MP UCC Bill पास: शादी का रजिस्ट्रेशन होगा अनिवार्य, लिव इन से नौकरी रिकॉर्ड तक क्या बदल जाएगा?

MP UCC Bill: मध्य प्रदेश विधानसभा से UCC बिल पास हो गया है। शादी के रजिस्ट्रेशन, लिव इन रिलेशन, नौकरी रिकॉर्ड और संपत्ति विवाद से जुड़े नए नियम क्या होंगे, जानिए पूरी जानकारी भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP UCC Bill: मध्य प्रदेश विधानसभा ने मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित कर दिया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश UCC लागू करने वाला चौथा भाजपा शासित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ गया है। हालांकि, यह कानून अभी लागू नहीं हुआ है। इसके लिए राज्यपाल और उसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी आवश्यक होगी। कानून लागू होने के बाद सबसे बड़ा बदलाव विवाह पंजीकरण को लेकर देखने को मिलेगा। 23 सितंबर 2008 के बाद हुई ऐसी शादियां, जिनका अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकृत कराना होगा। इसके अलावा नौकरी के रिकॉर्ड, लिव इन रिलेशन और संपत्ति विवाद से जुड़े प्रावधान भी नए कानून का हिस्सा होंगे। राज्य सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य नागरिकों के व्यक्तिगत मामलों में एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करना और दस्तावेजी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है। MP UCC Bill में सबसे बड़ा बदलाव: शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कानून लागू होने के बाद 23 सितंबर 2008 या उसके बाद हुई सभी गैर-पंजीकृत शादियों का रजिस्ट्रेशन एक वर्ष के भीतर कराना होगा। यदि किसी दंपति ने पहले ही विवाह पंजीकरण करा लिया है तो उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। दूसरी ओर, 23 सितंबर 2008 से पहले हुई शादियों के लिए रजिस्ट्रेशन पूरी तरह स्वैच्छिक रहेगा। राज्य के बाहर शादी करने वालों पर भी लागू होंगे नियम यदि कोई व्यक्ति कानूनी रूप से मध्य प्रदेश का निवासी है और उसने किसी दूसरे राज्य में विवाह किया है, तब भी यह प्रावधान उस पर लागू होगा। यानी केवल शादी का स्थान बदलने से नियमों में कोई छूट नहीं मिलेगी। रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो क्या होगा? यदि निर्धारित समय में विवाह का पंजीकरण नहीं कराया जाता है, तो संबंधित रजिस्ट्रार नोटिस जारी कर सकता है। इसके अलावा अधिकतम 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, केवल रजिस्ट्रेशन नहीं होने के आधार पर विवाह को अवैध नहीं माना जाएगा। नौकरी के रिकॉर्ड में भी बदलेंगे नियम UCC लागू होने के बाद सरकारी और निजी संस्थानों में कर्मचारी की वैवाहिक स्थिति बदलने के लिए विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। अब केवल विवाह कार्ड, शपथ-पत्र (हलफनामा) या अन्य दस्तावेजों के आधार पर सेवा रिकॉर्ड में बदलाव नहीं किया जाएगा। इसका प्रभाव भविष्य में इन मामलों पर पड़ सकता है— इनसे जुड़े विस्तृत नियम सरकार बाद में अलग से जारी कर सकती है। संपत्ति विवाद में अदालत नियुक्त कर सकेगी ‘रक्षक’ UCC विधेयक में संपत्ति विवाद से जुड़ा एक नया प्रावधान भी शामिल किया गया है। यदि किसी मामले में आवश्यकता महसूस होती है, तो अदालत एक “रक्षक” नियुक्त कर सकेगी। रक्षक की जिम्मेदारियां होंगी— लिव इन रिलेशन को लेकर भी प्रावधान विधेयक में लिव इन रिलेशन से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। कानून लागू होने के बाद इससे संबंधित प्रक्रियाएं और नियम अधिसूचना एवं विस्तृत नियमावली के माध्यम से स्पष्ट किए जाएंगे। किन लोगों पर लागू होगा यह कानून? यह कानून केवल मध्य प्रदेश में रहने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहेगा। इसका दायरा उन लोगों तक भी हो सकता है जो— यदि वे कानूनी रूप से मध्य प्रदेश के निवासी हैं, तो उन पर भी संबंधित प्रावधान लागू हो सकते हैं। आगे क्या होगा? विधानसभा से पारित होने के बाद विधेयक को राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने और अधिसूचना जारी होने पर कानून प्रभावी होगा। कई प्रक्रियाओं और नियमों की विस्तृत जानकारी सरकार अलग से अधिसूचित करेगी।

