Ratlam News: रतलाम में फर्जी नारकोटिक्स टीआई बनकर कारोबारी से 3.45 करोड़ की ठगी का आरोप, मकान-प्लॉट भी अपने नाम 

Ratlam News: रतलाम में खुद को नारकोटिक्स टीआई बताकर महिला पर प्रॉपर्टी कारोबारी से 3.45 करोड़ रुपये ठगने, मकान और प्लॉट अपने नाम कराने का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया केस। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क| Ratlam News: रतलाम में खुद को नारकोटिक्स विभाग की टीआई बताकर एक प्रॉपर्टी कारोबारी से करोड़ों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। माणकचौक थाना पुलिस ने तेजानगर निवासी कारोबारी रुपेश चपरोत की शिकायत पर सपना ठाकुर नाम की महिला के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। शिकायत में 3 करोड़ 45 लाख 75 हजार 900 रुपये की धोखाधड़ी के साथ प्लॉट और मकान अपने नाम कराने का आरोप लगाया गया है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, महिला ने कारोबारी को दूसरे व्यक्ति के खिलाफ चल रहे हुंडी की दलाली से जुड़े मामले में कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। उसने कथित तौर पर मकान और फ्लैट कुर्क करवाकर रकम वापस दिलाने का आश्वासन दिया। इसी भरोसे में कारोबारी ने महिला को लाखों रुपये दिए और बाद में अपनी संपत्ति भी उसके नाम करवा दी। शिकायत में यह भी आरोप है कि महिला ने कारोबारी और उसकी बेटी को झूठे एनडीपीएस केस में फंसाने तथा जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल ये सभी आरोप शिकायत पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। कैसे शुरू हुआ ठगी का मामला? रुपेश चपरोत के अनुसार, दिसंबर 2025 में विजय लोढ़ा के खिलाफ हुंडी की दलाली के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का मामला न्यायालय में चल रहा था। इसी दौरान 10 से 15 दिसंबर के बीच उनके मोबाइल पर दो अलग-अलग नंबरों से फोन आए। फोन करने वाली महिला ने अपना नाम सपना ठाकुर बताया और खुद को मंदसौर की नारकोटिक्स टीआई बताया। उसने विजय लोढ़ा के खिलाफ दर्ज एफआईआर की कॉपी मांगी। कारोबारी ने उसके कहने पर एफआईआर की प्रति वाट्सएप से भेज दी। इसके बाद महिला लगातार संपर्क में रही। उसने विजय लोढ़ा के मकान और फ्लैट की कुर्की सहित कानूनी कार्रवाई करवाकर कारोबारी की रकम वापस दिलाने का भरोसा दिया। शिकायत के मुताबिक, इसी प्रक्रिया के नाम पर महिला ने कारोबारी से अलग-अलग समय पर रुपये लेना शुरू कर दिया। नकदी, बैंक ट्रांसफर और उधारीनामा के नाम पर रुपये लेने का आरोप शिकायत में बताया गया है कि मकान और फ्लैट से संबंधित कार्रवाई के नाम पर महिला ने करीब 70 लाख रुपये नकद लिए। इसके अलावा कारोबारी के जीजा कमल मल्लारा को मुंबई के एक मामले में मदद दिलाने का भरोसा देकर 15 लाख रुपये लेने का आरोप भी लगाया गया है। फरवरी 2026 में 42 लाख रुपये का उधारीनामा लिखवाया गया। इसके बाद 22 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से महिला के खाते में ट्रांसफर करवाए गए। स्टाम्प ड्यूटी और अन्य खर्चों के नाम पर 15 लाख रुपये और लेने की बात भी शिकायत में कही गई है। प्लॉट अपने नाम करवाने का भी आरोप रुपेश चपरोत ने शिकायत में आरोप लगाया कि विजय लोढ़ा के खिलाफ चल रहे मामले में उन्हें न्यायालय के सामने उधारीदार दिखाने के लिए प्रमाण की जरूरत बताई गई थी। इसी बहाने सपना ठाकुर ने तुलसी विहार कॉलोनी में स्थित उनका 13 बाय 55 फीट का एलआईजी-06 प्लॉट अपने नाम करवा लिया। महिला ने जल्द ही प्लॉट वापस करने का भरोसा दिया था। इसके बाद नामली रोड क्षेत्र में पेट्रोल पंप शुरू करने और उसमें निवेश करने का प्रस्ताव रखा गया। शिकायत के अनुसार, केसीसी लोन भरने के नाम पर भी करीब 20 लाख रुपये लिए गए। बेटी की शादी के लिए रखे सोने के जेवर भी लेने की शिकायत कारोबारी ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी मुस्कान की शादी के लिए करीब 105 ग्राम सोने के जेवर जमा किए गए थे। आरोप है कि महिला ने ये जेवर भी अपने पास रख लिए। इसके बाद विजय लोढ़ा के मामले में कारोबारी को दिवालिया दिखाने और हाईकोर्ट में केस मजबूत करने की बात कहकर तेजानगर स्थित उनका मकान भी अपने नाम करवा लिया गया। मकान की रजिस्ट्री के बाद 20 लाख रुपये वापस लेने का आरोप शिकायत के मुताबिक, तेजानगर स्थित मकान के बेचाननामा में उसकी कीमत 32 लाख 93 हजार रुपये दर्शाई गई थी। बैंक के माध्यम से 20 लाख रुपये दिए गए। कारोबारी का आरोप है कि रजिस्ट्री के अगले दिन महिला के कहने पर उन्होंने अपने बैंक खातों से 20 लाख रुपये नकद निकालकर उसे वापस दे दिए। महिला ने दस दिन में मकान की रजिस्ट्री फिर से उनके नाम कराने का भरोसा दिया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शिकायत में आरोप है कि महिला ने मकान बेचने के संबंध में एक वीडियो भी बनवाया। उसमें कारोबारी से कहलवाया गया कि उन्होंने अपना मकान 1 करोड़ 30 लाख रुपये में बेच दिया है और उस पर कोई कर्ज या उधारी नहीं है। साथ ही भाई-बहनों को भी बिक्री पर कोई आपत्ति नहीं होने की बात कहलवाई गई। कारोबारी के अनुसार, वीडियो महिला ने खुद बनाया था। बाद में मकान का नामांतरण भी उसके नाम करवा लिया गया। मकान पर ताला लगवाकर खाली करवाने का आरोप रुपेश चपरोत ने शिकायत में बताया कि महिला ने बाद में उनके मकान पर ताले लगवा दिए। उसने कथित तौर पर कहा कि हाईकोर्ट की टीम सर्वे के लिए आने वाली है और उन्हें 15 दिन बाद वापस मकान में आने को कहा। इसके बाद कारोबारी अपनी पत्नी और बेटी के साथ भाई के काटजू नगर स्थित मकान में रहने चले गए। शिकायत के अनुसार, इसके बावजूद महिला लगातार उनसे रुपये मांगती रही। एनडीपीएस केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत कारोबारी ने आरोप लगाया कि अतिरिक्त रुपये देने से इनकार करने पर महिला ने उन्हें और उनकी बेटी को धमकियां दीं। शिकायत के मुताबिक, महिला ने एमडी पाउडर रखकर झूठे एनडीपीएस केस में फंसाने की धमकी दी। इसके अलावा खुद को एनकाउंटर स्पेशलिस्ट बताकर एनकाउंटर करने की बात कहने, बेटी मुस्कान का रिश्ता तुड़वाने और रुपये नहीं देने पर जान से खत्म करने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। मोबाइल फॉर्मेट करवाने और सिम अपने पास रखने का आरोप … Read more

