MP News: इंदौर में बैंक कर्मचारी की मौत का खुलासा, हत्या को हादसा दिखाने की रची गई साजिश

MP News: इंदौर में बैंक कर्मचारी पलक काशिव हत्याकांड का बड़ा खुलासा। प्रेमी ने शादी से इनकार पर गला घोंटा, फिर पेट्रोल डालकर आग लगाई और हादसा दिखाने की साजिश रची। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर में निजी बैंक की कर्मचारी पलक काशिव की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती जांच में इसे गैस रिसाव और आग से जुड़ा हादसा माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और साइबर जांच ने पूरी कहानी बदल दी। पुलिस के मुताबिक यह एक सुनियोजित हत्या थी, जिसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी मयंक शाक्य शादी के लिए लगातार दबाव बना रहा था। जब पलक ने शादी से इनकार कर दिया तो उसने कथित तौर पर उसकी हत्या की योजना बनाई। पुलिस ने आरोपी को दतिया से गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार करने की बात भी पुलिस के सामने कही है। इस मामले ने शहर में सनसनी फैला दी है। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच की मदद से हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ। कैसे सामने आई हत्या की सच्चाई? पलक काशिव का शव सोमवार को तपेश्वरी क्षेत्र स्थित फ्लैट में मिला था। परिवार के लोग दो दिनों से उससे संपर्क नहीं कर पा रहे थे। जब मकान मालिक फ्लैट पहुंचा तो पलक मृत अवस्था में मिली। मौके पर गैस का बर्नर खुला था और गैस का रिसाव हो रहा था। रसोई में कटी हुई सब्जियां भी रखी थीं। शुरुआती हालात देखकर ऐसा लगा कि किसी घरेलू हादसे में उसकी मौत हुई होगी। इसी आधार पर पुलिस ने पहले दुर्घटना की संभावना मानकर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदल दी जांच की दिशा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना सामने आया। इसके बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक नकाबपोश युवक तेज़ी से कॉलोनी से निकलता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने पलक के परिचित लोगों की जानकारी जुटाई और साइबर टीम की मदद से कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की। तकनीकी जांच में मयंक शाक्य की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। दतिया से गिरफ्तारी, पूछताछ में कबूल किया अपराध पुलिस ने आरोपी मयंक शाक्य को दतिया से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने पहले पलक का गला दबाया। जब वह बेहोश हो गई तो उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने घटना को हादसा साबित करने के लिए गैस का बर्नर भी खुला छोड़ दिया, ताकि ऐसा लगे कि आग गैस रिसाव से लगी थी। गाने के शौक ने कराई थी दोनों की मुलाकात जांच में यह भी सामने आया कि पलक और मयंक की पहचान स्टार मेकर्स ऐप के जरिए हुई थी। दोनों को गाने का शौक था और इसी प्लेटफॉर्म पर उनकी दोस्ती हुई थी। समय के साथ दोनों संपर्क में आए, लेकिन शादी को लेकर दोनों के बीच मतभेद बढ़ गए। पुलिस जांच में क्या-क्या सामने आया? मुख्य तथ्य

Ratlam News: रतलाम में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लाखों रुपये का डोडाचूरा बरामद

