Kisan Andolan News: दिल्ली मार्च रुका, सरकार ने बातचीत का दिया भरोसा

Kisan Andolan News: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे किसानों ने फिलहाल मार्च रोक दिया है। सरकार ने शिवराज सिंह चौहान के साथ 8–10 दिनों में बैठक कराने का भरोसा दिया। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Kisan Andolan News: भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में मंगलवार को पंजाब से बड़ी संख्या में किसान दिल्ली की ओर रवाना हुए। हालांकि शंभू, खनौरी और कुंडली बॉर्डर पर पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद सरकार और किसान नेताओं के बीच हुई बातचीत से आंदोलन में नया मोड़ आ गया। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि हरियाणा के कृषि मंत्री ने किसानों का ज्ञापन स्वीकार कर लिया है। साथ ही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक कराने का भरोसा भी दिया गया है। इस आश्वासन के बाद किसानों ने फिलहाल अपना दिल्ली मार्च रोकने का फैसला किया है। आंदोलन की अगली रणनीति अब प्रस्तावित बैठक और किसान नेताओं की रिहाई के बाद तय की जाएगी। किसान संगठनों का कहना है कि सरकार के अगले कदम पर उनकी आगे की रणनीति निर्भर करेगी। सरकार ने क्या भरोसा दिया? हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसान यूनियनों द्वारा सौंपा गया मांग पत्र सरकार को मिल गया है। इसे संबंधित अधिकारियों के पास विचार के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार एक सप्ताह से 10 दिनों के भीतर किसानों और केंद्र सरकार के बीच बैठक कराने का प्रयास करेगी। बैठक केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान या केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि के साथ कराई जा सकती है। सरवन सिंह पंधेर ने क्या कहा? किसान नेता सरवन सिंह पंधेर के अनुसार, किसान क्यों कर रहे हैं आंदोलन? किसानों का कहना है कि उनके आंदोलन का मुख्य कारण भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील है। उनका आरोप है कि यदि यह समझौता लागू होता है तो भारतीय कृषि क्षेत्र पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किसानों की प्रमुख चिंताएं हैं— आगे क्या होगा? सरकार ने किसानों के मांग पत्र पर विचार करने और जल्द बैठक कराने का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि बातचीत सकारात्मक रहती है तो आगे का निर्णय उसी आधार पर लिया जाएगा। फिलहाल दिल्ली मार्च स्थगित कर दिया गया है, लेकिन आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

MP News: CM मोहन यादव ने किसानों के खातों में भेजे PM फसल बीमा योजना के ₹1460.25 करोड़, ऐसे करें अपना स्टेटस चेक

MP News: मध्य प्रदेश के 10.54 लाख किसानों के खातों में PM फसल बीमा योजना की ₹1460.25 करोड़ दावा राशि ट्रांसफर की गई। जानें स्टेटस चेक करने का आसान तरीका। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत खरीफ 2025 की फसल बीमा दावा राशि किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी है। इस योजना के तहत राज्य के 10 लाख 54 हजार किसानों को कुल 1460.25 करोड़ रुपये का लाभ मिला। यह राशि रविवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में भेजी। यदि आपने भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराया था, तो अब घर बैठे ऑनलाइन यह पता लगा सकते हैं कि आपके खाते में राशि आई है या नहीं। PM फसल बीमा योजना के तहत किसानों को मिला बड़ा लाभ जगदीशपुर में आयोजित कार्यक्रम और कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के तहत लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती, जैविक कृषि, फसल विविधीकरण और कृषि मशीनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में खरीफ 2025 की फसल बीमा दावा राशि भी किसानों के खातों में भेजी गई है। PM फसल बीमा योजना स्टेटस कैसे चेक करें? यदि आप जानना चाहते हैं कि आपके खाते में फसल बीमा की राशि पहुंची है या नहीं, तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स अपनाएं। ऑनलाइन स्टेटस चेक करने का तरीका महत्वपूर्ण जानकारी ध्यान रखें मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के तहत जैविक खेती, आधुनिक कृषि तकनीक, फसल विविधीकरण और कम कीटनाशकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी पहल के तहत खरीफ 2025 की फसल बीमा दावा राशि किसानों के खातों में भेजी गई है।