मूक-बधिर स्कूल में संगिनी उमंग परिवार ने बांटी पाठ्य सामग्री, 85 से अधिक बच्चों को कराया भोजन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क| रतलाम में सेवा कार्य के तहत JSG संगिनी उमंग रतलाम परिवार की ओर से मूक-बधिर स्कूल में पाठ्य सामग्री एवं भोजन वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्कूल के 85 से अधिक बच्चों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई और उन्हें भोजन कराया गया। यह सेवा प्रकल्प JSG MP Region के अध्यक्ष राहुल चपलोद द्वारा दिए गए शिक्षा प्रोजेक्ट के तहत आयोजित किया गया। संगिनी उमंग रतलाम परिवार की ओर से इस माह दूसरी बार शिक्षा से जुड़ा सेवा प्रकल्प सफलतापूर्वक पूरा किया गया। 85 से अधिक बच्चों को बांटी पाठ्य सामग्री कार्यक्रम में संगिनी सखी मीना रमेश गादिया ने अपनी सासू मां की पुण्यतिथि के अवसर पर मूक-बधिर स्कूल के बच्चों के लिए पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई। स्कूल के 85 से अधिक बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। इसके साथ ही सभी बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई। समूह की सदस्यों ने की सहभागिता कार्यक्रम में झोन कोऑर्डिनेटर निर्मल मेहता, पूर्व अध्यक्ष संगीता कांठेड़, अध्यक्ष रेनू लूनिया सहित स्नेहलता धाकड़, निर्मला पटवा, किरण मेहता, सुनीता गादिया, उषा खेमेसरा सहित समूह की कई सदस्य मौजूद रहीं। इस अवसर पर ग्रुप अध्यक्ष रेनू लूनिया ने मीना रमेश गादिया का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान सदस्यों ने सेवा कार्य में सहभागिता करते हुए बच्चों के साथ समय बिताया।

Ratlam News: किस्तें जमा करने के बाद भी मोबाइल लॉक, विरोध पर युवक से मारपीट; 300 से ज्यादा लोग धरने पर बैठे