Ratlam News: काटजू नगर में युवक ने लगाई फांसी, बदबू आने पर खुला राज; दो माह पहले हुई थी दूसरी शादी

रतलाम के काटजू नगर में 35 वर्षीय युवक ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। दो माह पहले हुई दूसरी शादी भी टूट गई थी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर के काटजू नगर में एक 35 वर्षीय युवक ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का खुलासा तब हुआ, जब घर से तेज बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा खोलकर देखा तो युवक दूसरे कमरे में चादर के फंदे से पंखे पर लटका मिला। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि युवक ने करीब 24 घंटे पहले आत्महत्या की थी। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मृतक की पहचान सुरेश उर्फ लखन (35) पिता दर्शन चौहान, निवासी काटजू नगर के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार वह अकेला रह रहा था और दो माह पहले हुई उसकी दूसरी शादी भी अधिक समय तक नहीं चल सकी थी। बदबू आने पर पड़ोसियों को हुआ संदेह बुधवार दोपहर करीब 1:15 बजे मल्टी में रहने वाले लोगों को सुरेश के घर से बदबू आने लगी। पड़ोसियों ने बताया कि वह मंगलवार दोपहर के बाद से दिखाई नहीं दिया था। संदेह होने पर औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा खुलवाया। अंदर दूसरे कमरे में सुरेश का शव चादर के फंदे से पंखे पर लटका मिला। पुलिस और एफएसएल टीम ने की जांच घटना की सूचना पर थाना प्रभारी गायत्री सोनी, एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। घर की तलाशी के दौरान कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। दो माह पहले हुई थी दूसरी शादी पुलिस जांच में सामने आया कि सुरेश की शादी 30 अप्रैल 2026 को नागदा निवासी कविता उर्फ थापू से रतलाम के श्री गढ़कैलाश महादेव मंदिर में हुई थी। यह महिला की भी दूसरी शादी थी। उसके पहले विवाह से एक बेटी और एक बेटा हैं। जानकारी के अनुसार शादी के करीब 10 दिन बाद ही पत्नी घर छोड़कर चली गई थी। बाद में जून 2026 में दोनों का तलाक हो गया था। अकेले रहता था युवक सुरेश कबाड़ के सामान से जुड़े लोडिंग वाहन का चालक था। उसके पिता का करीब 10 वर्ष पहले और मां का लगभग पांच वर्ष पहले निधन हो चुका था। वह मल्टी की पहली मंजिल पर अकेला रह रहा था। घटना की सूचना मिलने के बाद उसकी मौसी की बेटी सपना कायस्थ जावरा से रतलाम पहुंचीं और पुलिस को परिवार व विवाह से जुड़ी जानकारी दी। पुलिस कर रही है हर पहलू से जांच फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, परिवार के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

PM Kisan Yojana की 24वीं किस्त से पहले बड़ा अपडेट, कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने संसद में दिया जवाब 