Ratlam News: रतलाम के बड़ावदा थाना क्षेत्र में पुलिस ने 290 किलो डोडाचूरा और बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की। कार्रवाई के दौरान दो आरोपी मौके से फरार हो गए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बड़ावदा थाना पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान एक संदिग्ध ट्रैक्टर-ट्रॉली से 290 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद किया है। जब्त किए गए मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 14 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने संदिग्ध वाहन को रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक ट्रैक्टर लेकर भाग निकला। पीछा किए जाने पर चालक और उसका साथी ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो ट्रॉली में प्लास्टिक के कट्टों में भरा डोडाचूरा मिला। फिलहाल पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। गश्त के दौरान पुलिस को देखकर भागे आरोपी जावरा एसडीओपी संदीप कुमार के अनुसार, बड़ावदा थाना पुलिस की टीम नियमित रात्रि गश्त पर थी। इसी दौरान एक बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली संदिग्ध स्थिति में दिखाई दी। जब पुलिस ने वाहन रोकने का संकेत दिया तो चालक तेजी से वाहन लेकर भाग निकला। पुलिस टीम ने पीछा किया, जिसके बाद आरोपी ग्राम सिंदुरकिया स्थित शासकीय मिडिल स्कूल के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर झाड़ियों की ओर भाग गए। 13 कट्टों में मिला 290 किलो डोडाचूरा पुलिस ने मौके पर छोड़ी गई ट्रॉली की तलाशी ली। जांच के दौरान ट्रॉली में रखे 13 प्लास्टिक के कट्टों में अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा मिला। तौल कराने पर इसका कुल वजन 290 किलोग्राम निकला। पुलिस के अनुसार इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 14.50 लाख रुपये है। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज बरामद डोडाचूरा और बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली को पुलिस ने जब्त कर लिया है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस अब ट्रैक्टर-ट्रॉली के मालिक और फरार आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। संभावित ठिकानों पर दबिश पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी कार्रवाई के दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही वाहन के स्वामित्व और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

Ratlam News: रतलाम में वन भूमि विवाद बना खूनी संघर्ष, पहाड़ी पर युवक की गला रेतकर हत्या, पिता और भाई भी घायल

Ratlam News: रतलाम के बाजना थाना क्षेत्र के कागलीखोरा गांव में वन विभाग की जमीन के विवाद में 18 वर्षीय युवक की हत्या कर दी गई। पिता और भाई घायल, पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के बाजना थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह वन विभाग की जमीन को लेकर चला आ रहा विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। कागलीखोरा गांव की पहाड़ी पर खेती की हकाई करने पहुंचे एक परिवार पर हमला कर दिया गया, जिसमें 18 वर्षीय युवक की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई। हमले में मृतक के पिता और बड़े भाई भी घायल हुए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर बाजना थाना पुलिस, एफएसएल टीम और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच वन विभाग की जमीन पर कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। कागलीखोरा गांव की पहाड़ी पर हुआ हमला पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे लक्ष्मण (18) पुत्र बादरिया अपने पिता बादरिया और बड़े भाई नारायण (20) के साथ गांव की पहाड़ी पर वन भूमि की हकाई करने पहुंचे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के 6 से 7 लोग वहां पहुंचे। बातचीत के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में लक्ष्मण के गले पर गंभीर वार किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पिता और भाई भी हमले में घायल हो गए। मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से देर से पहुंची सूचना घटना जिस इलाके में हुई, वहां मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने के कारण पुलिस को तत्काल सूचना नहीं मिल सकी। करीब 10:30 बजे डायल-112 के माध्यम से पुलिस को हत्या की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही बाजना थाना प्रभारी रविंद्र दंडोतिया पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद रतलाम से एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल भी घटनास्थल पहुंचे और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बाजना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां दोपहर में पोस्टमार्टम कराया गया। वन विभाग की जमीन को लेकर पुराना विवाद पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच गांव की पहाड़ी पर स्थित वन विभाग की जमीन पर कब्जे को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। इसी पुराने विवाद ने मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और हमले के पीछे की परिस्थितियों को भी खंगाल रही है। छह आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज बाजना थाना पुलिस ने हत्या सहित अन्य धाराओं में छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दर्ज आरोपियों में शामिल हैं— पुलिस के अनुसार सभी आरोपी एक ही परिवार के सदस्य हैं। कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा? बाजना थाना प्रभारी रविंद्र दंडोतिया ने बताया कि मृतक की उम्र से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। परिजन उसकी उम्र 17 से 18 वर्ष के बीच बता रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार ने कहा कि डायल-112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। मामले के सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर निष्पक्ष जांच की जा रही है।

MP News: एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 4 साल तक सहमति से बने संबंध को नहीं माना दुष्कर्म