Ratlam News: रतलाम के सातरुंडा चौराहे पर किस्त जमा करने के बावजूद मोबाइल लॉक होने पर विवाद हुआ। युवक से मारपीट के बाद आदिवासी समाज ने धरना दिया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के सातरुंडा चौराहे पर मोबाइल की किस्त जमा करने के बावजूद फोन लॉक होने को लेकर विवाद सामने आया है। मोबाइल अनलॉक नहीं होने की शिकायत लेकर दुकान पहुंचे आदिवासी युवक ने दुकानदार और फाइनेंस कर्मचारी पर मारपीट व जातिसूचक गाली देने का आरोप लगाया है। घटना के विरोध में शुक्रवार को 300 से अधिक आदिवासी समाजजन बालाजी मोबाइल दुकान के बाहर धरने पर बैठ गए। मामला बढ़ने के बाद बिलपांक थाना पुलिस ने दुकान संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद समाजजनों में आक्रोश फैल गया। पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज किए जाने के बाद धरना समाप्त हुआ। 20 हजार रुपये में फाइनेंस कराया था मोबाइल पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, धार जिले के बदनावर थाना क्षेत्र के नाहरखेड़ा निवासी अर्जुन पुत्र बाबूलाल डामर ने सातरुंडा चौराहे स्थित बालाजी मोबाइल दुकान से करीब 20 हजार रुपये में मोबाइल फाइनेंस कराया था। मोबाइल की मासिक किस्त 2200 रुपये तय थी। अर्जुन का कहना है कि वह तीन किस्तें दुकान पर बैठने वाले फाइनेंस कर्मचारी प्रदीप जाट को जमा कर चुका था। इसके बावजूद मोबाइल लॉक हो गया। मोबाइल लॉक होने का कारण जानने के लिए अर्जुन गुरुवार दोपहर अपने दोस्तों अक्षय भूरिया और धूरा निनामा के साथ दुकान पहुंचा। मोबाइल लॉक होने की बात पर हुआ विवाद शिकायत के मुताबिक, दुकान पर प्रदीप जाट और नयन लोहार मिले। अर्जुन ने मोबाइल लॉक होने का कारण पूछा। आरोप है कि इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। अर्जुन ने पुलिस को बताया कि प्रदीप जाट और नयन लोहार ने उसके साथ जातिसूचक गाली-गलौज की और मारपीट व धक्का-मुक्की की। आरोप है कि नयन के पिता और दुकान संचालक सुभाष लोहार ने भी उसके साथ मारपीट की। मामले में पुलिस ने सिमलावदा निवासी सुभाष पुत्र नारायण लोहार, नयन पुत्र सुभाष लोहार और दंतोड़िया निवासी प्रदीप जाट के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। वीडियो वायरल होने के बाद समाज में आक्रोश घटना के बाद मारपीट का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गया। वीडियो सामने आने के बाद आदिवासी समाज के लोगों में नाराजगी बढ़ी और शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में लोग सातरुंडा चौराहे पर पहुंच गए। 300 से अधिक समाजजन बालाजी मोबाइल दुकान के बाहर धरने पर बैठ गए। लोगों की मांग थी कि मामले में कार्रवाई की जाए और आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाए। ढाई घंटे धरने के बाद दर्ज हुई रिपोर्ट शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे समाजजन सातरुंडा चौराहे पर जुटने लगे। बिलपांक थाना प्रभारी अय्यूब खान और बिरमावल चौकी प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर समाजजनों से चर्चा की। रिपोर्ट दर्ज होने तक समाजजन करीब ढाई घंटे धरने पर बैठे रहे। पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद आंदोलन समाप्त किया गया। इसके बाद सातरुंडा चौकी के बाहर जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा, डॉ. अभय ओहरी, जयस जिलाध्यक्ष दीपक निनामा, जयस उपाध्यक्ष कमल भूरिया, राजकुमार डामर और महेश डोडियार सहित जनप्रतिनिधियों व समाजजनों ने ज्ञापन सौंपा। पुलिस ने तीन लोगों पर दर्ज किया केस बिलपांक थाना पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

Ratlam News: रतलाम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई हत्याकांड का खुलासा, जमीन का हिस्सा नहीं देना पड़ा भारी, पिता-बेटे ने की हत्या

