MP News: उज्जैन में जलती चिता के पास किन्नर अघोरी का वीडियो वायरल, मानव मांस खाने के दावे से मचा हंगामा

MP News: उज्जैन में किन्नर अघोरी का वीडियो वायरल हुआ है। जलती चिता से कथित मानव मांस खाने के दावे पर संत समाज ने आपत्ति जताई और कार्रवाई की मांग की। उज्जैन- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: उज्जैन में श्मशान घाट से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में खुद को अघोरी और किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बताने वाली काली उर्फ नंद गिरी जलती चिता के पास दिखाई दे रही हैं। वीडियो में वह चिता से कथित तौर पर मानव अवशेष निकालकर खाने का दावा करती नजर आती हैं। वीडियो सामने आने के बाद संत समाज और आम लोगों के बीच इसे लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। संत समाज के कुछ लोगों ने इस तरह की गतिविधि को अघोर परंपरा की मर्यादा के विपरीत बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, वायरल वीडियो में दिखाई जा रही सामग्री वास्तव में मानव मांस या मानव अवशेष ही है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल वीडियो में किए गए दावे के तौर पर देखा जा रहा है। वायरल वीडियो में क्या दिखाई दे रहा है? वायरल वीडियो में रात के समय श्मशान में जलती चिता के पास एक महिला दिखाई देती है। उसके शरीर पर भस्म लगी हुई है और उसके हाथ में तलवार नजर आती है। वीडियो में वह चिता के पास जाकर तलवार की मदद से कुछ सामग्री निकालती दिखाई देती है। इसके बाद उस सामग्री पर पानी डालकर उसे ठंडा करती है और फिर खाने का दावा करती है। वीडियो में वह खुद को अघोरी बताते हुए कथित तौर पर मानव मांस खाने की बात कहती है। वीडियो के अंत में वह पेट भरने की बात भी कहती सुनाई देती है। यह वीडियो इंस्टाग्राम के Digambarladyaghorinagasadhvi नामक अकाउंट से शेयर किए जाने के बाद तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया। वीडियो को लेकर संत समाज में नाराजगी वीडियो वायरल होने के बाद अघोर परंपरा से जुड़े संतों ने इस तरह के सार्वजनिक प्रदर्शन पर आपत्ति जताई है। महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरि के मुताबिक अघोर परंपरा की अपनी मर्यादा होती है। उनके अनुसार तंत्र से जुड़ी क्रियाओं को सार्वजनिक प्रदर्शन का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि प्रचार के लिए इस तरह की गतिविधियों को सोशल मीडिया पर प्रसारित करना परंपरा के अनुरूप नहीं है। संत समाज की ओर से यह भी सवाल उठाया गया है कि धार्मिक और तांत्रिक परंपराओं के नाम पर सोशल मीडिया पर इस तरह की सामग्री प्रसारित करने से आम लोगों के बीच गलत संदेश जा सकता है। पुलिस में शिकायत का दावा मामले में अघोरी अखाड़े के पीठाधीश्वर और राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़ेश्वरी अघोरी बाबा विष्णुनाथ की ओर से पुलिस में शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है। शिकायत में कथित तौर पर जलती चिता के पास जाकर मानव अवशेषों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने इसे पाखंड फैलाने वाली गतिविधि बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि वीडियो में दिखाई दे रही सामग्री वास्तव में मानव शव के अवशेष है, तो मामले की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। जांच के बाद साफ होगी वीडियो की सच्चाई सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन किसी वायरल वीडियो के आधार पर यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि उसमें दिखाई गई सामग्री वास्तव में मानव मांस ही है। मामले में पुलिस या संबंधित जांच एजेंसी की ओर से वीडियो की सामग्री, उसकी वास्तविकता और घटना की परिस्थितियों की पुष्टि होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। Disclaimer इस खबर में वायरल सोशल मीडिया वीडियो और उससे जुड़े दावों का उल्लेख किया गया है। वीडियो में दिखाई गई सामग्री वास्तव में मानव मांस या मानव अवशेष है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। खबर में किसी व्यक्ति के संबंध में लगाए गए आरोपों को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। संबंधित पक्षों और आधिकारिक जांच से सामने आने वाली जानकारी के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। पाठकों से अपील है कि बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी भी दावे को अंतिम सत्य न मानें और भ्रामक जानकारी को आगे साझा करने से बचें।