MP News: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने चार साल तक सहमति से बने संबंधों को दुष्कर्म नहीं मानते हुए केंद्रीय कर्मचारी के खिलाफ दर्ज रेप की FIR और लंबित आपराधिक कार्यवाही निरस्त कर दी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सहमति से बने संबंधों और दुष्कर्म के मामलों को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि दो बालिग अपनी स्वतंत्र इच्छा से लंबे समय तक संबंध में रहे हैं और सहमति किसी झूठे वादे, धमकी या दबाव के आधार पर नहीं ली गई है, तो ऐसे मामले में दुष्कर्म का अपराध नहीं बनता। हाईकोर्ट ने इसी आधार पर भोपाल निवासी एक केंद्रीय कर्मचारी के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म की एफआईआर और ट्रायल कोर्ट में लंबित आपराधिक कार्यवाही को निरस्त कर दिया। यह फैसला न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने सुनाया। यह निर्णय सहमति (Consent) और झूठे विवाह के वादे से जुड़े मामलों में कानूनी दृष्टिकोण को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्या था पूरा मामला? याचिकाकर्ता एक केंद्रीय कर्मचारी है, जिसके खिलाफ उसकी विवाहित सहकर्मी ने भोपाल के छोला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2020 में आरोपी ने उसे नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया। साथ ही शादी का झांसा देकर करीब चार वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाए। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म का मामला दर्ज किया था और मामला ट्रायल कोर्ट में विचाराधीन था। हाईकोर्ट ने किन तथ्यों पर दिया फैसला? सुनवाई के दौरान अदालत ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध दस्तावेजों और परिस्थितियों का विस्तृत परीक्षण किया। कोर्ट ने पाया कि शिकायतकर्ता: अदालत ने यह भी माना कि दोनों के बीच लंबे समय तक सहमति से संबंध रहे और रिकॉर्ड में ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि आरोपी ने महिला को ब्लैकमेल किया, धमकाया या झूठे विवाह के वादे से उसकी सहमति प्राप्त की। अदालत ने क्या कहा? न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने कहा कि यदि दो बालिग बिना किसी दबाव, भय या झूठे प्रलोभन के अपनी स्वतंत्र इच्छा से लंबे समय तक संबंध में रहते हैं, तो केवल बाद में विवाद उत्पन्न होने से उस संबंध को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने आरोपी के खिलाफ दर्ज एफआईआर और ट्रायल कोर्ट में लंबित आपराधिक कार्यवाही को निरस्त करने का आदेश दिया। फैसले का कानूनी महत्व यह फैसला इस सिद्धांत को दोहराता है कि दुष्कर्म के मामलों में प्रत्येक मामले के तथ्यों और परिस्थितियों का अलग-अलग मूल्यांकन किया जाता है। यदि सहमति स्वतंत्र रूप से दी गई हो और उसे धोखे, धमकी, दबाव या झूठे विवाह के वादे से प्राप्त न किया गया हो, तो अदालत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लेती है।

MP News: मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 82 लाख किसानों को ₹3,300 करोड़ की बड़ी सौगात

MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 82 लाख से अधिक किसानों के खातों में ₹3,300 करोड़ से ज्यादा की सहायता राशि ट्रांसफर की। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को आर्थिक मजबूती देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को खंडवा में आयोजित राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 82 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹3,300 करोड़ से ज्यादा की सहायता राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की। नई कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से किसान, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने किसानों को शुभकामनाएं देते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया और कृषि नवाचारों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। ₹3,300 करोड़ की राशि सीधे किसानों के खातों में कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने डिजिटल सिंगल-क्लिक प्रणाली के जरिए 82 लाख से अधिक किसानों के खातों में ₹3,300 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की। सरकार का कहना है कि यह आर्थिक सहायता किसानों को खेती से जुड़े खर्च पूरे करने और बेहतर कृषि तकनीक अपनाने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा, “राज्य के सभी किसानों को बहुत-बहुत बधाई। हमारी सरकार हर स्थिति में आपके साथ मजबूती से खड़ी है।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, फसल उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। कृषि प्रदर्शनी का किया निरीक्षण कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने कृषि मशीनरी, आधुनिक खेती की तकनीकों और विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शकों और किसानों से बातचीत कर खेती में नवाचारों की जानकारी ली। इस दौरान खंडवा जिले के कई प्रगतिशील किसानों को कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया।