PM Kisan Yojana की 24वीं किस्त से पहले कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में साफ किया कि फिलहाल ₹6000 सालाना सहायता बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan Yojana: देशभर के करोड़ों किसान PM Kisan Yojana 24th Installment का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच संसद से इस योजना को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। लंबे समय से किसानों के बीच यह चर्चा थी कि सरकार पीएम किसान सम्मान निधि की सालाना सहायता राशि बढ़ा सकती है। अब इस पर केंद्र सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में लिखित जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल पीएम किसान योजना के तहत मिलने वाली ₹6000 वार्षिक सहायता राशि बढ़ाने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। लोकसभा में पूछा गया था सहायता राशि बढ़ाने का सवाल लोकसभा में केरल से कांग्रेस सांसद बेनी बेहनन और CPI सांसद के. राधाकृष्णन ने पीएम किसान योजना को लेकर कई सवाल पूछे। इनमें सबसे अहम सवाल यह था कि क्या सरकार किसानों को मिलने वाली वार्षिक सहायता राशि ₹6000 से बढ़ाने पर विचार कर रही है? इसका जवाब देते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट कहा कि सरकार के पास फिलहाल सहायता राशि बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। अभी किसानों को कितनी राशि मिलती है? वर्तमान व्यवस्था के अनुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को हर वर्ष ₹6000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। 24वीं किस्त पाने के लिए ये शर्तें पूरी करना जरूरी लोकसभा में पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में कृषि मंत्री ने बताया कि पात्र किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। जरूरी शर्तें मंत्री ने कहा कि जिन किसानों का सत्यापन पूरा हो जाता है, उन्हें अगली किस्त का लाभ सीधे उनके बैंक खाते में भेज दिया जाता है। किन कारणों से किस्त रुक सकती है? यदि किसान की जानकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती या जरूरी दस्तावेज पूरे नहीं हैं, तो किस्त मिलने में देरी हो सकती है। मुख्य कारण इस प्रकार हैं— किसानों को अभी क्या करना चाहिए? 24वीं किस्त का लाभ बिना किसी परेशानी के पाने के लिए किसान समय रहते अपनी जानकारी जांच लें। जरूरी चेकलिस्ट

अस्पताल से सोनम वांगचुक की सरकार को चिट्ठी, इन शर्तों पर अनशन खत्म करने को हुए तैयार

CJP Protest: अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने सरकार को पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने की शर्तें रखीं। छात्रों पर कार्रवाई न करने, मुआवजा और संसद में चर्चा की मांग की। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। CJP Protest: देशभर में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अस्पताल से केंद्र सरकार को एक अहम पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने साफ किया है कि यदि सरकार कुछ महत्वपूर्ण मांगों पर भरोसा देती है तो वह अपना अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हैं। वांगचुक ने अपने पत्र में छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि आंदोलन में शामिल किसी भी युवा के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देने और संसद में पूरे मामले पर गंभीर चर्चा कराने की मांग भी दोहराई। उनकी यह चिट्ठी ऐसे समय आई है जब आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद भी इस मुद्दे पर सक्रिय नजर आ रहे हैं। JP नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात का किया जिक्र सोनम वांगचुक ने पत्र में बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात की। उन्होंने दोनों नेताओं का धन्यवाद करते हुए लिखा कि बातचीत के दौरान सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि चर्चा में पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने, संसद में सार्थक बहस कराने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार जैसे मुद्दों पर भी बात हुई। ’20 जुलाई का चलो संसद मार्च शांतिपूर्ण रहा’ अपने पत्र में वांगचुक ने 20 जुलाई को आयोजित चलो संसद मार्च का भी उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि पुलिस की सख्ती और बल प्रयोग के बावजूद प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया ने देखा कि युवा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे थे। इसलिए आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ किसी भी प्रकार की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास को कमजोर करेगी। करीब 65 सांसदों ने की अनशन खत्म करने की अपील वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों की मुलाकात के बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने उन्हें पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कई सांसद उनसे मिलने भी आए और बाकी भी मिलने वाले हैं। सभी का मानना है कि देशहित में उन्हें स्वस्थ रहकर आगे भी काम करना चाहिए। “मैं जीना चाहता हूं, छात्रों के बीच लौटना चाहता हूं” पत्र में वांगचुक ने भावुक शब्दों में लिखा कि वह अपने छात्रों, शिक्षा और समाज के लिए किए जा रहे कार्यों के बीच वापस लौटना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह तभी संभव है जब उन युवाओं के साथ न्याय हो, जिनके लिए यह आंदोलन शुरू किया गया था। कब खत्म करेंगे अनशन? वांगचुक ने कहा कि यदि सरकार यह भरोसा देती है कि आंदोलन में शामिल युवाओं के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी और उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक पहल होगी, तो वह विश्वास के साथ अपना अनशन समाप्त कर देंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत अपील नहीं बल्कि देश के लाखों छात्रों की अपेक्षाओं का सवाल है।