Ratlam News: रतलाम में क्रेटा कार से 73.72 लाख रुपये बरामद, बोरे में मिली नकदी

Ratlam News: रतलाम के नामली में पुलिस ने बिना नंबर की क्रेटा कार से 73 लाख 72 हजार 500 रुपये बरामद किए। नकदी के स्रोत और दस्तावेजों की जांच जारी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: नामली थाना क्षेत्र में शनिवार शाम पुलिस की चेकिंग के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी मिलने से मामला चर्चा में आ गया। पंचेड़ फंटे पर पुलिस ने बिना नंबर की सफेद क्रेटा कार को रोककर तलाशी ली। कार में रखे यूरिया के बोरे से नोटों की कई गड्डियां बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार, नकदी की गिनती पूरी होने पर कुल 73 लाख 72 हजार 500 रुपये सामने आए। रकम में 100, 200 और 500 रुपये के नोट शामिल थे। नोटों की गिनती के लिए नामली के सराफा व्यापारियों से दो मशीनें मंगवाई गई थीं। मामले की सूचना मिलने के बाद एएसपी राकेश पंद्रो भी नामली थाने पहुंचे। पुलिस ने कार और नकदी को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब मुख्य सवाल यह है कि इतनी बड़ी रकम का स्रोत क्या है और इसे कहां ले जाया जा रहा था। पंचेड़ फंटे पर पुलिस ने रोकी बिना नंबर की कार शनिवार शाम नामली पुलिस पंचेड़ फंटे पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर की सफेद रंग की क्रेटा कार को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार में रखे यूरिया के बोरे से नोटों की गड्डियां मिलीं। पुलिस ने नकदी को कब्जे में लेकर थाने पहुंचाया और पूरी रकम की गिनती कराई। मशीनों से हुई नोटों की गिनती रकम काफी अधिक होने के कारण सामान्य तरीके से गिनती में समय लग सकता था। इसके लिए नामली के सराफा कारोबारियों से दो नोट गिनने वाली मशीनें मंगवाई गईं। थाना प्रभारी के चैंबर में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में नकदी की गिनती की गई। गिनती पूरी होने के बाद रकम ₹73,72,500 निकली। एक नजर में पूरा मामला युवक ने जमीन बेचकर रकम लाने की बात कही पुलिस पूछताछ में युवक ने खुद को कृषक बताया है। उसके अनुसार, वह जमीन बेचकर मिली रकम लेकर आया था। वह किसी काम से रतलाम गया था, लेकिन काम नहीं होने पर रकम लेकर उमठ पालिया स्थित अपने घर लौट रहा था। हालांकि, इतनी बड़ी नकदी मिलने के बाद पुलिस अब उसके दावे से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। वकील का दावा—सोना खरीदने गया था युवक मामले में युवक की पहचान मीजान पुत्र रईस खां के रूप में सामने आई है। उसकी ओर से जावरा के अधिवक्ता महेंद्र सिंह सिसोदिया भी थाने पहुंचे। अधिवक्ता के मुताबिक, मीजान अपनी कार से रतलाम सोना खरीदने गया था। खरीदारी नहीं होने पर वह वापस उमठ पालिया लौट रहा था। वकील ने यह भी बताया कि मीजान और उसके पिता कृषक हैं तथा जमीन की खरीद-बिक्री का काम भी करते हैं। अधिवक्ता के अनुसार, कार से मिली रकम से संबंधित हिसाब-किताब मौजूद है और परिवार आयकर भी भरता है। इन दावों की पुष्टि के लिए पुलिस जमीन की बिक्री, नकदी के स्रोत और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। पुलिस कर रही नकदी के स्रोत की जांच पुलिस का पूरा फोकस फिलहाल बरामद रकम के स्रोत और उसके दस्तावेजी आधार पर है। जमीन बिक्री से जुड़ी जानकारी, नकदी के लेन-देन और युवक द्वारा बताए गए कारणों का सत्यापन किया जा रहा है। एएसपी राकेश पंद्रो के अनुसार, नकदी की गिनती पूरी हो चुकी है और कुल 73 लाख 72 हजार 500 रुपये मिले हैं। युवक ने जमीन बेचकर रकम लाने की बात कही है। अब संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।

Ratlam News: इंदौर गई थी 74 वर्षीय महिला, पीछे से घर में घुसे चोर; 6 लाख से ज्यादा का माल साफ