LTCG Tax पर सरकार का साफ रुख, इक्विटी निवेशकों को फिलहाल नहीं मिलेगी टैक्स राहत

LTCG Tax: सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि इक्विटी पर LTCG Tax खत्म करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। जानिए मौजूदा टैक्स नियम, FPI और घरेलू निवेशकों के लिए क्या व्यवस्था है नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। LTCG Tax: शेयर बाजार में निवेश करने वाले लाखों निवेशकों के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट कर दी है। लंबे समय से यह चर्चा चल रही थी कि क्या रिटेल निवेशकों के लिए इक्विटी पर लगने वाला लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स खत्म किया जा सकता है। अब सरकार ने संसद में इस पर अपना स्पष्ट रुख सामने रख दिया है। लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लिखित जवाब में कहा कि फिलहाल सरकार के पास इक्विटी निवेश पर लगने वाले LTCG Taxको समाप्त करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) और घरेलू निवेशकों के लिए इक्विटी पर टैक्स की दर समान है। बाजार से जुड़े निवेशकों के बीच लंबे समय से टैक्स में राहत की मांग उठती रही है। हालांकि सरकार ने संकेत दिया है कि टैक्स नीतियों की समय-समय पर समीक्षा होती रहती है, लेकिन इस समय किसी बदलाव का निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार ने संसद में क्या कहा? लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि सरकार के पास रिटेल और घरेलू निवेशकों के लिए इक्विटी पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स समाप्त करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने बताया कि कर संबंधी नीतियों की समीक्षा समय-समय पर की जाती है। हर साल बजट तैयार करते समय आर्थिक परिस्थितियों, राजस्व आवश्यकताओं और अन्य वित्तीय पहलुओं को ध्यान में रखकर निर्णय लिए जाते हैं। इक्विटी निवेश पर अभी कितना LTCG Tax लगता है? फिलहाल सूचीबद्ध (Listed) शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश पर निम्न नियम लागू हैं। दो वर्षों में सरकार को मिला 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक टैक्स इक्विटी पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स से सरकार की आय लगातार बढ़ रही है। असेसमेंट वर्ष टैक्स संग्रह AY 2024-25 ₹72,249 करोड़ AY 2025-26. ₹1,29,158 करोड़ कुल ₹2.01 लाख करोड़ से अधिक इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि LTCG टैक्स सरकार के लिए राजस्व का महत्वपूर्ण स्रोत बना हुआ है। FPI और घरेलू निवेशकों के टैक्स में क्या अंतर है? सरकार ने संसद में यह भी स्पष्ट किया कि इक्विटी निवेश के मामले में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को कोई अतिरिक्त टैक्स छूट नहीं दी गई है। घरेलू निवेशकों की तरह ही FPI को भी सूचीबद्ध शेयरों से होने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 12.5 प्रतिशत टैक्स देना होता है। FPI को किस निवेश पर मिली है छूट? सरकार के अनुसार, हालिया आयकर संशोधन के तहत FPI को केवल Government Securities (G-Secs) में निवेश से मिलने वाले ब्याज और कैपिटल गेन पर टैक्स राहत दी गई है। यह छूट केवल सरकारी बॉन्ड में निवेश पर लागू होती है। इक्विटी निवेश पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। टैक्स नीतियों की समीक्षा कब होती है? वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि सरकार समय-समय पर कर नीतियों की समीक्षा करती है। विशेष रूप से: इसका मतलब यह है कि भविष्य में परिस्थितियों के अनुसार बदलाव संभव हैं, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के सामने नहीं है। निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी ध्यान रखें

31 जुलाई नहीं, इन टैक्सपेयर्स के लिए 31 अगस्त है ITR फाइल करने की आखिरी तारीख, जानें पूरा नियम