CJP Protest LIVE: जंतर-मंतर से उठी आवाज अब देशभर में गूंज रही

CJP Protest LIVE: जंतर-मंतर से शुरू हुआ CJP Protest अब कई राज्यों तक पहुंच गया है। संसद में विपक्ष का प्रदर्शन, राहुल गांधी की हिरासत और देशभर के ताजा अपडेट पढ़ें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। CJP Protest LIVE: दिल्ली के जंतर-मंतर से शिक्षा व्यवस्था और कथित परीक्षा घोटालों के खिलाफ शुरू हुआ CJP Protest LIVE अब राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन का रूप ले चुका है। दिल्ली से लेकर पटना, जयपुर, भोपाल और अन्य शहरों तक विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कई स्थानों पर कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता आमने-सामने आए, जिससे तनाव की स्थिति बनी। संसद के मानसून सत्र के दौरान भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी। विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं, सरकार ने विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की घटनाएं भी सामने आईं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई। CJP Protest क्यों शुरू हुआ? आंदोलन की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर हुई। प्रदर्शनकारी छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। कुछ ही दिनों में यह आंदोलन दिल्ली तक सीमित न रहकर कई राज्यों में फैल गया। संसद मार्च के दौरान क्या हुआ? प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कई स्थानों पर धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बनी। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों के बाद इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई। राहुल गांधी की हिरासत पर बढ़ी सियासत प्रदर्शनकारियों के समर्थन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मैदान में उतरे। विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। दूसरी ओर केंद्र सरकार का कहना है कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहा है। संसद में भी गूंजा मुद्दा बुधवार को संसद परिसर में विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन करते नजर आए। मकर द्वार के बाहर आयोजित विरोध प्रदर्शन में कई विपक्षी नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा। उधर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर छात्रों को भ्रमित करने और आंदोलन का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया। कई राज्यों में तेज हुआ प्रदर्शन दिल्ली के अलावा कई राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रमुख घटनाक्रम सरकार और विपक्ष के अलग-अलग दावे कांग्रेस का आरोप सरकार का पक्ष आंदोलन आगे क्या दिशा ले सकता है? आंदोलन से जुड़े आयोजकों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा। दूसरी ओर राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता दिख रहा है। FAQ 1. CJP Protest किस मुद्दे को लेकर हो रहा है? यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर किया जा रहा है। 2. राहुल गांधी को क्यों हिरासत में लिया गया? प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बीच राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया था। कांग्रेस ने इसे विरोध दबाने की कार्रवाई बताया है। 3. किन-किन राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं? दिल्ली के अलावा पटना, जयपुर, भोपाल, अहमदाबाद समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। 4. संसद में क्या हुआ? विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाया। 5. सरकार का इस मामले में क्या कहना है? सरकार का कहना है कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

MP Weather: भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 48 घंटे तक मेहरबान रहेगा मानसून

MP Weather: मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। भोपाल, इंदौर, रायसेन, सीधी समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है। जानिए अगले 48 घंटे का मौसम अपडेट। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Weather: मध्य प्रदेश में कुछ दिनों के ब्रेक के बाद मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सोमवार देर रात से शुरू हुई बारिश का सिलसिला मंगलवार तक कई जिलों में जारी रहा। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रीवा, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के उत्तर-पूर्वी हिस्से के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवातीय परिसंचरण, प्रदेश से गुजर रही ट्रफ और बंगाल की खाड़ी व छत्तीसगढ़ की ओर से लगातार मिल रही नमी के कारण अगले 24 से 48 घंटे तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई जिलों में भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है। बारिश की वापसी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। साथ ही जिन किसानों की बोवनी अधूरी थी, उनके लिए भी यह बारिश राहत लेकर आई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। अगले 48 घंटे का मौसम कैसा रहेगा? मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश में मानसून सक्रिय बना रहेगा। इन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना इन जिलों में मध्यम से तेज बारिश के आसार क्यों सक्रिय हुआ मानसून? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल तीन प्रमुख मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। इन्हीं कारणों से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर बना हुआ है। किसानों के लिए राहत की खबर मानसून की सक्रियता से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंच रही है। जिन इलाकों में बोवनी बाकी थी, वहां अब कृषि कार्य तेज होने की उम्मीद है। पहले बारिश की कमी से किसान चिंतित थे, लेकिन लगातार हो रही वर्षा ने खरीफ फसलों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना दी हैं। मौसम से जुड़ी जरूरी बातें अगले दो दिनों में ध्यान रखें