Ratlam News: रतलाम में शेयर मार्केट निवेश के नाम पर 10 लाख की साइबर ठगी, पुलिस ने 5 लाख से ज्यादा रकम कराई होल्ड

Ratlam News: रतलाम में फेसबुक लिंक के जरिए शेयर मार्केट निवेश का झांसा देकर 10 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर 5 लाख से अधिक राशि होल्ड कराई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शेयर मार्केट में ज्यादा मुनाफा कमाने का लालच रतलाम के एक निवेशक को भारी पड़ गया। फेसबुक पर मिले एक लिंक के जरिए साइबर ठगों ने उसे निवेश का झांसा दिया और अलग-अलग किस्तों में 10 लाख रुपये से अधिक की रकम अपने खातों में जमा करा ली। जब पीड़ित ने निवेश की गई राशि निकालने की कोशिश की तो संबंधित एप्लिकेशन बंद हो चुकी थी। शिकायत मिलते ही रतलाम साइबर सेल ने मामले में तेजी से कार्रवाई की। जांच के दौरान ठगों के बैंक खातों में पहुंची 5 लाख रुपये से अधिक की राशि होल्ड करवा दी गई। न्यायालय की प्रक्रिया के बाद पीड़ित को अब तक 2.68 लाख रुपये वापस मिल चुके हैं, जबकि शेष राशि लौटाने की प्रक्रिया जारी है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले निवेश संबंधी ऑफर और अनजान लिंक कितने खतरनाक हो सकते हैं। कैसे हुई 10 लाख रुपये की साइबर ठगी? मामला स्टेशन रोड थाना क्षेत्र का है। पीड़ित ने 12 मार्च 2026 को रतलाम साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि फेसबुक पर मिले एक लिंक के माध्यम से उसे शेयर मार्केट में निवेश कर कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का दावा किया गया। लालच में आकर उसने 27 फरवरी से 12 मार्च 2026 के बीच अलग-अलग किस्तों में 10 लाख रुपये से अधिक की राशि निवेश के नाम पर जमा कर दी। ठग लगातार अधिक लाभ का भरोसा देकर और पैसे निवेश करने के लिए दबाव बनाते रहे। एप्लिकेशन बंद होते ही सामने आई ठगी जब पीड़ित ने निवेश की गई रकम निकालने (विड्रॉल) का प्रयास किया तो संबंधित एप्लिकेशन खुलना बंद हो गई। इसके बाद उसे साइबर ठगी का अहसास हुआ और उसने तुरंत रतलाम साइबर सेल से संपर्क किया। साइबर सेल ने ऐसे बचाई लाखों रुपये की राशि शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने मामला नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज किया। इसके बाद बैंक खातों और लेनदेन की जांच कर ठगों के खातों में पहुंची ₹5,04,126 की राशि होल्ड करवाई गई। वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद न्यायालय ने यह राशि पीड़ित को लौटाने के आदेश जारी किए। आदेश के पालन में अब तक ₹2,68,907पीड़ित के खाते में वापस जमा किए जा चुके हैं। बाकी राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी है। वर्ष 2026 में रतलाम पुलिस की बड़ी सफलता रतलाम पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक साइबर ठगी के मामलों में ₹86,28,026 की राशि ठगों के खातों में होल्ड करवाई जा चुकी है। इनमें से ₹20,23,739 पीड़ितों को वापस दिलाई जा चुकी है, जबकि शेष मामलों में कानूनी और न्यायालयीन प्रक्रिया जारी है। राशि रिफंड कराने की कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी सब इंस्पेक्टर जीवन बारिया, हेड कॉन्स्टेबल हिम्मत सिंह तथा कॉन्स्टेबल मोरसिंह और राहुल पाटीदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की सलाह इन बातों का रखें विशेष ध्यान