Ratlam News: रतलाम के शिवगढ़ क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई डामोर की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। जमीन विवाद में पिता-बेटे गिरफ्तार। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव में 11 सितंबर को घर के आंगन में मिले आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई डामोर के शव की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने मामले में महिला के काका ससुर बद्दा डामोर और उसके बेटे बसंतीलाल उर्फ गुड्डा को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि जमीन में हिस्से को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के कारण दोनों आरोपियों ने देवीबाई की हत्या की योजना बनाई थी। आरोप है कि रात के समय दोनों ने महिला पर धारदार हथियार से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, वारदात के समय पहने गए कपड़े और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। सुबह घर के आंगन में मिला था महिला का शव 11 सितंबर की सुबह नयाखेड़ा गांव निवासी अन्नुसिंह डामोर खेत पर काम करने जा रहा था। रोजाना की तरह देवीबाई अपने घर के बरामदे में खाट पर सोती थी, लेकिन उस दिन वह जमीन पर पड़ी हुई मिली। अन्नुसिंह ने पास जाकर देखा तो महिला खून से लथपथ थी। उसने तुरंत शिवगढ़ थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान महिला के सिर पर धारदार हथियार से गंभीर चोट के निशान मिले। प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत होने पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। हत्या की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमित कुमार सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले के खुलासे के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई। रिश्ते के देवर पर पुलिस को हुआ संदेह जांच के दौरान पुलिस को महिला के पति के काका के बेटे बसंतीलाल उर्फ गुड्डा पर संदेह हुआ। रिश्ते में वह देवीबाई का देवर लगता था। पुलिस ने पहले बसंतीलाल से पूछताछ की। इसके बाद उसके पिता बद्दा डामोर से भी पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों ने देवीबाई की हत्या में शामिल होना स्वीकार किया। जमीन के हिस्से को लेकर चल रहा था विवाद शिवगढ़ थाना प्रभारी रणजीतसिंह मकवाना के अनुसार, देवीबाई और बसंतीलाल के बीच वर्ष 2017 से संबंध थे। इस मामले की जानकारी परिवार और समाज के लोगों को भी थी। पुलिस के मुताबिक, उस समय देवीबाई के रहने, भरण-पोषण और संपत्ति में हिस्से को लेकर परिवार तथा समाज के स्तर पर सहमति बनी थी। बसंतीलाल के पिता बद्दा ने कथित रूप से देवीबाई को अपने बेटे के साथ रखने, परिवार की जमीन में आधा हिस्सा देने, बच्चों के भरण-पोषण और रहने के लिए मकान उपलब्ध कराने की बात कही थी। बाद में देवीबाई के रहने के लिए मकान बना दिया गया, लेकिन जमीन में आधा हिस्सा देने की बात पूरी नहीं हुई। इसी मुद्दे को लेकर महिला और दोनों आरोपियों के बीच लंबे समय से विवाद और कहासुनी होती रहती थी। रात करीब 3 बजे घर पहुंचकर किया हमला पुलिस पूछताछ के अनुसार, जमीन विवाद और लगातार हो रही कहासुनी के बाद दोनों आरोपियों ने देवीबाई की हत्या की योजना बनाई। 11 सितंबर की रात करीब 3 बजे बसंतीलाल और उसका पिता बद्दा देवीबाई के घर पहुंचे। पुलिस का कहना है कि महिला के सोते समय दोनों ने धारदार हथियार से उस पर हमला किया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण देवीबाई की मौत हो गई। वारदात के बाद दोनों आरोपी वहां से चले गए। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कुल्हाड़ी, वारदात के समय पहने गए कपड़े और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। कई थाना पुलिस और साइबर सेल ने की जांच हत्याकांड के खुलासे में शिवगढ़ थाना पुलिस के साथ रावटी और सरवन थाना पुलिस की टीम की भी भूमिका रही। इसके अलावा साइबर सेल और अन्य पुलिस अधिकारियों ने जांच में सहयोग किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

Ratlam News: रतलाम के रावटी में लापता युवक का शव मिलने से सनसनी, पास में मिला कंकाल