Kisan Andolan News: दिल्ली मार्च रुका, सरकार ने बातचीत का दिया भरोसा

Kisan Andolan News: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे किसानों ने फिलहाल मार्च रोक दिया है। सरकार ने शिवराज सिंह चौहान के साथ 8–10 दिनों में बैठक कराने का भरोसा दिया। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Kisan Andolan News: भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में मंगलवार को पंजाब से बड़ी संख्या में किसान दिल्ली की ओर रवाना हुए। हालांकि शंभू, खनौरी और कुंडली बॉर्डर पर पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद सरकार और किसान नेताओं के बीच हुई बातचीत से आंदोलन में नया मोड़ आ गया। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि हरियाणा के कृषि मंत्री ने किसानों का ज्ञापन स्वीकार कर लिया है। साथ ही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक कराने का भरोसा भी दिया गया है। इस आश्वासन के बाद किसानों ने फिलहाल अपना दिल्ली मार्च रोकने का फैसला किया है। आंदोलन की अगली रणनीति अब प्रस्तावित बैठक और किसान नेताओं की रिहाई के बाद तय की जाएगी। किसान संगठनों का कहना है कि सरकार के अगले कदम पर उनकी आगे की रणनीति निर्भर करेगी। सरकार ने क्या भरोसा दिया? हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसान यूनियनों द्वारा सौंपा गया मांग पत्र सरकार को मिल गया है। इसे संबंधित अधिकारियों के पास विचार के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार एक सप्ताह से 10 दिनों के भीतर किसानों और केंद्र सरकार के बीच बैठक कराने का प्रयास करेगी। बैठक केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान या केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि के साथ कराई जा सकती है। सरवन सिंह पंधेर ने क्या कहा? किसान नेता सरवन सिंह पंधेर के अनुसार, किसान क्यों कर रहे हैं आंदोलन? किसानों का कहना है कि उनके आंदोलन का मुख्य कारण भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील है। उनका आरोप है कि यदि यह समझौता लागू होता है तो भारतीय कृषि क्षेत्र पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किसानों की प्रमुख चिंताएं हैं— आगे क्या होगा? सरकार ने किसानों के मांग पत्र पर विचार करने और जल्द बैठक कराने का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि बातचीत सकारात्मक रहती है तो आगे का निर्णय उसी आधार पर लिया जाएगा। फिलहाल दिल्ली मार्च स्थगित कर दिया गया है, लेकिन आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

MP News: CM मोहन यादव ने किसानों के खातों में भेजे PM फसल बीमा योजना के ₹1460.25 करोड़, ऐसे करें अपना स्टेटस चेक