Ratlam News: रतलाम की अमृत सागर कॉलोनी में सूने मकान का ताला तोड़कर चोर 6 लाख से अधिक के सोने-चांदी के जेवर और नकदी ले गए। पुलिस जांच में जुटी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र में चोरी की वारदात सामने आई है। अमृत सागर कॉलोनी स्थित एक सूने मकान का ताला तोड़कर चोर नकदी और सोने-चांदी के जेवर समेत 6 लाख रुपए से अधिक का सामान लेकर फरार हो गए। घटना के समय मकान मालकिन अपनी बड़ी बहन से मिलने इंदौर गई हुई थीं। मामले की जानकारी गुरुवार सुबह उस समय हुई, जब पड़ोसी ने फोन कर घर के दरवाजे खुले होने की सूचना दी। रतलाम पहुंचने पर महिला ने मकान के मुख्य गेट और बरामदे के गेट के ताले टूटे देखे। अंदर जांच करने पर अलमारी में रखी नकदी और जेवर गायब मिले। इंदौर गई थीं मकान मालकिन, पड़ोसी ने दी सूचना अमृत सागर कॉलोनी निवासी 74 वर्षीय राजाबाई राठी, पति स्वर्गीय बालकृष्ण राठी ने दीनदयाल नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह 16 अगस्त को अपनी बड़ी बहन के यहां इंदौर गई थीं। गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे पड़ोसी भेरूलाल टांक का फोन आया। उन्होंने बताया कि राजाबाई के घर के दरवाजे खुले हुए हैं। सूचना मिलने के बाद वह रतलाम पहुंचीं और मकान की स्थिति देखकर चोरी की जानकारी हुई। ताले तोड़कर घर में घुसे चोर घर की जांच करने पर सामने आया कि चोरों ने मेन गेट और बरामदे वाले गेट का ताला तोड़ा था। इसके साथ ही दरवाजे के नकूचे के आसपास का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त किया गया था। अंदर रखी अलमारी की जांच करने पर अलग-अलग लिफाफों में रखे 1.41 लाख रुपए नकद गायब मिले। इसके अलावा सोने और चांदी के जेवर भी चोरी हुए हैं। सोने के जेवर भी ले गए शिकायत के मुताबिक चोर करीब 15 ग्राम वजन की सोने की एक जोड़ी लटकन और एक जोड़ी टॉप्स ले गए। इनकी कीमत करीब 2.44 लाख रुपए बताई गई है। इसके साथ ही करीब 1 ग्राम वजन का सोने का सिक्का भी चोरी हुआ है। 900 ग्राम चांदी के आभूषण चोरी चोरी हुए सामान में चांदी के जेवर और बर्तन भी शामिल हैं। इनमें एक गिलास, दो कटोरी, एक चम्मच, छह जोड़ी पायल और 12 जोड़ी बिछिया शामिल हैं। इसके अलावा 100 ग्राम और 50 ग्राम के चांदी के सिक्के भी चोरी हुए। कुल मिलाकर करीब 900 ग्राम चांदी के सामान की चोरी हुई, जिसकी कीमत लगभग 2.34 लाख रुपए बताई गई है। एक लेडीज रिस्ट वॉच भी चोर अपने साथ ले गए। नकदी और जेवर समेत चोरी गए सामान की कुल कीमत 6 लाख रुपए से अधिक बताई गई है। अलमारी में रखे थे मंडल के रुपए भी राजाबाई राठी ने पुलिस को बताया कि वह माहेश्वरी मंडल की संरक्षक भी हैं। 15 अगस्त को तीज का सामूहिक आयोजन किया गया था, जिसमें भोजन की व्यवस्था की गई थी। आयोजन से जुड़े खर्च की राशि भी अलमारी में रखी हुई थी। चोरी के दौरान यह रकम भी चोरों के हाथ लग गई। पुलिस ने शुरू की जांच, CCTV फुटेज खंगाल रही घटना की सूचना मिलने के बाद दीनदयाल नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस कॉलोनी तथा आसपास आने-जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फिलहाल पुलिस चोरी करने वालों की पहचान और उनकी तलाश में जुटी है। मामले में आगे की जांच के आधार पर चोरी के घटनाक्रम और आरोपियों के संबंध में जानकारी सामने आ सकती है।

Ratlam News: रतलाम में 1950 से ज्यादा नामांतरण मामलों का रास्ता साफ, 1958-59 के रिकॉर्ड से होगी कार्रवाई