Ratlam News: रतलाम के रावटी थाना क्षेत्र में 13 दिन से लापता युवक सुखराम का क्षत-विक्षत शव मिला। पास में मिले कंकाल और कपड़ों की जांच में पुलिस जुटी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के रावटी थाना क्षेत्र में रविवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब एक खेत में 13 दिनों से लापता 20 वर्षीय युवक का क्षत-विक्षत शव मिला। शव के कुछ दूरी पर एक कंकाल भी बरामद हुआ है। कंकाल के पास नाबालिग लड़की के कपड़े मिलने से पुलिस की जांच और गंभीर हो गई है। पुलिस के अनुसार, कंकाल की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। कपड़ों के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि यह उसी नाबालिग लड़की का हो सकता है, जो 1 सितंबर को युवक के साथ लापता हुई थी। हालांकि, पुलिस ने अभी इस आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। पुलिस और एफएसएल टीम मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। खेत में घास काटने गई महिला को मिली जानकारी जानकारी के मुताबिक, रविवार को सेमलखेड़ी निवासी कुसुम पत्नी शंकर गणावा खेत में घास काटने गई थीं। इसी दौरान उन्हें खेत से तेज बदबू आने का एहसास हुआ। पास जाकर देखने पर उन्होंने एक युवक का शव पड़ा देखा। इसके बाद कुसुम ने ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। शाम करीब 6 बजे पुलिस को सूचना मिली, लेकिन बारिश के कारण पुलिस रात करीब 8 बजे घटनास्थल पर पहुंच सकी। मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने शव के आसपास का क्षेत्र सुरक्षित किया और जांच शुरू की। इसी दौरान पास में एक कंकाल भी मिला। कपड़ों से हुई युवक की पहचान प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान 20 वर्षीय सुखराम पुत्र रमश गणावा, निवासी ग्राम सेमलखेड़ी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, युवक की पहचान उसके पहने हुए कपड़ों के आधार पर की गई। शव काफी क्षत-विक्षत हालत में मिला था। प्रारंभिक तौर पर पुलिस को आशंका है कि लंबे समय तक पड़े रहने के कारण जानवरों ने शव को नुकसान पहुंचाया होगा। शव के पास जहर की एक डिब्बी मिलने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस इस बिंदु को भी जांच का हिस्सा बना रही है। 13 दिनों से लापता थी नाबालिग लड़की मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी पास मिले कंकाल के साथ बरामद कपड़े हैं। पुलिस को संदेह है कि ये कपड़े उस नाबालिग लड़की से संबंधित हो सकते हैं, जिसकी गुमशुदगी 1 सितंबर को रावटी थाने में दर्ज कराई गई थी। नाबालिग के परिवार ने युवक पर बेटी को अपने साथ ले जाने का संदेह जताया था। अब युवक का शव मिलने और पास में कंकाल बरामद होने के बाद पुलिस दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है। हालांकि, कंकाल की वास्तविक पहचान बिना वैज्ञानिक जांच के स्पष्ट नहीं होगी। पुलिस डीएनए परीक्षण और अन्य जांच प्रक्रियाओं के माध्यम से पहचान सुनिश्चित करने की तैयारी कर रही है। मेडिकल कॉलेज में दोनों पक्षों के बीच विवाद सोमवार दोपहर दोनों मृतकों के परिजन पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई। देखते ही देखते विवाद हाथापाई और पथराव तक पहुंच गया। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थर फेंके। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जांच जारी रखी। पुलिस और एफएसएल टीम कर रही जांच घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों के साथ एफएसएल टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। डॉक्टर अतुल मित्तल सहित संबंधित अधिकारियों ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस दोनों परिवारों के सदस्यों से पूछताछ कर रही है। युवक और नाबालिग लड़की के लापता होने की परिस्थितियों, उनके बीच संबंधों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। रावटी थाना प्रभारी ने क्या कहा? रावटी थाना प्रभारी सुरेंद्र गडरिया ने बताया कि युवक का शव और एक कंकाल पास-पास मिले हैं। नाबालिग के परिजनों ने पहले युवक पर संदेह जताते हुए गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि युवक की पहचान हो चुकी है, जबकि कंकाल की पहचान अभी बाकी है। मामले की जांच जारी है और वैज्ञानिक परीक्षण के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस के सामने कई सवाल इस घटना ने पुलिस जांच के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, नाबालिग लड़की का कंकाल से कोई संबंध है या नहीं और दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हैं या नहीं—इन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने किसी निष्कर्ष की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और डीएनए परीक्षण के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आने की संभावना है।

संत कमल किशोर नागर को धमकी से आक्रोश, रतलाम नागर समाज ने एसपी को सौंपा ज्ञापन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। रतलाम में पूज्य संत श्री कमल किशोर जी नागर को कथा के दौरान प्राप्त हुए धमकी भरे पत्र के मामले ने नागर ब्राह्मण समाज में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। घटना के विरोध में समाज के प्रतिनिधियों ने राज्य के गृह मंत्री के नाम पुलिस अधीक्षक रतलाम को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। नागर ब्राह्मण समाज रतलाम का कहना है कि संत कमल किशोर नागर मालवा क्षेत्र की धार्मिक और सामाजिक पहचान से जुड़े प्रतिष्ठित संत हैं। ऐसे में उन्हें धमकी मिलना गंभीर विषय है और प्रशासन को इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए। बड़ी संख्या में समाजजन रहे मौजूद ज्ञापन नागर ब्राह्मण समाज रतलाम के अध्यक्ष जितेंद्र नागर, रतलाम नागर ब्राह्मण न्यास के अध्यक्ष संजय दवे और नागर महिला मंडल की अध्यक्षा मीनाक्षी रावल के नेतृत्व में सौंपा गया। इस दौरान समाज के पदाधिकारी, प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने संत को प्राप्त धमकी भरे पत्र की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन से प्रभावी कदम उठाने की मांग की। ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें ज्ञापन के माध्यम से समाज ने पुलिस और प्रशासन के सामने निम्न मांगें रखीं— गौसेवा और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित हैं संत समाज के सदस्यों ने कहा कि संत श्री कमल किशोर नागर लंबे समय से गौसेवा, धर्म, संस्कार और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके धार्मिक और सामाजिक योगदान को देखते हुए समाज उन्हें मालवा क्षेत्र का गौरव मानता है। प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी संत या सामाजिक-धार्मिक व्यक्तित्व को धमकी मिलना चिंताजनक स्थिति है। इसलिए पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।