31 जुलाई सभी के लिए ITR की आखिरी तारीख नहीं है। जानें किन टैक्सपेयर्स को 31 अगस्त 2026 तक रिटर्न भरने की छूट मिली है और नए नियम क्या कहते हैं। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। ITR Filling: अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं और आपको लगता है कि 31 जुलाई 2026 ही अंतिम तारीख है, तो एक बार अपने टैक्स प्रोफाइल की जांच जरूर कर लें। सभी टैक्सपेयर्स के लिए यह डेडलाइन समान नहीं है। वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए सरकार ने कुछ श्रेणी के टैक्सपेयर्स को ITR दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। खासतौर पर बिजनेस इनकम वाले लोगों, कुछ प्रोफेशनल्स और इंट्राडे या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेड करने वालों के लिए अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 हो सकती है। यदि आपने पूरे वित्त वर्ष में केवल एक बार भी इंट्राडे ट्रेडिंग या F&O में ट्रेड किया है, तो इनकम टैक्स कानून के तहत आपकी आय का वर्गीकरण बदल सकता है। ऐसे में आपकी ITR फाइलिंग की डेडलाइन भी अलग हो सकती है। किन लोगों के लिए 31 अगस्त 2026 है आखिरी तारीख? वित्त अधिनियम 2026 के अनुसार जिन टैक्सपेयर्स की आय बिजनेस या प्रोफेशन से है और जिनके खातों का टैक्स ऑडिट आवश्यक नहीं है, वे 31 अगस्त 2026 तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इस श्रेणी में शामिल हो सकते हैं— इंट्राडे ट्रेडिंग करने वालों के लिए क्या नियम है? अगर आपने पूरे साल में सिर्फ एक बार भी इंट्राडे शेयर ट्रेडिंग की है, तो इनकम टैक्स विभाग इसे स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम मानता है। इसका मतलब यह है कि आपकी आय केवल कैपिटल गेन के रूप में नहीं बल्कि बिजनेस इनकम के रूप में भी मानी जा सकती है। ऐसी स्थिति में ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई के बजाय 31 अगस्त 2026 हो सकती है। स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम क्या होती है? इंट्राडे ट्रेडिंग में शेयर उसी दिन खरीदे और बेचे जाते हैं। इस तरह होने वाला लाभ या नुकसान स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम माना जाता है। इसके नुकसान को केवल स्पेकुलेटिव मुनाफे से ही समायोजित (Adjust) किया जा सकता है। F&O ट्रेडिंग करने वालों के लिए क्या है नियम? फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग से होने वाली आय को नॉन-स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम माना जाता है। हालांकि इसमें शेयरों की डिलीवरी नहीं होती, लेकिन इनकम टैक्स कानून के तहत इसे बिजनेस इनकम की श्रेणी में रखा गया है। इसलिए F&O ट्रेड करने वालों को भी अपनी ITR फाइलिंग की समय-सीमा समझना जरूरी है। टैक्स ऑडिट जरूरी होने पर क्या होगी आखिरी तारीख? यदि F&O या अन्य बिजनेस गतिविधियों के कारण आपका टर्नओवर टैक्स ऑडिट की निर्धारित सीमा से अधिक हो जाता है, तो पहले टैक्स ऑडिट कराना होगा। ऐसे मामलों में ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 होगी। महत्वपूर्ण जानकारी ITR फाइल करने से पहले यह जरूर जांच लें

MP News: MP के 1100 करोड़ के चावल घोटाले में बड़ा एक्शन, महाराष्ट्र से दो राइस मिल संचालक गिरफ्तार