Ratlam News: रतलाम में चार साल से अटके 1950 से अधिक नामांतरण मामलों का रास्ता साफ हुआ। अब 1958-59 या बाद के राजस्व रिकॉर्ड से जमीन का नामांतरण हो सकेगा। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News; जिले में जमीन के नामांतरण को लेकर पिछले करीब चार साल से अटके 1950 से अधिक मामलों में अब समाधान की उम्मीद जगी है। 1956-57 के पुराने बंदोबस्त रिकॉर्ड को आधार बनाकर रोके गए नामांतरण मामलों में अब 1958-59 या उसके बाद उपलब्ध राजस्व अभिलेखों के आधार पर कार्रवाई की जा सकेगी। इस फैसले से उन जमीन मालिकों और खरीदारों को राहत मिलने की संभावना है, जो नामांतरण के लिए लंबे समय से तहसील कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे। पुराने रिकॉर्ड में जमीन सरकारी दर्ज होने और बाद के दस्तावेजों में निजी स्वामित्व सामने आने के कारण बड़ी संख्या में प्रकरण उलझे हुए थे। मामले की पड़ताल के बाद कलेक्टर अजय कटेसरिया ने राजस्व रिकॉर्ड और पूर्व में मिले शासन के मार्गदर्शन को देखा। इसके बाद स्पष्ट हुआ कि 1958-59 के रिकॉर्ड को भी नामांतरण की कार्रवाई में आधार बनाया जा सकता है। क्यों अटके थे नामांतरण के मामले? नामांतरण की समस्या की जड़ 1956-57 के बंदोबस्त रिकॉर्ड से जुड़ी हुई है। उस समय के कई अभिलेखों में बड़ी संख्या में जमीनें सरकारी खाते में दर्ज थीं। बाद के 1961-62 के खसरों में इन्हीं में से कई जमीनें निजी स्वामित्व में दर्ज दिखाई दीं। इससे रिकॉर्ड में पुरानी और नई प्रविष्टियों के बीच अंतर पैदा हो गया। सबसे बड़ी परेशानी यह रही कि 1958 से 1962 के बीच के खसरा रिकॉर्ड का बड़ा हिस्सा रिकॉर्ड रूम में उपलब्ध नहीं बताया गया है। यह रिकॉर्ड कब और किस परिस्थिति में गायब हुआ, इससे संबंधित नस्ती भी प्रशासन के पास उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है। जब जमीनों की खरीद-बिक्री के बाद नए नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन तहसील कार्यालय पहुंचे, तो 1956-57 के रिकॉर्ड में जमीन सरकारी दर्ज होने के कारण कई प्रकरणों पर आपत्ति खड़ी हो गई। इसके चलते कुछ आवेदन लंबित रहे तो कुछ को निरस्त कर दिया गया। 1958-59 के रिकॉर्ड से क्या बदलेगा? अब 1956-57 के बंदोबस्त रिकॉर्ड को ही अंतिम आधार मानने के बजाय 1958-59 या उसके बाद उपलब्ध राजस्व अभिलेखों को भी देखा जा सकेगा। इससे उन मामलों में रास्ता खुल सकता है, जहां बाद के खसरों में जमीन का स्वामित्व बदल चुका है और उसका रिकॉर्ड उपलब्ध है। कलेक्टर ने क्या कहा? कलेक्टर अजय कटेसरिया के अनुसार मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता में 1958-59 के रिकॉर्ड को देखने का प्रावधान है और इसे अधिकार अभिलेख के रूप में माना जाता है। शासन से पूर्व में मिले मार्गदर्शन के आधार पर अब संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 16 महीने पहले ही मिल चुका था शासन का मार्गदर्शन नामांतरण की इस समस्या को लेकर तत्कालीन कलेक्टर राजेश बाथम ने राज्य शासन के प्रमुख सचिव से मार्गदर्शन मांगा था। इसके जवाब में 3 अप्रैल 2025 को राजस्व मंत्रालय ने मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के अनुसार यथोचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, जिले में इस दिशा-निर्देश को प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया। बाद में पटवारी और राजस्व निरीक्षकों से मिली जानकारी के आधार पर वर्तमान कलेक्टर अजय कटेसरिया ने मामले की पड़ताल की, जिसके बाद पुराने शासन निर्देश सामने आए। जमीन मालिकों की परेशानी भी सामने आई नामांतरण अटकने से आम लोगों को किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा, इसके उदाहरण भी सामने आए हैं। रामलाल वाघेला ने बताया कि वह करीब छह महीने से नामांतरण के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। करमदी के पास रिंग रोड क्षेत्र में स्थित उनकी जमीन के खसरा-खतौनी रिकॉर्ड में मालिकाना हक का नाम बदलवाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी। दूसरे मामले में मुकेश कुमार, निवासी धामनोद, ने बताया कि जमीन का सौदा होने के बाद नामांतरण नहीं होने से आगे की प्रक्रिया अटक गई। उनका कहना है कि उन्होंने 1961-62 से आगे के उपलब्ध रिकॉर्ड भी कार्यालय में प्रस्तुत किए, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। प्रॉपर्टी कारोबारियों को भी राहत की उम्मीद जिला प्रॉपर्टी एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पिपाड़ा का कहना है कि यदि पुराने सरकारी रिकॉर्ड की विसंगति दूर हो जाती है तो जमीन की खरीद-बिक्री और नामांतरण से जुड़ी कई समस्याएं अपने आप कम हो सकती हैं। जमीन की खरीद-बिक्री में राजस्व रिकॉर्ड की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में रिकॉर्ड स्पष्ट होने से खरीदार और विक्रेता दोनों के लिए प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। 1950 से अधिक लंबित मामलों पर अब नजर रतलाम जिले में करीब 1950 से अधिक नामांतरण प्रकरण लंबे समय से लंबित बताए गए हैं। अब 1958-59 या उसके बाद के उपलब्ध रिकॉर्ड को आधार बनाकर नियमानुसार कार्रवाई की संभावना बनने से इन मामलों के निराकरण का रास्ता खुल गया है। हालांकि, प्रत्येक मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड की स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए नामांतरण स्वतः नहीं होगा, बल्कि संबंधित प्रकरण में रिकॉर्ड और नियमों के आधार पर सक्षम राजस्व अधिकारी कार्रवाई करेंगे।

Ratlam News: रतलाम में जमीन विवाद के बीच युवक की मौत, शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन; जांच की मांग