Ratlam News: आधी रात शहर सराय की सड़क से फूटा पानी, पाइपलाइन लीकेज से सड़क का हिस्सा उठा

Ratlam News: रतलाम के शहर सराय में आधी रात सड़क से तेज बहाव के साथ पानी निकलने लगा। ढोलावाड़ की मुख्य पाइपलाइन में लीकेज से सड़क का हिस्सा ऊपर उठा। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के शहर सराय इलाके में गुरुवार रात करीब 12 बजे अचानक सड़क से पानी निकलने लगा। कुछ ही देर में पानी का बहाव तेज हो गया और आसपास के लोगों में हलचल मच गई। जमीन के भीतर से पानी निकलता देख रहवासियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची हाट चौकी पुलिस ने स्थिति को देखते हुए सड़क पर बेरिकेडिंग कराई और नगर निगम को भी जानकारी दी। शुरुआती जांच के बाद सामने आया कि ढोलावाड़ से शहर में पेयजल आपूर्ति करने वाली मुख्य पाइपलाइन में लीकेज हुआ था। घटना का वीडियो देखे पानी का दबाव इतना अधिक था कि सड़क का एक हिस्सा करीब आधा फीट ऊपर उठ गया। कुछ समय तक सड़क से पानी निकलने के कारण क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सड़क से अचानक निकलने लगा पानी रात करीब 12 बजे शहर सराय क्षेत्र में लोगों ने सड़क से पानी बाहर निकलते देखा। शुरुआत में पानी का बहाव सामान्य नजर आया, लेकिन कुछ ही देर में इसकी रफ्तार बढ़ गई। पास में मौजूद एक अन्य नाली से भी जमीन के अंदर का पानी रास्ता बनाकर बाहर आने लगा। सड़क से इस तरह पानी निकलने की घटना को देखकर आसपास के लोग मौके पर जुट गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर की बेरिकेडिंग सूचना मिलने के बाद हाट चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सड़क के प्रभावित हिस्से के आसपास बेरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही को सुरक्षित किया। स्थिति को देखते हुए नगर निगम को भी सूचना दी गई, ताकि पानी के स्रोत का पता लगाकर समस्या को नियंत्रित किया जा सके। ढोलावाड़ की मुख्य पाइपलाइन में मिला लीकेज जांच के बाद पता चला कि ढोलावाड़ से पेयजल आपूर्ति करने वाली मुख्य पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण पानी तेज दबाव के साथ बाहर निकल रहा था। पानी के दबाव का असर सड़क पर भी दिखाई दिया। सड़क का एक हिस्सा करीब आधा फीट तक ऊपर उठ गया, जिससे सड़क की सतह पर भी इसका असर नजर आया। मोटर बंद होने के बाद रुका पानी रात करीब एक बजे कर्मचारियों ने मोटर बंद की। इसके बाद पाइपलाइन से निकल रहा पानी धीरे-धीरे रुक गया और क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो गई। घटना के दौरान किसी बड़े नुकसान या जनहानि की जानकारी सामने नहीं आई है। अचानक सड़क से पानी निकलने के कारण कुछ समय के लिए लोगों के बीच जरूर अफरा-तफरी रही। शहर सराय में कुछ देर बनी रही स्थिति शहर सराय में हुई इस घटना ने कुछ समय के लिए लोगों का ध्यान खींच लिया। सड़क के नीचे से तेज दबाव के साथ पानी निकलने और सड़क का हिस्सा ऊपर उठने से लोग कारण जानने के लिए मौके पर पहुंचते रहे। मोटर बंद होने के बाद पानी का बहाव रुक गया, जिसके बाद हालात सामान्य हो गए।

Ratlam News: नामली में कहासुनी के बाद चाकूबाजी, युवक की पीठ पर चाकू से हमला; दो नामजद समेत अन्य पर केस