MP News: मध्य प्रदेश के चर्चित चावल घोटाले में एसआईटी ने महाराष्ट्र के गोंदिया से दो राइस मिल संचालकों को गिरफ्तार किया है। अब तक 10 गिरफ्तारी, 5 आरोपी फरार हैं। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के चर्चित MP चावल घोटाले की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। विशेष जांच दल (SIT) ने महाराष्ट्र के गोंदिया से दो राइस मिल संचालकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि छिंदवाड़ा स्थित एथनॉल प्लांट के नाम पर निकला करोड़ों रुपये का फोर्टिफाइड चावल उनकी राइस मिल में खपाया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी जुगल खंडेलवाल और उनके भाई किशनलाल खंडेलवाल हैं। इस कार्रवाई के साथ अब तक इस मामले में कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पांच आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस पूरे नेटवर्क में अन्य राइस मिलों की भूमिका भी सामने आ सकती है। इसी वजह से एसआईटी जांच का दायरा लगातार बढ़ा रही है। महाराष्ट्र से हुई गिरफ्तारी, एसआईटी की जांच तेज एसआईटी ने महाराष्ट्र के गोंदिया पहुंचकर जुगल खंडेलवाल और किशनलाल खंडेलवाल को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि छिंदवाड़ा स्थित एथनॉल प्लांट के नाम पर जारी किया गया करीब 40 ट्रक फोर्टिफाइड चावल, जिसकी कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है, आरोपितों की राइस मिल में पहुंचाया गया। अधिकारियों का मानना है कि यह केवल एक कड़ी है और जांच आगे बढ़ने पर अन्य राइस मिलों और संबंधित लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।  क्या है पूरा चावल घोटाला? यह मामला 3 जून को मध्य प्रदेश के बालाघाट और सिवनी जिलों में सामने आया था। जांच में आरोप लगा कि एफसीआई (FCI) के गोदामों से निकला फोर्टिफाइड चावल अपने निर्धारित गंतव्य तक नहीं पहुंचा। जांच के मुताबिक, 12.66 करोड़ रुपये मूल्य का 54,590 क्विंटल फोर्टिफाइड चावल छिंदवाड़ा स्थित एवीजे एग्रिको ग्रुप के एथनॉल प्लांट के लिए जारी किया गया था, लेकिन वह प्लांट तक पहुंचा ही नहीं। 1100 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है जांच जांच अधिकारियों को आशंका है कि यह मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं है। यदि जांच में ये आशंकाएं सही साबित होती हैं, तो यह मध्य प्रदेश के सबसे बड़े खाद्यान्न घोटालों में से एक माना जा सकता है। एथनॉल नीति क्या कहती है? प्रदेश सरकार की नीति के अनुसार, एफसीआई के गोदामों में रखा पुराना और मानव उपभोग के लिए अनुपयोगी हो चुका चावल एथनॉल उत्पादन में उपयोग किया जा सकता है। महत्वपूर्ण जानकारी जांच अभी जारी, और बढ़ सकती हैं गिरफ्तारियां एसआईटी की जांच अभी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों, परिवहन रिकॉर्ड और संबंधित राइस मिलों की जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही हैं

Ratlam News: रतलाम में सूने मकान का ताला तोड़ चोरी, चड्डी-बनियान पहने तीन बदमाश CCTV में कैद