Ratlam News: रतलाम के सरवनीखुर्द में जमीन विवाद के बीच शंकर गरवाल की कीटनाशक पीने से मौत हो गई। परिजनों ने शव रखकर प्रदर्शन कर जांच की मांग की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले के सरवनीखुर्द गांव में जमीन विवाद से जुड़ा मामला सामने आया है। 45 वर्षीय शंकर गरवाल की कीटनाशक पीने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों और जय आदिवासी युवाशक्ति संगठन से जुड़े लोगों ने बाजना रोड पर शव रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। करीब एक घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच, जमीन से जुड़े विवाद की पड़ताल और जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। परिजनों के अनुसार, शंकर ने 23 अगस्त को अपने खेत की जमीन के पास कीटनाशक पी लिया था। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां 25 अगस्त की दोपहर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जमीन पर कब्जे और खदान को लेकर लगाए आरोप परिजनों का आरोप है कि शंकर की खेती की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था। उनका कहना है कि परिवार लंबे समय से इस जमीन पर खेती करता आ रहा था। परिजनों के मुताबिक, जमीन पर खदान का पट्टा मिलने के बाद शंकर वहां खेती नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने खदान संचालक पर परेशान करने और डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए हैं। परिवार का दावा है कि शंकर ने जमीन से जुड़े मामले को लेकर कई बार शिकायतें की थीं। उनका आरोप है कि शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इन्हीं परिस्थितियों को लेकर परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पोस्टमार्टम के बाद सड़क पर रखा शव बुधवार दोपहर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन शंकर का शव लेकर गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बाजना रोड पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर डीएसपी गायत्री सोनी, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने परिजनों तथा संगठन के लोगों से बातचीत कर उनकी मांगें सुनीं। करीब एक घंटे चले प्रदर्शन के कारण सड़क पर यातायात प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गई। खनिज और राजस्व विभाग की भूमिका की जांच की मांग प्रदर्शन कर रहे परिजनों और आदिवासी संगठनों ने जमीन से जुड़े मामले में खनिज विभाग, राजस्व विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनकी प्रमुख मांग है कि जिस जमीन को लेकर विवाद है, वहां खदान का पट्टा किस आधार पर दिया गया और संबंधित प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ या नहीं, इसकी जांच की जाए। परिजनों ने यह भी मांग की कि जांच के दौरान यदि किसी अधिकारी या खदान संचालक की लापरवाही अथवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। परिवार को मुआवजा और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो थाने का घेराव किया जाएगा। पुलिस ने जांच का भरोसा दिया पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को मामले की जांच कर वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों और संगठन के लोगों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव के अनुसार, मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जांच में जमीन विवाद, शिकायतों, खदान पट्टे से जुड़े दस्तावेजों और लगाए गए अन्य आरोपों की स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा। परिवार में पत्नी और चार बच्चे शंकर गरवाल के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और तीन बेटियां हैं। मौत के बाद परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

Ratlam News: रतलाम में ईद-ए-मिलाद जुलूस को लेकर पुलिस अलर्ट, प्रमुख बाजारों और मार्गों का किया निरीक्षण

Ratlam News: रतलाम में ईद-ए-मिलाद, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी को लेकर पुलिस अलर्ट है। अधिकारियों ने जुलूस मार्ग, बाजारों और यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में ईद-ए-मिलाद, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। त्योहारों के दौरान शहर में बढ़ने वाली भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रमुख मार्गों, बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों का जायजा लिया। पुलिस उप महानिरीक्षक रतलाम रेंज निमिष अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार ने शहर में भ्रमण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान खास तौर पर ईद-ए-मिलाद जुलूस मार्ग का पैदल निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में जुलूस मार्ग की स्थिति के साथ यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों को देखा गया। संबंधित पुलिस अधिकारियों को मौके के अनुसार आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। 26 अगस्त को निकलेगा ईद-ए-मिलाद जुलूस ईद-ए-मिलाद के अवसर पर 26 अगस्त 2026 को रतलाम में जुलूस निकाला जाएगा। पुलिस के अनुसार जुलूस सुबह 8 बजे आबकारी चौराहा से शुरू होकर निर्धारित मार्ग से गुजरते हुए वापस आबकारी चौराहा पहुंचेगा। जुलूस का निर्धारित मार्ग आबकारी चौराहा → हरदेवलाला पिपली → तोपखाना → गणेश देवरी → डालूमोदी → चिंतामन गणेश मंदिर → महलवाड़ा → सूरजपोल → मोचीपुरा → काजीपुरा → शैरानीपुरा → जमातखाना → आनंद कॉलोनी → कांवेंट तिराहा → कोर्ट तिराहा → अम्बेडकर तिराहा → स्टेशन रोड थाना → दो बत्ती चौराहा → न्यू रोड → लोकेन्द्र टॉकीज → शहर सराय → शहीद चौक → आबकारी चौराहा। जुलूस के पूरे मार्ग पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर भी रहेगी नजर त्योहारों के दौरान शहर के प्रमुख बाजारों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने इन क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। आमजन को परेशानी न हो और यातायात सुचारू बना रहे, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। पुलिस को जरूरत के अनुसार यातायात डायवर्जन, नो-व्हीकल जोन और पार्किंग व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़भाड़ और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी रखने पर भी जोर दिया गया है। CCTV और पेट्रोलिंग से होगी निगरानी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जुलूस मार्ग और प्रमुख स्थानों पर उपलब्ध सीसीटीवी कैमरों तथा अन्य तकनीकी संसाधनों से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कहा गया है। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। आमजन के लिए जरूरी अपील रतलाम पुलिस ने नागरिकों से त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की है। जुलूस के दौरान पुलिस-प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग, यातायात डायवर्जन और नो-व्हीकल जोन का पालन करने को कहा गया है। नागरिकों के लिए मुख्य बातें: निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम ग्रामीण विवेक कुमार लाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम शहर राकेश पंद्रो, नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया, डीएसपी आनंद सोनी, रक्षित निरीक्षक मोहन भर्रावत सहित अन्य पुलिस अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे।

Ratlam News: रतलाम में नशे के खिलाफ कलेक्टर का सख्त रुख, कार्रवाई दिखाई नहीं देने पर जताई नाराजगी

