राठौर के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज विधायक कमलेश्वर डोडियार ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर चेतावनी दी कि अगर 24 मार्च 2025 तक इस मामले में उनकी सुनवाई नहीं होती, तो वे आमरण अनशन शुरू करेंगे।   जातिसूचक गाली देने का आरोप   विधायक डोडियार ने आरोप लगाया कि 5 दिसंबर 2024 को जब वे अपनी तबीयत खराब होने के कारण रतलाम जिला अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टर राठौर ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं। इस मामले में उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई। लेकिन चार महीने बीतने के बाद भी डॉक्टर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।   सरकार पर लापरवाही का आरोप   विधायक ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा के पिछले सत्र में भी उठाया था, लेकिन अब तक डॉक्टर के निलंबन या अभियोजन की स्वीकृति को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि जांच अभी तक पूरी नहीं हुई, न ही न्यायालय में चालान पेश किया गया।   आदिवासी समाज में आक्रोश   विधायक डोडियार ने कहा कि यह सिर्फ उनका मामला नहीं है, बल्कि संपूर्ण भीलप्रदेश मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के आदिवासियों की भावनाओं से जुड़ा विषय है। उन्होंने सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की और कहा कि जब तक डॉक्टर को निलंबित नहीं किया जाता, तब तक वे न भोजन करेंगे और न ही पानी ग्रहण करेंगे।   सरकार पर बढ़ा दबाव   इस मामले को लेकर आदिवासी समाज में भी भारी आक्रोश है। अगर सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती है, तो यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है। अब यह देखना होगा कि 24 मार्च से पहले सरकार इस मामले में क्या निर्णय लेती है।

MP News: 18 महीने बाद जिंदा लौटी महिला, परिवार कर चुका था अंतिम संस्कार, चार लोग काट रहे थे हत्या की सजा  

मंदसौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जिस महिला को 18 महीने पहले मृत मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था, वह जिंदा लौट आई। इस घटना ने पुलिस और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि इस मामले में चार लोगों को हत्या का दोषी मानते हुए जेल भेज दिया गया था।   कैसे हुआ खुलासा   इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, ललिता बाई नामक यह महिला अचानक पुलिस स्टेशन पहुंची और अपने जीवित होने की पुष्टि की। जब यह खबर उसके परिवार तक पहुंची तो वे हैरान रह गए, क्योंकि उन्होंने डेढ़ साल पहले ही उसके शव की पहचान कर अंतिम संस्कार कर दिया था।   ललिता के पिता रमेश नानूराम बांछड़ा ने बताया कि उन्होंने शारीरिक निशानों के आधार पर शव की पहचान की थी, जिसमें उसके हाथ पर टैटू और पैर के चारों ओर बंधा काला धागा शामिल था। शव की पहचान के बाद परिवार ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया था।    हत्या का मामला दर्ज कर जेल भेजे गए थे चार लोग   इस कथित हत्या के मामले में पुलिस ने चार लोगों इमरान, शाहरुख, सोनू और एजाज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन ललिता के जिंदा लौटने के बाद अब यह मामला उलझ गया है।   ललिता ने बताई अपनी आपबीती   अपने लापता होने की कहानी बताते हुए ललिता ने पुलिस को बताया कि वह शाहरुख के साथ भानुपरा गई थी। वहां दो दिन रहने के बाद उसे कथित तौर पर शाहरुख नामक एक अन्य व्यक्ति को 5 लाख रुपये में बेच दिया गया। इसके बाद वह डेढ़ साल तक कोटा में रही और फिर किसी तरह भागकर अपने गांव लौटी।   जांच में जुटी पुलिस   ललिता ने अपनी पहचान की पुष्टि के लिए आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज पेश किए। गांधी सागर पुलिस स्टेशन की प्रभारी तरुणा भारद्वाज ने बताया कि ललिता कुछ दिन पहले ही पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करने आई थी कि वह जीवित है। पुलिस ने पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों से उसकी पहचान सत्यापित कराई, जिन्होंने पुष्टि की कि वह सच में ललिता ही है।   अब पुलिस इस पूरे मामले की दोबारा जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया था, वह किसका था और हत्या के मामले में जेल में बंद चार लोगों का क्या होगा।   क्या होगा आगे   ललिता के जिंदा लौटने से कई सवाल खड़े हो गए हैं   1. जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया, वह किसका था   2. क्या ललिता के परिवार से कोई गलती हुई या फिर किसी ने जानबूझकर उन्हें गुमराह किया   3. जिन चार लोगों को हत्या का दोषी मानकर जेल भेजा गया, उनके साथ अब क्या होगा   पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। यह घटना मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था और पुलिस जांच के तरीकों पर भी सवाल खड़े कर रही है।  