MP News: मध्य प्रदेश के 10.54 लाख किसानों के खातों में PM फसल बीमा योजना की ₹1460.25 करोड़ दावा राशि ट्रांसफर की गई। जानें स्टेटस चेक करने का आसान तरीका। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत खरीफ 2025 की फसल बीमा दावा राशि किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी है। इस योजना के तहत राज्य के 10 लाख 54 हजार किसानों को कुल 1460.25 करोड़ रुपये का लाभ मिला। यह राशि रविवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में भेजी। यदि आपने भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराया था, तो अब घर बैठे ऑनलाइन यह पता लगा सकते हैं कि आपके खाते में राशि आई है या नहीं। PM फसल बीमा योजना के तहत किसानों को मिला बड़ा लाभ जगदीशपुर में आयोजित कार्यक्रम और कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के तहत लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती, जैविक कृषि, फसल विविधीकरण और कृषि मशीनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में खरीफ 2025 की फसल बीमा दावा राशि भी किसानों के खातों में भेजी गई है। PM फसल बीमा योजना स्टेटस कैसे चेक करें? यदि आप जानना चाहते हैं कि आपके खाते में फसल बीमा की राशि पहुंची है या नहीं, तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स अपनाएं। ऑनलाइन स्टेटस चेक करने का तरीका महत्वपूर्ण जानकारी ध्यान रखें मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के तहत जैविक खेती, आधुनिक कृषि तकनीक, फसल विविधीकरण और कम कीटनाशकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी पहल के तहत खरीफ 2025 की फसल बीमा दावा राशि किसानों के खातों में भेजी गई है।

LTCG Tax पर सरकार का साफ रुख, इक्विटी निवेशकों को फिलहाल नहीं मिलेगी टैक्स राहत

LTCG Tax: सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि इक्विटी पर LTCG Tax खत्म करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। जानिए मौजूदा टैक्स नियम, FPI और घरेलू निवेशकों के लिए क्या व्यवस्था है नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। LTCG Tax: शेयर बाजार में निवेश करने वाले लाखों निवेशकों के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट कर दी है। लंबे समय से यह चर्चा चल रही थी कि क्या रिटेल निवेशकों के लिए इक्विटी पर लगने वाला लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स खत्म किया जा सकता है। अब सरकार ने संसद में इस पर अपना स्पष्ट रुख सामने रख दिया है। लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लिखित जवाब में कहा कि फिलहाल सरकार के पास इक्विटी निवेश पर लगने वाले LTCG Taxको समाप्त करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) और घरेलू निवेशकों के लिए इक्विटी पर टैक्स की दर समान है। बाजार से जुड़े निवेशकों के बीच लंबे समय से टैक्स में राहत की मांग उठती रही है। हालांकि सरकार ने संकेत दिया है कि टैक्स नीतियों की समय-समय पर समीक्षा होती रहती है, लेकिन इस समय किसी बदलाव का निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार ने संसद में क्या कहा? लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि सरकार के पास रिटेल और घरेलू निवेशकों के लिए इक्विटी पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स समाप्त करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने बताया कि कर संबंधी नीतियों की समीक्षा समय-समय पर की जाती है। हर साल बजट तैयार करते समय आर्थिक परिस्थितियों, राजस्व आवश्यकताओं और अन्य वित्तीय पहलुओं को ध्यान में रखकर निर्णय लिए जाते हैं। इक्विटी निवेश पर अभी कितना LTCG Tax लगता है? फिलहाल सूचीबद्ध (Listed) शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश पर निम्न नियम लागू हैं। दो वर्षों में सरकार को मिला 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक टैक्स इक्विटी पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स से सरकार की आय लगातार बढ़ रही है। असेसमेंट वर्ष टैक्स संग्रह AY 2024-25 ₹72,249 करोड़ AY 2025-26. ₹1,29,158 करोड़ कुल ₹2.01 लाख करोड़ से अधिक इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि LTCG टैक्स सरकार के लिए राजस्व का महत्वपूर्ण स्रोत बना हुआ है। FPI और घरेलू निवेशकों के टैक्स में क्या अंतर है? सरकार ने संसद में यह भी स्पष्ट किया कि इक्विटी निवेश के मामले में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को कोई अतिरिक्त टैक्स छूट नहीं दी गई है। घरेलू निवेशकों की तरह ही FPI को भी सूचीबद्ध शेयरों से होने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 12.5 प्रतिशत टैक्स देना होता है। FPI को किस निवेश पर मिली है छूट? सरकार के अनुसार, हालिया आयकर संशोधन के तहत FPI को केवल Government Securities (G-Secs) में निवेश से मिलने वाले ब्याज और कैपिटल गेन पर टैक्स राहत दी गई है। यह छूट केवल सरकारी बॉन्ड में निवेश पर लागू होती है। इक्विटी निवेश पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। टैक्स नीतियों की समीक्षा कब होती है? वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि सरकार समय-समय पर कर नीतियों की समीक्षा करती है। विशेष रूप से: इसका मतलब यह है कि भविष्य में परिस्थितियों के अनुसार बदलाव संभव हैं, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के सामने नहीं है। निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी ध्यान रखें