Ratlam News: रतलाम के ऋद्धि-सिद्धि एवेन्यू कॉलोनी में सूने मकान का ताला तोड़कर चोरी की वारदात हुई। चड्डी-बनियान पहने तीन बदमाश CCTV में कैद हुए, पुलिस जांच में जुटी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर में चोरी की एक और घटना ने लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत ऋद्धि-सिद्धि एवेन्यू कॉलोनी में रविवार देर रात तीन बदमाशों ने एक सूने मकान को निशाना बनाया। बदमाश मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर घर के अंदर घुसे, पूरे मकान का सामान बिखेर दिया और गुल्लक तोड़कर उसमें रखे करीब 4 से 5 हजार रुपये लेकर फरार हो गए। घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज ने सभी को चौंका दिया। फुटेज में तीनों संदिग्ध चड्डी-बनियान पहने, नंगे पैर और हाथों में पत्थर लिए कॉलोनी की गलियों में घूमते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अब इन्हीं फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात बदमाशों का बेखौफ घूमना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। घटना के बाद कॉलोनी में दहशत का माहौल है। घटना का वीडियो देखे कैसे हुई पूरी वारदात? घटना कॉलोनी निवासी देवेंद्र डोडियार के मकान में हुई। देवेंद्र कॉलेज छात्र हैं और पढ़ाई के लिए इस मकान में रहते हैं। उनका परिवार शहर के दूसरे घर में रहता है। रविवार को देवेंद्र परिवार के साथ शहर से बाहर गए थे। इसी दौरान बदमाशों ने सूने मकान का फायदा उठाया और मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश कर गए। घर के भीतर घुसने के बाद चोरों ने अलमारी और अन्य सामान खंगाल दिया। पूरे मकान का सामान अस्त-व्यस्त कर दिया गया। आखिर में उन्होंने घर में रखी गुल्लक तोड़ी और उसमें जमा करीब 4 से 5 हजार रुपये लेकर फरार हो गए। सुबह लौटे तो टूटा मिला ताला सोमवार सुबह करीब 5 बजे जब देवेंद्र वापस लौटे तो घर का मुख्य दरवाजा खुला मिला और ताला टूटा हुआ था। अंदर प्रवेश करने पर उन्होंने देखा कि पूरा सामान बिखरा पड़ा है। जांच करने पर पता चला कि गुल्लक से नकदी गायब है। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। CCTV फुटेज में कैद हुई पूरी गतिविधि घटना के बाद कॉलोनी में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी गई। फुटेज में तीन संदिग्ध युवक दिखाई दिए, जो— वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। पुलिस की रात्रि गश्त पर उठे सवाल घटना के बाद स्थानीय रहवासियों ने रात की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त होती तो संभव है कि बदमाश वारदात को अंजाम नहीं दे पाते। कॉलोनी में देर रात संदिग्धों का बेखौफ घूमना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। पुलिस जांच में जुटी औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने चोरी की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अनुकूल सोनी बने भाजयुमो रतलाम जिलाध्यक्ष, कृष्णा डिंडोर को मिली जिला महामंत्री की जिम्मेदारी

BJP Ratlam News: भारतीय जनता युवा मोर्चा रतलाम की नई जिला टीम का ऐलान। अनुकूल सोनी को जिलाध्यक्ष और कृष्णा डिंडोर को जिला महामंत्री नियुक्त किया गया। जानिए दोनों नेताओं का राजनीतिक सफर और संगठन की रणनीति। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने रतलाम जिले में अपने नए नेतृत्व की घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से अनुकूल सोनी को जिलाध्यक्ष और कृष्णा डिंडोर को जिला महामंत्री नियुक्त किया है। इस घोषणा के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और दोनों नेताओं को लगातार बधाइयां मिल रही हैं। अनुकूल सोनी को मिली रतलाम भाजयुमो की कमान रविवार को जारी संगठनात्मक नियुक्तियों में सैलाना निवासी अनुकूल सोनी को भारतीय जनता युवा मोर्चा रतलाम का नया जिलाध्यक्ष बनाया गया। नियुक्ति की घोषणा होते ही सैलाना स्थित उनके निवास पर भाजपा और भाजयुमो कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लग गया। समर्थकों ने मिठाई खिलाकर और फूल-मालाओं से उनका स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दीं। बताया जा रहा है कि इस बार जिलाध्यक्ष पद के लिए कई युवा नेताओं के नाम चर्चा में थे, लेकिन संगठन ने अनुकूल सोनी पर भरोसा जताते हुए उन्हें जिले की जिम्मेदारी सौंपी। करीब 20 साल बाद शहर से बाहर के नेता को मिली जिम्मेदारी अनुकूल सोनी की नियुक्ति कई मायनों में खास मानी जा रही है। वर्ष 2007 से अब तक भाजयुमो रतलाम जिलाध्यक्ष का पद लगातार रतलाम शहर के नेताओं के पास रहा था। इस दौरान विकास कोठारी, अशोक पोरवाल, बलवंत भाटी, सोनू यादव और विप्लव जैन जैसे नेताओं ने यह जिम्मेदारी संभाली। करीब दो दशक बाद पहली बार संगठन ने रतलाम शहर से बाहर के किसी युवा कार्यकर्ता को जिलाध्यक्ष बनाया है। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय का समर्थन भी अनुकूल सोनी के पक्ष में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कृष्णा डिंडोर बने जिला महामंत्री संगठन ने रतलाम ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले कृष्णा डिंडोर को जिला महामंत्री नियुक्त किया है। छात्र राजनीति से सक्रिय रहे डिंडोर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) में जिला संयोजक की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। संगठनात्मक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका और लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर और कृष्णा डिंडोर ने अभाविप में साथ काम किया है, जिससे संगठनात्मक तालमेल का लाभ भी उन्हें मिला। युवा संगठन को मजबूत करने पर रहेगा फोकस भाजयुमो की नई टीम के गठन को आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संगठन की कोशिश युवा कार्यकर्ताओं को अधिक अवसर देने और ग्रामीण क्षेत्रों तक अपनी पकड़ मजबूत करने की है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अनुकूल सोनी और कृष्णा डिंडोर से कार्यकर्ताओं को काफी उम्मीदें हैं। दोनों नेताओं के सामने संगठन का विस्तार, युवाओं को जोड़ना और भाजपा की नीतियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