Ratlam News: पालक संघ और अभा ग्राहक पंचायत का बुक बैंक शुरू, पहले दिन 100 लोगों ने लिया लाभ  

रियायती दरों पर स्टेशनरी भी उपलब्ध, गौ सेवा में होगी राशि का उपयोग   रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: पालक  संघ और अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा संचालित बुक बैंक का शुभारंभ शनिवार को हुआ। पहले ही दिन 100 से अधिक विद्यार्थियों और अभिभावकों ने इस सुविधा का लाभ उठाया। विद्यार्थियों ने अपनी पुरानी किताबें जमा कराई और नई कक्षा की पाठ्य पुस्तकें प्राप्त कीं। यह सेवा टीआईटी रोड स्थित दत्त कृपा कार्यालय (एचडीएफसी बैंक के पीछे) पर 22 से 29 मार्च तक प्रतिदिन शाम 5 से 8 बजे तक उपलब्ध रहेगी।   पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर पुस्तक वितरण   इस बार बुक बैंक में पहले आओ, पहले पाओ की व्यवस्था लागू की गई है। 13 मार्च से ही पुस्तकें जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी, जिसके लिए विद्यार्थियों को टोकन जारी किए गए। टोकन धारकों को प्राथमिकता के आधार पर पुस्तकें दी जा रही हैं, जिससे बड़ी संख्या में विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।   स्टेशनरी पर 40 प्रतिशत तक छूट, गौसेवा में होगा लाभ   इस वर्ष पालक संघ और ग्राहक पंचायत ने बुक बैंक के साथ ही विद्यार्थियों को राहत देने के लिए रियायती दरों पर कॉपियां भी उपलब्ध कराने की पहल की है। मांगल्य मंदिर ट्रस्ट द्वारा संचालित इस स्टेशनरी स्टॉल पर बाजार मूल्य से 30 से 40 प्रतिशत कम कीमत पर कॉपियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। खास बात यह है कि स्टेशनरी की बिक्री से प्राप्त राशि श्री कृष्ण कामधेनु गौशाला में गौ सेवा के लिए उपयोग की जाएगी।   सेवा प्रकल्प में सक्रिय कार्यकर्ता   इस समाजसेवी पहल में पालक संघ और अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के प्रांत सह संयोजक अनुराग लोखंडे, महेंद्र भंडारी, श्याम लालवानी, सत्येंद्र जोशी, कमलेश मोदी, नीरज कुमार शुक्ला, राजेश व्यास, रूपसिंह बघेल, पारस कसेरा, नीतेश कटारिया सहित कई कार्यकर्ता सेवा दे रहे हैं।   कैसे उठाएं लाभ   – पुस्तकें प्राप्त करने व जमा कराने के लिए शाम 5 से 8 बजे तक दत्त कृपा कार्यालय, टीआईटी रोड पर जाएं।   – पहले पुस्तकें जमा कराने वालों को प्राथमिकता मिलेगी।   – स्टेशनरी स्टॉल से 30 से 40 प्रतिशत तक की छूट पर कॉपियां खरीद सकते हैं।   समाजसेवा और शिक्षा को बढ़ावा देने की इस पहल को अभिभावकों और विद्यार्थियों का भरपूर समर्थन मिल रहा है।