Ratlam News: रतलाम के नामली में दो गुटों के बीच विवाद के बाद चाकूबाजी हो गई। युवक चेतन राठौड़ की पीठ पर चाकू लगने से तीन टांके आए। पुलिस ने केस दर्ज किया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के नामली में गुरुवार दोपहर आपसी कहासुनी के बाद युवाओं के दो गुटों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला मारपीट और चाकूबाजी तक पहुंच गया। घटना में नामली निवासी चेतन राठौड़ की पीठ पर चाकू लगने से वह घायल हो गया। घायल युवक को पहले नामली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी पीठ पर तीन टांके लगाए गए। घटना नामली के फोरलेन स्थित सांवलिया ढाबा के पास गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे हुई। पुलिस ने मामले में दो नामजद आरोपियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास और मारपीट का प्रकरण दर्ज किया है। बीच-बचाव के दौरान हुआ चाकू से हमला जानकारी के अनुसार चेतन राठौड़ और कुलदीप तंवर के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद दोनों पक्षों के अन्य युवक भी आपस में झगड़ने लगे। विवाद बढ़ने पर मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया। इसी दौरान चेतन राठौड़ की पीठ पर चाकू से हमला कर दिया गया। अचानक हुई चाकूबाजी के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस के पहुंचने से पहले चाकू मारने वाले युवक वहां से फरार हो चुके थे। दो नामजद आरोपियों समेत अन्य पर केस दर्ज नामली थाना पुलिस ने घायल चेतन राठौड़ की शिकायत और उपलब्ध जानकारी के आधार पर कुलदीप तंवर निवासी नामली, किशोर मालवीय निवासी हसनपालिया, जावरा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल सभी आरोपियों की तलाश की जा रही है। वर्चस्व की चर्चा, पुलिस ने किया इनकार घटना के बाद दोनों गुटों के बीच पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई को लेकर भी चर्चाएं सामने आईं। बताया जा रहा है कि आगामी त्योहारों को देखते हुए पुलिस इन गुटों के साथ बैठक करने की तैयारी में थी। हालांकि, नामली थाना पुलिस ने वर्चस्व की लड़ाई की बात से इनकार किया है। पुलिस के मुताबिक होटल से बाहर निकलते समय रास्ता देने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी। इसी मामूली विवाद ने बाद में मारपीट और चाकूबाजी का रूप ले लिया। आरोपी और घायल युवक पहले से परिचित नामली थाना प्रभारी अमित कोरी ने बताया कि घायल युवक और आरोपी एक-दूसरे को पहले से जानते-पहचानते हैं। प्रारंभिक जांच में होटल से बाहर निकलते समय रास्ता देने को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है। थाना प्रभारी के अनुसार विवाद बढ़ने के बाद चाकूबाजी की घटना हुई। कुलदीप तंवर, किशोर मालवीय समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी नामली पुलिस ने घटना के बाद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। घटना के पीछे वास्तविक कारण और विवाद की पूरी परिस्थितियों को लेकर जांच जारी है।

Ratlam News: रतलाम में रेलवे भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा, रेटिना टेस्ट ने खोली डमी अभ्यर्थियों की पोल

Ratlam News: रतलाम में रेलवे भर्ती PET के दौरान रेटिना टेस्ट से डमी अभ्यर्थियों का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। पंकज और गौरव दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देते पकड़े गए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रेलवे भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में डमी अभ्यर्थियों के जरिए परीक्षा देने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। बुधवार को रतलाम के रेलवे फुटबॉल मैदान में रेटिना टेस्ट और पहचान जांच के दौरान दो युवकों की पहचान वास्तविक अभ्यर्थियों से अलग मिली। इसके बाद दोनों को मौके पर पकड़ लिया गया। जांच में सामने आया कि फिरोजाबाद निवासी पंकज यादव वास्तविक अभ्यर्थी मनीष सिंह की जगह और गौरव यादव वास्तविक अभ्यर्थी अनुज दिवाकर की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। दोनों मामलों में डमी अभ्यर्थियों के जरिए रेलवे भर्ती की प्रक्रिया में शामिल होने की कोशिश की गई थी। वीडियो देखे इससे पहले 6 सितंबर को बिहार के दो युवकों के वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह PET देने का मामला भी सामने आया था। लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद रेलवे भर्ती परीक्षा की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रेटिना टेस्ट में अलग निकली पहचान रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ पश्चिम रेलवे की ओर से रतलाम के रेलवे फुटबॉल मैदान में ग्रुप डी लेवल-1 पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही है। बुधवार सुबह करीब 10:30 से 11 बजे के बीच टाइमिंग टेक्नोलॉजी के नामित कर्मचारियों ने अभ्यर्थियों की पहचान प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान रेटिना टेस्ट के साथ फोटो और रिकॉर्ड का मिलान किया गया। जांच के दौरान परीक्षा देने पहुंचे युवकों की पहचान रिकॉर्ड में दर्ज वास्तविक अभ्यर्थियों से अलग पाई गई। संदेह होने पर आरपीएफ कर्मचारियों की मदद से दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। मनीष की जगह पंकज पहुंचा था जांच में पता चला कि 33 वर्षीय पंकज यादव, निवासी अलीनगर, फिरोजाबाद, वास्तविक अभ्यर्थी 26 वर्षीय मनीष सिंह के स्थान पर PET देने पहुंचा था। मनीष सिंह, निवासी फिरोजाबाद, परीक्षा में शामिल होने के लिए रतलाम आया ही नहीं था। मामले के सामने आने के बाद वह फरार बताया गया है। अनुज की जगह गौरव ने दी परीक्षा दूसरे मामले में 21 वर्षीय गौरव यादव, निवासी ग्राम जफराबाद, फिरोजाबाद, वास्तविक अभ्यर्थी अनुज दिवाकर के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था। पहचान प्रक्रिया के दौरान गौरव की जानकारी वास्तविक अभ्यर्थी के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाई। इसके बाद रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। पकड़े गए युवकों में गौरव यादव, पंकज यादव और वास्तविक अभ्यर्थी अनुज दिवाकर के नाम सामने आए हैं। वहीं मनीष सिंह की तलाश की जा रही है। रेलवे भर्ती में लगातार सामने आ रहे डमी अभ्यर्थी रतलाम में रेलवे भर्ती PET के दौरान यह पहला मामला नहीं है। 6 सितंबर को भी बिहार के दो युवकों के वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने का मामला सामने आया था। इसके महज तीन दिन बाद एक बार फिर डमी अभ्यर्थियों के पकड़े जाने से परीक्षा की निगरानी व्यवस्था पर चर्चा शुरू हो गई है। खास बात यह है कि दोनों मामलों में पहचान की जांच के दौरान फर्जीवाड़ा पकड़ में आया। रेटिना टेस्ट बना अहम जांच का जरिया इस मामले में रेटिना टेस्ट और फोटो रिकॉर्ड का मिलान निर्णायक साबित हुआ। शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की पहचान की पुष्टि के दौरान रिकॉर्ड से अंतर सामने आया, जिसके बाद संदिग्ध अभ्यर्थियों को रोककर जांच की गई। रेलवे भर्ती PET से जुड़ी अहम जानकारी मुख्य तथ्य: सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल रेलवे भर्ती जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षा में अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। रतलाम में लगातार डमी अभ्यर्थियों के मामले सामने आने से यह सवाल उठ रहा है कि फर्जीवाड़े की कोशिशें परीक्षा केंद्र तक कैसे पहुंच रही हैं। हालांकि, पहचान जांच के दौरान मामलों का पकड़ा जाना यह भी दिखाता है कि अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापित करने के लिए तकनीकी जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