MP News: पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों पर लगेगी सख्त लगाम, फास्ट ट्रैक कोर्ट में होंगे केस

MP News: मध्य प्रदेश सरकार पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों को रोकने के लिए नया सख्त कानून लाने जा रही है। फास्ट ट्रैक कोर्ट, संपत्ति कुर्की और AI आधारित सुरक्षा व्यवस्था लागू होगी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य में सार्वजनिक परीक्षाओं के दौरान होने वाले पेपर लीक, सॉल्वर गैंग, फर्जी अभ्यर्थियों और डिजिटल माध्यम से नकल जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संबंधी नया कानून तैयार किया जा रहा है। इस प्रस्तावित कानून के तहत परीक्षा से जुड़े गंभीर अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। केवल जेल और जुर्माना ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर आरोपियों की संपत्ति भी कुर्क की जा सकेगी। ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि ईमानदार अभ्यर्थियों का विश्वास बनाए रखने के लिए परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। पेपर लीक रोकने के लिए बनेगा सख्त कानून राज्य सरकार जिस नए कानून की तैयारी कर रही है, उसमें परीक्षा से जुड़े संगठित अपराधों पर विशेष फोकस रहेगा। प्रस्तावित कानून के तहत निम्न मामलों में कड़ी कार्रवाई का प्रावधान रहेगा— इन मामलों में कठोर दंड, आर्थिक जुर्माना, संपत्ति कुर्की, त्वरित जांच और शीघ्र अभियोजन की व्यवस्था की जाएगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई सरकार का उद्देश्य केवल अपराध दर्ज करना नहीं बल्कि समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करना भी है। इसलिए परीक्षा से जुड़े गंभीर मामलों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का प्रस्ताव है, जिससे लंबित मामलों में तेजी से फैसला हो सके। भर्ती परीक्षाओं में होंगे बड़े बदलाव राज्य सरकार सामान्य प्रशासन विभाग, मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) और कर्मचारी चयन मंडल की भर्ती परीक्षाओं के नियमों में भी बदलाव कर रही है। नियमों के प्रारूप पर दावा-आपत्ति आमंत्रित की जा चुकी है और अब इन्हें अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। समान योग्यता वाले पदों के लिए होगी एक ही परीक्षा नई व्यवस्था के तहत एक जैसी पात्रता वाले पदों के लिए अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगी। सरकार समान प्रकृति के पदों का समूह बनाएगी और वर्ष में केवल एक संयुक्त परीक्षा आयोजित करने की योजना पर काम कर रही है। इससे अभ्यर्थियों को बार-बार आवेदन और परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। AI, बायोमैट्रिक और CCTV से होगी निगरानी परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था में शामिल होंगे ये उपाय ऑनलाइन शिकायत प्रणाली भी होगी शुरू भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक स्वतंत्र शिकायत निवारण प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। अभ्यर्थी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेंगे, उसकी स्थिति ट्रैक कर सकेंगे और तय समय सीमा में शिकायतों का समाधान किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर स्वतंत्र जांच भी कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जाए। उनका कहना है कि परीक्षा में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए सख्त कानून लाना इस सुधार प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

MP के रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत: 1 अगस्त से तत्काल टिकट के नए नियम लागू, परिवार को मिलेगी पहली प्राथमिकता