MP News: जावरा रोड पर शराब की दुकान हटाने की मांग, स्थानीय नागरिकों में रोष  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क।  MP News: वार्ड क्रमांक 31, जावरा रोड पर स्थित देशी शराब की दुकान को हटाने की मांग जोर पकड़ रही है। प्रांतीय मंत्री अनिल रानीवाल ने इस संबंध में जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर जनहित और समाजहित में दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने की अपील की है। मुख्य आपत्तियाँ   शराब की दुकान मेन रोड पर होने के कारण आए दिन शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे स्थानीय नागरिकों को असुविधा होती है।   दुकान के पास ही पीर बाबा की दरगाह दस मीटर, शीतला माता मंदिर तीस मीटर और शासकीय विद्यालय सत्तर मीटर की दूरी पर स्थित हैं। धार्मिक स्थल और स्कूल के पास शराब की दुकान होना सामाजिक दृष्टि से आपत्तिजनक है।   शराबियों की गतिविधियों से सड़क पर झगड़े और विवाद बढ़ रहे हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों को असुरक्षा महसूस होती है।   यह इलाका मुख्य सड़क से जुड़ा होने के कारण यहाँ से भारी वाहनों की आवाजाही होती है, जिससे शराबियों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।   प्रशासन को दी चेतावनी   पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि जल्द से जल्द इस शराब दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया, तो स्थानीय नागरिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।   स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया   क्षेत्रवासियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों, धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों के पास शराब की दुकान होने से सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। महिलाओं और बच्चों को यहाँ से गुजरने में डर लगता है।   क्या होगा अगला कदम   वप्रिल दो हजार पच्चीस में नए शराब दुकान लाइसेंस जारी होने हैं, ऐसे में प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि इस दुकान को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेता है।  

MP News: मध्यप्रदेश में बलात्कार के मामलों में 19% वृद्धि, प्रतिदिन 20 घटनाएं  

पिछले पांच वर्षों में इंदौर में सर्वाधिक 2301 मामले, झाबुआ में 158% वृद्धि   भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की स्थिति गंभीर होती जा रही है। वर्ष 2024 में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 20 बलात्कार की घटनाएं दर्ज की गईं। वर्ष 2020 में यह संख्या 6134 थी, जो 2024 में बढ़कर 7294 हो गई, यानी पांच वर्षों में बलात्कार के मामलों में 19% की वृद्धि हुई।   मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह जानकारी विधानसभा में विधायक पंकज उपाध्याय के प्रश्न के उत्तर में दी। मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि 2023-24 के वार्षिक प्रतिवेदन में दर्शाई गई बलात्कार की कुल संख्या 5374 असत्य थी। वास्तविक आंकड़ा 7202 था, जिसमें से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं से जुड़े मामलों की संख्या 3831 थी। जबकि वार्षिक प्रतिवेदन में इसे केवल 883 बताया गया था।   वार्षिक प्रतिवेदन के आंकड़े असत्य   मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महिला सुरक्षा शाखा और अजाक शाखा से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर यह गड़बड़ी हुई। जिलों से वास्तविक आंकड़े मंगाने पर पता चला कि रिपोर्ट में दी गई संख्या से वास्तविक आंकड़े काफी अधिक हैं।   विधायक पंकज उपाध्याय ने आरोप लगाया कि वार्षिक प्रतिवेदन में वास्तविक संख्या छिपाने का प्रयास किया गया और विधानसभा में गलत आंकड़े पेश कर उसकी अवमानना की गई।   2023 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक कुल बलात्कारों की संख्या 5374 थी, जबकि असल में यह 7202 रही। अनुसूचित जाति की महिलाओं से जुड़े मामले 883 बताए गए, लेकिन असल में यह 3831 थे। यानी अनुसूचित जाति व जनजाति की महिलाओं से बलात्कार के मामले 340% अधिक निकले।   जातिगत आधार पर बलात्कार के बढ़ते आंकड़े   मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, अनुसूचित जाति की महिलाओं से बलात्कार की घटनाओं में 10%, अनुसूचित जनजाति में 26%, पिछड़ा वर्ग में 20% और सामान्य वर्ग में 24% की वृद्धि हुई है।   2020 से 2024 के बीच अनुसूचित जाति की महिलाओं के बलात्कार के मामलों में सरकारी रिपोर्ट और वास्तविक आंकड़ों में भारी अंतर देखा गया।   वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 2020 में 546, 2021 में 611, 2022 में 593, 2023 में 538 और 2024 में 557 मामले थे, जबकि वास्तविक आंकड़ों के अनुसार 2020 में 1640, 2021 में 1712, 2022 में 1861, 2023 में 1769 और 2024 में 1799 मामले सामने आए।   इसी प्रकार अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए भी सरकारी रिपोर्ट में आंकड़े काफी कम बताए गए। वार्षिक रिपोर्ट में 2020 में 395, 2021 में 394, 2022 में 403, 2023 में 345 और 2024 में 359 मामले बताए गए, जबकि वास्तविक आंकड़े 2020 में 1742, 2021 में 1968, 2022 में 2874, 2023 में 2062 और 2024 में 2194 रहे।   जिलावार बलात्कार के आंकड़े   पिछले पांच वर्षों में इंदौर जिला बलात्कार के मामलों में सबसे आगे रहा, जहां 2301 मामले दर्ज हुए। इसके बाद भोपाल में 1949, धार में 1602, खरगोन में 1230, सागर में 1200, जबलपुर में 1056 और रतलाम में 1018 मामले सामने आए।   सबसे अधिक वृद्धि झाबुआ में देखी गई, जहां 158% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। इंदौर शहर में 103% वृद्धि, इंदौर ग्रामीण में 69% वृद्धि, भोपाल शहर में 59% वृद्धि और रतलाम में 46% वृद्धि दर्ज की गई।   वहीं, बालाघाट और जबलपुर में क्रमशः 33% और 15% की कमी आई। गुना, अशोकनगर, भिंड, बुरहानपुर, शाजापुर, कटनी, सिवनी, पन्ना, सतना, अनूपपुर और राजगढ़ में भी मामले घटे। ग्वालियर, दमोह और विदिशा में संख्या स्थिर रही।   न्यायालय में सजा का प्रतिशत कम   विधायक पंकज उपाध्याय ने न्यायालय में बलात्कार के मामलों की सफलता दर पर भी सवाल उठाया। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में बलात्कार के मामलों में सजा की दर बेहद कम रही। अनुसूचित जाति के 2739 मामलों में सिर्फ 23% दोषसिद्धि हुई और 77% आरोपी बरी हुए। अनुसूचित जनजाति के 3163 मामलों में 22% दोषसिद्धि हुई और 78% आरोपी बरी हो गए। पिछड़ा वर्ग के 3982 मामलों में 21% दोषसिद्धि और 79% बरी हुए। सामान्य वर्ग के 1222 मामलों में केवल 18% दोषसिद्धि हुई और 82% आरोपी छूट गए।   महिला सुरक्षा पर सवाल   बलात्कार के मामलों में लगातार वृद्धि और न्यायिक प्रक्रिया में कम दोषसिद्धि दर ने महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। विधायक पंकज उपाध्याय ने मांग की है कि सरकार को बलात्कार के मामलों में सही आंकड़े प्रस्तुत करने, दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।  