Ratlam News: रतलाम में नारकोटिक्स रोकथाम को लेकर कलेक्टर अजय कटेसरिया ने सख्ती दिखाई। आबकारी और ड्रग इंस्पेक्टर को रोज कार्रवाई के निर्देश दिए। रतलाम- पब्लिक वार्ता  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले में नशीले पदार्थों की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने अब कार्रवाई तेज करने के संकेत दिए हैं। नारकोटिक्स एवं अन्य नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर अजय कटेसरिया ने संबंधित विभागों को नियमित और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में आबकारी विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर की कार्रवाई को लेकर कलेक्टर ने कड़ा असंतोष जताया। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि इन विभागों की कार्रवाई आखिर जनता को दिखाई क्यों नहीं दे रही है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ केवल कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उसका असर भी जमीन पर नजर आना चाहिए। कार्रवाई पर कलेक्टर ने अधिकारियों से पूछा सीधा सवाल समीक्षा के दौरान कलेक्टर अजय कटेसरिया ने आबकारी विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या किसी अधिकारी ने इन विभागों की कार्रवाई को देखा, सुना या उसके बारे में पढ़ा है। इस सवाल पर बैठक में मौजूद अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इसके बाद कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई लगातार और प्रभावी होनी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि काम केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। कार्रवाई का असर आम लोगों और संबंधित क्षेत्रों में भी दिखाई देना जरूरी है। ड्रग इंस्पेक्टर से मांगा अगस्त का पूरा रिकॉर्ड कलेक्टर ने ड्रग इंस्पेक्टर को अगस्त महीने में की गई सभी कार्रवाइयों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक में इस विषय पर प्राथमिकता से चर्चा की जाएगी। विभाग को यह जानकारी देनी होगी कि अगस्त में कितनी कार्रवाई की गई और उससे क्या परिणाम सामने आए। मुख्य निर्देश: अवैध शराब और नशीले पदार्थों पर अभियान चलाने के निर्देश आबकारी विभाग को अवैध शराब और अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया, ताकि नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार से जुड़े मामलों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर लगातार निगरानी नारकोटिक्स रोकथाम बैठक में पुलिस और संबंधित विभागों को उन क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए, जिन्हें नशीले पदार्थों की तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। कलेक्टर ने ऐसे हॉटस्पॉट क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। बैठक में सफेमा अधिनियम सहित कानूनी प्रावधानों के उपयोग पर भी जोर दिया गया। स्कूलों में चलेगा नशामुक्ति जागरूकता अभियान नशे की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने केवल कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय जागरूकता पर भी जोर दिया है। कलेक्टर ने स्कूलों में नशामुक्ति अभियान चलाने और व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा आरटीओ के माध्यम से बसों में नशामुक्ति से संबंधित फ्लेक्स और बैनर लगाने के लिए भी कहा गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और आम लोगों तक नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता का संदेश पहुंचाना है। बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर अजय कटेसरिया की अध्यक्षता में नारकोटिक्स रोकथाम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, अपर कलेक्टर बृजेंद्र कुमार रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Ratlam News: रतलाम की पैराडाइज वैली में दर्दनाक हादसा, बच्चों को बचाने उतरे 2 शिक्षक और छात्र की मौत