Ratlam News: रतलाम जेल में बंद बाबर का वीडियो वायरल, मुलाकात कक्ष से रिकॉर्डिंग ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

रतलाम सर्किल जेल में बंद चाकूबाजी के आरोपी बाबर का मुलाकात कक्ष से वीडियो वायरल होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ गए हैं। जेल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम की सर्किल जेल एक बार फिर चर्चा में है। चाकूबाजी के मामले में गिरफ्तार होकर चार दिन पहले न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए आरोपी बाबर का जेल परिसर के भीतर से बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था और मुलाकात प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में बाबर मुलाकात कक्ष में पारदर्शी शीशे के पीछे बैठा दिखाई देता है। वह इंटरकॉम के जरिए मुलाकाती से बातचीत करता नजर आता है। इसी दौरान बाहर मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड किया। जबकि जेल परिसर में मोबाइल फोन और वीडियो रिकॉर्डिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है। वायरल वीडियो देखे वीडियो में आरोपी कैमरे की ओर हाथ हिलाता है और उंगलियों से पिस्तौल जैसा इशारा करता दिखाई देता है। सोशल मीडिया पर वायरल किए गए इस वीडियो में आपत्तिजनक ऑडियो भी जोड़ा गया है, जिसमें अपराध का महिमामंडन करने की कोशिश की गई है। यह खबर भी पढ़े रतलाम चाकूबाजी केस: इंदौर से दबोचा गया मुख्य आरोपी बाबर पठान, वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद जेल परिसर में मोबाइल कैसे पहुंचा? वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि प्रतिबंध के बावजूद मोबाइल फोन जेल परिसर तक कैसे पहुंचा। यदि रिकॉर्डिंग मुलाकात कक्ष में हुई है, तो सुरक्षा जांच के दौरान मोबाइल अंदर ले जाने की अनुमति कैसे मिली और सुरक्षा कर्मियों की निगरानी में यह चूक किस स्तर पर हुई। इसी वजह से जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो इंस्टाग्राम पर हुआ वायरल जानकारी के अनुसार वीडियो इंस्टाग्राम आईडी aslammew.11 से पोस्ट किया गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह अकाउंट किसका है और वीडियो अपलोड करने वाला वही व्यक्ति है जिसने रिकॉर्डिंग की थी या कोई अन्य। वीडियो तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया जा रहा है। हालांकि, इसकी रिकॉर्डिंग और अपलोड करने वाले व्यक्ति की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। चाकूबाजी मामले में चार दिन पहले भेजा गया था जेल बाबर स्टेशन रोड थाना क्षेत्र की शनि गली (हरमाला रोड) स्थित शराब दुकान के बाहर 10 जुलाई की रात हुई चाकूबाजी की घटना का मुख्य आरोपी है। पुलिस ने उसे 14 जुलाई को इंदौर से गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया गया था। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में रतलाम सर्किल जेल भेजा गया था। मामले में एक महिला सहित एक अन्य आरोपी की तलाश अभी भी जारी है। जेल प्रशासन ने क्या कहा? जेलर बृजेश मकवाना ने बताया कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने कहा कि— वीडियो कब बनाया गया, किसने रिकॉर्ड किया और यह सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है। जांच में यदि आरोपी या किसी अन्य की संलिप्तता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था पर क्यों उठ रहे हैं सवाल? जेल परिसर संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्र माना जाता है। ऐसे स्थान पर मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड होकर सोशल मीडिया तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की ओर संकेत करता है। यदि जांच में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई संभव है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव बोले- ‘एक शादी करेगा वही मध्य प्रदेश में रहेगा’, मानसून सत्र में आएगा UCC विधेयक

MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि एक शादी करने वालों को ही प्रदेश में रहने का अधिकार मिलेगा। विधानसभा के मानसून सत्र में UCC विधेयक लाने की तैयारी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कटनी जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान UCC पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए। उन्होंने विवाह संबंधी नियमों का उल्लेख करते हुए कहा कि “जो एक शादी करेगा, उसी को प्रदेश में रहने का अधिकार मिलेगा।” मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है कि आगामी विधानसभा मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता का विधेयक पेश किया जा सकता है। इस घोषणा के बाद प्रदेश की राजनीति में UCC एक बार फिर प्रमुख मुद्दा बन गया है। सरकार का कहना है कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी धर्मों के नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों में समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने क्या कहा? कटनी के स्लीमनाबाद में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जब देश में “एक देश, एक विधान और एक निशान” की व्यवस्था है तो अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून क्यों होने चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों पर समान कानून लागू होना चाहिए। अपने भाषण में उन्होंने विवाह व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि एक शादी का नियम सभी के लिए समान होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश सरकार UCC लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मानसून सत्र में पेश हो सकता है UCC विधेयक मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता से जुड़ा विधेयक लाया जाएगा। इससे पहले मंत्रिपरिषद की बैठक भोपाल के पास स्थित जगदीशपुर में आयोजित की जाएगी, जहां UCC के ड्राफ्ट को मंजूरी दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कानून के लागू होने से सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित होगी। जगदीशपुर में होगी कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि भोपाल के समीप स्थित जगदीशपुर में अगली कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले इस स्थान का नाम इस्लामनगर रखा गया था, जिसे राज्य सरकार ने बदलकर पुनः जगदीशपुर कर दिया है। इसी स्थान पर UCC के मसौदे को मंत्रिपरिषद की स्वीकृति देने की योजना है। UCC क्या है? समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) ऐसा कानून है जिसके तहत सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, गोद लेने, उत्तराधिकार और संपत्ति जैसे पारिवारिक मामलों में समान नियम लागू किए जाते हैं, चाहे उनका धर्म कोई भी हो।

रतलाम में जेएसजी संगिनी उमंग का हरित अभियान: 151 पौधों का वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम द्वारा “उमंग के रंग – पर्यावरण सुरक्षा के संग” अभियान के तहत वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह अभियान जेएसजी एमपी रीजन द्वारा संचालित वृक्षारोपण प्रोजेक्ट के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें समूह की सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान वर्षा ऋतु के अवसर पर पहले लगभग 100 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन सदस्याओं के उत्साह और सहभागिता को देखते हुए यह संख्या बढ़ाकर 151 पौधों तक पहुंच गई। सभी पौधे बीबड़ौद कॉर्नर स्थित फार्म हाउस परिसर में लगाए गए। इस पर्यावरण अभियान का नेतृत्व ग्रुप अध्यक्ष रेणू लूनिया ने किया। कार्यक्रम में समूह की संस्थापक अध्यक्ष रमिला सकलेचा सहित कई वरिष्ठ सदस्याओं एवं बड़ी संख्या में सखियों की स्नेहिल उपस्थिति रही। सभी ने स्वयं पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सदस्यों ने कहा कि “आइए, एक पौधा लगाएं – प्रकृति को मुस्कुराएं” केवल एक संदेश नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य सुनिश्चित करने का संकल्प है। वृक्षारोपण जैसे छोटे-छोटे प्रयास पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में ग्रुप सचिव निर्मला पटवा एवं अनिता कोठारी ने सभी सहभागी सदस्याओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं पर्यावरणीय अभियानों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

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