MP News: रतलाम मंडल को राजभाषा के क्षेत्र में दो बड़े सम्मान, अपर मंडल रेल प्रबंधक अशफाक अहमद को मिला रेलमंत्री राजभाषा रजत पदक

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: रेलवे बोर्ड द्वारा आयोजित 154वीं राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक में रतलाम मंडल को आचार्य महावीर प्रसाद चल वैजयंती पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही अपर मंडल रेल प्रबंधक अशफाक अहमद को रेलमंत्री राजभाषा रजत पदक प्रदान किया गया। यह सम्मान राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट कार्यान्वयन और प्रचार-प्रसार के लिए दिया गया।   रेलवे बोर्ड ने रतलाम मंडल को किया सम्मानित   रेल भवन में आयोजित इस समारोह में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश कुमार ने राजभाषा हिंदी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले क्षेत्रीय रेलवे, मंडलों और अधिकारियों को सम्मानित किया। इस दौरान रतलाम मंडल को आधार वर्ष 2023 हेतु आचार्य महावीर प्रसाद चल वैजयंती पुरस्कार दिया गया, जिसे अपर मंडल रेल प्रबंधक अशफाक अहमद ने प्राप्त किया।   अपर मंडल रेल प्रबंधक अशफाक अहमद को रेलमंत्री राजभाषा रजत पदक   अशफाक अहमद को रतलाम मंडल में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और कार्यान्वयन में उत्कृष्ट योगदान के लिए रेलमंत्री राजभाषा रजत पदक प्रदान किया गया। इस सम्मान के तहत उन्हें रजत पदक, प्रमाण पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया।   पश्चिम रेलवे के लिए बड़ी उपलब्धि   रेलवे बोर्ड स्तर पर रतलाम मंडल को एक साथ दो प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त होना, न केवल मंडल बल्कि पूरे पश्चिम रेलवे के लिए एक विशिष्ट उपलब्धि है। इस उपलब्धि पर मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार ने हर्ष व्यक्त किया और मंडल के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी।   राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार में रतलाम मंडल की अहम भूमिका   रतलाम मंडल लगातार राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और सरकारी कार्यों में हिंदी के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सम्मान मंडल के समर्पित प्रयासों का प्रमाण है।  