Ratlam News: रतलाम की पैराडाइज वैली में पिकनिक के दौरान पानी में गिरे बच्चों को बचाने की कोशिश में 2 शिक्षकों और एक छात्र की डूबने से मौत हो गई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर से करीब 11 किलोमीटर दूर पैराडाइज वैली पिकनिक स्पॉट पर रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। जावरा के त्रिमूर्ति कॉन्वेंट स्कूल से पिकनिक पर पहुंचे विद्यार्थियों में से कुछ बच्चे पानी के पास खेल रहे थे। इसी दौरान दो बच्चे पानी में चले गए। बच्चों को डूबता देख शिक्षक प्रिंस मोदी और विजय सिंह राठौर उन्हें बचाने के लिए पानी में उतरे। बचाव के दौरान एक छात्र और दोनों शिक्षक गहरे पानी में चले गए। स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। हादसे में कक्षा 7वीं के छात्र हर्षित पाटीदार सहित दोनों शिक्षकों की मौत हो गई। वहीं, पानी में गई अन्य छात्रा खुशी को बचा लिया गया। अन्वेष और सिद्धि समेत अन्य विद्यार्थियों को भी अस्पताल ले जाया गया। पैराडाइज वैली में कैसे हुआ हादसा? जानकारी के अनुसार, त्रिमूर्ति कॉन्वेंट स्कूल, जावरा के कक्षा 7वीं और 9वीं के करीब 17 विद्यार्थी रविवार सुबह लगभग 10:30 बजे स्कूल स्टाफ के साथ बस से पैराडाइज वैली पहुंचे थे। विद्यार्थियों के साथ स्कूल के प्रिंसिपल और अन्य शिक्षक व स्टाफ सदस्य भी मौजूद थे। बताया गया है कि सभी विद्यार्थी स्कूल के म्यूजिक ग्रुप से जुड़े हुए थे और स्कूल स्टाफ के साथ पिकनिक के लिए यहां पहुंचे थे। दोपहर करीब 2:30 से 3 बजे के बीच कुछ विद्यार्थी पानी के आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान कक्षा 7वीं के छात्र हर्षित पाटीदार और कक्षा 9वीं की छात्रा खुशी का पैर फिसल गया और दोनों पानी में चले गए। बच्चों को बचाने पानी में उतरे शिक्षक दोनों विद्यार्थियों को पानी में जाते देख शिक्षक प्रिंस मोदी और विजय सिंह राठौर तुरंत बचाव के लिए पहुंचे। प्रयास के दौरान खुशी को पानी से बाहर निकाल लिया गया, लेकिन हर्षित को बचाने की कोशिश में दोनों शिक्षक भी गहरे पानी में चले गए। बच्चों के शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोग और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने हर्षित तथा दोनों शिक्षकों को पानी से बाहर निकाला। तीनों को बचाने के लिए CPR देने की कोशिश भी की गई, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे में इन तीन लोगों की मौत हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान इस प्रकार हुई है: हादसे के बाद तीनों शवों को रतलाम मेडिकल कॉलेज लाया गया। बाद में शवों को स्कूल बस के माध्यम से जावरा भेजा गया। तीन विद्यार्थियों को अस्पताल में कराया गया भर्ती घटना के बाद बचाए गए विद्यार्थियों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। छात्रा खुशी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं अन्वेष और सिद्धि को भी अस्पताल ले जाने की जानकारी सामने आई है। हादसे की सूचना मिलने के बाद मृतकों के परिजन रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। SDERF टीम के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने किया रेस्क्यू घटना की गंभीरता को देखते हुए बचाव दल को भी सूचना दी गई थी। हालांकि, SDERF की टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने पानी में उतरकर तीनों को बाहर निकाल लिया था। पुलिस और प्रशासन की ओर से हादसे से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। घटना के कारणों और मौके की परिस्थितियों को लेकर जांच की जा रही है। हादसे से उठे सुरक्षा से जुड़े सवाल स्कूल पिकनिक के दौरान बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है। खासकर ऐसे स्थानों पर जहां गहरा पानी मौजूद हो, वहां विद्यार्थियों की निगरानी और सुरक्षित क्षेत्र की स्पष्ट पहचान बेहद जरूरी होती है। पैराडाइज वैली की इस घटना ने एक बार फिर पिकनिक स्पॉट पर बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे की पूरी तस्वीर पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

Ratlam News: रतलाम में कंबलों के नीचे छिपा था 106 किलो डोडाचूरा, पुलिस ने कंटेनर पकड़ा

Ratlam News: रतलाम में पुलिस ने नागालैंड नंबर के कंटेनर से 106.47 किलो डोडाचूरा जब्त किया है। मामले में नीमच और चित्तौड़गढ़ के दो आरोपी गिरफ्तार हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में नशे के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बिलपांक थाना क्षेत्र के सातरुंडा में पुलिस ने एक नागालैंड नंबर के कंटेनर से 106.47 किलो डोडाचूरा बरामद किया। पुलिस के मुताबिक जब्त डोडाचूरा की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये है। नशे की यह खेप नीमच से महाराष्ट्र के मालेगांव ले जाने की तैयारी में थी। कंटेनर में डोडाचूरा को छह कट्टों में भरकर कंबलों के नीचे छिपाया गया था। कार्रवाई के दौरान कंटेनर में सवार तीन लोगों में से एक पुलिस को देखकर मौके से भाग निकला, जबकि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। सातरुंडा में पुलिस ने की घेराबंदी एएसपी राकेश पंद्रों के अनुसार शुक्रवार रात बिलपांक थाना प्रभारी को सूचना मिली थी कि कंटेनर क्रमांक NL 01 AA 6956 में डोडाचूरा भरकर सातरुंडा के रास्ते इंदौर की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने सातरुंडा क्षेत्र में घेराबंदी की। इंदौर जाने वाली सड़क के किनारे एक ले-बाय में संदिग्ध कंटेनर खड़ा मिला। पुलिस ने वाहन की तलाशी शुरू की तो ऊपर कंबल रखे हुए दिखाई दिए। कंबलों को हटाने पर नीचे छह कट्टे मिले। जांच और वजन के बाद इनमें कुल 106.47 किलो डोडाचूरा पाया गया। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा कंटेनर में तीन लोग सवार थे। पुलिस की मौजूदगी देखकर इनमें से एक व्यक्ति मौके से फरार हो गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहनलाल (42) और प्रेमचंद (53) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार मोहनलाल नीमच जिले के जावद थाना क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि प्रेमचंद राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं थाना क्षेत्र का निवासी है। पुलिस ने दोनों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार करते हुए डोडाचूरा और कंटेनर जब्त कर लिया है। पूछताछ में नीमच से डोडाचूरा लाने की बात पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि डोडाचूरा नीमच के अनिल सिंह राजपूत से लिया गया था। पुलिस अब कथित रूप से डोडाचूरा उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है। इसके अलावा पुलिस फरार आरोपी अनिल सिंह सोंधिया राजपूत, निवासी संगराणा घाटी, जिला नीमच की तलाश में जुटी है। पुलिस के मुताबिक मामले में आगे की जांच के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। करीब 30 लाख रुपये का बताया गया डोडाचूरा पुलिस के अनुसार जब्त डोडाचूरा का कुल वजन 106.47 किलो है और इसकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है। कार्रवाई में कंटेनर को भी जब्त किया गया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को शनिवार को न्यायालय में पेश कर रिमांड लिया जाना है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस खेप के पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं और इसे मालेगांव तक पहुंचाने की योजना कैसे बनाई गई थी।