MP 1 अगस्त 2026 से भोपाल मंडल के सभी आरक्षण केंद्रों पर तत्काल टिकट के लिए नई टोकन व्यवस्था लागू होगी। जानिए एसी, नॉन-एसी टोकन समय और नए नियम। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP मध्य प्रदेश के लाखों रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। पश्चिम मध्य रेलवे ने भोपाल मंडल के सभी आरक्षण केंद्रों पर तत्काल टिकट बुकिंग को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नई टोकन व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। यह व्यवस्था 1 अगस्त 2026 से प्रभावी होगी। नई प्रणाली का सबसे बड़ा फायदा उन यात्रियों को मिलेगा जो अपने लिए या अपने परिवार के सदस्यों के लिए तत्काल टिकट बनवाने आरक्षण केंद्र पहुंचेंगे। ऐसे यात्रियों को सबसे पहले मौका दिया जाएगा, जबकि अन्य प्रतिनिधियों को बाद में टिकट बुकिंग की सुविधा मिलेगी। रेलवे का उद्देश्य दलालों की गतिविधियों पर रोक लगाना और आम यात्रियों को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना है। यात्रियों को अब निर्धारित समय पर टोकन लेना होगा और उसी क्रम के अनुसार टिकट बुकिंग की जाएगी। इससे काउंटरों पर भीड़ कम होने और प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित रहने की उम्मीद है। 1 अगस्त से लागू होगी नई टोकन व्यवस्था पश्चिम मध्य रेलवे के अनुसार भोपाल मंडल के सभी आरक्षण केंद्रों पर तत्काल टिकट के लिए टोकन प्रणाली शुरू की जा रही है। हर टोकन पर संबंधित काउंटर नंबर दर्ज रहेगा और उसका पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और एक व्यक्ति द्वारा कई बार टोकन लेकर दलाली करने की संभावना काफी हद तक कम होगी। एसी और नॉन-एसी तत्काल टिकट के लिए अलग समय नई व्यवस्था के तहत एसी और नॉन-एसी तत्काल टिकटों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है। एसी तत्काल टिकट नॉन-एसी तत्काल टिकट जरूरत पड़ने पर रेलवे इन टोकनों की संख्या में बदलाव भी कर सकेगा।  ‘ए’ और ‘बी’ श्रेणी में बांटे जाएंगे टोकन रेलवे ने टोकन को दो अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया है।  ‘ए’ श्रेणी इस श्रेणी में वे यात्री शामिल होंगे जो— इन यात्रियों को स्वप्रमाणित आधार कार्ड या अन्य मान्य पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। आवश्यकता होने पर पारिवारिक संबंध का प्रमाण भी देना पड़ सकता है। ‘बी’ श्रेणी इस श्रेणी में वे प्रतिनिधि शामिल होंगे जो किसी अन्य व्यक्ति की ओर से टिकट बनवाएंगे। उन्हें अपने साथ-साथ संबंधित यात्री का भी स्वप्रमाणित पहचान पत्र जमा करना होगा। पहले परिवार, फिर अन्य प्रतिनिधियों को मिलेगा मौका नई व्यवस्था के अनुसार पहले ‘ए’ श्रेणी के सभी टोकनधारकों का काम पूरा किया जाएगा। इसके बाद ‘बी’ श्रेणी के प्रतिनिधियों को टिकट बुकिंग की अनुमति मिलेगी। रेलवे का मानना है कि इससे वास्तविक यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी और तत्काल टिकट पाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक निष्पक्ष होगी। दलालों पर लगेगी प्रभावी रोक रेलवे ने स्पष्ट किया है कि टोकन पूरी तरह हस्तांतरणीय (Non-Transferable) नहीं होंगे। यानी एक व्यक्ति अपना टोकन किसी दूसरे को नहीं दे सकेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य— रेलवे की पहल से आम यात्रियों को मिलेगा फायदा पश्चिम मध्य रेलवे का कहना है कि नई टोकन व्यवस्था का मकसद वास्तविक यात्रियों को प्राथमिकता देना और तत्काल टिकट प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है, तो भविष्य में अन्य स्थानों पर भी इस तरह की प्रणाली अपनाई जा सकती है।

Ratlam News: रतलाम में नाबालिग लड़कियों से अनैतिक देह व्यापार कराने का मामला, पुलिस ने युवक को गिरफ्तार किया