MP News: इंदौर की रंगपंचमी गेर में पहली बार मौत, महिलाओं और बच्चों को बनाया निशाना, सीएम ने निरस्त किया कार्यक्रम

इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: ऐतिहासिक रंगपंचमी गेर में इस बार उल्लास के बीच दर्दनाक घटनाएं भी देखने को मिलीं। पहली बार गेर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। हुड़दंगियों ने महिलाओं और बच्चों को भी निशाना बनाया, जिससे गेर की छवि पर दाग लग गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर में मौजूद थे, लेकिन घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने गेर में शामिल होने का कार्यक्रम निरस्त कर दिया।   ट्रैक्टर की चपेट में आने से युवक की मौत   बुधवार को इंदौर के राजवाड़ा क्षेत्र में रंगपंचमी गेर के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। गेर में शामिल एक ट्रैक्टर की चपेट में आने से 24 वर्षीय युवक सनी मौर्य की मौत हो गई। हादसे के बाद उसे गंभीर हालत में एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सनी एरोड्रम क्षेत्र के रुक्मिणी नगर का रहने वाला था। पहचान के लिए उसके पास कोई दस्तावेज नहीं था, जिसके बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर उसकी फोटो वायरल कर जनसहयोग मांगा। दोस्त राहुल सेन ने तस्वीर देखकर सनी की पहचान की।   युवक की मौत की खबर मिलते ही उसकी दिव्यांग मां मीरा मौर्य बिलख पड़ी। सनी अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और सीतला माता बाजार में काम करता था। उसके पिता धर्मेंद्र मौर्य का निधन पहले ही हो चुका था। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।   गेर में महिलाओं और बच्चों को बनाया निशाना   इस बार रंगपंचमी गेर में महिलाओं और बच्चों के साथ बदसलूकी के कई मामले सामने आए। हुड़दंगियों ने जगह-जगह उत्पात मचाया, जिससे कई महिलाएं और बच्चियां रोती हुई दिखीं। अमर उजाला की टीम ने विभिन्न स्थानों से इस स्थिति की तस्वीरें कैद की हैं, जिनमें महिलाओं को परेशान किए जाने के दृश्य सामने आए हैं।   महापौर की पत्नी की आंख में लगी चोट   महापौर पुष्यमित्र भार्गव की पत्नी जूही भार्गव गेर का आनंद ले रही थीं, लेकिन इस दौरान उनके वाहन में लगी पिचकारी अचानक चालू हो गई, जिससे पानी की तेज धार सीधा उनकी आंख में लगी। उन्हें तत्काल जूपिटर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया।    कई जगहों पर हादसे, आधा दर्जन लोग घायल   गेर में भारी भीड़ के चलते कई लोग धक्का-मुक्की और घबराहट की वजह से बेहोश हो गए। एमजी रोड थाना क्षेत्र में प्रवीण जोशी नामक व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसे एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। अन्य पांच लोगों को एंबुलेंस में ही प्राथमिक उपचार देकर छुट्टी दे दी गई।   आंखों में चोट और गाड़ियों से गिरकर घायल हुए लोग   तेज गति से फेंके गए रंग, पानी और गुलाल के पैकेट से कई लोगों की आंखों में चोट आई। कुछ स्थानों पर वाहन चालकों के गिरने से भी लोग घायल हुए। अकेले आईं महिलाएं और किशोरियां परेशान होती देखी गईं, जबकि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हुड़दंगियों ने जमकर उत्पात मचाया।   गेर की प्रतिष्ठा को धक्का   इंदौर की रंगपंचमी गेर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर में शामिल कराने की कोशिशें चल रही हैं। इसके लिए विदेशी नागरिकों और एनआरआई को आमंत्रित किया जा रहा है। लेकिन इस बार की घटनाओं ने गेर की छवि को धूमिल कर दिया है।    हर जगह के फुटेज रिकॉर्ड में – कलेक्टर   कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि गेर मार्ग पर सीसीटीवी, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। हर गतिविधि पर कंट्रोल रूम से नजर रखी जा रही थी। सभी घटनाओं के वीडियो फुटेज प्रशासन के पास मौजूद हैं। पुलिस अब गेर संचालक और दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है।  

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