31 जुलाई नहीं, इन टैक्सपेयर्स के लिए 31 अगस्त है ITR फाइल करने की आखिरी तारीख, जानें पूरा नियम

31 जुलाई सभी के लिए ITR की आखिरी तारीख नहीं है। जानें किन टैक्सपेयर्स को 31 अगस्त 2026 तक रिटर्न भरने की छूट मिली है और नए नियम क्या कहते हैं। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। ITR Filling: अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं और आपको लगता है कि 31 जुलाई 2026 ही अंतिम तारीख है, तो एक बार अपने टैक्स प्रोफाइल की जांच जरूर कर लें। सभी टैक्सपेयर्स के लिए यह डेडलाइन समान नहीं है। वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए सरकार ने कुछ श्रेणी के टैक्सपेयर्स को ITR दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। खासतौर पर बिजनेस इनकम वाले लोगों, कुछ प्रोफेशनल्स और इंट्राडे या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेड करने वालों के लिए अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 हो सकती है। यदि आपने पूरे वित्त वर्ष में केवल एक बार भी इंट्राडे ट्रेडिंग या F&O में ट्रेड किया है, तो इनकम टैक्स कानून के तहत आपकी आय का वर्गीकरण बदल सकता है। ऐसे में आपकी ITR फाइलिंग की डेडलाइन भी अलग हो सकती है। किन लोगों के लिए 31 अगस्त 2026 है आखिरी तारीख? वित्त अधिनियम 2026 के अनुसार जिन टैक्सपेयर्स की आय बिजनेस या प्रोफेशन से है और जिनके खातों का टैक्स ऑडिट आवश्यक नहीं है, वे 31 अगस्त 2026 तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इस श्रेणी में शामिल हो सकते हैं— इंट्राडे ट्रेडिंग करने वालों के लिए क्या नियम है? अगर आपने पूरे साल में सिर्फ एक बार भी इंट्राडे शेयर ट्रेडिंग की है, तो इनकम टैक्स विभाग इसे स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम मानता है। इसका मतलब यह है कि आपकी आय केवल कैपिटल गेन के रूप में नहीं बल्कि बिजनेस इनकम के रूप में भी मानी जा सकती है। ऐसी स्थिति में ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई के बजाय 31 अगस्त 2026 हो सकती है। स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम क्या होती है? इंट्राडे ट्रेडिंग में शेयर उसी दिन खरीदे और बेचे जाते हैं। इस तरह होने वाला लाभ या नुकसान स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम माना जाता है। इसके नुकसान को केवल स्पेकुलेटिव मुनाफे से ही समायोजित (Adjust) किया जा सकता है। F&O ट्रेडिंग करने वालों के लिए क्या है नियम? फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग से होने वाली आय को नॉन-स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम माना जाता है। हालांकि इसमें शेयरों की डिलीवरी नहीं होती, लेकिन इनकम टैक्स कानून के तहत इसे बिजनेस इनकम की श्रेणी में रखा गया है। इसलिए F&O ट्रेड करने वालों को भी अपनी ITR फाइलिंग की समय-सीमा समझना जरूरी है। टैक्स ऑडिट जरूरी होने पर क्या होगी आखिरी तारीख? यदि F&O या अन्य बिजनेस गतिविधियों के कारण आपका टर्नओवर टैक्स ऑडिट की निर्धारित सीमा से अधिक हो जाता है, तो पहले टैक्स ऑडिट कराना होगा। ऐसे मामलों में ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 होगी। महत्वपूर्ण जानकारी ITR फाइल करने से पहले यह जरूर जांच लें

↑
0%