Ratlam News: रतलाम के रिंगनोद थाना क्षेत्र में पुलिस ने अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया। दो नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू कर मामला दर्ज किया गया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम पुलिस ने जिले में अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई रिंगनोद थाना क्षेत्र के ग्राम ढोढर स्थित बाछड़ा डेरे में की गई, जहां से पुलिस ने दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। पुलिस के अनुसार, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने नियमानुसार कार्रवाई की। मौके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दोनों नाबालिग पीड़िताओं को संरक्षण में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर जिले में अनैतिक देह व्यापार के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दी दबिश रिंगनोद थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद सिंह आजाद और ढोढर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक रघुवीर जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम ढोढर के बाछड़ा डेरे में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान आरोपी हंसु पिता गोपाल चौहान (19 वर्ष) निवासी बाछड़ा डेरा, ढोढर को गिरफ्तार किया गया। मौके से दो नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया गया, जिन्हें आवश्यक कानूनी और सुरक्षा प्रक्रिया के तहत संरक्षण में लिया गया है। इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना रिंगनोद में अपराध क्रमांक 302/2026 दर्ज किया है। आरोपी पर निम्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है— फिलहाल मामले की विवेचना जारी है। पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई रतलाम पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लालतथा जावरा एसडीओपी संदीप मालवीय के मार्गदर्शन में रिंगनोद थाना एवं ढोढर चौकी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका कार्रवाई में निरीक्षक आनंद सिंह आजाद, उपनिरीक्षक रघुवीर जोशी, सहायक उपनिरीक्षक अशोक चौहान, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, प्रधान आरक्षक नरेंद्र सिंह, आरक्षक नरेंद्र सिंह हाड़ा, आरक्षक शोभाराम शर्मा, आरक्षक रविंद्र सिंह तथा महिला आरक्षक निशा डडिंग सहित थाना रिंगनोद एवं पुलिस चौकी ढोढर की संयुक्त टीम शामिल रही।

जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम ने 127 से अधिक विद्यार्थियों को बांटी पाठ्य सामग्री, शिक्षकों और मेधावी छात्रों का भी हुआ सम्मान

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम ने अपने सेवा संकल्प को आगे बढ़ाते हुए एक और सराहनीय पहल की है। संस्था ने विचक्षण विद्यापीठ, कोटावाला बाग, रतलाम में अध्ययनरत 127 से अधिक विद्यार्थियों को लॉन्ग कॉपी, ड्राइंग कॉपी और अन्य आवश्यक पाठ्य सामग्री वितरित की। यह सेवा प्रकल्प ग्रुप सखी श्रीमती संगीता ललित कांठेड़ के सौजन्य से आयोजित किया गया। विशेष बात यह रही कि जेएसजी संगिनी उमंग ने मात्र 30 दिनों के भीतर अपना तीसरा सेवा प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरा किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ-साथ विद्यालय के शिक्षकों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों का भी सम्मान किया गया। मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों का किया सम्मान कार्यक्रम में विद्यालय के श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। वहीं विद्यालय में शिक्षा दे रहे शिक्षक एवं स्टाफ को डायरी और पेन भेंट कर सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों और संगिनी सखियों का आत्मीय स्वागत किया। बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। 30 दिनों में पूरे किए तीन सेवा प्रोजेक्ट जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम द्वारा पिछले एक माह में लगातार तीन सेवा कार्य किए गए— अनेक पदाधिकारी और संगिनी सखियां रहीं मौजूद इस अवसर पर जोन कोऑर्डिनेटर श्री निर्मल मेहता, ग्रुप की संस्थापक श्रीमती रमिला सकलेचा, पूर्व अध्यक्ष श्रीमती संगीता कांठेड़, अध्यक्ष श्रीमती रेनू लूनिया सहित बिंदु कटारिया, मंजूषा ओरा, विजया लूनिया, सरोज चत्तर, श्रद्धा लुणावत, ममता भंडारी, अरुणा नाहर, प्रीति चोरड़िया, संगीता पोरवाल, सुनीला पोरवाल, शोभा चाणोदिया, सरोज कासवा एवं अनेक संगिनी सखियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। समाज सेवा और शिक्षा के लिए निरंतर प्रयास जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम ने कहा कि संस्था समाज सेवा, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार सकारात्मक कार्य कर रही है। भविष्य में भी जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े सेवा प्रकल्प इसी प्रकार जारी रहेंगे।

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