Ratlam News: रतलाम कलेक्टर की फोटो लगाकर फर्जी WhatsApp अकाउंट से अफसरों को मैसेज, ठगी की आशंका

Ratlam News: रतलाम में कलेक्टर अजय कटेसरिया की फोटो लगाकर फर्जी WhatsApp नंबर से अधिकारियों को मैसेज भेजे गए। लोगों से सतर्क रहने और भुगतान न करने की अपील। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: कलेक्टर अजय कटेसरिया के नाम और प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी WhatsApp नंबर से अधिकारियों को मैसेज भेजे जाने का मामला सामने आया है। मंगलवार दोपहर महिला एवं बाल विकास विभाग की एक अधिकारी समेत कई अधिकारियों के मोबाइल पर विदेशी नंबर से संदेश पहुंचे। जिस नंबर से मैसेज भेजे गए, उसके WhatsApp प्रोफाइल पर कलेक्टर अजय कटेसरिया की रतलाम वाली फोटो लगी हुई थी। नंबर पर फिलीपिंस का नाम भी दिखाई दे रहा था। मामले की जानकारी कलेक्टर तक पहुंचने के बाद स्पष्ट हुआ कि यह उनका अधिकृत मोबाइल नंबर नहीं है। कलेक्टर ने नागरिकों के साथ ही जिले के अधिकारियों और कर्मचारियों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि उनके नाम, फोटो या पद का इस्तेमाल कर किसी अनधिकृत नंबर से संदेश आए तो उस पर भरोसा न करें और किसी भी तरह की आर्थिक मांग होने पर भुगतान न करें। कलेक्टर की फोटो लगाकर भेजे गए मैसेज जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर कई अधिकारियों को WhatsApp पर संदेश मिले। संदेश भेजने वाले नंबर +63 961 540 2077 की प्रोफाइल पर कलेक्टर अजय कटेसरिया की तस्वीर लगी थी। विदेशी नंबर होने के कारण भी यह मामला संदिग्ध नजर आया। अधिकारियों ने इसकी जानकारी कलेक्टर को दी, जिसके बाद पुष्टि हुई कि उक्त नंबर कलेक्टर का आधिकारिक मोबाइल नंबर नहीं है। मामले की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर अजय कटेसरिया ने पुलिस को भी इसकी सूचना दी है। पैसों की मांग के जरिए ठगी का खतरा किसी वरिष्ठ अधिकारी या सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति की फोटो लगाकर WhatsApp अकाउंट बनाना साइबर ठगी का एक तरीका हो सकता है। ऐसे मामलों में आरोपी पहले पहचान का भरोसा पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं और बाद में पैसे भेजने या निजी जानकारी साझा करने के लिए दबाव बनाया जा सकता है। कलेक्टर ने लोगों से अपील की है कि उनके नाम या फोटो से आने वाले किसी भी संदिग्ध संदेश की पहले पुष्टि करें। यदि संदेश में पैसे भेजने, बैंक संबंधी जानकारी देने या किसी लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जाए तो तत्काल सावधानी बरतें।

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