Ratlam News: रतलाम में किन्नरों को जबरन कार में बैठाने का आरोप, मारपीट के बाद FIR

Ratlam News: रतलाम में किन्नरों के दो समूहों के विवाद में जबरन कार में बैठाने और मारपीट के आरोप लगे हैं। पूनम जान समेत अन्य पर जीआरपी ने केस दर्ज किया है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में किन्नरों के दो समूहों के बीच चल रहे विवाद ने अब पुलिस थाने तक पहुंच बना ली है। शिकायत के मुताबिक, तीन किन्नरों को कथित तौर पर चाकू और डंडे दिखाकर जबरन कार में बैठाया गया और बाद में सुनसान स्थान पर ले जाकर उनके साथ मारपीट की गई। मामले में पूनम जान समेत अन्य लोगों के खिलाफ जीआरपी ने केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता किन्नर दीपा गुरु, जिनकी पहचान दिशा जागीरदार के रूप में बताई गई है, ने पुलिस को दिए आवेदन में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विवाद गुरु बदलने, रतलाम छोड़ने और शहर में बस्ती मांगने के क्षेत्र को लेकर है। घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आने की बात कही गई है। घटना का CCTV देखे जीआरपी के अनुसार, शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। क्या है पूरा मामला? शिकायत के अनुसार, मंगलवार रात करीब 12:30 बजे दीपा गुरु रतलाम रेलवे स्टेशन से फ्रीगंज रोड स्थित ऑन व्हील रेस्टोरेंट के पीछे से जा रही थीं। इसी दौरान उन्हें किन्नर सनम मिलीं और दोनों साथ हो गईं। आरोप है कि इसी दौरान काले रंग की एक स्कॉर्पियो वहां आकर रुकी। शिकायत में कहा गया है कि वाहन में किन्नर पूनम जान, उनका पति नायक और अन्य साथी मौजूद थे। दीपा गुरु का आरोप है कि चाकू और डंडे दिखाकर उन्हें और सनम को जबरन वाहन में बैठाया गया। दोनों के मोबाइल फोन भी ले लिए गए। सैलाना बस स्टैंड से दो अन्य किन्नरों को भी बैठाने का आरोप शिकायत के मुताबिक, स्कॉर्पियो सैलाना बस स्टैंड पहुंची, जहां करीना और नित्या नाम की दो अन्य किन्नर मिलीं। आरोप है कि उन्हें भी धमकाकर कार में बैठाया गया और मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए गए। इसके बाद सभी को भगतन की बावड़ी क्षेत्र स्थित पूनम जान के घर ले जाया गया। वहां से दिव्या को भी साथ लिया गया और फिर सभी को डी-मार्ट रोड के पास एक सुनसान स्थान पर ले जाने का आरोप लगाया गया। बेसबॉल बैट और डंडों से मारपीट का आरोप दीपा गुरु ने शिकायत में आरोप लगाया कि सुनसान स्थान पर उनके साथ लात-घूंसों के अलावा बेसबॉल बैट और डंडों से मारपीट की गई। शिकायत में दो साथियों को चाकू से घायल किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। आरोप है कि घटना के बाद सभी को कथित तौर पर राजी-खुशी छोड़ने के वीडियो बनाए गए, ताकि मामले को अलग रूप दिया जा सके। इसके बाद उन्हें मछली मार्केट के पास छोड़ने की बात शिकायत में कही गई है। गुरु बदलने और रतलाम छोड़ने का दबाव? शिकायतकर्ता के मुताबिक, पूरे विवाद की एक वजह गुरु बदलने और रतलाम में बस्ती मांगने के क्षेत्र को लेकर दबाव बनाना है। शिकायत में जान से मारने की धमकी देने और एक किन्नर का पर्स छीनने का आरोप भी लगाया गया है। पर्स में करीब 10 से 15 हजार रुपये होने की बात शिकायत में कही गई है। इन सभी आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और फिलहाल इन्हें शिकायतकर्ता के आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है। किन्नर काजल और पूनम जान के समूह के बीच विवाद मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, विवाद किन्नर गुरु काजल और पूनम जान के समूह के बीच बताया जा रहा है। रतलाम शहर में दोनों समूहों के अलग-अलग क्षेत्र होने की बात भी सामने आई है। घटना रेलवे क्षेत्र से जुड़ी होने के कारण जीआरपी ने मामले में कार्रवाई की है। शिकायत मिलने के बाद इंदौर से जीआरपी डीएसपी ज्योति शर्मा रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुंचीं और घायल किन्नरों से घटनाक्रम की जानकारी ली। जीआरपी ने दर्ज किया मामला इंदौर जीआरपी डीएसपी ज्योति शर्मा के अनुसार, किन्नर की शिकायत पर पूनम जान समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

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